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यूपी में बाढ़ से गांव खाली कर रहे लोग, स्कूल बंद


HARENDRA SINGH 18/08/2017 09:49:32
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Lucknow.  यूपी में बाढ़ का कहर जारी है। एक हफ्ते से हो रही तेज बारिश से यूपी के 16 जिलों में पानी घुस गया है। अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। गोरखपुर, बाराबंकी, मऊ, गोंडा की नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। घाघरा और सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ के हालात और भी भयावह होते जा रहे हैं। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिर से कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

गोरखपुर-कैंपियरगंज में रोहिन नदी का तटबंध अलगटपुर के पास टूट गया है। अलगटपुर, सोनाटीकर सहित 8 गावों में पानी घुस गया है। गांव से लोग सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। गोरखपुर में भी कई नदियां खतरे के निशाने पर है। करनैलगंज और तरबगंज तहसीलों के 350 गांव और सात सौ से अधिक मजरों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

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मऊ-घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेमी ऊपर आ गया है। 350 से ज्यादा गांव जलमग्न हो गए हैं। एनडीआरएफ की टीमों ने अपना मोर्चा संभाल लिया है। इसके साथ ही अब प्रभावित इलाकों के बाजारों तक में पानी पहुंचने लगा है। बाढ़ के प्रकोप के कारण चार ब्लाकों के 1500 प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर दिया गया है।

स्कूल बंद कराए गए
गोरखपुर-बस्ती मण्डल में बाढ़ की स्थिति और गम्भीर हो गई है। प्रशासन ने एहतियातन इंटर तक के सारे स्कूल-कॉलेज बन्द कर दिए हैं। बाढ़ का सर्वाधिक असर सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर और गोरखपुर जिले में है लेकिन अब सन्तकबीरनगर और देवरिया में भी खतरा बढ़ने लगा है।

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दोनों मण्डलों में 100 से अधिक गांव बाढ़ से घिर चुके हैं। महराजगंज में गुरुवार को तीन बच्चियां रोहिन की तेज़ धारा में बह गईं। सिद्धार्थनगर जिले की दो तहसीलों के सात गांवों के लोग बाढ़ में फंस गए हैं। वहां के लोगों को एयरफोर्स के हेलीकाप्टरों से शाम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू हुआ। इस बीच गोरखपुर-सोनोली मार्ग पर बस सेवा ठप हो गई है।

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बाढ़ अलर्ट 
रिसाव की वजह से पिछले दो दिनों से ही जफर कालोनी, हांसूपुर, ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र में पानी जमा हुआ है। करीब दो सौ परिवारों ने घर छोड़ दिया। जो बच गये उन्होंने सारी रात दहशत में जागकर काटी। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद कर दिए हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ, एसएसबी और सेना के जवान राहत पहुंचाने में जुटे हैं। दोनों मण्डलों में बाढ़ की वजह से अब तक 9 मोतें बताई जा रही हैं।

वहीं, प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाल लिया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों लोगों को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ और फ्लड पीएसी जुटी हुई है। डीएम ने बताया प्रभावित गावों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए सेना की मदद पर भी विचार किया जा रहा है। फैजाबाद से आठ बड़ी नावें मंगाई है। 

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वही गुरुवार को घाघरा खतरे निशान 106.076 मीटर से अब सुबह 107.376 मीटर ऊपर बह रही है। घाघरा का जलस्तर 130 सेंटीमीटर ऊपर है। सुबह विभिन्न बैराजों से तीन लाख 91 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। करनैलगंज तहसील के प्रभावित गांवों की संख्या में इजाफा हुआ है। बुधवार तक 48 गांव प्रभावित थे, गुरूवर को 55 हो गये हैं।

नेपाल के विभिन्न बैराजों से बुधवार दोपहर बाद छोड़ा गया पांच लाख क्यूसेक पानी जिले में तबाही लेकर चल पड़ा है। बैराजों से छोड़े गए इस पानी के सुबह तक करनैलगंज बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचने की उम्मीद है। इसे लेकर जिला प्रशासन के हाथ पांव फूल गये हैं। पहले प्रभावित गांवों और चपेट में आने वाले गांवों से लोगों को निकालने के लिए पसीना बहाया जा रहा है।

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लगातार उफनाती घाघरा के सख्त तेवरों के कल रौद्र रूप धारण करने की पूरी स्थिति बन गई है। गोंडा लखनऊ मार्ग पर घाघरा पुल तक को छूने को बेताब घाघरा के गुरुवार को तबाही का इतिहास लिखने के पूरे हालात बने हुए हैं। बुधवार को छोड़े गए तीन लाख क्यूसेक पानी के बाद यहां प्रभावित गांवों की संख्या 44 से बढ़कर 48 हो गई है। पांच सौ से अधिक मजरों को बाढ़ ने निगल लिया है। सड़कों तक पानी पहुंच चुका है और गुरूवार को तो कई और इलाकों के जलमग्न होने की पूरी आशंका है।

Web Title: People emptying villages with floods in UP, school close ( Hindi News From Newstimes)


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