<link>www.newstimes.co.in</link><description> delivers news and information on the latest top stories, Videsh, Desh, Cricket, Entertainment, Business, Life Style, Editors Artical and other related local news</description><copyright>© Copyright न्यूज़ टाइम्स 2016. All rights reserved</copyright><language>hi</language><lastBuildDate>21-07-2019 14:16:07</lastBuildDate><item><title>बाढ़ और बारिश से बेस्वाद हुई दाल, टमाटर हुआ लाल, इन सब्जियों के बढ़े 50 फीसदी दामhttps://www.newstimes.co.in/news/79671/भारत/rise-in-price-of-vegetables-increased-50-due-to-bad-weather-900068Sat, 20 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/20-07-2019114332riseinprice2.jpg' alt='Images/20-07-2019114332riseinprice2.jpg' />भारत के कई राज्यों में इस बार मौसम के अलग-अलग मिजाज देखने को मिल रहे हैं। कहीं इतनी ज्यादा बारिश हो रही है कि बाढ़ आ गई है। तो वहीं कई इलाकों में लोग सूखे से परेशान बारिश के इंतजार में बैठे हैं। इसके चलते किसानों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। खराब मौसम ने सब्जियों पर सबसे ज्यादा प्रभाव डाला है। 

बाढ़ और बारिश से बेस्वाद हुई दाल, टमाटर हुआ लाल, इन सब्जियों के बढ़े 50 फीसदी दाम

Lucknow. भारत के कई राज्यों में इस बार मौसम के अलग-अलग मिजाज देखने को मिल रहे हैं। कहीं इतनी ज्यादा बारिश हो रही है कि बाढ़ आ गई है। वहीं कई इलाकों में लोग सूखे से परेशान बारिश के इंतजार में बैठे हैं। इसके चलते किसानों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। खराब मौसम ने सब्जियों पर सबसे ज्यादा प्रभाव डाला है। 

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  आम आदमी की जेब पर पड़ा असर

बेइंतेहा बारिश की बूंदों के साथ बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की जेब पर असर डाला है। इधर रसोई में दाल का स्वाद फीका हो रहा है तो उधर दाल सब्जियों के साथ टमाटर के दाम भी आसमान पर पहुंच गए हैं। मानसून के आते ही दाल-सब्जियों से लेकर तेल-मसालों  की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। सब्जियों के बढ़ते दाम का असर अब लोगों की थालियों में नजर आ रहा है। बता दें कि मानसून के बाद से सब्जियों के दामों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 

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  सब्जियों की पैदावार पर असर

सब्जी मंडी में थोक कारोबारियों का कहना है कि अभी दो महीने सब्जियों के दामों में ऐसे ही इजाफा होगा। अन्य दिनों के मुकाबले इन दिनों बारिश के मौसम में आवक 60 फीसदी तक कम हो जाती है। कम स्टॉक  होने और मांग ज्यादा होने से सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। इसके साथ ही बारिश के सीजन में कई जगह सब्जियों की पैदावार को भी नुकसान होता है। 

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जालान पैनल ने तैयार की फंड ट्रांसफर की रिपोर्ट, सरकार को मिलेगी बड़ी राहतhttps://www.newstimes.co.in/news/79580/भारत/Jalan-panel-prepared-report-of-fund-transfer-government-will-get-relief899976Thu, 18 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/18-07-2019102451Jalanpanelpr2.jpg' alt='Images/18-07-2019102451Jalanpanelpr2.jpg' />रिजर्व बैंक की इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क (ECF) पैनल बिमल जालान की अहम बैठक समाप्त हो गई है। इस पैनल को यह रिपोर्ट देनी थी कि आरबीआई अपने सरप्लस कैश में कितना पैसा सरकार को देगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में यह तय हुआ है कि सरप्लस चरणबद्ध तरीकों में ट्रांसफर किया जाएगा।

जालान पैनल ने तैयार की फंड ट्रांसफर की रिपोर्ट, सरकार को मिलेगी बड़ी राहत

New Delhi. रिजर्व बैंक की इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क (ECF) पैनल बिमल जालान की अहम बैठक समाप्त हो गई है। इस पैनल को यह रिपोर्ट देनी थी कि आरबीआई अपने सरप्लस कैश में कितना पैसा सरकार को देगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में यह तय हुआ है कि सरप्लस चरणबद्ध तरीकों में ट्रांसफर किया जाएगा। बता दें कि कमेटी की रिपोर्ट तय हो चुकी है लेकिन यह रिपोर्ट अगले 10 से 15 दिनों में दी जाएगी। उसके बाद ही यह पता चलेगा कि पैनल  ने कितना फंड ट्रांसफर करने की सिफारिश की है। 

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बिमल जालान की अध्यक्षता वाले इस 6 सदस्यीय पैनल को खासतौर पर इसलिए गठित किया गया था कि आरबीआई सरकार को कितना पैसा देगी। पैनल का गठन 26 दिसंबर को हुआ था। RBI के पास 9.6 लाख करोड़ रुपए का इमरजेंसी फंड जमा है। 

फंड को लेकर आरबीआई और सरकार के बीच काफी मतभेद बढ़ गया था। इसी मतभेद के चलते गवर्नर उर्जित पटेल ने आरबीआई से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद शक्तिकांत दास आरबीआई के नए गवर्नर चुने गए थे। आरबीआई और सरकार के बीच मतभेद होने के बाद ही पैनल का गठन किया गया था। 

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  क्या था मतभेद का कारण

दरअसल, सरकार और आरबीआई के बीच इस बात को लेकर मतभेद चल रहे थे कि सरकार आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ रुपए की मांग कर रही थी। हालांकि सरकार ने यह कहा था कि वह केवल आरबीआई के लिए सही इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क के प्रस्ताव पर विचार करना चाहती थी। 

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  90 दिन में रिपोर्ट

पैनल को अपनी बैठक की रिपोर्ट 90 दिनों में पेश करनी थी। पैनल की पहली बैठक 8 जनवरी को हुई थी। इसके बाद पैनल को तीन महीने का समय दिया गया था। हालांकि इसके बाद फिर इसकी डेडलाइन बढ़ा दी गई थी। बिमल जाला की अध्यक्षता वाला यह पैनल इस हफ्ते अपनी रिपोर्ट जमा करेगा। 

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शेयर बाजार को नहीं रास आ रहा मोदी सरकार का बजट, लगातार गिरावट जारीhttps://www.newstimes.co.in/news/79562/भारत/Modi-government-s-budget-does-not-come-to-market-continuous-decline-continues899958Wed, 17 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/17-07-2019150024Modigovernmen2.JPG' alt='Images/17-07-2019150024Modigovernmen2.JPG' /> लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल करने के बाद मोदी सरकार ने एक बार फिर सत्ता में वापसी की जिसके बाद मोदी सरकार का 5 जुलाई 2019 को आम बजट पेश किया गया। जिसमें कहा गया कि बजट में हर सेक्टर का ख्याल रखा गया है। लेकिन शायद इस बजट से शेयर बाजार को जो उम्मीदें थीं वह पूरी नहीं हो सकीं। 

शेयर बाजार को नहीं रास आ रहा मोदी सरकार का बजट, लगातार गिरावट जारी

New Delhi. लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल करने के बाद मोदी सरकार ने एक बार फिर सत्ता में वापसी की जिसके बाद मोदी सरकार ने 5 जुलाई 2019 को आम बजट पेश किया। जिसमें कहा गया कि बजट में हर सेक्टर का ख्याल रखा गया है। लेकिन शायद इस बजट से शेयर बाजार को जो उम्मीदें थीं वह पूरी नहीं हो सकीं। 

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दरअसल, 5 जुलाई को बजट से पूर्व भारतीय शेयर बजार में मजबूती के साथ कदम रखा था। सेंसेक्स सुबह 82.34 अंकों की तेजी के साथ 39,990.40 पर जबकि निफ्टी 18 अंकों की मजबूती के साथ 11,964.75 पर खुला था। लेकिन बजट के बाद से बाजार पर गिरावट हावी हो गया, और बाजार दबाव में आ गया। 

5 जुलाई से 16 जुलाई के बीच शेयर बाजार की चाल देखी चाए तो इस दौरान सेसेंक्स में करीब साढ़े 800 अंकों की बड़ी गिरावट पाई गई। जबकि निफ्टी भी करीब 300 अंक नीचे लुढ़क गया है। हालांकि 16 जुलाई (मंगलवार) को देश के शेयर बाजारों में तेजी रही।

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सेंसेक्स 234.33 अंकों की तेजी के साथ 39,131.04 पर और निफ्टी 74.25 अंकों की तेजी के साथ 11,662.60 पर बंद हुआ। लेकिन फिर भी 5 जुलाई के आंकड़ों से बाजार अभी भी काफी पीछे है। अच्छी बात यह है कि मंगलवार को बैंकिंग शेयरों तेजी रही। यस बैंक (11.48 फीसदी), टाटा मोटर्स (5.53 फीसदी), सन फार्मा (2.57 फीसदी), एनटीपीसी (2.46 फीसदी) और पॉवर ग्रिड (2.05 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी देखी गई। 

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बैठक 23 को, अभी तक नहीं तय हो पाया होटल, रेस्त्रां का लाइसेंस रेट https://www.newstimes.co.in/news/79557/भारत/उत्तर-प्रदेश-/laicense-ka-rate-tay-nahi-899953Wed, 17 Jul 2019 00:00:00 GMTGAURAV SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/17-07-2019141005laicensekara1.jpg' alt='Images/17-07-2019141005laicensekara1.jpg' />नगर निगम होटल, रेस्त्रां और गेस्ट हाउस के लाइसेंस शुल्क का रेट तय नहीं कर पा रहा है। साल में लाइसेंस के लिए टैक्स को लेकर कमेटी गठित की गयी थी और मंगलवार को अध्यक्ष रमेश कपूर बाबा के नेतृत्व में बैठक भी हुई लेकिन रेट नहीं तय हो पाया। जिसके बाद अगली बैठक 23 जुलाई को बुलाई गयी है।  गौरतलब है कि नगर निगम की ओर से पिछली बार लाइसेंस को लेकर शुल्क में बेतहाशा वृद्धि की गयी थी। जिसके बाद आपत्तियां आने पर उनके निस्तारण के लिए पार्षद रमेश कपूर बाबा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी की बैठक के दौरान कई मामले सामने आए, लेकिन शाम 4.00 बजे से 7.00 बजे तक चली बैठक में कोई फैसला न हो सका। 

बैठक 23 को, अभी तक नहीं तय हो पाया होटल, रेस्त्रां का लाइसेंस रेट 

Lucknow. नगर निगम होटल, रेस्त्रां और गेस्ट हाउस के लाइसेंस शुल्क का रेट तय नहीं कर पा रहा है। साल में लाइसेंस के लिए टैक्स को लेकर कमेटी गठित की गयी थी और मंगलवार को अध्यक्ष रमेश कपूर बाबा के नेतृत्व में बैठक भी हुई लेकिन रेट नहीं तय हो पाया। जिसके बाद अगली बैठक 23 जुलाई को बुलाई गयी है। 

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पोंजी स्कीमों में पैसा इनवेस्ट करने से पहले जान लें ये अहम बातें, नहीं होगा नुकसानhttps://www.newstimes.co.in/news/79523/भारत/Before-investing-money-in-Ponzi-schemes-know-these-important-things-will-not-be-loss899919Tue, 16 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/16-07-2019165300Beforeinvesti2.jpg' alt='Images/16-07-2019165300Beforeinvesti2.jpg' />चिट फंड और पोंजी स्कीमों में आए दिन स्काम के मामले सामने आते रहते हैं। अक्सर लोगों के पैसे डूबने की खबरे आपने भी सुनी होंगी। इसके लिए आरबीआई, बैंक और सेबी द्वारा चेतावनी भी जारी की गई हैं उसके बाद भी लोग इन स्कीमों के चक्कर में फंस जाते हैं, उसके बाद चाहकर भी वह बाहर नहीं निकल पाते कंपनियों के डूबने के बाद भी लोगों को अपने जमा धन वापस नहीं मिलता है।

पोंजी स्कीमों में पैसा इनवेस्ट करने से पहले जान लें ये अहम बातें, नहीं होगा नुकसान

New Delhi. चिट फंड और पोंजी स्कीमों में आए दिन स्कैम के मामले सामने आते रहते हैं। अक्सर लोगों के पैसे डूबने की खबरें आपने भी सुनी होंगी। इसके लिए आरबीआई, बैंक और सेबी द्वारा चेतावनी भी जारी की गई है, उसके बाद भी लोग इन स्कीमों के चक्कर में फंस जाते हैं, उसके बाद चाहकर भी वह बाहर नहीं निकल पाते, कंपनियों के डूबने के बाद लोगों को अपना जमा धन वापस नहीं मिलता है। 

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  ऐसे करें चिट फंड-पोंजी स्कीम की पहचान

किसी भी निजी कंपनी में पैसा निवेश करने से पहले आपको उसके बारे में सारी जानकारी अच्छे से होनी चाहिए। कंपनियां अक्सर लोगों को लालच देकर जाल में फंसा लेती हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग उनकी बातों में आकर पैसा जमा करें और फिर कुछ ही महीनों में वो पैसा लेकर भाग जाते हैं। 

  ज्यादा रिटर्न का लालच

कोई भी कंपनी यदि आपको 15 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न देने का वादा कर रही है तो निवेश करने से पहले एक बार जरूर सोच लें। अक्सर ये इस तरह की कंपनियां पहले के कुछ दिन पैसा रिटर्न करती हैं, ताकि आप अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भी इस स्कीम के बारे में बताएं, उनके पास और पैसा आ सके जब पैसा आना बंद हो जाता है तो यह रिटर्न देना भी बंद कर देते हैं। 

  रिटर्न की गारंटी

निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए ऐसी कंपनियां रिटर्न देने की अपनी तरफ से गारंटी भी देती हैं। इस तरह की कंपनियां भविष्य में 20 से 25 फीसदी तक का रिटर्न देने की गारंटी लेती हैं। जबकि मार्केट के हिसाब से सरकारी  स्कीमों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति या निजी कंपनी किसी को इस तरह की गारंटी नहीं दे सकता है। 

  माइनस में नहीं जाएगा रिटर्न

कंपनियां संभावित निवेशकों से यह भी कहती हैं कि वो जो पैसा कंपनी की स्कीम में लगाएंगे वो भविष्य में कभी भी माइनस में नहीं जाएगा। उनकी स्कीम इस तरह का आशंकाओं से पूरी तरह से फुलप्रूफ है, जिसके चलते निवेश नीचे न जाकर के हमेशा बढ़ता ही रहेगा। 

  3 सालों में हुए सबसे ज्यादा केस दर्ज

कॉरपोरेट मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष में एजेंसी को जांच के लिए दी गई कंपनियों का आंकड़ा पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है। चिट फंड/एमएलएम (बहु-स्तरीय मार्केटिंग)/पोंजी गतिविधियों में शामिल कुल 63 कंपनियों के मामलों को विस्तृत जांच के लिए एसएफआईओ को सौंपा गया है। आंकड़ों में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि चालू वित्त वर्ष पूरा होने में अभी तीन महीने बाकी हैं।

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जल्द जारी होगा नेशनल पॉलिसी ड्रॉफ्ट, इतने करोड़ कारोबारियों को मिलेगा बढ़ावाhttps://www.newstimes.co.in/news/79474/भारत/National-Retail-Policy-Draft-will-be-released-soon899869Mon, 15 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/15-07-2019130124NationalRetai2.jpg' alt='Images/15-07-2019130124NationalRetai2.jpg' /> केंद्र सरकार राष्ट्रीय खुदरा पॉलिसी बनाने से पहले छोटे कारोबारियों व अन्य लाभ पाने वालों से भी सुझाव लेगी। इसके लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवद्ध विभाग (डीपीआईआईटी) जल्द ही पॉलिसी का ड्रॉफ्ट जारी करेगा। मामले से जुड़े एक उच्चाधिकारी ने रविवार को बताया कि इस नीति का मकसद है 6.5 करोड़ खुदरा कारोबारियों को बढ़ावा देना है। 

जल्द जारी होगा नेशनल पॉलिसी ड्रॉफ्ट, इतने करोड़ कारोबारियों को मिलेगा बढ़ावा

New Delhi. केंद्र सरकार राष्ट्रीय खुदरा पॉलिसी बनाने से पहले छोटे कारोबारियों व अन्य लाभ पाने वालों से भी सुझाव लेगी। इसके लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवद्ध विभाग (डीपीआईआईटी) जल्द ही पॉलिसी का ड्रॉफ्ट जारी करेगा। मामले से जुड़े एक उच्चाधिकारी ने रविवार को बताया कि इस नीति का मकसद 6.5 करोड़ खुदरा कारोबारियों को बढ़ावा देना है। 

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  खुदरा व्यापारियों को सीधा लाभ

अधिकारी ने बताया कि विभाग ने पॉलिसी पर सभी तरह के सुझाव पहले ही ले लिए हैं और अब हम इसका ड्रॉफ्ट तैयार कर रहे हैं, जिसे बहुत जल्द लोगों के सुझाव के लिए जारी कर दिया जाएगा। यह पॉलिसी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के 100 दिन के एक्शन प्लान में भी शामिल है और इसका सीधा लाभ देश के खुदरा व्यापारियों को मिलेगा। 

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  ई-कॉमर्स पर भी गाइडलाइन

इस मसौदे पर राज्य सरकारों का नजरिया भी मायने रखता है, क्योंकि इसे लागू कराने में दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जो राज्यों के अधीन होता है। इसके अलावा विभाग ई-कॉमर्स पर भी गाइडलाइन तैयार कर रहा है। 

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  कारोबार सुगमता को बढ़ावा

अधिकारी के अनुसार इस पॉलिसी का मकसद खुदरा व्यापार को सरल और कारोबार की सुगमता को बढ़ावा देना है। इससे लाइसेंस राज को कम करने, पूंजी तक पहुंच बढ़ाने, सीधे बिक्री और हाइपर मार्केट से संबद्ध मुद्दों का समाधान करने में मदद मिलेगी।

इस पॉलिसी में सबसे ज्यादा ध्यान खुदरा क्षेत्र की वृद्धि के तरीके ढूढ़ने डिजिटल लेन-देन को बढ़ाने और क्रेटिविटी में आने वाली रुकावटों को कम करने पर दिया गया है। 

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आधार कार्ड को लेकर जारी हुआ नया नियम, ये गलती करने पर लग सकता है 10 हजार का जुर्मानाhttps://www.newstimes.co.in/news/79436/भारत/A-new-rule-issued-on-Aadhar-card-this-mistake-may-take-a-fine-of-10-thousand-rupees899830Sun, 14 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/14-07-2019120841Anewruleiss2.jpg' alt='Images/14-07-2019120841Anewruleiss2.jpg' />मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल  के बजट में पास हुए प्रस्तावों के अनुसार, लोग अब 18 जरूरी सेवाओं के लिए पैन कार्ड की जगह आधार कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन लेनदेन में अगर गलती से भी गलत नंबर बताया तो आपको हो सकता है भारी नुकसान क्योंकि सरकार लगाएगी 10 हजार का जुर्माना।

आधार कार्ड को लेकर जारी हुआ नया नियम, ये गलती करने पर लग सकता है 10 हजार का जुर्माना

New Delhi. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल  के बजट में पास हुए प्रस्तावों के अनुसार, लोग अब 18 जरूरी सेवाओं के लिए पैन कार्ड की जगह आधार कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन लेनदेन में अगर गलती से भी गलत नंबर बताया तो आपको हो सकता है भारी नुकसान क्योंकि सरकार लगाएगी 10 हजार का जुर्माना।

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एक वेबसाइट में आई खबर के अनुसार, संबंधित प्रावधान और अधिसूचना जारी होने के बाद यह नियम एक सितंबर से लागू हो सकता है। हालांकि इस आदेश पहले मामले से जुड़े व्यक्ति की बात सुनी जाएगी। इस बारे में बात करते हुए एक अधिकारी ने कहा कि, आयकर अधिनियम की धारा 272बी में पैन के उपयोग से संबंधित उल्लंघनों पर सजा का प्रावधान है। 

  खत्म नहीं होगी पैन की उपयोगिता

आधार पर इस नियम के लागू होने के बाद सबको लग रहा है कि पैन की उपयोगिता खत्म हो जाएगी तो ऐसा नहीं है सीबीडीटी के अध्यक्ष प्रमोद चंद्र मोदी ने कहा था कि पैन उपयोगिता निश्चित तौर पर खत्म नहीं हुई है और हाल में आए बजट में दोनों डेटाबेस (पैन और आधार)  को एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल करने के लिए एक जैसा बताया जाना एक अतिरक्त सुविधा है जो उन्हें जोड़े जाने को सुनिश्चित करेगा, जो कि अब कानून के तहत अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा था कि, 'ऐसे मामलों में जहां आधार का संदर्भ दिया जा रहा है और वहां पैन का उल्लेख नहीं है, वहां हम (आयकर रिटर्न जमा करने वाले) व्यक्ति को पैन आवंटित करने की संभावना के बारे में सोच सकते हैं।' 

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  मात्र 22 करोड़ लोगों के पास है पैन

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा था कि भारत में 1.2 अरब से अधिक लोगों के पास आधार कार्ड हैं, जबकि इसकी तुलना में पैन कार्ड केवल 22 करोड़ लोगों के पास हैं। इसलिए करदाता पैन नंबर न होने पर आधार कार्ड नंबर से आयकर रिटर्न भर सकते हैं। 

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भोपाल: चाय पकौड़े वाले आयकर विभाग के रडार पर https://www.newstimes.co.in/news/79394/भारत/मध्य-प्रदेश/Bhopal:-Small-vendors-are-on-the-radar-of-Income-Tax-Department899787Sat, 13 Jul 2019 00:00:00 GMTDEEP KRISHAN SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/13-07-2019114232BhopalSmall4.jpg' alt='Images/13-07-2019114232BhopalSmall4.jpg' />टैक्स वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश में आयकर विभाग ने अपना ध्यान अब छोट व्यापारियों पर केंद्रित किया है। इसके लिए आयकर विभाग भोपाल के तकरीबन 50 हजार छोटे कारोबारियों कुंडली खंगाल रहा है। इन दुकानदारों की जानकारी जुटाने के लिए नगर निगम से भी मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ये दुकानदार छोटे लाइसेंस की आड़ में बड़े लेन देन करते हैं लेकिन टैक्स नहीं चुकाते हैं। जिससे सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का चूना लगता है। 

भोपाल: चाय पकौड़े वाले आयकर विभाग के रडार पर 

Bhopal. टैक्स वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश में आयकर विभाग ने अपना ध्यान अब छोट व्यापारियों पर केंद्रित किया है। इसके लिए आयकर विभाग भोपाल के तकरीबन 50 हजार छोटे कारोबारियों कुंडली खंगाल रहा है। इन दुकानदारों की जानकारी जुटाने के लिए नगर निगम से भी मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ये दुकानदार छोटे लाइसेंस की आड़ में बड़े लेन देन करते हैं लेकिन टैक्स नहीं चुकाते हैं। जिससे सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का चूना लगता है। 

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28900 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष दोनों राज्यों से कुल मिला कर अभी तक 4000 करोड़ की ही वसूली हो सकी है। 
विभाग पर वसूली का दबाव है ऐसे में जहां से भी टैक्स मिलने की उम्मीद है वे सभी विकल्प खंगाले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्राय: देखा जाता है कि छोटे व्यापारियों की जांच नहीं होती है। 

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आयकर विभाग की अनोखी मुहिम, छात्रों से भरवा रहा घोषणा पत्र, माता-पिता भरेंगे...https://www.newstimes.co.in/news/79383/भारत/The-unique-campaign-of-the-Income-Tax-Department-filled-with-students-will-fill-the-manifesto899775Sat, 13 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/13-Jul-2019ues43N6vkB1.jpg' alt='Images/13-Jul-2019ues43N6vkB1.jpg' />मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के लोग ईमानदारी से पूरा टैक्स भरें इसके लिए आयकर विभाग ने एक अनोखी मुहिम शुरु की है। इससे सभी लोग समय पर और ईमानदारी से पूरा टैक्स भरेंगे। 

आयकर विभाग की अनोखी मुहिम, छात्रों से भरवा रहा घोषणा पत्र, माता-पिता भरेंगे...

Bhopal. मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के लोग ईमानदारी से पूरा टैक्स भरें इसके लिए आयकर विभाग ने एक अनोखी मुहिम शुरु की है। इससे सभी लोग समय पर और ईमानदारी से पूरा टैक्स भरेंगे। 

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दरअसल, आयकर विभाग मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों से इस आशय का घोषणा पत्र भरवा रहा है कि उनके परेंट्स ईमानदारी से अपना आयकर रिटर्न जमा करेंगे। 35 हजार छात्रों से यह घोषणा पत्र भरवाए जा चुके हैं। आयकर विभाग का मिशन एक लाख घोषणा पत्र भरवाने का है। 

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प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अजय  कुमार चौहान (मध्य प्रदेश एवं छ्त्तीसगढ़) ने शुक्रवारप को यहां कहा कि विभाग के बारे में छात्रों को शिक्षित करने के लिए उनसे लिखित घोषणा पत्र लिए जा रहे हैं। इससे वे सुनिश्चित करेंगे कि उनके माता-पिता ईमानदारी से टैक्स जमा करेंगे। 

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केन्द्र सरकार का नया कानून, अब मकान मालिक नहीं बढ़ा सकेंगे मनमाना किरायाhttps://www.newstimes.co.in/news/79338/भारत/उत्तर-प्रदेश-/Modi-Govt-2.0-introduces-model-draft-to-resolve-landlord-tenant-disputes899726Thu, 11 Jul 2019 00:00:00 GMTSUKIRTI MISHRA<img src='http://newstimes.co.in/Images/11-07-2019173615ModiGovt2.01.PNG' alt='Images/11-07-2019173615ModiGovt2.01.PNG' />केंन्द्र सरकार जल्द ही एक नया कानून लाने वाली है जिससे मकान मालिक और किराएदार दोनों को लाभ मिलेगा। इस कानून का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है जिसके लिए आम जनता से भी सुझाव मांगे गए हैं

केन्द्र सरकार का नया कानून, अब मकान मालिक नहीं बढ़ा सकेंगे मनमाना किराया

Lucknow. केंद्र सरकार जल्द ही एक नया कानून लाने वाली है, जिससे मकान मालिक और किराएदार दोनों को लाभ मिलेगा। इस कानून का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है, जिसके लिए आम जनता से भी सुझाव मांगे गए हैं। ड्राफ्ट के अनुसार, मकान मालिक किराए की अवधि में मनमाना किराया नहीं बढ़ा सकेंगे। इस कानून की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में 5 जुलाई को की थी।

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देश में किरायेदार और मकान मालिकों के बीच लगातार बढ़ रहे विवादों में रोकथाम के लिए सरकार ये कानून ला रही है।

किरायेदारों के लिए फायदे-

इस कानून के तहत अब किसी भी किरायेदार को किराये में घर लेने पर 2 महीने से ज्यादा की सिक्योरिटी बतौर एडवांस नहीं देनी पड़ेगी। साथ ही किराए की अवधि में मकान मालिक किराया नहीं बढ़ा सकेंगे। किराये में किसी भी तरह का बदलाव करने के लिए 3 महीने पहले नोटिस देना होगा। किसी भी विवाद की सूरत में मकान मालिक बिजली और पानी जैसी मूलभत सुविधाएं बंद नहीं कर सकता है।

मकान मालिक के हित भी होंगे शामिल-

ड्राफ्ट के तहत अगर किरायेदार निश्चित सीमा से ज्यादा मकान में रहता है तो उसे पहले 2 महीने के लिए दोगुना किराया देना होगा। अगर वह 2 महीने से ज्यादा समय के लिए रहा तो 4 गुना अधिक किराया देना होगा। किरायेदार के घर खाली करने के समय, मकान मालिक बकाया राशि काटने के बाद सिक्योरिटी मनी वापस करेगा।

रेरा का भी होगा योगदान-

ड्राफ्ट कानून में रेरा जैसी अथॉरिटी बनाने की मांग की गई है, जो कि किराया संबंधी विवादों का निपटारा करेगी। किरायेदार और मकान मालिक के बीच रेंट एग्रीमेंट बनने के बाद उसे अथॉरिटी में जमा करना होगा। एग्रीमेंट में मासिक किराया, अवधि, बिल भुगतान आदि का जिक्र होगा। विवाद का हल निकालने के लिए कोई भी पक्ष अथॉरिटी के पास जा सकता है।

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SBI का ग्राहकों को बड़ा तोहफा, अब लोन होंगे इतने सस्तेhttps://www.newstimes.co.in/news/79302/भारत/SBI-s-big-gift-to-customers-now-loans-will-be-so-cheap899684Wed, 10 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/10-07-2019122017SBIsbiggift1.jpeg' alt='Images/10-07-2019122017SBIsbiggift1.jpeg' />एसबीआई बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए एक खास तोहफा देने का ऐलान किया है। आप भी एसबीआई ग्राहक हैं तो आपके लिए यह खुशखबरी है कि बैंक ने लोक इएमआई में कटौती कर दी है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सभी अवधि की मुख्य कर्ज दरों (एमसीएलआर) को 0.05 फीसदी घटा दिया।

SBI का ग्राहकों को बड़ा तोहफा, अब लोन होंगे इतने सस्ते

New Delhi. एसबीआई बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए एक खास तोहफा देने का ऐलान किया है। आप भी एसबीआई ग्राहक हैं तो आपके लिए यह खुशखबरी है कि बैंक ने लोक इएमआई में कटौती कर दी है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सभी अवधि की मुख्य कर्ज दरों (एमसीएलआर) को 0.05 फीसदी घटा दिया।

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बता दें कि एमसीएलआर के आधार पर ही बैंक अपनी सभी कर्ज दरों को घटाने बढ़ाने का निर्धारण करते हैं। नईं दरें आज यानी बुधवार से लागू हो गई हैं। इस साल तीसरी बार SBI ने अपने कर्ज की दर घटाई है। इससे पहले अप्रैल में भी 0.05 फीसदी और मई में भी इतनी ही कटौती कर्ज दरों में की गई थी। इसी अवधि में बैंक के होम लोन की ब्याज दर में 0.20 फीसदी की कमी हुई है। 

एमसीएलआर के आधार पर ही बैंक अपनी सभी कर्ज दरों का निर्धारण करते हैं। नई दरें आज यानी बुधवार से लागू हो गई हैं। इस साल तीसरी बार SBI ने अपने कर्ज की दर घटाई है। इससे पहले अप्रैल में भी 0.05 फीसद और मई में भी इतनी ही कटौती कर्ज दरों में की गई थी। इसी अवधि में बैंक के होम लोन की ब्याज दर में 0.20 फीसद की कमी आई है।

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केंन्द्र सरकार ने दी जानकारी, दो सालों में कितने लोगों को मिली नौकरीhttps://www.newstimes.co.in/news/79276/भारत/The-information-given-by-the-central-government-how-many-people-got-jobs-in-two-years899656Tue, 09 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/09-07-2019153141Theinformatio1.jpg' alt='Images/09-07-2019153141Theinformatio1.jpg' /> देश में बेरोजगारी बढ़ने को लेकर लगातार विपक्ष सरकार पर हमला बोल रहा है। इस बीच केन्द्र सरकार ने जवाब देते हुए यह बता किया दो सालों में कितनी नौकरियां दी गई। सरकार के मुताबिक पिछले दो सालों में 3.81 लाख लोगों विभागों समेत मंत्रालयों में नौकरियां दी गईं। बता दें कि बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह अहम जानकारियां दी थी। 

केंन्द्र सरकार ने दी जानकारी, दो सालों में कितने लोगों को मिली नौकरी

New Delhi. देश में बेरोजगारी बढ़ने को लेकर लगातार विपक्ष सरकार पर हमला बोल रहा है। इस बीच केन्द्र सरकार ने जवाब देते हुए यह बता किया कि दो सालों में कितनी नौकरियां दी गई। सरकार के मुताबिक, पिछले दो सालों में 3.81 लाख लोगों को विभागों समेत मंत्रालयों में नौकरियां दी गईं। बता दें कि बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह अहम जानकारियां दी थी। 

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बताते चलें कि नौकरियां देने को लेकर सरकार ने विभागवार ब्यौरा भी दिया है। सरकार के मुताबिक, एक मार्च 2017 को 32 लाख 38 हजार 397 लोग सरकारी नौकरी में थे। दो सालों बाद एक मार्च 2019 को यह आंकड़ा बढ़कर 36 लाख 19 हजार 596 हो गया। इस तरह से देखा जाए तो दो सालों में तीन लाख 81 हजार 199 लोगों को रोजगार मिला।

केन्द्र सरकार की ओर से यह भी दावा किया गया है कि रेलवे में सबसे अधिक नौकरियां दी गई हैं। रेलवे विभा में 98 हजार 999 लोगों को नौकरियां मिली। दो वर्ष पहले 12.7 लाख नौकरी पर थे। 2019 में नौकरी करने वालों की संख्या बढ़कर 13.69 लाख हो गई।

रेलवे के अलावा 80 हजार लोगों को पुलिस, 53 हजार को अप्रत्यक्ष कर विभाग, 29,935 लोगों को प्रत्यक्ष कर विभाग में रोजगार मिला। रक्षामंत्रालय के सिविल विभाग में 46,347 लोगों को नौकरी मिली। 2017 में नौकरी करने वालों की संख्या 42,370 थी। यह 2019 में बढ़कर 88,717 पहुंच गई।

कई विभागों में नौकरियों की बात की जाए तो केन्द्र सरकार के अनुसार परमाणु उर्जा, दूरसंचार, जल संसाधन जैसे मंत्रालयों और विभागों में भी रोजगार मिले हैं। जिसमें 10 हजार परमाणु उर्जा विभाग, 2250 दूरसंचार विभाग, 3981 जल संसाधन विभाग में नौरियां दी गई।

इसके अतिरिक्त 7743 विज्ञान व तकनीकी विभाग, 6338 खनिज मंत्रालय, 2056 कार्मिक मंत्रालय, 1833 विदेश मंत्रालय, 3647 संस्कृति मंत्रालय, 1835 कृषि विभाग और 1189 नागर विमानन मंत्रालय में भी लोगों को नौकरियां दी गईं। 

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बजट के पेश होते ही शेयर बाजार में छाई मायूसी, अब तक गिरावट कायमhttps://www.newstimes.co.in/news/79240/भारत/Due-to-budget-deficit-stock-market-disappointment-continues-to-decline899617Mon, 08 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/08-07-2019153628Duetobudget1.JPG' alt='Images/08-07-2019153628Duetobudget1.JPG' />मोदी की दूसरी सरकार का पहला बजट आने के बाद से शेयर मार्केट में उथल-पुथल मची हुई है। शुक्रवार से चल रही लगातार गिरावट  के साथ सोमवार को भी शेयर बाजार में मातम छाया है। आज सुबह 11: 30 बजे तक सेंसेक्स 621.60 अंक (1.57%) टूटकर 38,891.79 जबकि निफ्टी 191.10 अंक (1.62%) कमजोर होकर 11,620.05 पर फिसल गया। शुक्रवार से अब तक सेंसेक्स अब तक 1098.61 अंक टूट चुका है जबकि निफ्टी में 344.70 अंक की गिरावट आ चुकी है। 

बजट के पेश होते ही शेयर बाजार में छाई मायूसी, अब तक गिरावट कायम

Mumbai. मोदी की दूसरी सरकार का पहला बजट आने के बाद से शेयर मार्केट में उथल-पुथल मची हुई है। शुक्रवार से चल रही लगातार गिरावट के साथ सोमवार को भी शेयर बाजार में मातम छाया है। आज सुबह 11: 30 बजे तक सेंसेक्स 621.60 अंक (1.57%) टूटकर 38,891.79 जबकि निफ्टी 191.10 अंक (1.62%) कमजोर होकर 11,620.05 पर फिसल गया। शुक्रवार से अब तक सेंसेक्स अब तक 1098.61 अंक टूट चुका है जबकि निफ्टी में 344.70 अंक की गिरावट आ चुकी है। 

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शुक्रवार को बजट पेश होने के बाद गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार सोमवार टूटकर ही खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 31 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 37.01 अंक (0.09%) कमजोर होकर 39,476.38 पर खुला।

वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 40.75 अंक (0.35%) टूटकर 11,770.40 अंक पर खुला। हालांकि, देखते-देखते बाजार में गिरावट बढ़ गई और 9:34 बजे तक सेंसेक्स 432.93 अंक (1.10%) टूटकर 39,080.46 जबकि निफ्टी 128.50 अंक (1.09%) की गिरावट के साथ 11,682.65 पर फिसल गया। हालत यह रही कि सेंसेक्स के 31 में से 25 और निफ्टी के 50 में से 44 शेयरों में बिकवाली हो रही थी। 

   चौतरफा बिकवाली का जोर 

सेंसेक्स के जिन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई, उनमें हीरो मोटोकॉर्प (3.36%), मारुति (3.04%), एलऐंडटी (2.74%), बजाज ऑटो (2.28%), एमऐंडएम (2.09%), हिंदुस्तान यूनिलीवर (2.93%), टाटा मोटर्स (1.87%), टाटा मोटर्स डीवीआर (1.86%), एसबीआई (1.78%) और कोटक महिंद्रा बैंक (1.71%) टॉप 10 में शामिल रहे। उधर, निफ्टी के सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में हीरो मोटोकॉर्प 3.38%, मारुति 2.96%, एलऐंडटी 2.71%, बजाज ऑटो 2.45%, गेल 2.24%, एमऐंडएम 2.06%, टाटा मोटर्स 2%,टाइटन 1.89%, हिंदुस्तान यूनिलीवर 1.84% और एसबीआई 1.73% टूट चुके थे। 

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71 साल पुरानी परंपरा का टूटना चिदंबरम को नहीं आया रास, ऐसे उड़ाया मजाकhttps://www.newstimes.co.in/news/79175/भारत/Union-Budget-2019-News-in-Hindi899549Sat, 06 Jul 2019 00:00:00 GMTRAJNISH KUMAR<img src='http://newstimes.co.in/Images/06-07-2019180058UnionBudget22.jpg' alt='Images/06-07-2019180058UnionBudget22.jpg' />केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। इस बजट के पेश होने से 71 साल से चली आ रही परंपरा टूट गई।

71 साल पुरानी परंपरा का टूटना चिदंबरम को नहीं आया रास, ऐसे उड़ाया मजाक

Lucknow. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। इस बजट के पेश होने से 71 साल से चली आ रही परंपरा टूट गई। दरअसल, निर्मला सीतारमण बजट पेश करने आई तो उनके हाथों में लाल रंग के कपड़े में लिपटा बजट दस्तावेज था। जबकि वित्त मंत्री आमतौर पर लाल रंग के ब्रीफकेस में ही बजट लेकर लोकसभा में आते हैं। 

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मोदी सरकार की यह परंपरा पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम को रास नहीं आई। कांग्रेस नेता चिदंबरम ने इस परम्‍परा का मजाक उड़ाया और उन्‍होंने केंद्र की मोदी सरकार पर चुटकी ली। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस का वित्त मंत्री भविष्य में बजट डॉक्यूमेंट आईपैड में लेकर जाएगा। कांग्रेस नेता के इस बयान के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यम ने कहा कि देश से पश्चिमी प्रथा की गुलामी का प्रस्थान हो गया।

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बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब लोकसभा में बजट पेश करने आईं तो पारंपरिक लाल रंग के ब्रीफकेस की बजाय उनके हाथों में लाल रंग के कपड़े में लिपटा बजट दस्तावेज था। कपड़े के ऊपर अशोक स्तंभ बना था। बजट दस्तावेज पीले और लाल धागे से बंधा हुआ था।

 

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पहले बजट का हुआ साइड इफेक्ट, पेट्रोल- डीजल के बढ़े दामhttps://www.newstimes.co.in/news/79144/भारत/First-Budget-Side-Effects-Petrol-and-Diesel-Prices-Increased899517Sat, 06 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/06-Jul-2019cLwpaGJOzr1.jpg' alt='Images/06-Jul-2019cLwpaGJOzr1.jpg' />बीजेपी की दूसरी सरकार का पहला बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को पेश किया। अपने बजट भाषण के दौरान उनहोंने पेट्रोल-डीजल में एक रुपया सेस और एक रुपया एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया। 

पहले बजट का हुआ साइड इफेक्ट, पेट्रोल- डीजल के बढ़े दाम

New Delhi. बीजेपी की दूसरी सरकार का पहला बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को पेश किया। अपने बजट भाषण के दौरान उनहोंने पेट्रोल-डीजल में एक रुपया सेस और एक रुपया एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया। 

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जिसके बाद आज से आपको गाड़ी से सफर करना महंगा पड़ेगा। क्योंकि आज से प्रति लीटर पेट्रोल के दाम 2.45 रुपये और डीजल के दाम 2.36 रुपये बढ़ गए हैं। 

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शनिवार से आपको दिल्ली में पेट्रोल के लिए प्रति लीटर 72.96 रुपये और प्रति लीटर डीजल के लिए 66.69 रुपये चुकाने होंगे। शुक्रवार को दिल्ली में प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 70.51 रुपये और डीजल की कीमत 64.33 रुपये थी। वहीं मुंबई में शुक्रवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 76.15 रुपये और डीजल की 67.40 रुपये थी।

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बजट से पहले पेश होगा इकोनॉमिक सर्वे, BJP ने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर कहा ...https://www.newstimes.co.in/news/79083/भारत/Economic-survey-BJP-released-before-the-budget899456Thu, 04 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/04-Jul-2019BCTBoUe0YL2.jpg' alt='Images/04-Jul-2019BCTBoUe0YL2.jpg' />लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद मोदी सरकार का संसद में इस सत्र का पहला बजट शुक्रवार को पेश होने वाला है। इससे पहले आज मोदी सरकार इकोनॉमिक सर्वे पेश करेगी। बीजेपी ने पार्टी को बुधवार को ही व्हिप जारी कर सभी सांसदों को लोकसभा में हर हाल में मौजूद रहने को कह दिया था।

बजट से पहले पेश होगा इकोनॉमिक सर्वे, BJP ने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर कहा ...

New Delhi. लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद मोदी सरकार का संसद में इस सत्र का पहला बजट शुक्रवार को पेश होने वाला है। इससे पहले आज मोदी सरकार इकोनॉमिक सर्वे पेश करेगी। बीजेपी ने पार्टी को बुधवार को ही व्हिप जारी कर सभी सांसदों को लोकसभा में हर हाल में मौजूद रहने को कह दिया था। मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने आर्थिक समीक्षा तैयार की है। 

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  क्या है आर्थिक समीक्षा

आर्थिक समीक्षा में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के रास्ते में देश की सामने आने वाली रुकावटें व चुनौतियों के बारे में बताय जाएगा। भाजपा इससे पहले भी महत्वपूर्ण बिल या मुद्दों पर चर्चा के लिए सांसदों को लोकसभा में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी  कर चुकी है। बता दें कि लोकसभा में भाजपा के 303 सांसद हैं और पार्टी बहुमत में है। 

यह भी पढ़ें... पीएम मोदी पर 'दिग्गी' का तंज, वो कहते कुछ हैं और करते कुछ...

  वित्त मंत्री पेश करेंगी बजट

बीजपी की वित्त मंत्री सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को संसद में पेश करेंगी। आर्थिक समीक्षा बजट से एक दिन पहले पेश की जाती है। इस समीक्षा बजट में वर्ष 2024 तक देश की अर्थव्यवस्था को दोगुना से बढ़ाकर 5,000 अरब डॉलर पर पहुंचाने के पीएम मोदी के टारगेट को पूरा करने के लिए सुधारों का विस्तृत प्रारूप पेश किया जा सकता है। 

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मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने ट्वीट करते हुए आर्थिक समीक्षा पेश किए जाने पर खुशी जाहिर की। वर्ष 2018-19 की आर्थिक समीक्षा ऐसे समय पेश की जा रही है, जब अर्थव्यवस्था विनिर्माण और कृषि क्षेत्र में चुनौतियों का सामना कर रही है। पिछले वित्त वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में आर्थिक वृद्धि 5 साल के न्यूनतम स्तर 5.8 प्रतिशत पर आ गई थी।

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ग्राहकों से वसूली के लिए बाउंसर नहीं भेज सकते बैंक: राज्यमंत्रीhttps://www.newstimes.co.in/news/79020/भारत/Bank-can-not-send-bouncers-for-recovery-from-customers---Minister-of-State899390Tue, 02 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/02-07-2019152226Bankcannots2.jpg' alt='Images/02-07-2019152226Bankcannots2.jpg' />कोई भी बैंक ग्राहकों से बकाया की वसूली के लिए बाउंसर नहीं भेज सकता। यदि कोई बैंक ऐसा करता है, तो यह नियमों के विपतरीत होगा। शिकायत मिलने पर आरबीआई संबंधित बैंक को बंद करा देगी। यह बातें वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में कही।

ग्राहकों से वसूली के लिए बाउंसर नहीं भेज सकते बैंक: राज्यमंत्री

New Delhi. कोई भी बैंक ग्राहकों से बकाया की वसूली के लिए बाउंसर नहीं भेज सकता। यदि कोई बैंक ऐसा करता है, तो यह नियमों के विपरीत होगा। शिकायत मिलने पर आरबीआई संबंधित बैंक को बंद करा देगी। यह बातें वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में कही। उन्होंने कहा कि आरबीआई के नियमों  मेें इस बात का स्पष्ट रूप से जिक्र है कि उपभोक्ताओं के प्रति बैंकों का व्यवहार सम्मानजनक होना चाहिए।

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ग्राहक भले ही बैंक का कर्जदार हो, लेकिन सम्मान करना होगा। ठाकुर ने कहा कि नियम के मुताबिक बकाया की वसूली को लेकर पुलिस वेरिफिकेशन होती है। साथ ही बोर्ड के मेंबरों से स्वीकृति भी ली जाती है, लेकिन बैंक इस कार्य के लिए बाउंसर नहीं भेज सकते हैं। आरबीआई के जो भी नियम और निर्देश हैं, वह सभी बैंकों को मानना होगा। बैंकाेें ग्राहकों से वसूली के लिए धमकी भी नहीं दे सकते हैं। जो भी नियम और कानून हैं, बैंक उनका हर परिस्थिति में पालन करें।

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राज्यमंत्री ने कहा कि बिना किसी समय के जब मन आए फोन भी नहीं किया जा सकता। दबाव बनाने को लेकर बाउंसर्स का इस्तेमाल कहीं से भी तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आरबीआई के बाद इस तरह की शिकायतें भी आई हैं, इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। बाउंसर्स भेजने वाले बैंकों को निश्चित और तय समय के लिए बंद भी किया जा सकता है। 

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स्विस बैंक में सबसे अधिक इन देशों का रुपया है जमा, जानें भारत की स्थितिhttps://www.newstimes.co.in/news/78966/भारत/Swiss-Bank-has-the-highest-number-of-these-countries-deposits-know-the-situation-of-India899335Mon, 01 Jul 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/01-07-2019115821SwissBankhas2.jpeg' alt='Images/01-07-2019115821SwissBankhas2.jpeg' />स्विट्जरलैंड स्थित स्विस बैंक ने आंकड़ा जारी करते हुए यह जानकारी दी है कि किन देशों का कितना रुपया जमा किया गया। साथ ही यह भी जानकारी आंकड़ों में सामने आई है कि कौन से देश ने सबसे अधिक रुपए जमा किया। स्विस बैंक में सबसे अधिक रुपया यूनाइटेड किंगडम (यूके) का है। भारत की बात करें तो अन्य देशों की तुलना में काफी पीछे है।

स्विस बैंक में सबसे अधिक इन देशों का रुपया है जमा, जानें भारत की स्थिति

New Delhi. स्विट्जरलैंड स्थित स्विस बैंक ने आंकड़ा जारी करते हुए यह जानकारी दी है कि किन देशों का कितना रुपया जमा किया गया। साथ ही यह भी जानकारी आंकड़ों में सामने आई है कि कौन से देश ने सबसे अधिक रुपए जमा किया। स्विस बैंक में सबसे अधिक रुपया यूनाइटेड किंगडम (यूके) का है। भारत की बात करें तो अन्य देशों की तुलना में काफी पीछे है। भारत का 74वां स्थान रुपए जमा करने को लेकर है। गत वर्ष भारत ने सूची में लंबी छलांग लगाई थी। उस समय भारत 73वें स्थान पर था।

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SNB के आंकड़ों पर गौर करें तो भारत यहां रुपए जमा करने के मामले में काफी पीछे है। सभी देशों के जमा धन पर गौर किया जाए तो भारत का महज 0.07 फीसदी धन ही जमा है। वहीं, 2018 वर्ष के अंत तक यूके का कुल 26 फीसदी धन जमा था। यूके के बाद अमेरिका का नंबर है। तीसरे स्थान पर वेस्ट इंडीज, चौथे पर फ्रांस और पांचवे स्थान पर हांगकांग का नाम सूची में शामिल है। इन पांचों देशों का 50 फीसदी रुपया सभी दंशों को मिलाकर अकेले ही जमा है। 

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इसके साथ 10 शीर्ष देशों की बात करें तो बहामास, जर्मनी, लक्जमबर्ग, कायमान आइलैंड्स और सिंगापुर का नाम शामिल है। इनका दो तिहाई रुपया जमा है। शीर्ष 15 देशों की बात करें तो 75 फीसदी धन इन दशों का ही जमाा हैं वहीं, 90 फीसदी धन शीर्ष 30 देशों का जमा है। 

पाकिस्तान का स्विस बैंकों में जमा धन भारत से 8 स्थान पीछे यानी की 82वां स्थान है। बांग्लादेश 89, नेपाल 109, श्रीलंका 141, म्यांमार 187 और भूटान 193वें स्थान पर है। ब्रिक्स देशों में भारत सभी से पीछे पायदान पर है। रूस 20वें, चीन 22वें, दक्षिण अफ्रीका 60वें और ब्राजील 65वें पायदान पर है।

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घोटालों का सरदार निकला ये निदेशक, 14,500 करोड़ की धोखाधड़ी https://www.newstimes.co.in/news/78927/भारत/--गिरवान-----पहाड़ी----BABERU---BADASSA--अचनेरा--अजनेर---अतर्रा--अमीनाबाद--अलीगंज--आता-----आलमबाग--आशियाना--इंटौजा--इंडस्ट्रीयल-एरिया--इंदिरा-नगर--इरादतनगर--ईटन--उल्दन---ऋ-जलन--एट----एत्मादपुर--एत्मादुल्ला--एम-एम-गेट--एरछ----ऐशबाग--ककरवाई---कंझारी----कटरा----कुठौन्द----कदौरा----कैन्ट--कबरई----कमासिन---कुरारा----कुलपहाड़---केलिए--कृष्णा-नगर--कैसरबाग--काकोरी--कागारौल--कार्वी---काल्पी----कालिंजर----कीडगंज--कोंच----कोटरा----कोतवाली--कोतवाली--कोतवाली---कोतवाली---कोतवाली---कोतवाली---कोतवाली--कोतवाली--कोतवाली-देहात--खन्डोली--खनना----खरेला----ख़ैरागढ़--खैराथोर--खीरो--गुडम्बा--गदागंज--गुरूबख्शगंज--गुरसराई---गरौठा----गाजीपुर--गिरार----गोमती-नगर--गोसाईंगंज--गोहन----गौतमपल्ली--चरखारी--चरखी----चिकासी---चिनहट--चिरगांव----चिल्ला----चौक--छाता-बाजार--जखौरा----जगतपुर--जगदीशपुरा--जगनेर--जैतपुर--ज़रिए---जलन----जलालपुर----जसपुरा-----जाखलौन----जानकीपुरम--जायस--जालौन----टहरौली----टोडी-फतेहपुर--ठाकुरगंज--डकोर----डलमऊ--डीह--डौकी--ताजगंज--तालकोटरा--तालबेहट----तिंदवारी---नगराम--नदीगांव----न्यू-आगरा--नरैनी---नरहट----नवाबाद----नसीराबाद--नाई-की-मंडी--नाका-हिन्डोला--नादौन----निगोहां--निबोहरा--नियामतपुर----पुँछ----पनवारी---पुरकलां-----प्रेमनगर----पैलानी--पारा--पाली---पिनहट--पिनहट--पीजीआई--फतेहगंज---फतेहपुर-सीकरी--फतेहाबाद--फुर्सतगंज--बेकन-गंज---बख्शी-का-तालाब--बड़गाओं----बड़सर----बबीना---बरगढ़----बेरहन--बेवर---बसई-अरेला--बसई-जगनेर--बसोनी--बसोनी--बहिलपुरवा--बाजारखाला--बानपुर----बार---बारायसागर----बालाबेहट----बाह--भोरंज---मऊ---मऊरानीपुर----मझगवां-----मटौंध-----मठ----मड़ावरा----मड़ियांव--मदनपुर---मन्टोला--मनसुखपुरा--मनसुखपुरा--मरका----मलपुरा--मलिहाबाद--मुंशीगंज--मुस्करा--महरौनी----महानगर--महाराजगंज--महोबकंठ--महोबा----माधोगढ़----मानक-नगर--मानिकपुर--मारकुण्डी----माल--मोहनगंज--मोहनलालगंज--मौदहा---रक्षा---रकाबगंज--रकाबगंज--रेढर----रैपुरा--राजपुर--राठ---रामपुरा----रिठोरा--लहचौड़ा----लालगंज--लालपुरा---लोहा-मंड़ी--वज़ीरगंज--विकास-नगर--विभूति-खण्ड--शम्साबाद--श्रीनगर------शाहगंज--शाहजहांपुर----शिवगढ़--शिवरतनगंज--सआदतगंज--सकरर----सुजानपुर----सदर----सदर--सदर-बाजार--सदरबाजार----सैन्या--समथर----सुमेरपुर---सरोजनी-नगर--सरौनी--सलवन--सिकन्दरा--सिपरी-बाजार--सिरसकालर----सिसोलर---सौजना----हजरतगंज--हरचंदपुर--हरिपर्वत--हसनगंज--हुसैनगंज-The-director-of-the-scandal-scam-14500-crore-fraud899293Sun, 30 Jun 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/30-06-2019125919Thedirectoro1.jpg' alt='Images/30-06-2019125919Thedirectoro1.jpg' />बैंकों में घोटालेबाजी का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। घोटाला भी इतना होता है कि सुनकर आपके कान खड़े हो जाएं। पीएनबी घोटाले से भी बड़ा कांड अब गुजरात से सामने आया है। यहां फार्मा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड के निदेशक संदेसरा बंधुओं ने आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भी पीछे छोड़ दिया है।

घोटालों का सरदार निकला ये निदेशक, 14,500 करोड़ की धोखाधड़ी

New Delhi. बैंकों में घोटालेबाजी का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। घोटाला भी इतना होता है कि सुनकर आपके कान खड़े हो जाएं। पीएनबी घोटाले से भी बड़ा कांड अब गुजरात से सामने आया है। यहां फार्मा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड के निदेशक संदेसरा बंधुओं ने आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भी पीछे छोड़ दिया है। संदेसरा ने 14,500 करोड़ रुपये का फ्रॉड करते हुए बैंक घोटाला किया है। यह जानकारी एएनआई ऐजेंसी ने अपने सूत्रों के जरिए दी है।

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खबरों के मुताबिक ईडी के सूत्रों ने यह कहा कि संदेसरा ने तो घोटाला मामले में नीरव मोदी-मेहुल चोकसी को भी पीछे छोड दिया है। दोनों ने बैंकों में 11,400 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया था। संदेसरा ने 14,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। बताते चलें कि चेतन संदेसरा, नितिन संदेसरा,और दीप्ति संदेसरा पर सीबीआई ने अक्तूबर 2017 में 5,383 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। सीबीआई के आधार पर ही ईडी ने भी मुकदमा दर्ज किया। ईडी ने स्टर्लिंग बायोटेक के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में 9000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को जब्त किया है।

खबरों के मुताबिक ईडी ने जो संपत्ति जब्त की है, उनमें विदेश की संपत्तियां भी शामिल हैं। अधिकारियों का यह कहना है कि स्टर्लिंग बायोटेक ने आंध्रा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से 5000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। यह कर्ज बाद में एनपीए में बदल गया। ऋण चूक की कुल कीमत 8100 करोड़ होने का अनुमान लगाया गया है। कंपनी के प्रमोर्ट्स संदेसरा बंधु इस धोखाधड़ी और घोटाजे के मुख्य कड़ी और साजिशकर्ता थे। हालांकि, बंधु अभी पुलिस की गिफ्त से बाहर हैं। ईडी ने स्टर्लिंग बॉयोटेक घोटाले के मुख्य आरोपी व भगोड़े कारोबारी हितेश पटेल को अल्बेनिया से हिरासत में लिया है। हितेश के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। 

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वित्त मंत्रालय ने की सिफारिश, ब्याज दर में कटौती करेगा ईपीएफओhttps://www.newstimes.co.in/news/78892/भारत/EPFO-to-cut-interest-rate-recommend-the-finance-ministry899257Sat, 29 Jun 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/29-06-2019140552EPFOtocutin2.jpg' alt='Images/29-06-2019140552EPFOtocutin2.jpg' />श्रम मंत्रालय और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( ईपीएफओ) वित्त वर्ष 2018-19 में पीएफ पर 8.65%की दर से ब्याज देने की सिफारिश  पर अडें हैं। ईपीएफओ के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने पर्याप्त रकम का हवाला देते हुए पीएफ ब्याज दर बढ़ाने का फैसला लिया था। साथ ही लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने भी पीएफ की ब्याज दर बढ़ाने का ऐलान किया था। 

वित्त मंत्रालय ने की सिफारिश, ब्याज दर में कटौती करेगा ईपीएफओ

New Delhi. श्रम मंत्रालय और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( ईपीएफओ) वित्त वर्ष 2018-19 में पीएफ पर 8.65%की दर से ब्याज देने की सिफारिश पर अडे हैं। ईपीएफओ के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने पर्याप्त रकम का हवाला देते हुए पीएफ ब्याज दर बढ़ाने का फैसला लिया था। साथ ही लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने भी पीएफ की ब्याज दर बढ़ाने का ऐलान किया था। 

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  8.55% से बढ़ाकर 8.65% करने का प्रस्ताव 

दरअसल, वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2018-19 में पीएफ पर ब्याज दर बढ़ाकर 8.65% दिए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा है। वित्त मंत्रालय का विरोध ऐसे वक्त में आया है जब बैंक बैंक फंडिंग की ऊंची लागत का हवाला देकर कर्ज पर ब्याज दर घटाने से इनकार कर रहे हैं। साथ ही, वह जमा रकम पर भी ज्यादा ब्याज नहीं दे रहे हैं। 

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ढाई दर्जन आम की किस्में निर्यात योग्य : डा. शैलेन्द्र राजनhttps://www.newstimes.co.in/news/78818/अन्तर्राष्ट्रीय/-dozen-mango-varieties-exportable---Dr.-Shailendra-Rajan899180Thu, 27 Jun 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/27-06-2019182918Twodozenmang2.jpg' alt='Images/27-06-2019182918Twodozenmang2.jpg' />संस्थान द्वारा विकसित की गयी 30 से अधिक हाईब्रिड किस्में भी हैं। उन्होने कहा कि दशहरी के अलावा दो दर्जन ऐसी किस्में हैं जिसका विदेश से व्यापार हो सकता है

ढाई दर्जन आम की किस्में निर्यात योग्य : डा. शैलेन्द्र राजन

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LUCKNOW. केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा के निरीक्षण पर आए विदेशी और देशी मेहमानों को सम्बोधित करते हुए निदेशक डा. शैलेन्द्र राजन ने कहा कि उनके संस्थान ने 700 से अधिक किस्मों का कलेक्शन किया है। इसके अलावा उनके पास संस्थान द्वारा विकसित की गयी 30 से अधिक हाईब्रिड किस्में भी हैं।

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उन्होंने कहा कि दशहरी के अलावा दो दर्जन ऐसी किस्में हैं, जिसका विदेश से व्यापार हो सकता है, क्योंकि ये किस्में देर से पकने के अलावा टिकाऊ और रंगीन भी हैं। श्री राजन ने आमों की विशेषताओं के अलावा उनमें प्रयोग किए जाने वाले पेस्टीसाइड की भी जानकारी दी।

उन्होंने आम आयातकों को केन्द्र सरकार के संस्थान की ओर से आश्वास्त किया कि उनके द्वारा पूरी जिम्मेदारी के साथ विदेश को आम भेजा जाएगा। जिसमें किसी प्रकार की कोई कमी नहीं पाई जाएगी। तत्पश्चात आम की कुछ किस्मों को दिखाने के बाद आम के बगीचों का भ्रमण भी कराया।  

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प्रतिनिधि मंडल ने मैंगों पैक हाउस में वेपर हीट ट्रीटमेन्ट के अलावा आम की पैकिंग की भी जानकारी ली। इस अवसर पर मंडी परिषद के अधिकारियों के अलावा स्थानीय निर्यातक भी मौजूद थे। 

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अधिकारियों ने आयातकों को बताई भारतीय आम की खूबियांhttps://www.newstimes.co.in/news/78812/अन्तर्राष्ट्रीय/-Officials-of-Indian-mangers-told-importers899174Thu, 27 Jun 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/27-06-2019172754OfficialsofI2.jpg' alt='Images/27-06-2019172754OfficialsofI2.jpg' />रमाडा होटल में आयोजित बायर सेलर मीट में विदेशी मेहमानों ने अधिकारियों और किसानों से आम और सब्जी के उत्पादन और उसकी गुणवत्ता की जानकारी ली। इस अवसर निदेशक मंडी परिषद रमाकान्त पाण्डेय तथा अपर निदेशक जे.पी.सिंह ने सरकार द्वारा निर्यातकों को दी जा रही सुविधाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

अधिकारियों ने आयातकों को बताई भारतीय आम की खूबियां

 

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LUCKNOW.  रमाडा होटल में आयोजित बायर सेलर मीट में विदेशी मेहमानों ने अधिकारियों और किसानों से आम और सब्जी के उत्पादन और उसकी गुणवत्ता की जानकारी ली। इस अवसर   निदेशक मंडी परिषद रमाकान्त पाण्डेय तथा अपर निदेशक जे.पी.सिंह ने सरकार द्वारा निर्यातकों को दी जा रही सुविधाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। श्री पाण्डेय ने बताया कि मडी परिषद ने मैंगो पैक हाउस में वेपर हीट ट्रीटमेंट, हॉट वाटर ट्रीटमेंट दोनो प्रकार की सुविधाओं के अलावा ग्रेडिंग पैकिंग की सुविधा भी है।

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इसके अलावा अन्य जरूरतों के लिए हमारे सा​थ सरकार के अन्य विभाग सहयोग कर रहे हैं। निदेशक सीआईएसएच रहमानखेड़ा डा.शैलेन्द्र राजन ने कहा कि वह हर तरह के प्रमाण पत्र के लिए केन्द पर उपलब्ध सुविधाएं दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। जिसके लिए क्वालिटी का विशेष ध्यान रखा जाता है। हम किसानों को ऐसी तकनीक और ऐसी किस्मों के आम उत्पादन की सलाह दे रहे हैं जिनकी मांग विदेशी ​मेहमानों की ओर से की जा रही है। इस अवसर पर अपने देश के निर्यातक भी मौजूद थे। इस सिलसिले में मैंगो एसोसिएशन के अध्यक्ष इंशराम अली ने मलिहाबाद में अपने आवास पर किसानों के साथ एनएचबी के प्रबन्ध निदेशक के साथ एक आवश्यक बैठक की। जिसमें किसानों के कलस्टर बनाने की उनकी सलाह पर अमल के लिए जो ​सुझाव दिये गये उन पर अमल का आश्वासन किसानों की ओर से किया गया। इस अवसर पर अशहर खान, इकबाल अहमद, मो.नदीम,खुशी इंटरनेशनल की प्रोप्राइटर, सहित कई अन्य निर्यातक भी उपस्थित थे। इस अवसर पर एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था जिससे निर्यातकों को पता चल सके कि यहां से कौन—कौन सी किस्मों के आम वह ले सकते हैं।

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यहॉ प्रदर्शित की गयी सैकड़ों किस्मों के रंगों ने सभी को अपनी ओर आकर्षित किया। प्रमुख सचिव कृषि एवं उद्यान अमित मोहन प्रसाद ने भी प्रदशनी का अवलोकन​ किया।
 

 

 

 

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सरकारी उदासीनता और उपेक्षा के चलते उद्योग जगत में निराशाhttps://www.newstimes.co.in/news/78802/भारत/उत्तर-प्रदेश-/ndustry-disappointment-due-to-governments-indifference-and-neglect899164Thu, 27 Jun 2019 00:00:00 GMTRAJNISH KUMAR<img src='http://newstimes.co.in/Images/27-06-2019150904ndustrydisapp2.jpg' alt='Images/27-06-2019150904ndustrydisapp2.jpg' />प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए। सरकार ने उद्यमियों को आशा की नई किरण दिखाते हुए नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार सृजन नीति 2017 की घोषणा की।

सरकारी उदासीनता और उपेक्षा के चलते उद्योग जगत में निराशा

Lucknow. प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए। सरकार ने उद्यमियों को आशा की नई किरण दिखाते हुए नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार सृजन नीति 2017 की घोषणा की। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, आई.टी., सोलर, हैन्डलूम, एम.एस.एम.ई., फूड प्रोसेसिंग, सिविल इवीएशन सहित करीब 13 विभिन्न क्षेत्रों से सम्बन्धित औद्योगिक नीतियों की घोषणा की है, लेकिन सरकारी उदासीनता और उपेक्षा के चलते उद्योग जगत को दो साल बीतने के बाद भी निराशा हाथ लग रही है। 

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इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जितनी भी औद्योगिक नीतियां बनाई हैं, लेकिन उनके क्रियान्वयन को लेकर कोई कारगर तंत्र नहीं बनाया गया है और न ही सम्बंधित शासनादेश पर अमल किया गया है। ये सभी घोषणाएं कागजों पर ही चल रही हैं।

उदाहरण के तौर पर उ.प्र. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) प्रोत्साहन नीति 2017 में प्रावधान था कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए 2 करोड़ रुपए तक के कोलेटरल फ्री ऋण के लिए बैंको द्वारा क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फार माइक्रो स्माल इंटरप्राइजेज के लिए ली जाने वाली वन टाइम गारंटी फीस और वार्षिक सेवा शुल्क का भुगतान प्रदेश सरकार द्वारा बजट प्रावधान कराते हुए वहन किया जाएगा। इस घोषणा का क्रियान्वयन आज तक नहीं हुआ है।

सरकारी विभागों एवं उपक्रमों द्वारा खरीदे जाने वाले समान के लिए जारी टेंडरों में कोई भी रिस्ट्रेक्टीव शर्त जैसे टर्न ओवर इत्यादि नहीं लगायी जाएगी, के स्पष्ट आदेश है, लेकिन इन आदेशों का आए दिन उल्लंघन किया जा रहा है, जिस वजह से प्रदेश के सूक्ष्म एवं लघु उद्योग टेंडरों में भाग लेने से वंचित रहते हैं। इसके अलावा सरकारी विभागों को एमएसएमई द्वारा सप्लाई किए गए माल का भुगतान 45 दिनों के अन्दर करने का प्रवधान है, लेकिन इसमें महीनों लग रहे हैं। 

उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के औद्योगिक क्षेत्रों की भी हालत काफी खराब है। यूपीसीडा प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है, लेकिन मनमाने ढंग से मेन्टीनेन्स चार्ज और विस्तारीकरण शुल्क में बढ़ोतरी कर रहा है, जिसकी शिकायतें मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से भी की गई, लेकिन अब तक समाधान नहीं पाया है। 

आईआईए ने ये भी मांग की

- प्रदेश में पूर्व नेट मीटरिंग प्रणाली के चलते बड़ी संख्या में रूफ टॉप सोलर पावर संयत्र लगाए गए थे, लेकिन इस व्यवस्था को प्रतिबन्धित कर दिया है। इस सुविधा को फिर से बहाल किया जाए।

- केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश में भी एमएसएमई से 25 प्रतिशत सामान की खरीद सभी विभागों और उपक्रमों में अनिवार्य की जाए।

- बीमार और बंद पड़ी एमएसएमई इकाइयों के पुनर्जीवन/पुनर्वासन अथवा एक्जिट की नीति बनाई जाए।

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बता दें कि आईआईए के प्रतिनिधि मंडल ने एमएसएमई सेक्टर की समस्याओं के समाधान को लेकर बीती 24 जून को केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की थी, लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

 

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अमेरिका सहित 16 देशों के खरीदारों ने आम और सब्जी का चखा स्वादhttps://www.newstimes.co.in/news/78806/अन्तर्राष्ट्रीय/-Foreign-countries-of-16-countries-will-also-enjoy-U.P.-mango-and-vegetable-flavor899168Thu, 27 Jun 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/27-06-2019160039Foreigncountr3.jpg' alt='Images/27-06-2019160039Foreigncountr3.jpg' />इस मीटिंग में 16 देशों के खरीदारों ने भाग लिया जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली, चीन, रूस, मलेशिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, हांगकांग, बांग्लादेश, यूएई, कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, बहरीन, ईरान और वियतनाम के खरीदारों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में एक प्रदर्शनी भी दिखाई गई थी।

अमेरिका सहित 16 देशों के खरीदारों ने आम और सब्जी का चखा स्वाद

LUCKNOW. राजधानी के रमाडा होटल में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के सहयोग से पहली बार खरीदार और विक्रेता के बीच आमने-सामने बातचीत कराने के​ लिए बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से आम, आम के उत्पादों, अन्य फलों और सब्जियों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया था।

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इस मीटिंग में 16 देशों के खरीदारों ने भाग लिया, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली, चीन, रूस, मलेशिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, हांगकांग, बांग्लादेश, यूएई, कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, बहरीन, ईरान और वियतनाम के खरीदारों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, जहाँ प्रदर्शित किए गए आम और आम से बने अन्य उत्पाद, अन्य फल और सब्जियाँ हैं, जो दो दिन के लिए आयोजित किये गये। 

प्रचार कार्यक्रम का आयोजन वाणिज्य, उद्योग मंत्रालय भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के सहयोग से कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। भारत की उत्कर्ष प्रधान मंडी परिषद और फिक्की इसमें मुख्य भूमिका निभा रहीं थी। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उ.प्र.शासन के मुख्य ​सचिव अनूप चन्द पाण्डेय थे।

 

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भारत ने वर्ष 2018-19 के दौरान दुनिया के प्रमुख बाजारों में मध्य पूर्व यूरोपीय संघ और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में 14.89 मिलियन अमरीकी डालर मूल्य के 35.88 लाख मीट्रिक टन फलों और सब्जियों का निर्यात किया। भारत, अमेरिका और दक्षिण अमेरिकी महाद्वीपों के दूर के बाजारों में भी अपने कदम बढ़ा रहा है। भारत की आंतरिक ताकत यह है कि यह आम के विश्व उत्पादन का लगभग 50% उत्पादन करता है। हम दुनिया में फल और सब्जी के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक भी हैं। भारतीय उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय होने के बावजूद, आम को 50 से अधिक देशों में व्यापक रूप से निर्यात किया जाता है।

एपीडा अध्यक्ष पवन कुमार बोर्थाकर ने कहा कि एपीडा ने महाराष्ट्र और उत्तर पूर्वी राज्यों में ऐसे क्रेता विक्रेताओं की एक श्रृंखला का आयोजन किया है, जिसके परिणामस्वरूप किसान उत्पादक संगठन को स्थापित कर निर्यातकों के साथ आयात करने वाले देशों को जोड़ने के लिए आगे आने की आवश्यकता है। ये कार्यक्रम निर्यात को बढ़ाने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की जो भी आवश्यकता होगी, हम उसमें हर प्रकार की मदद करेंगे। 

मंडी परिषद के निदेशक रमाकान्त पाण्डेय ने कहा कि आम उत्पादन में हम दुनिया में नं. 1 पर हैं, लेकिन निर्यात में बहुत पीछे हैं। खास कर उत्तर प्रदेश इसमें काफी पीछे है। इस बार मैंगो पैक हाउस में वीएचटी की सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है। जिसकी क्षमता 2.5 टन है। उत्तर पदेश में लखनऊ में मलिहाबाद के अलावा उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी में भी आम का अच्छा उत्पादन होता है। यहां से सब्जियों का भी निर्यात किया जा रहा है जिनमें भिंडी, करेला, लौकी, मिर्च प्रमुख हैं।

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अमेरिका-चीन की व्यापारिक जंग भारत के लिए बड़ा अवसर, बढ़ेगा निर्यातhttps://www.newstimes.co.in/news/78783/भारत/India-s-exports-to-US-China-trade-wor899145Thu, 27 Jun 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/27-Jun-2019JozN8aIcWy1.JPG' alt='Images/27-Jun-2019JozN8aIcWy1.JPG' />अमेरिका चीन के बीच चल रहे व्यापारिक जंग से भारत को फायदा हो सकता है यह कहना है नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और प्रख्यात अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया ने कहा है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव भारत से लिए बड़ा अवसर है।

अमेरिका-चीन की व्यापारिक जंग भारत के लिए बड़ा अवसर, बढ़ेगा निर्यात

New Delhi. अमेरिका- चीन के बीच चल रहे व्यापारिक जंग से भारत को फायदा हो सकता है यह कहना है नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और प्रख्यात अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया ने कहा है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव भारत से लिए बड़ा अवसर है। उन्होंने सलाह दी कि ये हालात बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारत में निवेश के लिए बढ़ावा देगें, जो चीन के बाहर विकल्प की तलाश में हैं। 

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बता दें कि पनगढ़िया ने यह बात न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में एक मीटिंग के दौरान कही है। उन्होंने कहा कि भारत को अमेरिका से आयातित मोटरसाइकिल पर आयात शुल्क कम करना चाहिए। हार्ले डेविडसन जैसी बाइक पर 100 फीसदी शुल्क का कोई मतलब नहीं बनता। उन्होंने सुझाव दिया कि अब अमेरिका के साथ लेन-देन की रणनीति के तहत बातचीत करने का यह सही समय है। 

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चीन के साथ जारी तनाव भारत को अमेरिका के साथ बातचीत करने का अवसर देता है। लिहाजा उन्हें कुछ दीजिए और बदले में उनसे कुछ लीजिए। चीन के बाहर विकल्प तलाश रही कंपनियों को भारत अपने यहां बुलाने के लिए जो कुछ कर सकता है, उसे करना चाहिए। 

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प्राइवेट सेक्टर के बिना आम निर्यात सम्भव नहीं—मुख्य सचिवhttps://www.newstimes.co.in/news/78770/अन्तर्राष्ट्रीय/-General-export-is-not-possible-without-the-private-sector---Chief-Secretary899130Wed, 26 Jun 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/26-06-2019183018Generalexport.jpg' alt='Images/26-06-2019183018Generalexport.jpg' /> हमारा प्रदेश फल और सब्जी एवं अनाज उत्पादन में नं. 1 पर है। लेकिन हम उस मात्रा में अभी इनका निर्यात नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि अभी खेत से बाजार तक कनेक्टि​विटी की जरूरत है।

प्राइवेट सेक्टर के बिना आम निर्यात सम्भव नहीं—मुख्य सचिव

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LUCKNOW. हमारा प्रदेश फल और सब्जी एवं अनाज उत्पादन में नं. 1 पर है। लेकिन हम उस मात्रा में अभी इनका निर्यात नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि अभी खेत से बाजार तक कनेक्टि​विटी की जरूरत है। हम आवागमन के साधन और सड़क एवं रेल मार्गों को इस तरह से बना रहे हैं कि कम से कम समय में हम अपना माल एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेज सकते हैं। अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में जाने के लिए हमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता है। यह विचार बुधवार को उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव अनूप चन्द पाण्डेय ने आम निर्यात प्रोत्साहन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होने कहा कि इस साल के अंत तक हम प्रदेश की ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ देंगे। जिससे गांव में ही कोई भी व्यक्ति अंतर्राष्ट्रीय जानकारियां हासिल कर सकेगा। उन्होने कहा कि वेयर हाउस,कोल्ड स्टोरेज,गोदाम, डेरी प्रोडक्शन,कूलचेन की सुविधा दे रहे हैं। मंडी एक्ट में बड़ा संसोधन किया गया है। जिससे अ​ब कोई भी व्यक्ति कहीं भी खरीद व बेंच सकता है। श्री पाण्डेय ने कहा कि 1999 में अटल जी ने शारजाह के लिए पहली फ्लाइट चलाई थी। हमारे प्रदेश में आम के अलावा आलू और केला भी अधिक मात्रा में पैदा होता है। उन्होने कहा कि बिना प्राइवेट सेक्टर के आम का निर्यात नहीं हो सकता। उन्होने एपीडा से अपेक्षा की कि वह जांच करके बता सकते हैं। कि बाजार क्या चाहता है। और हम क्या उत्पादन कर रहे हैं। इस गैप का पता चल जाय तो हम उस गैप को समाप्त कर सकते हैं। 

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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो पहुंचे भारत, तेल के साथ इन मुद्दों पर होगी बातhttps://www.newstimes.co.in/news/78743/भारत/India-will-arrive-at-US-Foreign-Minister-Mike-Pompey-on-these-issues-with-oil899102Wed, 26 Jun 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/26-06-2019105744Indiawillarr3.jpg' alt='Images/26-06-2019105744Indiawillarr3.jpg' />अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भारत दौरे पर मंगलवार को दिल्ली पहुंचे। जहां वह बुधवार यानि आज भारतीय समकक्षीय मंत्री एस. जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। 

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो पहुंचे भारत, तेल के साथ इन मुद्दों पर होगी बात

New Delhi. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भारत दौरे पर मंगलवार को दिल्ली पहुंचे। जहां वह बुधवार यानि आज भारतीय समकक्षीय मंत्री एस. जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। 

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  पहले से तय थी यात्रा

माइक पोम्पियो ऐसे वक्त में भारत आए हैं जब ट्रेड वॉर को लेकर भारत और अमेरिका के संबन्ध ठीक नहीं चल रहे हैं। इसके साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन चुकी है। हालांकि पोम्पियो की भारत दौरा पहले से ही तय था।  बता दें कि पोम्पिओ की पहले से ही 24 से 30 जून तक की हिंद-प्रशांत क्षेत्र के चार देशों- भारत, श्रीलंका, जापान और दक्षिण कोरिया का दौरा फिक्स था। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ओर्तागस ने 13 जून को अपने एक बयान में कहा था कि पोम्पिओ की हिंद-प्रशांत के चार देशों की यात्रा का मकसद अमेरिका की महत्वपूर्ण देशों के साथ साझेदारियों को और मजबूत करना है ताकि हिंद-प्रशांत के साझा लक्ष्य को पाने की तरफ बढ़ा जा सके। 

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इस मुलाक़ात के दौरान दोनों देशों के बीच के रिश्तों को मज़बूत करने की कोशिश की जाएगी। इस दौरान चरमपंथ, व्यापार के अलावा पाकिस्तान, चीन समेत कई मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है। इसके साथ ही जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पीएम मोदी की मुलाकात के पहले पोम्पियो के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।

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भारत के दबाव से एंटीगुआ सरकार ने उठाया बड़ा कदम, भगोड़े चोकसी की नागरिकता होगी रद्दhttps://www.newstimes.co.in/news/78712/भारत/With-the-pressure-of-India-the-Antigua-Government-lifted-the-big-step-the-citizenship-of-fugitive-Choksi-will-be-canceled899070Tue, 25 Jun 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/25-06-2019142523Withthepress1.jpg' alt='Images/25-06-2019142523Withthepress1.jpg' />पंजाब नेशनल बैंक घोटाला करने के बाद देश छोड़ कर भागे मेहुल चोकसी को जल्दी ही भारत  वापस लाया जा सकता है। एंटिगुआ के पीएम गैस्टन ब्राउन ने इस संदर्भ में बयान दिया है कि वह जल्द ही मेहुल चोकसी की नागरिकता रद्द करने वाले हैं।  ब्राउन के मुताबिक, भारत की ओर से लगातार इसको लेकर दबाव बनाया जा रहा था। 

भारत के दबाव से एंटीगुआ सरकार ने उठाया बड़ा कदम, भगोड़े चोकसी की नागरिकता होगी रद्द

New Delhi. पंजाब नेशनल बैंक घोटाला करने के बाद देश छोड़ कर भागे मेहुल चोकसी को जल्दी ही भारत  वापस लाया जा सकता है। एंटिगुआ के पीएम गैस्टन ब्राउन ने इस संदर्भ में बयान दिया है कि वह जल्द ही मेहुल चोकसी की नागरिकता रद्द करने वाले हैं। ब्राउन के मुताबिक, भारत की ओर से लगातार इसको लेकर दबाव बनाया जा रहा था। 

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बता दें कि चोकसी एंटिगुआ में रह रहा था। इस संदर्भ में एंटिगुआ के प्रधानमंत्री ने कहा है कि मेहुल चोकसी को पहले यहां की नागरिकता मिली हुई थी। लेकिन अब इसे रद्द कर उसे भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम किसी भी ऐसे व्यक्ति को अपने देश में नहीं रखेंगे, जिस पर किसी तरह के आरोप लगे हों। 

अब एंटिगुआ में मेहुल चोकसी पर किसी तरह का कानूनी रास्ता नहीं बचा है, जिससे वह बच सके इसलिए उसका भारत लौटना लगभग तय है। 

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एयरटेल ग्राहकों के लिए आई अच्छी खबर, कंपनी ने यूजर्स के लिए लान्च की यह फ्री सर्विसhttps://www.newstimes.co.in/news/78690/भारत/दिल्ली/Good-news-for-Airtel-customers-this-free-service-of-the-company-for-users899047Tue, 25 Jun 2019 00:00:00 GMTANKUR SHARMA<img src='http://newstimes.co.in/Images/24-06-2019185836Goodnewsfor1.jpg' alt='Images/24-06-2019185836Goodnewsfor1.jpg' />Airtel का Hello Tunes अब फ्री हो गया है. हालांकि इसके लिए कुछ शर्त भी है, लेकिन अच्छी बात ये है कि ये प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों यूजर्स के लिए है.

एयरटेल ग्राहकों के लिए आई अच्छी खबर, कंपनी ने यूजर्स के लिए लान्च की यह फ्री सर्विस

New Delhi. एयरटेल यूजर्स के लिए एक अच्छी खबर है। हाल ही में एयरटेल ने यूजर्स के लिए एक खास एलान किया है। कंपनी के चलते यूजर्स को AirtelThanks रिवॉर्ड के तहत Hello Tunes का फ्री एक्टिवेशन मिल सकता है। Hello Tunes को Airtel के म्यूजिक ऐप WynkMusic से फ्री ऐक्टिवेट किया जा सकेगा। बता दें कि WynkMusic में 40 मिलियन से भी ज्यादा गाने हैं और कस्टमर्स इनमें से कोई भी गाना अपने Hello Tune के तौर पर चुन सकते हैं। 

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खास बात है कि कंपनी ने Hello Tunes बदलने की कोई लिमिट नहीं रखी है। यूजर्स जब चाहें तब Wynk के जरिए फ्री Hello Tune सेट कर सकते हैं और यह सारे प्रीपेड और पोस्टपेड यूजर्स दोनों के लिए है। 

इस सुविधा के आने से यूजर्स को हर महीने Hello Tunes के लिए अब 36 रुपए का सब्सक्रिप्शन चार्ज नहीं देना होगा। इस आफर को प्राप्त करने के लिए आपको कम से कम हर महीने 129 रुपए या इससे ऊपर का प्लान डलवाना होगा।

Hello Tunes ऐक्टिवेट करने के लिए कस्टमर्स को सबसे पहले Wynk Music ऐप का लेटेस्ट वर्जन डाउनलोड करना होगा, जो प्ले स्टोर और ऐप स्टोर में उपलब्ध है। इस ऐप में आपको Hello Tunes का आइकॉन दिखेगा, इस पर आपको क्लिक करना है। यहां से आप अपने फेवरेट गाने को Hello Tunes के तौर पर सेट कर सकते हैं।

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RBI को फिर लगा बड़ा झटका, डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने अचानक दिया इस्तीफाhttps://www.newstimes.co.in/news/78661/भारत/RBI-rebuffs-deputy-governor-viral-acharya-resigns-abruptly899018Mon, 24 Jun 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/24-06-2019101800RBIrebuffs,d1.jpg' alt='Images/24-06-2019101800RBIrebuffs,d1.jpg' />भारतीय रिजर्व बैंक को अब से सात महीने पहले एक बड़ा झटका लगा था जब गवर्नर उर्जित पटेल ने इस्तीफा दिया था। वहीं एक बार फिर 7 महीने बाद आरबीआई को दूसरा बड़ा झटका लगा है।

RBI को फिर लगा बड़ा झटका, डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने अचानक दिया इस्तीफा

New Delhi. भारतीय रिजर्व बैंक को अब से सात महीने पहले एक बड़ा झटका लगा था जब गवर्नर उर्जित पटेल ने इस्तीफा दिया था। वहीं एक बार फिर 7 महीने बाद आरबीआई को दूसरा बड़ा झटका लगा है। दरअसल, यह दूसरी बार है जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के किसी बड़े ऑफिसर ने अपने रिटायरमेंट से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गवर्नर उर्जित पटेल के बाद डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि उर्जित पटेल ने दिसंबर 2018 में अपने पद से इस्तीफा दिया था। विरल आचार्य को भी उर्जित पटेल की टीम का हिस्सा माना जाता था। 

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  रिटायरमेंट के 6 महीने पहले इस्तीफा

बता दें कि विरल आचार्य का कार्यकाल पूरा होने में सिर्फ 6 महीने ही बचे थे। विरल आचार्य को तीन साल के कार्यकाल के लिए 23 जनवरी 2017 को आरबीआई में शामिल किया गया था। 

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  आचार्य मुंबई से किया है आईआईटी

आचार्य आईआईटी मुंबई के स्टूडेंट रहे हैं और उन्होंने 1995 में कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। साल 2001 में उन्होंने वित्त में पीएचडी भी की है। वहीं 2001 से लेकर साल 2008 तक वे लंदन बिजनेस स्कूल में रहे हैं। 

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  इस यूनिवर्सिटी में ज्वॉइन कर सकते हैं आचार्य 

ऐसी रिपोर्ट है कि विरल आचार्य अब न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के सेटर्न स्कूल ऑफ बिजनेस में बतौर प्रोफेसर ज्वॉइन करेंगे। 

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रोजाना 10 रुपये के निवेश से बनें 1 करोड़ के मालिक, जानें क्या है प्लानhttps://www.newstimes.co.in/news/78646/भारत/Owners-of-10-million-rupees-invested-daily-by-10-rupees-know-what-is-the-plan899001Sun, 23 Jun 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/23-06-2019163755Ownersof10m1.jpg' alt='Images/23-06-2019163755Ownersof10m1.jpg' />महंगाई के दौर में अक्सर लोगों की कई इच्छाएं अधूरी ही रह जाती हैं। हम पैसों को बचाने को कोशिश तो बहुत करते हैं लेकिन वह कहीं न कहीं खर्च हो जाते हैं। पूरे दिन मेहनत करने के बाद भी जब आप अपनी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते हैं तो बहुत दुख होता है। तो आज हम आपको ऐसे प्लान के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें आप रोजाना सिर्फ 10 रुपये का निवेश करके 1 करोड़ से भी ज्यादा पैसे जमा कर सकते हैं, तो जानें क्या है प्लान।

रोजाना 10 रुपये के निवेश से बनें 1 करोड़ के मालिक, जानें क्या है प्लान

New Delhi. महंगाई के दौर में अक्सर लोगों की कई इच्छाएं अधूरी ही रह जाती हैं। हम पैसों को बचाने को कोशिश तो बहुत करते हैं लेकिन वह कहीं न कहीं खर्च हो जाते हैं। पूरे दिन मेहनत करने के बाद भी जब आप अपनी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते हैं तो बहुत दुख होता है। तो आज हम आपको ऐसे प्लान के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें आप रोजाना सिर्फ 10 रुपये का निवेश करके 1 करोड़ से भी ज्यादा पैसे जमा कर सकते हैं, तो जानें क्या है प्लान।

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हम बात कर रहे हैं सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)  की, जिसे एसआईपी कहा जाता है। कुछ समय से लोगों में एसआईपी में इंवेस्ट करने की रुचि काफी बढ़ गई है। क्योंकि लोगों को इससे काफी ज्यादा फायदा हो रहा है। जानें कैसे 10 रुपये के निवेश से होगा करोड़ रुपये का फायदा। 

अगर आप भी रोजाना 10 रुपये खर्च करके एसआईपी के जरिए करोड़ रुपये कमाना चाहते हैं तो हम आपको बताएंगे उसका तरीका बीते कुछ सालों में एसआईपी ने निवेशकों को 18 फीसदी तक का रिटर्न किया है। अगर आप 35 साल तक रोजाना 10 रुपये एसआईपी में निवेश करेंगे और आपको 18 फीसदी का रिटर्न मिलेगा तो 35 साल बाद आपके पास 1.1 करोड़ रुपये जमा हो जाएंगे। 

  कैसे काम करता है एसआईपी

बता दें कि एसआईपी निर्धारित दिन आपकी पसंदीदा म्यूचल फंड स्कीम में पहले से तय राशि आपके अकाउंट खाते से लेकर निवेश कर देता है। भले ही शेयर बाजार में तेजी हो या मंदी, एसआईपी म्यूचुअल फंड में निवेश जारी रखता है। 

एसआईपी में निवेश करने का लाभ यह होता है कि इसमें आपका पैसा अगल-अलग सेक्टर की तमाम कंपनियों में निवेश किया जाता है। जब आपका पैसा अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश किया जाता है तो इससे आपको काफी मुनाफा होता है। बता दें कि एसआईपी सेबी और एएमएफआई द्वारा बनाए गए नियमों के तहत काम करता है।

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वाणिज्य मंत्री ने दी चेतावनी, उद्योग जगत के लोग कानून का नहीं करें उल्लंघन वरना...https://www.newstimes.co.in/news/78603/भारत/Commerce-Minister-warns-people-of-industry-do-not-violate-law-otherwise-898955Sat, 22 Jun 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH51 फीसदी है मल्टी-ब्रांड खुदरा में एफडीआई की अनुमति, जिस पर हम कायम हैं देश के धन को विदेशी निवेश के रूप में वापस लाने पर गंभीर है सरकार गड़बड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई उद्योग जगत में आए दिन बड़े व्यापारी कहीं सरकार तो कहीं बैंकों को चूना लगा रहे हैं। जीएसटी से लेकर लोन मामले में कारोबारियों पर आरोप लगता रहता है।

वाणिज्य मंत्री ने दी चेतावनी, उद्योग जगत के लोग कानून का नहीं करें उल्लंघन वरना...

New Delhi. 51 फीसदी है मल्टी-ब्रांड खुदरा में एफडीआई की अनुमति, जिस पर हम कायम हैं देश के धन को विदेशी निवेश के रूप में वापस लाने पर गंभीर है, सरकार गड़बड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई उद्योग जगत में आए दिन बड़े व्यापारी कहीं सरकार तो कहीं बैंकों को चूना लगा रहे हैं। जीएसटी से लेकर लोन मामले में कारोबारियों पर आरोप लगता रहता है। इसके साथ ही निवेशकों को परेशान करने की शिकायतें आती रहती हैं। लेकिन कानून के साथ मनमानी करने वाले लोगों की अब खैर नहीं होगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने चेतावनी देते हुए कहा कि  उद्योग जगत के लोग कानून का उल्लंघन करने से बचें। यदि काननू का किसी भी तरह से उल्लंघन किया गया तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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गोयल ने कहा कि देश के धन को विदेशी निवेश के रूप में वापस लाने जैसी हरकतों को बहुत गंभीरता से लेती है। उन्होंने सीआईआई (भारतीय उद्योग परिसंघ) के सदस्यों से भी वार्ता की। उन्होंने इस बात को लेकर आश्वस्त किया, जिसने किसी भी तरह का गलत काम नहीं किया उसे परेशानी नहीं होगी। जो भी गड़बड़ियां करते या शामिल पाया गया उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। वार्ता के दौरान वकीलों और चारों बड़े वैश्विक कर वित्तीय परामर्श कंपनियों पीडब्ल्यूसी, डेलॉय, केपीएमजी और ईएंडवाई को निवेशकों को भ्रमित नहीं करने का सलाह दिया।

वाणिजय मंत्री ने कहा कि हर कंपनियों को कानून का पालन और सम्मान भली भांति करना चाहिए। मल्टी-ब्रांड खुदरा में हमारी नीति के साथ ही मात्र 51 फीसदी एफडीआई की अनुमति है। इस बात पर भी हम कायम हैं। ऐसे में वह यही कहना चाहेंगे कि सभी इसका सम्मान करें। विनिर्माण क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए डीपीआईआईटी को कहा कि 50 क्षेत्रों की पहचान करने के साथ ही उस पर तेजी से काम करना शुरू कर दें। उद्योग और निर्यातक सरकारी सब्सिडी पर बहुत अधिक निर्भर रहने का काम बंद कर दें। ज्यादा से ज्यादा प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा पर ध्यान दिया जाए।

उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स से संबंधित मुद्दों व अंतर-मंत्रालयी समन्वय सुनिश्चित करने को लेकर  उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के सचिवों का एक सूमह भी गठित किया गया है। यह  अहम जानकारी उन्होंने लिखित राज्यसभा में भी दी। राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति का जो भी मसौदा तैयार किया गया है, उसको जल्द ही सार्वजनिक क्षेत्रों के बीच भी रखा जएगा। यह बुनियादी ढांचा विकास, बाजार के लिए स्थान, नियामक मुद्दों, घरेलू डिजिटल अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने का काम करेगा। साथ ही ई-कॉमर्स के जरिए निर्यात प्रोत्साहन के मुद्दों पर भी बल देने का काम करेगी। 

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