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CM नीतीश का आदेश : भागलपुर घोटाले की CBI जांच


ANAMIKA PANDEY 18/08/2017 09:07:41
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Patna. बिहार में हाल के दिनों में भागलपुर के सबसे बड़े घोटाले में CM नीतीश कुमार ने CBI जांच की सिफारिश की है।  सृजन एक गैर सरकारी संस्था है, जो जिले में महिलाओं के विकास के लिए कार्य करती थी। दरअसल इस संस्था का मुख्य धंधा करोड़ों का गोरखधंधा था। इस संस्था ने पिछले कई साल से बैंकों की मिलीभगत से सरकारी जमा खाते से करीबन 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध निकासी की। 

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 रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को भागलपुर के सबौर ब्लॉक में पहुंचा जहां पर 'सृजन' का मुख्य दफ्तर था। वैसे तो इस दफ्तर को आर्थिक अपराध शाखा, जो इस पूरे गोरखधंधे की जांच कर रही है, द्वारा सील किया जा चुका है लेकिन रिपोर्ट में इस दफ्तर के अंदर गई और पाया कि यहां पर महिलाओं को सशक्त और रोजगार प्रदान करने के लिए इस संस्था के द्वारा पापड़, मसाले, साड़ियां और हैंडलूम के कपड़े बनवाए जाते थे। इस दफ्तर में पाए गए मसाले और पापड़ सभी 'सृजन' ब्रांड से बाजार में बेचे जाते थे।

सामने आएगा करोड़ों का घोटाला

 पापड़ और मसाले बनाने का धंधा केवल दुनिया को गुमराह करने के लिए था और असल में करोड़ों रुपये सरकारी खजाने से अवैध निकासी करना इस संस्था का मुख्य काम था। जांच में यह बात सामने आई है कि अब तक 300 करोड़ रुपये से ज्यादा जो इस संस्था ने सरकारी खजाने से अवैध रुप से निकाले थे। इस पैसे को बाजार में निवेश किया, साथ ही रियल एस्टेट में भी लगाया। इन पैसों से लोगों को 16% ब्याज दर पर लोन भी मुहैया कराया गया।

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दो तरीकों से होती थी अवैध निकासी
भागलपुर के SSP मनोज कुमार ने बताया कि यह संस्था दो तरीकों से इस पूरे सरकारी खजाने से अवैध निकासी का काम करती थी । एक तरीका था स्वाइप मोड और दूसरा था चेक मोड। स्वाइप मोड के जरिए भारी रकम राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा भागलपुर जिले के सरकारी खातों में जमा कराए जाते थे। स्वाइप मोड में राज्य सरकार या केंद्र सरकार एक पत्र के माध्यम से बैंक को सूचित करती थी कि कितनी राशि बैंक में जमा करा दी गई है।  बैंक के अधिकारी भी इस पूरे गोरखधंधे में शामिल थे। वह सरकारी खाते में इस पैसे को जमा नहीं दिखाकर 'सृजन' के खाते में इस पूरे पैसे को जमा कर दिया करते थे।

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 केंद्र सरकार जो भी पैसे भागलपुर जिले के सरकारी खातों में जमा कराना था वह चेक के माध्यम से किया जाता था। एक बार सरकारी खाते में चेक जमा हो जाता था तो फिर जिलाधिकारी के दफ्तर में शामिल कुछ लोग जो कि इस गोरखधंधे में हिस्सा थे, जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से अगले दिन वही राशि 'सृजन' के अकाउंट में जमा करा दिया करते थे।

 

 

Web Title: CM Nitish orders: CBI probes Bhagalpur scam ( Hindi News From Newstimes)


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