<link>www.newstimes.co.in</link><description> delivers news and information on the latest top stories, Videsh, Desh, Cricket, Entertainment, Business, Life Style, Editors Artical and other related local news</description><copyright>© Copyright न्यूज़ टाइम्स 2016. All rights reserved</copyright><language>hi</language><lastBuildDate>15-09-2019 15:27:44</lastBuildDate><item><title>पेंशनरों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए: सुरेश खन्नाhttps://www.newstimes.co.in/news/81516/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Pensioners-should-not-have-any-kind-of-trouble-—-Suresh-Khanna901933Sun, 15 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/15-09-2019123716Pensionerssho.jpg' alt='Images/15-09-2019123716Pensionerssho.jpg' />वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता से बिलों का निस्तारण, कर्मचारियों के पेंशन भुगतान आदि समय से किए जाएं। अनावश्यक बिलों पर आपत्ति लगाकर विलंब न किया जाए। वित्तीय कार्यों के लिए स्पष्ट नियम है, उनके अनुरूप ही अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

पेंशनरों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए: सुरेश खन्ना

LUCKNOW.  वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता से बिलों का निस्तारण, कर्मचारियों के पेंशन भुगतान आदि समय से किए जाएं। अनावश्यक बिलों पर आपत्ति लगाकर विलंब न किया जाए। वित्तीय कार्यों के लिए स्पष्ट नियम है, उनके अनुरूप ही अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना वाराणसी स्थित सर्किट हाउस में विभिन्न विभागों में तैनात वित्त विभाग के अधिकारियों की बैठक में उनकी कार्यपद्धति व कार्यालयों की स्थिति की जानकारी लेते हुए यह निर्देश दिए।

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श्री खन्ना ने माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त अधिकारियों से कार्यों की पूछताछ की। बैठक में मुख्य कोषाधिकारी वाराणसी ने बताया कि जनपद में 31,800 पेंशनर हैं। अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन लक्ष्मी शुक्ला से पेंशन स्वीकृति के बारे में जानकारी ली। नगर निगम, वन, वाराणसी विकास प्राधिकरण, सहकारिता, खाद्य एवं रसद आदि विभागों के वित्तीय अधिकारियों से कार्यों की पूछताछ की। 

श्री खन्ना ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन के भुगतान प्राथमिकता पर किए जाएं। पेंशनरों को कोई दिक्कत नहीं हो और समय से उन्हें पेंशन प्राप्त हो। कार्यालयों में साफ-सफाई व आगंतुकों के बैठने आदि की व्यवस्था हो। उन्होंने अधिकारियों से और बेहतर कार्यप्रणाली के सुझाव भी पूछे।

इस अवसर पर संयुक्त निदेशक कोषागार अखिलेश पाठक, कोषाधिकारी तेज बहादुर सिंह, संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक ए0पी0 राय, विकास प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक अमित श्रीवास्तव, खाद्य एवं रसद के वित्त नियंत्रक बृजेश सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर कल से होगा बाल सप्ताह का आयोजनhttps://www.newstimes.co.in/news/81514/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Childrens-week-will-be-organized-in-Anganwadi-centers-of-the-state-from-tomorrow901931Sun, 15 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/15-09-2019120323Childrenswee.jpg' alt='Images/15-09-2019120323Childrenswee.jpg' />उत्तर प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 16 सितम्बर से बाल सप्ताह मनाया जाएगा। बाल सप्ताह के पहले दिन ममता दिवस का आयोजन होगा।

प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर कल से होगा बाल सप्ताह का आयोजन

LUCKNOW. उत्तर प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 16 सितम्बर से बाल सप्ताह मनाया जाएगा। बाल सप्ताह के पहले दिन ममता दिवस का आयोजन होगा। इस दिन केन्द्रों पर बाल सुपोषण उत्सव मनाया जायेगा जिसमें सभी माताएं अपने घरों से खाना बनाकर आंगनबाड़ी केन्द्रों पर लाएंगी और बच्चों को समूह में खिलाएंगी।

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बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशक शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि आजकल पूरे प्रदेश के हर आंगनवाड़ी केन्द्र पर पोषण माह जोर शोर से मनाया जा रहा है। हर सप्ताह की थीम अलग रखी गयी है और प्रतिदिन विभिन्न तरह के आयोजन किए जा रहे हैं। 16-21 सितम्बर वाले सप्ताह की थीम बाल सप्ताह निर्धारित है। सप्ताह के दूसरे दिन सुपोषण गूंज का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत पोषण फेरी से होगी।

पोषण फेरी में पोषण संबृद्धि स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर बच्चे, किशोरियां और महिलायें प्रतिभाग करेंगी तथा गाँव में सुपोषण का संदेश देंगी। इसके बाद केन्द्रों पर एवं गृह भ्रमण के दौरान लोगों को सुपोषण की शपथ दिलाई जाएगी। तीसरे दिन ग्राम्य स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस का आयोजन किया जाएगा। अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों की माताओं को ऐसे बच्चों की चिकित्सीय देखभाल के बारे में बताया जाएगा।

अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों के माता-पिता दोनों को ही केंद्र पर बुलाकर वृद्धि चार्ट के माध्यम से उन्हें बताया जाए कि उनका बच्चा किस श्रेणी में हैं और उसकी देखभाल कैसे करनी चाहिए। लगातार 7 दिन त​क किसी न किसी कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहेगा। 

सप्ताह के अंतिम दिन वीएचएसएनडी के साथ ऊपरी आहार संबंधी सुपोषण गूंज का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व आंगनवाड़ी केन्द्रों के बच्चों के साथ मिलकर ऊपरी आहार के विषय पर पोषण फेरी निकाली जायेगी 
 

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राष्ट्रीय लोक अदालत में 10,838 मुकदमों का निस्तारणhttps://www.newstimes.co.in/news/81510/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/राष्ट्रीय-लोक-अदालत-में-10838-मुकदमों-का-निस्तारण901927Sun, 15 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/15-09-2019111434राष्ट्रीयलोक.jpg' alt='Images/15-09-2019111434राष्ट्रीयलोक.jpg' />LUCKNOW.&nbsp; जनपद न्यायालय लखनऊ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 13350 वाद नियत किये गये थे। जिसमें से कुल 8236 वादों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में चेक बाउ

राष्ट्रीय लोक अदालत में 10,838 मुकदमों का निस्तारण

LUCKNOW. जनपद न्यायालय लखनऊ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 13350 वाद नियत किये गये थे। जिसमें से कुल 8236 वादों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में चेक बाउन्स केसेज, बैंक रिकवरी केसेज, अपराधिक शमनीय वाद, वैवाहिक वाद, मोटर एक्सीडेंट क्लेम पिटीशन वाद, किरायेदारी वाद, सुखाधिकार, व्यादेश, उत्तराधिकार आदि दीवानी वादों का भी निस्तारण किया गया, और कुल 136375976/- रूपये की धनराशि जुर्माने व समझौता राशि के सम्बन्ध में आदेश किया गया।

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जनपद न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार यादव ने सिविल कोर्ट परिसर का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये। राष्ट्रीय लोक अदालत पर बड़ी संख्या में वादकारियों ने अपने मुकदमों के त्वरित निस्तारण के लिये बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। यह जानकारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पूर्णिमा सागर ने दी।

इसके अतिरिक्त बैंक वसूली व फाइनेन्स के प्री-लिटिगेशन स्तर पर 2602 वादों का जनपद न्यायालय में निस्तारण किया गया, जिनके समझौता राशि 53526795/- रुपये है। 
इस प्रकार जनपद लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 10,838 मुकदमें निस्तारित हुये और जिनकी समझौता व जुर्माना राशि 189902771/- रुपये है।

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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज विकास नगर में मनाया गया हिन्दी दिवस https://www.newstimes.co.in/news/81498/भारत/उत्तर-प्रदेश-/gvernment-girls-inter-college-me-hindi-diwas-ka-hua-ayojan-901915Sat, 14 Sep 2019 00:00:00 GMTGAURAV SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/14-09-2019191250gvernmentgirl1.jpeg' alt='Images/14-09-2019191250gvernmentgirl1.jpeg' />राजकीय बालिका इन्टर कॉलेज विकास नगर में शनिवार 14 सितंबर हिन्दी दिवस मनाया गया। इस दौरान प्रवक्ता हिन्दी सीमा वर्मा ने छात्राओं को हिन्दी भाषा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। छात्राओं ने हिन्दी के अलग-अलग समय विशेष रूप से छायावादी कवियों के बारे में बताया और उनकी रचनाओं की प्रस्तुति दी। इस दौरान प्रधानाचार्या कुसुम वर्मा ने राष्ट्र भाषा हिन्दी को सेतु कहा। उन्होंने कहा कि आज हिन्दी की स्वीकार्यता सम्पूर्ण विश्व में है। हिन्दी को सम्पूर्ण विश्व में आगे  बढाने में प्रवासी भारतीयों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। बता दें कि कुसुम वर्मा लगभग 15 देशों में हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए गयी हैं। 

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज विकास नगर में मनाया गया हिन्दी दिवस 

Lucknow. राजधानी के राजकीय बालिका इन्टर कॉलेज विकास नगर में शनिवार 14 सितंबर हिन्दी दिवस मनाया गया। इस दौरान प्रवक्ता हिन्दी सीमा वर्मा ने छात्राओं को हिन्दी भाषा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। छात्राओं ने हिन्दी के अलग-अलग समय विशेष रूप से छायावादी कवियों के बारे में बताया और उनकी रचनाओं की प्रस्तुति दी।

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इस दौरान प्रधानाचार्या कुसुम वर्मा ने राष्ट्र भाषा हिन्दी को सेतु कहा। उन्होंने कहा कि आज हिन्दी की स्वीकार्यता सम्पूर्ण विश्व में है। हिन्दी को सम्पूर्ण विश्व में आगे बढाने में प्रवासी भारतीयों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। बता दें कि कुसुम वर्मा लगभग 15 देशों में हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए गयी हैं। 

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पीलीभीत: हरदोई ब्रांच नहर में मिला टाइगर का शव, वन विभाग में मचा हड़कम्पhttps://www.newstimes.co.in/news/81491/भारत/उत्तर-प्रदेश-/Pilibhit-Branch-canal-me-mila-tiger-ka-shav901908Sat, 14 Sep 2019 00:00:00 GMTRAJNISH KUMAR<img src='http://newstimes.co.in/Images/14-09-2019151313PilibhitBranc2.jpg' alt='Images/14-09-2019151313PilibhitBranc2.jpg' />प्रदेश के पीलीभीत जिले में हरदोई ब्रांच नहर में एक टाइगर का शव मिला है। टाइगर के शव की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए हैं।

पीलीभीत: हरदोई ब्रांच नहर में मिला टाइगर का शव, वन विभाग में मचा हड़कम्प

Lucknow. प्रदेश के पीलीभीत जिले में हरदोई ब्रांच नहर में एक टाइगर का शव मिला है। टाइगर के शव की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए हैं। टाइगर के शव को निकाला जा रहा है। हालांकि टाइगर नहर में कैसे पहुंचा, इसे लेकर वन विभाग जांच में जुटा हुआ है।

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जानकारी के मुताबिक, पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पूरनपुर क्षेत्र में घुंघचाई से देवरिया जाने वाले रास्ते में टूटा पुल के पास हरदोई ब्रांच नहर में टाइगर का शव देखा गया। राहगीरों ने टाइगर के शव को देखा तो वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है। वन विभाग के कर्मचारियों ने इसकी सूचना आलाधिकारियों को दे दी है। 

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बताया जा रहा है कि शव को नहर से निकलवाया जा रहा है। अभी ये पुष्टि नहीं हुई है कि ये शव बाघ का है या बाघिन का। वन विभाग की मानें तो पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा है, कि टाइगर की मौत कैसे हुई है। हालांकि स्थानीय लोगों कहा कहना है कि टाइगर पानी पीने के लिए नहर के पास आया होगा, तेज धार के चलते वह उसमें बह गया।

 

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39 विकास खण्डों में फलों के विकास के लिए 50 लाख स्वीकृतhttps://www.newstimes.co.in/news/81481/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-50-lakhs-approved-for-the-development-of-fruits-in-39-development-blocks901898Sat, 14 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/14-09-201912385250lakhsappro.jpg' alt='Images/14-09-201912385250lakhsappro.jpg' />प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा फल पट्टी विकास के लिए 50 लाख रू0 की धनराशि स्वीकृत की गयी है। इस धनराशि से प्रदेश में फलों के विकास के लिए आम, अमरूद और आंवला को फल पट्टी घोषित किया गया हैं।

39 विकास खण्डों में फलों के विकास के लिए 50 लाख स्वीकृत

LUCKNOW. प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा फल पट्टी विकास के लिए 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। इस धनराशि से प्रदेश में फलों के विकास के लिए आम, अमरूद और आंवला को फल पट्टी घोषित किया गया हैं। यह जानकारी प्रदेश के उद्यान निदेशक एस.बी.शर्मा ने दी।

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उन्होंंने बताया कि राज्य के कुछ क्षेत्रफल विशेष उत्पादन के लिए अधिक उपयुक्त हैं। इन क्षेत्रों में फल विशेष के गुणवत्तायुक्त उत्पादन तथा इस क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने हेतु फल पट्टी विकास योजना शुरू की गई है। उन्होने बताया कि अमरूद के लिए कोशाम्बी एवं बदायूॅं के 6 विकास खण्ड तथा आंवला के लिए प्रतापगढ़ के 2 विकास खण्डों का चयन किया गया है।

श्री शर्मा के अनुसार आम फल पट्टी के अंतर्गत जनपद सहारनपुर, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, अमरोहा, प्रतापगढ़, वाराणसी लखनऊ, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई, अयोध्या तथा बाराबंकी के 31 विकास खण्डों को चयनित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कैनोपी प्रबंधन, जीर्णोद्धार, ग्रेडिंग, पैकिंग सेंटर, पावर्ड, नैपसेक स्प्रेयर/पावर आपरेटेड ताइवान स्प्रेयर, ट्रैक्टर माउण्टेट, आपरेटेड स्प्रेयर तथा आई.पी.एम. (इन्टीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेन्ट) के वितरण के कार्यक्रम संचालित किए जायेंगे।

इसके साथ ही फल उत्पादकों को फल विकास की नवीनतम तकनीकी में प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए कार्यक्रमवार इकाई लागत का 30 से 50 प्रतिशत तक सहायता फल उत्पादकों को उपलब्ध कराने का भी प्राविधान किया गया है।

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गणोशोत्सव: विसर्जन के दौरान लापरवाही पड़ी महंगी, 24 घंटे में 40 की डूबकर मौतhttps://www.newstimes.co.in/news/81474/भारत/Ganeshotsav:-carelessness-incurred-during-immersion-40-drowned-in-24-hours901891Sat, 14 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/14-09-2019105509Ganeshotsavc1.JPG' alt='Images/14-09-2019105509Ganeshotsavc1.JPG' />11 दिन तक चले गणेशोत्सन का शुक्रवार को बाजे-गाजे के साथ विसर्जन किया गया। लेकिन इस  दौरान कई जगहों से लापरवाही की घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें लगभग 40 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी। 

गणोशोत्सव: विसर्जन के दौरान लापरवाही पड़ी महंगी, 24 घंटे में 40 की डूबकर मौत

New Delhi. 11 दिन तक चले गणेशोत्स का शुक्रवार को बाजे-गाजे के साथ विसर्जन किया गया, लेकिन इस  दौरान कई जगहों से लापरवाही की घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें लगभग 40 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जिनमें से सबसे ज्यादा मामले दिल्ली के हैं।

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ताजा मामला राजधानी दिल्ली का ही है, जहां विसर्जन के बाद यमुना में नहाने की जिद में 4 कॉलेज स्टूडेंट ने अपनी जान गंवा दी। वहीं इससे पहले एमपी के भोपाल में नाव पलट गई थी। उस भयंकर हादसे में 11 लोगों की जान चली गई। भोपाल में कई सालों बाद किसी हादसे में इतने लोगों की जान गई है। 

  1 को बचाने में 3 की और जान गई

यह हादसा शुक्रवार को दिल्ली में हुआ, यहां यमुना में नहाने की जिद में दो लड़के और दो लड़कियों की डूबने से मौत हो गई, सभी डीयू के स्टूडेंट्स थे। गोताखोरों ने लगातार अभियान चलाकर चारों की लाशें बरामद कर लीं। मरने वालों की पहचान पार्वती उर्फ प्रियंका (21), पिंकी (20), उमेश यादव (21) और निकित कुमार (21) के तौर पर हुई है। सभी निहाल विहार इलाके के रहने वाले थे।

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Hindi Diwas 2019 : आखिर 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस ?https://www.newstimes.co.in/news/81457/भारत/उत्तर-प्रदेश-/why-hindi-diwas-is-celebrated-on-14-september-901874Fri, 13 Sep 2019 00:00:00 GMTGAURAV SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/13-09-2019182805whyhindidiwa4.jpg' alt='Images/13-09-2019182805whyhindidiwa4.jpg' />Lucknow. हर साल 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत के आजाद होने के महज 2 सालों के बाद ही 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एकमत होकर हिंदी को राजभाषा घोषित कर दिया था। जिसके बाद स

Hindi Diwas 2019 : आखिर 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस ?

Lucknow. हर साल 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत के आजाद होने के महज 2 सालों के बाद ही 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एकमत होकर हिंदी को राजभाषा घोषित कर दिया था। जिसके बाद से ही हर साल हम सभी 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाते हैं। 

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हिंदी दिवस विशेष: भारत की तरह इस देश की भी आधिकारिक भाषा है हिंदी https://www.newstimes.co.in/news/81455/भारत/अन्य-राज्यों-से/Like-India-Indonesia-is-also-the-official-language-of-the-country.901872Fri, 13 Sep 2019 00:00:00 GMTABHIMANYU VERMA <img src='http://newstimes.co.in/Images/13-09-2019162448LikeIndia,In4.jpg' alt='Images/13-09-2019162448LikeIndia,In4.jpg' />हर साल 14 सितंबर को हम हिंदी दिवस के रूप में मानते हैं। हिंदी विश्व में सबसे ज्यादा बोले जाने वाली चौथी भाषा है। भारत में 43.63 फीसदी लोग और विश्व में करीब 80 करोड़ लोग हिंदी बोल या समझ सकते हैं।

हिंदी दिवस विशेष: भारत की तरह इस देश की भी आधिकारिक भाषा है हिंदी

Lucknow. हर साल 14 सितंबर को हम हिंदी दिवस के रूप में मानते हैं। हिंदी विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा है। भारत में 43.63 फीसदी लोग और विश्व में करीब 80 करोड़ लोग हिंदी बोल या समझ सकते हैं। भारत के अलावा पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, बांग्लोदश, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, चीन, जापान, ब्रिटेन, जर्मनी, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, मॉरिशस, यमन, युगांडा और त्रिनाड एंड टोबैगो, कनाडा आदि में हिन्‍दी का प्रचालन है। 

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बता दें कि भारत में हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है। वहीं, भारत के अलावा एक और देश है जहां पर हिंदी को आधिकारिक भाषा का दराज दिया गया है। जहां पर लोग बहुत अच्छी तरह से हिंदी बोलते और समझते हैं। हम बात कर रहे हैं फ़िजी, दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित द्वीप देश मेलोनेशिया की। 

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मेलोनेशिया का इतिहास

जानकारी के मुताबिक भारत की तरह ब्रिटेन सरकार ने फिज़ी को भी गुलाम बनाया था। उस समय अंग्रेजों ने मेलोनेशिया द्वीप को अपने नियंत्रण में लेकर इसे अपना एक उपनिवेश बना लिया। उसी समय अंग्रेज़ भारतीय मजदूरों को यहां ठेके पर गन्ने की खेती में काम करने के लिए ले आए थे। यहां अंग्रेजी, फ़िजी हिंदी आदि कई भाषाएं बोली और प्रयोग की जाती हैं। 

यह भी पढ़ें:-...जानिये, क्याें डगमगा रही हैं हिन्दी की मशालें

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'द इकोनोमिस्ट' के मुताबिक, 1977 में फिजी मूल के नागरिक अल्पसंख्यक हो गये थे। उस समय फ़िजी के मूल नागरिकों की संख्या 255000 और 600000 की कुल जनसंख्या में से लगभग आधे नागरिक भारतीय मूल के थे, जबकि शेष चीनी, यूरोपीय और मिश्रित वंश के हैं।

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सोशल मीडिया बना एक बड़ा मंच https://www.newstimes.co.in/news/81449/भारत/social-media-became-a-big-platform-901866Fri, 13 Sep 2019 00:00:00 GMTMANJU GUPTA<img src='http://newstimes.co.in/Images/13-09-2019145643socialmediab3.jpg' alt='Images/13-09-2019145643socialmediab3.jpg' />आजकल लोगों के पास समाचार पत्र और टीवी देखने के लिए पर्याप्त समय नहीं है,  ज्यादातर युवा सामाजिककरण के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं । आज सोशल मीडिया नेटवर्क गांव तक उपलब्ध है। सोशल मीडिया एक दूसरे से जुड़ने और नए संपर्क बनाने का सबसे बड़ा मंच है। 

सोशल मीडिया बना एक बड़ा मंच

Lucknow. आजकल लोगों के पास समाचार पत्र और टीवी देखने के लिए पर्याप्त समय नहीं है, ज्यादातर युवा सामाजिककरण के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। आज सोशल मीडिया नेटवर्क गांव तक उपलब्ध है। सोशल मीडिया एक दूसरे से जुड़ने और नए संपर्क बनाने का सबसे बड़ा मंच है। 

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पूरी दुनिया में फेसबुक के 2.38 बिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता और इंस्टाग्राम के 1 बिलियन से अधिक उपयोगकर्ता हैं। यूट्यूब के भारत में 245 मिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं। हर समय ऑनलाइन 2 बिलियन से अधिक लोग हैं। इंटरनेट पर खर्च किए गए कुल समय का लगभग 23% सोशल मीडिया साइटों के भीतर ब्राउज़िंग या बातचीत पर खर्च किया जाता है।  कम से कम 53% ऐसे व्यक्ति हैं जो फेसबुक जैसे सोशल मीडिया साइटों पर सक्रिय हैं। लोग अपनी जीवन शैली की स्थिति, राय, मीडिया पर एक दूसरे के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए साझा कर रहे हैं।  सोशल मीडिया ने आधुनिक विश्व को बहुत उच्च स्तर पर प्रभावित किया है।

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 सोशल मीडिया पर लोग दिन-प्रतिदिन समाचार, फैशन और रुझानों को साझा कर रहे हैं। लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले सर्वरों पर एक-दूसरे के साथ अपने बारे में बहुत कुछ साझा कर रहे हैं, और उनके डेटा डेटाबेस में संग्रहीत किए जाते हैं। मार्केटिंग कंपनियां अलग-अलग सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम से उपयोगकर्ताओं के खोज साइट रिकॉर्ड का उपयोग करके अपने उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए इस डेटा का उपयोग करती हैं। 

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जब तक इंटरनेट मौजूद है, तब तक सोशल मीडिया मार्केटिंग रणनीतियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।  आज की दुनियाभर में लोग ऑनलाइन शॉपिंग करना पसंद करते हैं इसलिए सोशल मीडिया मार्केटिंग बढ़ जाती है। सोशल मीडिया तेजी से बदल रहा है।

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कृषि तकनीकी के हस्तान्तरण में किसान पाठशालाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: कृषि मंत्रीhttps://www.newstimes.co.in/news/81435/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/The-role-of-farmer-schools-is-important-in-the-transfer-of-agricultural-technology---Agriculture-Minister901852Fri, 13 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/13-09-2019113610Theroleoffa1.jpg' alt='Images/13-09-2019113610Theroleoffa1.jpg' />उन्नत कृषि तकनीकी का कृषि उत्पादन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान है। कृषि विभाग द्वारा वर्ष 2017 से द मिलियन फार्मर्स स्कूल (किसान पाठशाला) के माध्यम से शुरू की गई तकनीकी स्थानान्तरण की मुहिम अब रंग लाने लगी है।

कृषि तकनीकी के हस्तान्तरण में किसान पाठशालाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: कृषि मंत्री

LUCKNOW. ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल’ की परिकल्पना एवं उसकी शुरूआत के बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कृषि की लागत घटाने, उत्पादन बढ़ाने और उत्पादन की लाभकारी कीमत वृद्धि ही किसानों की आय दोगुनी करने के मुख्य घटक हैं। उन्होंने कहा कि उन्नत कृषि तकनीकी का कृषि उत्पादन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान है। कृषि विभाग द्वारा वर्ष 2017 से द मिलियन फार्मर्स स्कूल (किसान पाठशाला) के माध्यम से शुरू की गई तकनीकी स्थानान्तरण की मुहिम अब रंग लाने लगी है। इस मुहिम की गूंज को प्रदेश और देश की सीमाओं को पार कर विदेशों में भी कृषि तकनीकी प्रसार के अभिनव प्रयोगों के रूप में स्वीकार किया गया है। इस योजना का मूल्यांकन करने वाली इण्टरनेशनल फूड पाॅलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (इफरी) के अध्ययनों से इस बात की तस्दीक होती है।

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श्री शाही रेनेशां होटल में इफरी द्वारा ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल’ के मूल्यांकन के लिए आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि यह विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को इन तीनों अवयवों के सार्थक नियोजन एवं अपेक्षित तकनीकी को प्रयोग में लाने हेतु प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कृषि प्रसार के सिस्टम को नये सिरे से जागृत किया गया है। इस सिस्टम के तहत किसानों को द मिलियन फार्मर्स स्कूल के माध्यम से तकनीकी ज्ञान के साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि अब तक 4 सत्रों में 4 मिलियन से अधिक किसानों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि 5वीं पाठशाला आगामी रबी सीज़न से पूर्व अक्टूबर माह से शुरू की जायेगी। इफरी-साउथ एशिया के निदेशक शहीदुर्रशीद, पूर्व निदेशक डाॅ0 पी0के0 जोशी ने भी कार्यशाला को सम्बोधित कर प्रदेश सरकार के इस कार्यक्रम के अभिनव प्रयोग की सराहना करते हुये इसे देश एवं विश्व के अन्य देशों में लागू करने पर बल दिया। 

द मिलियन फार्मर्स स्कूल के मूल्यांकनकर्ता अंजनी कुमार एवं अविनाश किशोर ने बताया कि इस अध्ययन के अन्तर्गत 16 जिलों के 64 गांवों में अध्ययन एवं किसानों से वार्ता करने पर पता चलता है कि इस योजना से किसानों का तकनीकी ज्ञान और उसके उपयोग करने की क्षमता में वृद्धि हुई है। साथ ही विभाग के कर्मचारियों के ज्ञान, कार्यक्षमता और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

कार्यक्रम में मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की प्रतिनिधि, डाॅ0 वल्लीकृष्णन, विश्व बैंक से डाॅ0 सौम्या श्रीवास्तव, अन्तर्राष्ट्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, पेरू से डाॅ0 उमाशंकर सिंह, कृषि निदेशक,सोराज सिंह एवं कृषि तथा अन्य विभागों व संस्थाओं के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

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जानिये, क्याें डगमगा रही हैं हिन्दी की मशालें https://www.newstimes.co.in/news/81429/भारत/is-the-torch-of-Hindi-shaking-901846Fri, 13 Sep 2019 00:00:00 GMTMANJU GUPTA<img src='http://newstimes.co.in/Images/13-09-2019121855AibeNf6Y1o.jpg' alt='Images/13-09-2019121855AibeNf6Y1o.jpg' />आमतौर पर हिन्‍दी बोलने वाले को पिछड़ा और अंग्रेजी में अपनी बात कहने वाले को आधुनिक कहा जाता है। साल 1953 से पूरे भारत में 14 सितंबर को हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता आ रहा है, इस दिन संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया था कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी। इस निर्णय के बाद हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति,

जानिये, क्याें डगमगा रही हैं हिन्दी की मशालें

Lucknow. दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा यानी हिंदी जो कि विश्व की प्राचीन समृद्ध और सरल भाषा है। हिंदी भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में बोली जाती है। वैसे तो हिन्‍दी दुनिया की चौथी ऐसी भाषा है, जिसे सबसे ज्‍यादा लोग बोलते हैं, इसके बावजूद हिन्‍दी को अपने ही देश में हीन भावना से देखा जाता है। आमतौर पर हिन्‍दी बोलने वाले को पिछड़ा और अंग्रेजी में अपनी बात कहने वाले को आधुनिक कहा जाता है।

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साल 1953 से पूरे भारत में 14 सितंबर को हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता है, इस दिन संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया था कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी। इस निर्णय के बाद हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अनुरोध पर 1953 से पूरे भारत में 14 सितंबर को हर साल हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

वैसे तो भारत विभिन्‍न्‍ताओं वाला देश है, यहां हर राज्‍य की अपनी अलग सांस्‍कृतिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक पहचान है और बोलचाल की भाषा भी अलग अलग है। इसके बावजूद हिन्‍दी भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। यही वजह है कि राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी ने हिन्‍दी को जनमानस की भाषा कहा था। भारत सालों तक अंग्रेजों का गुलाम रहा और उस गुलामी का असर लंबे समय तक देखने को मिला, यहां तक कि इसका प्रभाव भाषा में भी पड़ा।

इसे हिन्‍दी का दुर्भाग्‍य ही कहा जाएगा कि इतनी समृद्ध भाषा कोष होने के बावजूद आज हिन्‍दी लिखते और बोलते वक्‍त ज्‍यादातर अंग्रेजी भाषा के शब्‍दों का इस्‍तेमाल किया जाता है और तो और हिन्‍दी के कई शब्‍द चलन से ही हट गए, ऐसे में हिन्‍दी दिवस को मनाना जरूरी है ताकि लोगों को यह याद रहे कि हिन्‍दी उनकी राजभाषा है। हिन्‍दी दिवस मनाने के पीछे मंशा यही है कि लोगों को एहसास दिलाया जा सके कि जब तक वे इसका इस्‍तेमाल नहीं करेंगे तब तक इस भाषा का विकास नहीं होगा।

ये हिन्‍दी की ताकत है कि अब लगभग सभी विदेशी कंपनियां हिन्‍दी को बढ़ावा दे रही हैं। यहां तक कि दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल भी अब हिन्‍दी और अन्‍य क्षेत्रीय भाषा वाले कॉन्‍टेंट को प्रमुखता दे रहा है। शुद्ध हिंदी बोलना और समझना आज के युवाओं के लिए चुनौती बनता जा रहा है लोग अपने बच्चों को आगे बढ़ाना तो चाहते हैं, अंग्रेजी स्कूलों में भेजना चाहते हैं पर उन्हें हिंदी का भाषा का ज्ञान देना नहीं चाहते। लोगों की यही मानसिकता को बदलने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है। भारत की संस्कृति और नीव हिंदी भाषा से जुड़ी हुई है, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है।

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अधीक्षण अभियंता के बिना उपभोक्ता परेशान, अधिकारियों की मौजhttps://www.newstimes.co.in/news/81423/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखीमपुर/Consumer-harassed-without-superintending-engineer-901840Fri, 13 Sep 2019 00:00:00 GMTRAJNISH KUMAR<img src='http://newstimes.co.in/Images/13-09-2019000600Consumerharas1.jpg' alt='Images/13-09-2019000600Consumerharas1.jpg' />प्रदेश के लखीमपुर खीरी के तहसील गोला गोकर्णनाथ में अधीक्षण अभियंता का स्थानांतरण होने के बाद से बाद जिला मुख्यालय के अधीक्षण अभियंता को यहां का चार्ज दे दिया गया था, लेकिन वह यहां नहीं बैठते है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अधिकारी अपनी मनमानी करने पर उतारू हैं

अधीक्षण अभियंता के बिना उपभोक्ता परेशान, अधिकारियों की मौज

Lucknow. प्रदेश के लखीमपुर खीरी के तहसील गोला गोकर्णनाथ में अधीक्षण अभियंता का स्थानांतरण होने के बाद से बाद जिला मुख्यालय के अधीक्षण अभियंता को यहां का चार्ज दे दिया गया था, लेकिन वह यहां नहीं बैठते है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अधिकारी अपनी मनमानी करने पर उतारू हैं।

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शहर के लखीमपुर रोड स्थित विद्युत वितरण खण्ड परिसर में अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल का कार्यालय है, लेकिन वह यहां नहीं बैठते हैं। बताया जा रहा है कि अक्तूबर 2017 में एम.एम. सरन ने कार्यभार सम्भाला था, लेकिन उनका स्थानांतरण होने हो गया था, जिसके बाद लखीमपुर के अधीक्षण अभियंता आर.डी. यादव को जुलाई 2019 को यहां का चार्ज दे दिया गया था, लेकिन वह कभी यहां बैठते ही नहीं है। अधीक्षण अभियंता के न होने से उपभोक्ताओं को तमाम परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ​बिजली विभाग के अधिकारी/कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं।

बता दें कि गोला मण्डल में गोला डिवीजन, पलिया डिवीजन और मोहम्मदी डिवीजन का क्षेत्र है, जिस वजह से यहां दूर दराज से आने वाले फरियादी मायूस होकर वापस लौट जाते हैं। वहीं, अधीक्षण अभियंता आर.डी. यादव का कहना है कि वह गोला में नहीं बैठते हैं, हालांकि शिकायतें सुनने के लिए वहां अधिकारी हैं।

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मोटर व्हीकल एक्ट: इन प्रावधानों में छूट देने पर विचार कर रही सरकारhttps://www.newstimes.co.in/news/81416/भारत/उत्तर-प्रदेश-/relief-in-motor-vehicle-act-901833Thu, 12 Sep 2019 00:00:00 GMTMANJU GUPTA<img src='http://newstimes.co.in/Images/12-09-2019171202reliefinmoto1.jpg' alt='Images/12-09-2019171202reliefinmoto1.jpg' />केंद्र सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत 29 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। यह प्रावधान पूरे देश में सितंबर से लागू हो चुके हैं, अब इन प्रावधानों के तहत चालान काटे जाने पर न्यायलय दंड का निर्धारण करेगा।

मोटर व्हीकल एक्ट: इन प्रावधानों में छूट देने पर विचार कर रही सरकार

Lucknow. केंद्र सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत 29 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। यह प्रावधान पूरे देश में सितंबर से लागू हो चुके हैं, अब इन प्रावधानों के तहत चालान काटे जाने पर न्यायालय दंड का निर्धारण करेगा।

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प्रदेश सरकार ने नाबालिगों के वाहन चलाने पर एकदम से रोक लगा दी है। यदि कोई नाबालिक कहीं बाइक चलाते दिखाई दिया तो इसके तहत 25000 रुपए के जुर्माने के साथ मां-बाप को 3 साल की सजा दी जाएगी।

नई दिल्ली और गुजरात के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी मोटर व्हीकल एक्ट 2019 लागू हो गया है। उत्तर प्रदेश में सरकार कड़े जुर्माने में अपनी तरफ से रियायत देगी। सरकार परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जनसामान्य को सीट बेल्ट, हेलमेट न पहनने, नाबालिक के वाहन चलाने तथा मानवीय जीवन के खतरे से जुड़े कार्यों में जुर्माना में राहत नहीं दी जाएगी। 

इन प्रमुख प्रावधानों में मिल सकती है राहत

1. अन्य व्यक्ति को ड्राइविंग लाइसेंस देना। 

2. एक साल से अधिक दूसरे राज्य का रजिस्ट्रेशन इस्तेमाल करना 

3. चेकिंग के निर्देशों का उल्लंघन करना 

4.वाहन के आकार को घटाने बढ़ाने पर 

5. यातायात के नियमों का उल्लंघन 

6. दो से अधिक सवारी पर 

7. बिना पंजीकरण के वाहन चलाने 

8. बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र की वाहन चलाने 

9. सार्वजनिक स्थान पर खतरनाक ढंग से वाहन पार्क करने आदि पर प्रावधानों से मिल सकती है राहत।

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जानिये क्‍या है सिंगल यूज प्लास्टिक और इसके नुकसानhttps://www.newstimes.co.in/news/81411/भारत/what-is-single-use-plastic-901828Thu, 12 Sep 2019 00:00:00 GMTMANJU GUPTA<img src='http://newstimes.co.in/Images/12-09-2019152623whatissingle2.jpg' alt='Images/12-09-2019152623whatissingle2.jpg' />हर साल कई लाख प्लास्टिक उत्पादन हो रहा है जो कि मिट्टी में नहीं घुलता-मिलता, इसलिए विश्व भर के देश प्लास्टिक के इस्तेमाल को समाप्त करने हेतु कठोर रणनीति बना रहे हैं । सिंगल यूज प्लास्टिक करीब 7.5 प्रतिशत ही रिसाइकल हो पाती है, बाकी प्लास्टिक मिट्टी में मिल जाती है। जो पानी की सहायता से समुद्र में पहुंचता है और वहां के जीवो को काफी नुकसान पहुंचाता है

जानिये क्‍या है सिंगल यूज प्लास्टिक और इसके नुकसान

Lucknow. सिंगल यूज प्लास्टिक एक ऐसा प्लास्टिक है, जिसका उपयोग हम केवल एक बार करते हैं। एक बार इस्तेमाल करके फेंक दी जाने वाली प्लास्टिक ही सिंगल यूज़ प्लास्टिक कहलाती है। हम लोग इसे डिस्पोजल प्लास्टिक भी कहते हैं, हालांकि इसकी रीसाइकलिंग भी की जा सकती है। इसका उपयोग अपने रोजमर्रा के काम में भी करते हैं।

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जलवायु परिवर्तन के कारण बिगड़ता पर्यावरण चिंता का विषय है। ऐसे में प्लास्टिक से पैदा होने वाला प्रदूषण भी एक बड़ी समस्या है। हर साल कई लाख प्लास्टिक उत्पादन हो रहा है, जो कि मिट्टी में नहीं घुलता-मिलता, इसलिए विश्व भर के देश प्लास्टिक के इस्तेमाल को समाप्त करने हेतु कठोर रणनीति बना रहे हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक करीब 7.5 प्रतिशत ही रिसाइकल हो पाती है, बाकी प्लास्टिक मिट्टी में मिल जाती है, जो पानी की सहायता से समुद्र में पहुंचता है और वहां के जीवों को काफी नुकसान पहुंचाता है।

केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने प्लास्टिक के प्रभाव से होने वाली बीमारियों एवं पर्यावरण प्रदूषण के बारे में लोगों को जागरूक करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि रीसाइकिलिंग एक उपाय जरूर है, लेकिन यह स्थाई समाधान नहीं है इसके उपयोग पर पाबंदी ही केवल एकमात्र कारगर उपाय है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साल 2022 तक देश को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त बनाने की योजना रखी है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर से होगी। इससे प्लास्टिक बोतल और प्लास्टिक से बने सामान बंद हो जाएंगे। पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए भाषण में  देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील की थी। पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने में प्लास्टिक की भूमिका सबसे ज्यादा है। 

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'एक शाम नारी शक्ति के नाम' कार्यक्रम में सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा को मिला शौर्य सम्मान https://www.newstimes.co.in/news/81410/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-One-evening-Sub-Inspector-Anoop-Mishra-Apoorva-received-gallantry-award-in-the-name-of-Nari-Shakti901827Thu, 12 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/12-09-2019150731Oneevening,S1.jpg' alt='Images/12-09-2019150731Oneevening,S1.jpg' />कार्यक्रम में पुलिस सेवा से जुड़े उन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया जो अपनी ड्यूटी के कर्तव्यों को बखूबी निभाने के साथ साथ विभन्न सामाजिक सरोकारों में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं

'एक शाम नारी शक्ति के नाम' कार्यक्रम में सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा को मिला शौर्य सम्मान

LUCKNOW.  इरादा वेलफेयर फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा महिला सशक्तिकरण से संदर्भित कार्यक्रम 'एक शाम नारी शक्ति के नाम' का आयोजन वाल्मीकि रंगशाला प्रेक्षागृह, संगीत नाटक अकादमी, गोमती नगर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस सेवा से जुड़े उन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया जो अपनी ड्यूटी के कर्तव्यों को बखूबी निभाने के साथ साथ विभन्न सामाजिक सरोकारों में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

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मुख्य अतिथि कर्नल पी. डी. गुप्ता और संयोजक ममता सिंह द्वारा सबसे पहले सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा अपूर्व को शौर्य सम्मान से अलंकृत किया गया, जो जरूरतमंद बच्चों, लड़कियों और महिलाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। कच्ची बस्तियों और गाँव में अपने समाजिक सरोकार के जरिये खाकी की आन बान शान को बढ़ाने वाले सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा अपूर्व वर्दी वाले मास्टर जी, वर्दीधारी द्रोणाचार्य जैसे नामों से मशहूर हैं। इरादा वेलफेयर फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा अपूर्व, वरिष्ठ जेल अधीक्षक लखनऊ प्रेम नाथ पाण्डेय, इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह, मुख्य आरक्षी भूप सिंह यादव को शौर्य सम्मान से सम्मानित किया गया।

महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध और उनकी रोकथाम से जुड़े विषयों पर आयोजित पब्लिक फोरम परिचर्चा में शामिल विभन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने अपने विचार प्रस्तुत किये और लोगों के सवालों का जवाब भी दिया। परिचर्चा में डॉ. सुधा बाजपेयी (शिक्षा), अनूप मिश्रा अपूर्व (पुलिस), डॉ. शाश्वत सक्सेना (चिकित्सा), प्रेम नाथ पाण्डेय (जेल प्रशासन), कैलाश नाथ तिवारी (साहित्य), नलिनी छाबडा (पत्रकारिता) आदि वक्ता शामिल हुए, जिन्हें संस्था द्वारा स्पेशल गेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया। लोक गायिका संजोली पाण्डेय और उनके माता पिता को सम्मानित किया गया। 

कार्यक्रम की शुरुआत बाल नृत्यांगना तान्या श्रीवास्तव की गणेश वंदना नृत्य प्रस्तुति से हुई, उसके बाद लोक  गायिका संजोली पाण्डेय अंशिका त्यागी, वानी चावला ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए शमां बांधा। घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ जैसे मुद्दों पर फ्लाइंग बर्ड फाउंडेशन के कलाकारों द्वारा अभिषेक मिश्रा "अभी " के निर्देशन में प्रस्तुत लघु नाटक लोगों द्वारा बेहद सराहा गया। 

कार्यक्रम में उपस्थित रीना पाण्डेय, सुनील मिश्रा ( पूर्व अध्यक्ष डी ए वी डिग्री कॉलेज ),  अवनीश दीक्षित ( पूर्व उपाध्यक्ष लखनऊ बार एसोसिएशन) आदि लोगों ने आयोजन की अत्यंत सराहना की। कार्यक्रम का संयोजन ममता सिंह द्वारा किया गया। 

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पितृ पक्ष पर श्राद्ध और धर्म-कर्म न करने पर हो सकती है ये परेशानी https://www.newstimes.co.in/news/81408/भारत/what-could-be-the-problem-if-you-do-not-performing-religious-rituals-in-pitar-paksha901825Thu, 12 Sep 2019 00:00:00 GMTMANJU GUPTA<img src='http://newstimes.co.in/Images/12-09-2019144351whatcouldbe1.jpg' alt='Images/12-09-2019144351whatcouldbe1.jpg' />दिव्य पितर ब्रह्मा के पुत्र मनु से उत्पन्न हुए ऋषि हैं और दूसरे प्रकार के पितर पूर्वज होते हैं। पित्र पक्ष में इन्हीं पितरों को लोग याद करते हैं और इनके नाम से पिंडदान श्राद्ध और ब्राह्मण भोजन करवाते हैं। पित्र पक्ष में चांदी के बर्तन का प्रयोग करके धन और अनाज दान करने की परंपरा है, पिंडदान करने के लिए और ब्राह्मणों के भोजन के लिए चांदी के बर्तन श्रेष्ठ माने गए हैं । इसी के साथ गाय का दूध और गाय के दूध से बने घी एवं दही का उपयोग करना पितृपक्ष में शुभ माना गया है।

पितृ पक्ष पर श्राद्ध और धर्म-कर्म न करने पर हो सकती है ये परेशानी

Lucknow. पितृपक्ष यानि अपने पूर्वजों को श्राद्ध देने का समय 13 सितंबर से आरंभ होकर 28 सितंबर तक रहेगा। ऐसी मान्यता है कि पितर अपने परिजनों के पास पितृ पक्ष श्राद्ध के समय आते हैं और अन्‍न, जल एवं आदर की अपेक्षा करते हैं। इस महीने जो श्राद्ध धर्म-कर्म नहीं करते हैं, उनके पिता भूखे-प्यासे धरती से लौट जाते हैं, इससे परिवार के लोगों को पितृ दोष लगता है।

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पितर दो प्रकार के होते हैं एक दिव्य पितर और दूसरे पूर्वज पितर। दिव्य पितर ब्रह्मा के पुत्र मनु से उत्पन्न हुए ऋषि हैं और दूसरे प्रकार के पितर पूर्वज होते हैं। पितृ पक्ष में इन्हीं पितरों को लोग याद करते हैं और इनके नाम से पिंडदान श्राद्ध और ब्राह्मण भोजन करवाते हैं। पितृ पक्ष में चांदी के बर्तन का प्रयोग करके धन और अनाज दान करने की परंपरा है, पिंडदान करने के लिए और ब्राह्मणों के भोजन के लिए चांदी के बर्तन श्रेष्ठ माने गए हैं। इसी के साथ गाय का दूध और गाय के दूध से बने घी एवं दही का उपयोग करना पितृपक्ष में शुभ माना गया है।

पितृ पक्ष में ब्राह्मणों और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराते समय ये नहीं पूछना चाहिए कि खाना कैसा बना है, ब्राह्मणों को शांति से भोजन कराना चाहिए। मान्यता है कि खाते समय जब तक ब्राह्मण मौन रहते हैं तब तक पितर देवता भी भोजन ग्रहण करते हैं।

श्राद्ध पक्ष में अगर कोई जरूरतमंद व्यक्ति दान लेने घर आता है तो उसे खाली हाथ नहीं जाने देना चाहिए, उसे खाना या धन का दान अवश्य देना चाहिए। पितृ पक्ष में क्लेश नहीं करना चाहिए ,पति-पत्नी परिवार के सभी सदस्यों को प्रेम से रहना चाहिए, जिन घरों में अशांति होती है, वहां पितर की कृपा नहीं होती। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित किया गया है कि देव पूजा से पहले जातक को अपने पूर्वजों की पूजा करनी चाहिए। पितरों के प्रसन्न होने पर भी देवता प्रसन्न होते हैं। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में जीवित रहते हुए घर के बड़े बुजुर्गों का सम्मान और मृत्यु उपरांत श्राद्ध कर्म किए जाते हैं।

 

 

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अवैध नर्सिंग होम मस्त, छुटभैये पस्तhttps://www.newstimes.co.in/news/81406/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Illegal-nursing-home-overcrowded-exempted901823Thu, 12 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/12-09-2019142327Illegalnursin1.jpg' alt='Images/12-09-2019142327Illegalnursin1.jpg' />मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर बनाई गई टीम द्वारा झोला छाप डाक्टरों के​ खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर उंगलियां उठने लगी हैं क्योंकि जो बड़ें नर्सिंग होम की तरह अवैध धंधे कर रहे हैं उनके आस पास भी टीम नहीं जा रही है।

अवैध नर्सिंग होम मस्त, छुटभैये पस्त

LUCKNOW. मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर बनाई गई टीम द्वारा झोला छाप डाक्टरों के​ खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर उंगलियां उठने लगी हैं, क्योंकि जो बड़े नर्सिंग होम की तरह अवैध धंधे कर रहे हैं, उनके आस पास भी टीम नहीं जा रही है। जबकि छोटे झोला छाप डाक्टरों को ही निशाना बनाया जा रहा है।

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दो दिन पहले माल क्षेत्र जिन चार लोगों के क्लीनिकों पर छापा मारा गया, उन्हीं क्लीनिकों के आसपास आशाओं के सहयोग और मिलीभगत से चलाए जा रहे अवैध नसिंग होम की जांच नहीं की गई, जबकि इनकी शिकायतें कई बार अधिकारियों से की जा चुकी हैं और कई बार नवजात के मरने की भी शिकायतें आती रही हैं फिर भी इनसे कोई पूछतांछ नहीं की गयी।

वहीं गहदों में भी अवैध धंधा करने वाले नर्सिंग होम की जांच नहीं की गयी। इसी तरह मलिहाबाद के कसमंडी में भी तीन क्लीनिकों पर छापा मारा गया, जहां तीनों गलत तरीके से इलाज करते पाए गए तथा उनके पास कोई भी अभिलेख नहीं थे। इसके बावजूद उनसे कागजात दिखाने के लिए सीएचसी मलिहाबाद बुलाया गया। माल में छापेमारी के समय अपर मुख्य चिकित्साधिकारी राजेन्द्र चौधरी, अधीक्षक माल के.डी. मिश्रा, डा.अमित सिंह तथा मलिहाबाद में अधीक्षक अवधेश कुमार की टीम थी। 

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जनपदों को गोद लेकर विकास में सहयोग करें विश्वविद्यालयhttps://www.newstimes.co.in/news/81402/भारत/उत्तर-प्रदेश-/Minority-students-will-now-be-equipped-with-laptops901819Thu, 12 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/12-09-2019131123Minoritystude.jpg' alt='Images/12-09-2019131123Minoritystude.jpg' />प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वर्क कल्चर को विकसित किया जाय। उ

जनपदों को गोद लेकर विकास में सहयोग करें विश्वविद्यालय

LUCKNOW. प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वर्क कल्चर को विकसित किया जाय। उन्होंने कहा कि सभी फैकल्टीज को एक लक्ष्य दिया जाय और उसे निश्चित समय में पूरा कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। विद्यार्थी और फैकल्टी दोनों ही स्तरों पर अनुशासन को बेहतर बनाया जाय। सभी विश्वविद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज शुरू किए जाने के निर्देश देने के साथ ही साथ यथाशीघ्र बायोमैट्रिक को लागू किया जाय। प्रदेश के कृषि मंत्री श्री शाही ए0पी0सी0 सभागार में प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ विश्वविद्यालयों में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे।

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कृषि मंत्री ने कहा कि शोध कार्यों को बढ़ाने के साथ-साथ उसमें गुणवत्ता को ध्यान में रखा जाय। पठन-पाठन में गुणवत्ता को और अधिक बढ़ाया जाय। उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों के टाॅप रैंकिंग में हमारे विश्वविद्यालयों की रैकिंग टाप-10 में हो, इसके लिए पूरी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ प्रयास किए जाएं। उन्होने कहा कि विश्वविद्यालय के  विभिन्न कोर्सों में जो भी सीटें खाली हैं उनको स्पेशल कांउसिलिंग कराकर उन पर एडमीशन लिए जायें, जिससे अधिक से अधिक छात्रों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि एक कार्ययोजना बनाकर रिसर्च, थिसिस एवं पब्लिकेशन आदि पर अधिक से अधिक कार्य किए जाने की जरूरत है।

 श्री शाही ने सभी कुलपतियों को निर्देश दिए है कि विश्वविद्यालय के अन्तर्गत अपने क्षेत्र के एक-एक जनपद को गोद लें। विश्वविद्यालय जनपदों को गोद लेकर वहां की सामाजिक आर्थिक और कृषि में स्थिति का आकलन करके उस जनपद की जी.डी.पी. को बढ़ाने के लिए रणनीति बनाकर काम करे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्र भी एक ब्लाक को चिन्हित कर उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन की इकोनाॅमी बनाए जाने में अपना पूरा योगदान दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 09 क्लाइमेटिक जोन के भीतर विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय से सेन्टर फार एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। 

प्रमुख सचिव कृषि, अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कुल 21 कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना की जानी है, इसमें से 17 के0वी0के0 स्थापित किए जा चुके हैं। शेष 04 के0वी0के0 की स्थापना का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही समस्त आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर इन्हें भी स्थापित कर लिया जाएगा। बैठक में कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों में कार्यरत कुछ कर्मियों को यूजीसी वेतनमान दिए जाने के संबंध में प्राप्त शिकायतों एवं विसंगतियों पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही आर0के0वी0वाई0 एवं आई0सी0ए0आर0 के अंतर्गत प्रोजेक्ट्स की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति सहित किसानों की आय में वृद्धि हेतु कृषि शोध कार्यों को बढ़ावा दिए जाने की समीक्षा की गई।

समीक्षा बैठक में कृषि राज्यमंत्री  लाखन सिंह राजपूत, आर्थिक सलाहकार,मुख्यमंत्री,  के0वी0 राजू, विशेष सचिव,मासूम अली सरवर, महानिदेशक उपकार,  बी0एन0 सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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अब लैपटाप से लैस होंगें अल्पसंख्यक छात्र— छात्राएंhttps://www.newstimes.co.in/news/81400/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Minority-students-will-now-be-equipped-with-laptops901817Thu, 12 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/12-09-2019121641Minoritystude.JPG' alt='Images/12-09-2019121641Minoritystude.JPG' />अल्पसंख्यक वर्ग को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार एक हाथ में क़ुरान, दूसरे हाथ में लैपटाप देकर उन्हें आधुनिक शिक्षा की ओर सतत् अग्रसर कर रही है। मदरसों में एनसीईआरटी की किताबें लागू की गयी हैं।

अब लैपटाप से लैस होंगें अल्पसंख्यक छात्र— छात्राएं

LUCKNOW. उनके अनुसार ही अपना लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें पूरा करने की हर सम्भव कोशिश करनी चाहिए। प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक तबके के सशक्तीकरण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। अल्पसंख्यक वर्ग को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार एक हाथ में क़ुरान, दूसरे हाथ में लैपटाप देकर उन्हें आधुनिक शिक्षा की ओर सतत् अग्रसर कर रही है। मदरसों में एनसीईआरटी की किताबें लागू की गयी हैं।

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ये बातें अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ़ एवं हज, राजनैतिक पेंशन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने  इरम एजूकेशनल सोसायटी द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों के मेधावी छात्र/छात्राओं के सम्मान समारोह में कहीं। उन्होंने छात्र/छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि समस्याओं से कभी भी घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उनका समाधान खोजना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब गरीबी शिक्षा के बीच बाधा नहीं बनेगी क्योंकि भारत सरकार एवं राज्य सरकार छात्र/छात्राओं के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं चला रही है।

श्री ‘नन्दी’ ने इरम एजूकेशनल सोसायटी द्वारा संचालित संस्थाओं के लगभग 71 मेधावी छात्र/छात्राओं को पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ़ एवं हज राज्य मंत्री, मोहसिन रज़ा भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए ऐसी योजनाएं लागू कर रही है, जिनसे उनका सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक विकास हो।

उन्होंने कहा कि कु़रान, श्रीमद्भगवत गीता एवं बाइबिल केवल पुण्य या सवाब के लिए नहीं पढ़नी चाहिए। इन सभी धार्मिक पुस्तकों मेे इल्म है, जो हमें सीखना चाहिए। कार्यक्रम में सोसायटी के प्रबन्धक, महासचिव, निदेशक, विभिन्न संस्थानों के प्रधानाचार्य, विभागाध्यक्ष, अध्यापक-अध्यापिकाएं, अभिभावक तथा छात्र/छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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शिक्षक महासंघ ने किया आन्दोलन का ऐलानhttps://www.newstimes.co.in/news/81397/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-The-teachers-federation-will-agitate-from-tomorrow901814Thu, 12 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/12-09-2019104435Theteachers1.jpg' alt='Images/12-09-2019104435Theteachers1.jpg' />महासंघ के संयोजक एम0एल0सी0 ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि आन्दोलन का पहला चरण 13 सितम्बर, 2019 को जनपदीय स्तर पर अपरान्ह 02 बजे से 05 बजे तक जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन होगा

शिक्षक महासंघ ने किया आन्दोलन का ऐलान

LUCKNOW. उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने शिक्षक हितों के विपरीत नीतियों एवं कार्यक्रमों के विरोध तथा अपनी मांगों के समर्थन में आन्दोलन की घोषणा कर दी है। महासंघ के संयोजक एम0एल0सी0 ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि आन्दोलन का पहला चरण 13 सितम्बर, 2019 को जनपदीय स्तर पर अपरान्ह 02 बजे से 05 बजे तक जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन होगा तथा अपनी कठिनाइयों एवं मॉगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन दिये जायेंगे।

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आन्दोलन के दूसरे चरण में 10 अक्टूबर, 2019 को मशाल जुलूस सभी कस्बों एवं नगरों तथा महानगरों में निकाले जायेंगे जिससे कि जनसाधारण को उनके विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की कठिनाइयों का आभास हो सके। आन्दोलन सम्बन्धी उक्त निर्णय आज उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ की लखनऊ में महासंघ के अध्यक्ष डॉ0 दिनेश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में 15, रायल होटल, सम्पन्न हुई बैठक में लिए गये।

शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा ने शिक्षकों की षिकायतों के निराकरण हेतु निर्मित अधिकरण को शिक्षकों की सेवा नियमावलियों का खुला उल्लंघन बताते हुए उसके विभिन्न प्राविधानों को शिक्षा और शिक्षकों के हितों के विपरीत बताया है तथ मॉग की है कि अधिकरण के इस प्रस्ताव को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए। महासंघ ने संगठन के अध्यक्ष को इसके विरोध के लिए वधाई देते हुए महासंघ  के साथ एकजुटता की घोषणा कर दी। महासंघ के घटकों ने एक स्वर से घोषणा की कि आगामी 21 अक्टूबर, 2019 को प्रदेश का सम्पूर्ण शिक्षक समुदाय सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर रहेगा तथा राजधानी लखनऊ स्थित इको गार्डेन में विशाल रैली होगी और भावी आन्दोलन की घोशणा भी रैली के अवसर पर की जाएगी। 

 उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ की बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षक कल्याण समिति, टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया उ0प्र0, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति प्राथमिक विद्यालय शिक्षक एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश संस्कृत विद्यालय शिक्षक समिति, उ0प्र0 विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष/महामंत्री सम्मिलित रहे। 
 

 

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जानिए 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिन्दी दिवस?https://www.newstimes.co.in/news/81386/भारत/--गिरवान-----पहाड़ी----BABERU---BADASSA--अचनेरा--अजनेर---अतर्रा--अमीनाबाद--अलीगंज--आता-----आलमबाग--आशियाना--इंटौजा--इंडस्ट्रीयल-एरिया--इंदिरा-नगर--इरादतनगर--ईटन--उल्दन---ऋ-जलन--एट----एत्मादपुर--एत्मादुल्ला--एम-एम-गेट--एरछ----ऐशबाग--ककरवाई---कंझारी----कटरा----कुठौन्द----कदौरा----कैन्ट--कबरई----कमासिन---कुरारा----कुलपहाड़---केलिए--कृष्णा-नगर--कैसरबाग--काकोरी--कागारौल--कार्वी---काल्पी----कालिंजर----कीडगंज--कोंच----कोटरा----कोतवाली--कोतवाली--कोतवाली---कोतवाली---कोतवाली---कोतवाली---कोतवाली--कोतवाली--कोतवाली-देहात--खन्डोली--खनना----खरेला----ख़ैरागढ़--खैराथोर--खीरो--गुडम्बा--गदागंज--गुरूबख्शगंज--गुरसराई---गरौठा----गाजीपुर--गिरार----गोमती-नगर--गोसाईंगंज--गोहन----गौतमपल्ली--चरखारी--चरखी----चिकासी---चिनहट--चिरगांव----चिल्ला----चौक--छाता-बाजार--जखौरा----जगतपुर--जगदीशपुरा--जगनेर--जैतपुर--ज़रिए---जलन----जलालपुर----जसपुरा-----जाखलौन----जानकीपुरम--जायस--जालौन----टहरौली----टोडी-फतेहपुर--ठाकुरगंज--डकोर----डलमऊ--डीह--डौकी--ताजगंज--तालकोटरा--तालबेहट----तिंदवारी---नगराम--नदीगांव----न्यू-आगरा--नरैनी---नरहट----नवाबाद----नसीराबाद--नाई-की-मंडी--नाका-हिन्डोला--नादौन----निगोहां--निबोहरा--नियामतपुर----पुँछ----पनवारी---पुरकलां-----प्रेमनगर----पैलानी--पारा--पाली---पिनहट--पिनहट--पीजीआई--फतेहगंज---फतेहपुर-सीकरी--फतेहाबाद--फुर्सतगंज--बेकन-गंज---बख्शी-का-तालाब--बड़गाओं----बड़सर----बबीना---बरगढ़----बेरहन--बेवर---बसई-अरेला--बसई-जगनेर--बसोनी--बसोनी--बहिलपुरवा--बाजारखाला--बानपुर----बार---बारायसागर----बालाबेहट----बाह--भोरंज---मऊ---मऊरानीपुर----मझगवां-----मटौंध-----मठ----मड़ावरा----मड़ियांव--मदनपुर---मन्टोला--मनसुखपुरा--मनसुखपुरा--मरका----मलपुरा--मलिहाबाद--मुंशीगंज--मुस्करा--महरौनी----महानगर--महाराजगंज--महोबकंठ--महोबा----माधोगढ़----मानक-नगर--मानिकपुर--मारकुण्डी----माल--मोहनगंज--मोहनलालगंज--मौदहा---रक्षा---रकाबगंज--रकाबगंज--रेढर----रैपुरा--राजपुर--राठ---रामपुरा----रिठोरा--लहचौड़ा----लालगंज--लालपुरा---लोहा-मंड़ी--वज़ीरगंज--विकास-नगर--विभूति-खण्ड--शम्साबाद--श्रीनगर------शाहगंज--शाहजहांपुर----शिवगढ़--शिवरतनगंज--सआदतगंज--सकरर----सुजानपुर----सदर----सदर--सदर-बाजार--सदरबाजार----सैन्या--समथर----सुमेरपुर---सरोजनी-नगर--सरौनी--सलवन--सिकन्दरा--सिपरी-बाजार--सिरसकालर----सिसोलर---सौजना----हजरतगंज--हरचंदपुर--हरिपर्वत--हसनगंज--हुसैनगंज-Know-why-Hindi-day-is-celebrated-on-14th-September-itself901803Wed, 11 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/11-09-2019131040KnowwhyHindi1.jpg' alt='Images/11-09-2019131040KnowwhyHindi1.jpg' />देश में 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वतंत्रता के बाद से हर वर्ष हिन्दी दिवस मनाते हैं। बता दें कि देश को आजादी मिलने के दो वर्ष बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा घोषित कर दियाा गया था। इसके बाद से ही यह दिवस मनाया जाने लगा।

जानिए 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिन्दी दिवस?

Lucknow. देश में 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वतंत्रता के बाद से हर वर्ष हिन्दी दिवस मनाते हैं। बता दें कि देश को आजादी मिलने के दो वर्ष बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा घोषित कर दियाा गया था। इसके बाद से ही यह दिवस मनाया जाने लगा।

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आपको बता दें कि 14 सितंबर 1949 को राजभाषा का दर्जा मिलने के बाद से हिन्दी दिवस मनाया जाता है। जब भारत स्वतंत्र हुआ तो भाषा को लेकर बड़ा सवाल था कि राष्ट्रभाषा क्या होनी चाहिए। ये सवाल बेहद अहम था इसलिए काफी विचार करने के बाद हिंदी और अंग्रेजी को नए राष्ट्र की भाषा के रूप में चुना गया। जिसके बाद संविधान सभा ने देवनागरी लिपी में लिखी हिंदी को राष्ट्र की आधिकारिक भाषा को दर्जा दिया गया।

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देश के 77% लोग हिंदी बोलते, लिखते और पढ़ते हैं। लोगों के काम करने का तरीका भी हिन्दी ही है। उस दौरान तत्कालीन पीएम  लिखते, पढ़ते, बोलते और समझते हैं। हिंदी उनके कामकाज का भी हिस्सा है। जवाहरलाल नेहरू ने कहा था, हर वर्ष 14 सितंबर को ही हिंदी दिवस मनाया जाएगा। वहीं, विश्व भर में 10 जनवरी को यह दिवस मनाया जाता है।

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गणेशोत्सव विशेष: चमत्कारों से भरा है यह मंदिर, हर रोज बढ़ रहे हैं यहां गणेश जी https://www.newstimes.co.in/news/81361/भारत/आंध्र-प्रदेश/Ganeshotsav-special:-Miraculous-Kanipakam-Ganesh-temple901778Tue, 10 Sep 2019 00:00:00 GMTABHIMANYU VERMA <img src='http://newstimes.co.in/Images/10-09-2019161447Ganeshotsavsp3.jpg' alt='Images/10-09-2019161447Ganeshotsavsp3.jpg' />गणपति उत्सव की शुरुआत होने के बाद देश का कोना-कोना भगवान श्री गणेश की भक्ति में डूबा हुआ है। वैसे तो देश भर में गणेश जी के कई मंदिर हैं लेकिन कुछ ऐसे मंदिर भी हैं जो गणेशोत्सव के लिए सबसे ज्यादा मशहूर हैं।

गणेशोत्सव विशेष: चमत्कारों से भरा है यह मंदिर, हर रोज बढ़ रहे हैं यहां गणेश जी

New Delhi. गणपति उत्सव की शुरुआत होने के बाद देश का कोना-कोना भगवान श्री गणेश की भक्ति में डूबा हुआ है। वैसे तो देश भर में गणेश जी के कई मंदिर हैं लेकिन कुछ ऐसे मंदिर भी हैं जो गणेशोत्सव के लिए सबसे ज्यादा मशहूर हैं। जहां गणपति के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी लाइन देखने मिलती है। जिसमें से एक नाम विश्व विख्यात कनिपकम गणेश मंदिर का भी है। जिसकी खासियत के बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं। 

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आंध्र प्रदेश के चित्तूर में स्थित कनिपकम गणेश मंदिर भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। कहा जाता है कि इस मंदिर की स्थापना 11 वीं शताब्दी में चोल के राजा 'कुलोथुंगा' ने की थी। यह मंदिर अन्य भगवान गणेश के मंदिरों से काफी अनोखा है। इसके मंदिर के बीचों-बीच एक नदी बहती है, जो इसकी खूबसूरती को बहुत ज्यादा बढ़ा देती है।

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इस मंदिर में भगवान गणेश जी की एक बहुत विशाल और सुंदर मूर्ति स्थापित है। यहां के पंडित का दावा है कि यह मूर्ति लगातार साइज में बढ़ती जा रही है। सुनने में शायद आपको थोड़ा अजीब लगे लेकिन इस बात में थोड़ी सच्चाई है क्योंकि गणेश जी की मूर्ति का पेट लगातार बढ़ता चला जा रहा है। इसी वजह से लोग इस मंदिर के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। 

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इस मंदिर की मान्यता यह भी है कि यहां आने वाले हर भक्त की इच्छा बहुत जल्द पूरी होती है। मंदिर के बीचों-बीच जो नदी बहती है उसमें डुबकी लगाकर जो भक्त गणेश जी के दर्शनों के लिए जाता है, उसके मन की हर इच्छा बहुत जल्द पूरी हो जाती है। 

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बुढ़वा मंगल: मंदिरों में उमड़ा हनुमत भक्तों का सैलाब, देर रात से ही लगी भक्तों की कतारेंhttps://www.newstimes.co.in/news/81352/भारत/उत्तर-प्रदेश-/कानपुर/-BADASSA--चिल्ला----जगदीशपुरा--जगनेर--फतेहगंज---बेकन-गंज---बसई-जगनेर--सदर-बाजार-An-influx-of-Hanumat-devotees-gathered-in-temples-on-Budhva-Mangal-queues-of-devotees-started-since-late-night901769Tue, 10 Sep 2019 00:00:00 GMTDEEP KRISHAN SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/10-09-2019121107AninfluxofH4.jpg' alt='Images/10-09-2019121107AninfluxofH4.jpg' />बुढ़वा मंगल के अवसर पर भगवान संकट मोचन के दर्शनों के लिए देर रात से ही मंदिरों में भक्तों की कतारें लगी नजर आई। कानपुर के पनकी स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में बाबा के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ा। रात एक बजे जैसे ही मंदिर के कपाट खुले तो भक्तों ने बाबा की जय जयकार करते हुए पुष्पवर्षा कर संकटों को हरने की कामना की। अन्य प्रमुख मंदिरों में भी भी हनमत भक्तों की कतारें लगी देखी गयी। 

बुढ़वा मंगल: मंदिरों में उमड़ा हनुमत भक्तों का सैलाब, देर रात से ही लगी भक्तों की कतारें

Kanpur. बुढ़वा मंगल के अवसर पर भगवान संकट मोचन के दर्शनों के लिए देर रात से ही मंदिरों में भक्तों की कतारें लगी नजर आई। कानपुर के पनकी स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में बाबा के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ा। रात एक बजे जैसे ही मंदिर के कपाट खुले तो भक्तों ने बाबा की जय जयकार करते हुए पुष्पवर्षा कर संकटों को हरने की कामना की। अन्य प्रमुख मंदिरों में भी भी हनमत भक्तों की कतारें लगी देखी गयी। 

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लद्दाख की ये खूबसूरत जगहें पर्यटकों के लिए हैं धरती पर स्वर्गhttps://www.newstimes.co.in/news/81333/भारत/अन्य-राज्यों-से/Beautiful-places-of-Ladakh-are-heaven-on-earth-for-tourists-901750Mon, 09 Sep 2019 00:00:00 GMTABHIMANYU VERMA <img src='http://newstimes.co.in/Images/09-09-2019163143Beautifulplac5.jpg' alt='Images/09-09-2019163143Beautifulplac5.jpg' />भारत में वैसे घूमने की कई खूबसूरत जगहें हैं जिसमें लद्दाख भी शामिल है। यहां की खूबसूरत झीलें, ऐतिहासिक स्थल, बर्फ की चादरें पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। पर्यटकों को ये जगह की जन्नत से कम नहीं लगती। तो चलिये जानते हैं लद्दाख खूबसूरत जगहों के बारे में जो पूरी दुनिया को पर्यटकों अपनी ओर खींचती हैं। 

लद्दाख की ये खूबसूरत जगहें पर्यटकों के लिए हैं धरती पर स्वर्ग

New Delhi. भारत में वैसे घूमने की कई खूबसूरत जगहें हैं जिसमें लद्दाख भी शामिल है। यहां की खूबसूरत झीलें, ऐतिहासिक स्थल, बर्फ की चादरें पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। पर्यटकों को ये जगह की जन्नत से कम नहीं लगती। तो चलिये जानते हैं लद्दाख खूबसूरत जगहों के बारे में जो पूरी दुनिया को पर्यटकों अपनी ओर खींचती हैं। 

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ब्लू पैंगोंग झील

ब्लू पैंगोंग झील हिमालय में लेह-लद्दाख के पास स्थित प्रसिद्ध झील है। भारत के लद्दाख़ से तिब्बत पहूँचती है और इसका दो तिहाई हिस्सा चीन में है। सर्दियों के समय नमक पानी होने के बावजूद, झील पूरी तरह से जमती है। यह करीब 43,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां का तापमान माइनस 5 डिग्री सेल्सियस से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 

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लेह पैलेस 

लेह पैलेस लद्दाख का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है। यह देश की एक ऐतिहासिक समृद्ध सम्पदाओं में से एक है। इस भव्य और आकर्षक संरचना को 17 वीं शताब्दी में राजा सेंगगे नामग्याल ने एक शाही महल के रूप में बनवाया था। इस हवेली में राजा और उनका पूरा राजसी परिवार रहता था। यह महल 9 मंजिलों का है, जहां ऊंची मंजिलों में शाही परिवार और निचे के मंजिलों में स्टोर रूम और अस्तबल था। अब इस महल की देखरेख पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा की जा रही है।

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फुगताल मठ

फुकताल या फुगताल मठ लद्दाख में जांस्कर क्षेत्र के दक्षिणी और पूर्वी भाग में दुर्गम पहाड़ियों में स्थित है। इसकी संरचना शहद के छत्ते जैसी है। गुफाओं में छिपे इस मठ का इतिहास 2500 साल पुराना है। समुद्रतल से 4800 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर स्थित इस मठ में करीब 200 बौद्ध भिक्षु रहते हैं। यह उन उपदेशकों और विद्वानों की जगह है जो प्राचीन काल में यहां रहते थे। स्मारक के अलावा यहां मठ के कमरे और लायब्रेरी भी है। यह जगह ध्यान करने, शिक्षा, सीखने और एन्जॉय करने की जगह थी। आज दूर-दराज से लोग यहां आते हैं।

 

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प्लास्टिक के बाद अब थर्माकोल प्रतिबंधित, सरकार ने इसलिए उठाया कदमhttps://www.newstimes.co.in/news/81287/भारत/After-plastic-thermocol-is-now-banned-the-government-has-taken-steps901704Sun, 08 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/08-09-2019113308Afterplastic,1.jpg' alt='Images/08-09-2019113308Afterplastic,1.jpg' />पर्यावरण के लिए घातक प्लास्टिक के बाद अब सरकार ने थर्माकोल पर प्रतिबंध लगाने विचार बना रही है। यूपी में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। सरकार ने सभी प्लास्टिक और थर्मोकोल को प्रतिबंधित किया है। सरकार के इस निर्णय के बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने भी स्कूलों में इस पर प्रतिबंध लगा दिया है।

प्लास्टिक के बाद अब थर्माकोल प्रतिबंधित, सरकार ने इसलिए उठाया कदम

Lucknow. पर्यावरण के लिए घातक प्लास्टिक के बाद अब सरकार ने थर्माकोल पर प्रतिबंध लगाने विचार बना रही है। यूपी में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। सरकार ने सभी प्लास्टिक और थर्मोकोल को प्रतिबंधित किया है। सरकार के इस निर्णय के बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने भी स्कूलों में इस पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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थर्माकोल पर प्रतिबंध लगने के बाद अब स्कूल में जो प्रोजेक्ट इससे तैयार होते रहे हैं, अब छात्र नहीं कर पाएंगे। प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए छात्रों को कार्डबोर्ड या अन्य सामग्रियों का यूज करना पड़ेगा। शिक्षकों ने सरकार के इस पहल की सराहना की है।

बेसिक शिक्षा परिषद की सचिव रूबी सिंह के मुताबिक थर्माकोल प्लास्टिक से तैयार होते हैं। इससे छात्र भले ही प्रोजेक्ट तैयार करते थे, लेकिन पर्यारण को नुकसान पहुंचता है। ये थर्माकोल आसानी से अपघटित नहीं होते। जिससे   मिट्टी और पर्यावरण सालों प्रदूषित होते रहते हैं।

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योगी सरकार ने किया बड़ा ऐलान, अब तीन रुपये में कमरा और चार रुपये में मिलेगा भोजनhttps://www.newstimes.co.in/news/81290/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Know-who-gets-a-room-for-three-rupees-and-a-meal-for-four-rupees901707Sun, 08 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/08-09-2019115243Knowwhogets.jpg' alt='Images/08-09-2019115243Knowwhogets.jpg' />समाज के अन्तिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ एवं विकास की रोशनी पहुॅचाने के उद्देश्य से वृद्ध, अपाहिज, निःसहाय एवं आर्थिक कठिनाइयों से त्रस्त स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों को भोजन, आवास एवं चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी सेवा सदन, लखनऊ एवं मथुरा की स्थापना की गयी है।

योगी सरकार ने किया बड़ा ऐलान, अब तीन रुपये में कमरा और चार रुपये में मिलेगा भोजन

LUCKNOW. समाज के अन्तिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ एवं विकास की रोशनी पहुंचाने के उद्देश्य से वृद्ध, अपाहिज, निःसहाय एवं आर्थिक कठिनाइयों से त्रस्त स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों को भोजन, आवास एवं चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी सेवा सदन, लखनऊ एवं मथुरा की स्थापना की गयी है। स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी जिनकी देखभाल करने वाला उनके परिवार का कोई सदस्य नहीं है, उनके लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित ये सेवा सदन किसी वरदान से कम नहीं है। 

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ये बातें राजनैतिक पेंशन मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी‘ ने स्थानीय रिवर बैंक कालोनी स्थित उ0प्र0 स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी सेवा सदन, लखनऊ एवं मथुरा के जीर्णोद्धार कार्यों के लोकार्पण के अवसर पर कहीं। उन्होंने मथुरा के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी सेवा सदन का लोकार्पण वीडियों कान्फ्रेंसिग के माध्यम से किया। श्री नन्दी ने कहा कि मात्र 3 रूपये में कमरा एवं 4 रूपये में भोजन की व्यवस्था से स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों को काफी सुविधा होगी। 

इस अवसर पर प्रमुख सचिव, राजनैतिक पेंशन, राजन शुक्ला ने बताया कि 24 जनवरी, 2018 को ‘उत्तर प्रदेश दिवस‘ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्वतन्त्रता संग्राम सेवा सदन, लखनऊ एवं मथुरा के जीर्णोद्धार कार्यों का शिलान्यास किया गया। जीर्णोद्धार का काम समयबद्धता के साथ एवं गुणवत्तावपूर्ण ढंग से कराया गया है। उन्होंने बताया कि सेवा सदन, लखनऊ में कुल 34 कमरें हैं, जिसमें 01 सभा कक्ष, एक डारमेट्री, एक भोजन कक्ष तथा शेष स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों हेतु आरक्षित हैं। 

इसी प्रकार सेवा सदन, मथुरा में कुल 11 कमरें हैं, जिसमें 01 कार्यालय कक्ष, 01 स्टोर कक्ष, एक विशेष अतिथि कक्ष, एक मीटिंग हाल, एक भोजन कक्ष एवं 08 सेनानी कक्ष हैं। उन्होंने बताया कि सेवा सदन, लखनऊ के अनुरक्षण कार्य हेतु 67.06 लाख रूपये तथा सेवा सदन, मथुरा के अनुरक्षण कार्य हेतु 18.18 लाख रूपये की स्वीकृत हुई। 

इस अवसर पर राजनैतिक पेंशन मंत्री ने स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों, मो. शाबिर, राम आचार्य, शिव नारायण लाल गुप्ता एवं श्रीमती मिथलेश जैन को सम्मानित किया। जीर्णोद्धार कार्यक्रम के लोकार्पण के अवसर पर जिलाधिकारी, लखनऊ कौशलराज शर्मा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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कुपोषण को मिटाना पांच विभागों की नैतिक जिम्मेदारीhttps://www.newstimes.co.in/news/81270/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Eliminating-malnutrition-moral-responsibility-of-five-departments901686Sat, 07 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/07-09-2019161221Eliminatingma.JPG' alt='Images/07-09-2019161221Eliminatingma.JPG' />जिसमें बाल विकास पुष्टाहार, पंचायतीराज, शिक्षा, स्वास्थ्य,आपूर्ति प्रमुख थे। बैठक में खण्ड विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि इस सभी विभागों की संयुक्त रूप से यह जिम्मेदारी है कि गावों के कुपोषित बच्चोें पर विशेष ध्यान दिया जाय।

कुपोषण को मिटाना पांच विभागों की नैतिक जिम्मेदारी

LUCKNOW.  जिसमें बाल विकास पुष्टाहार, पंचायतीराज, शिक्षा, स्वास्थ्य,आपूर्ति प्रमुख थे। बैठक में खण्ड विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि इस सभी विभागों की संयुक्त रूप से यह जिम्मेदारी है कि गावों के कुपोषित बच्चोें पर विशेष ध्यान दिया जाय। इसके लिए स्वयं सेवी संस्था वात्सल्य भी सहयोग कर रही है।

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समुदाय में जागरूकता के साथ जमीनी स्तर पर कुपोषित बच्चों की कटेगरी बांटकर उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों का बजन लेना, चार्ट तैयार करना, पोषाहार वितरण बाल विकास विभाग का काम है। पोषण दिवस का आयोजन, स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण का कार्य स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया जा रहा है।

इसके अलावा गावों में सफाई, शौचालयों का निर्माण एवं सफाई, नालियों की सफाई का काम पंचायतीराज विभाग को करना चाहिए। और इस सबके लिए आपस में समन्वय होना जरूरी है। बैठक में आपूर्ति निरीक्षक भानु भाष्कर कौल, एडीओ पंचायत देवेन्द्र कुमार सिंह, कार्यवाहक सीडीपीओ सुधा मौर्या, सुपरवाइजर श्रद्धा सिंह, वात्वसल्य के अवधेश मौर्य उपस्थित थे। 
 

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मलिहाबाद की महिला किसान को मिला अकादमी अभिनव किसान पुरस्कारhttps://www.newstimes.co.in/news/81264/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Female-farmer-from-Malihabad-received-Academy-Innovation-Farmer-Award901680Sat, 07 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/07-09-2019174923uwAZh4NDy2.JPG' alt='Images/07-09-2019174923uwAZh4NDy2.JPG' />मोहम्मद नगर तालुकेदारी गाँव की महिला किसान स्वेता मौर्या को हैदराबाद स्थित आई॰सी॰ए॰आर॰-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी द्वारा अभिनव किसान पुरस्कार के लिए चुना गया । यह पुरस्कार आई॰सी॰ए॰आर॰ के महानिदेशक डॉ त्रिलोचन महापात्र के कर कमलों द्वारा दिया गया।

मलिहाबाद की महिला किसान को मिला अकादमी अभिनव किसान पुरस्कार

LUCKNOW. आंधी और तेज हवा से गिरे आम के कच्चे फल को पारंपरिक रूप से महिलाएं खटाई बनाकर धन उपार्जन करती हैं, परंतु खटाई के लिए उन्नत तकनीकी का प्रयोग न करने के कारण वह काली पड़ जाती है। फलस्वरुप यह बिचौलियों द्वारा औने पौने दाम में खरीद ली जाती है।

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महिला किसानों को मूल्य संवर्धन द्वारा ज्यादा आय दिलाने एवं बिचोलियों से बचने के लिए फार्मर फ़र्स्ट परियोजना के अंतर्गत संस्थान के वैज्ञानिकों ने 30 महिलाओं का समूह बनाकर मोहम्मद नगर तालुकेदारी गांंव में कच्चे आम के प्रसंस्करण पर प्रशिक्षित किया। जिसमें महिलायों को आंंधी के कारण गिरे हुए आम के कच्चे फलों से आमचूर बनाने की उन्नत तकनीकी प्रदर्शित की।

इसके अलावा महिलाओं को आमचूर बनाने की विधि में उपयोग आने वाले उपकरण जैसे मैंगों पीलर तथा सोलर डीहाइड्रेटर उपलब्ध कराया, जिससे प्रेरित होकर महिला किसान नवीन विधि से अमचूर बनाने लगी तथा इसको शहरी क्षेत्रों में अच्छे दाम पर बेच रही हैं । इसी क्रम में मोहम्मद नगर तालुकेदारी गाँव की महिला किसान स्वेता मौर्या को हैदराबाद स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी द्वारा अभिनव किसान पुरस्कार के लिए चुना गया।

यह पुरस्कार आईसीएआर के महानिदेशक डाॅ त्रिलोचन महापात्र के कर कमलों द्वारा दिया गया। इस पुरस्कार के लिए देश भर से केवल आठ किसानों का चयन किया गया, जिसमें से एक स्वेता मौर्या को मिला है। स्वेता मौर्या अमचूर के अलावा आम पना एवं विभिन्न प्रकार के आचार भी बनाती हैं ।

हैदराबाद और मध्य प्रदेश से मिल रहे आर्डर

24 वर्षीया श्वेता मौर्या इससे बेहद उत्साहित है और  कहती है की आमचूर, आम पन्ना, अचार एवं अमावट के लिए लोग उनसे संपर्क कर रहे है उन्हें हैदराबाद एवं मध्यप्रदेश से आर्डर मिले हैं। आने वाले वर्षो में वह एक सफल उद्यमी बनना चाहती हैं। वह कहती हैं कि केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. पवन गुर्जर के द्वारा दिए गए प्रशिक्षण और निदेशक के सहयोग से वह यह कार्य सफलता पूर्वक कर पायी। 

परियोजना के अन्वेषक डॉ मनीष मिश्रा बताते है कि जिन महिलाओं को इस तकनीक से जोड़ा गया, उन्हें पारम्परिक विधि से कार्य करने वाली महिलाओं की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक आय प्राप्त हुई। 

मूल्य संवर्धन के अतिरिक्त संस्थान बहुत सी  बागवानी संबंधित प्रौद्योगिकी में उद्यमिता विकास के लिए किसानों को सहयोग कर रहा है। इस दिशा में बहुत से युवक,  महिलाएं एवं विद्यार्थी इन तकनीकों का लाभ उठाने हेतु संस्थान से परामर्श ले रहे हैं| कई उद्यमियों ने अपना व्यवसाय स्थापित करने में अभूतपूर्व सफलता भी प्राप्त की है।

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स्वच्छता कार्यक्रम के लिए ग्राम प्रधान को महिला वर्ग में राष्ट्रीय पुरस्कारhttps://www.newstimes.co.in/news/81261/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-For-the-cleanliness-program-village-head-Siya-Dulari-was-awarded-the-national-award-in-the-womens-category901677Sat, 07 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/07-09-2019105804Forthecleanl1.jpg' alt='Images/07-09-2019105804Forthecleanl1.jpg' />स्वच्छता कार्यक्रम को जन-आन्दोलन बनाने की दिशा में सराहनीय प्रयास के चलते विज्ञान भवन, नयी दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा सिया दुलारी ग्राम प्रधान जोनरा, विकास खंड एवं जनपद औरैया को महिला वर्ग में राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया।

स्वच्छता कार्यक्रम के लिए ग्राम प्रधान को महिला वर्ग में राष्ट्रीय पुरस्कार

LUCKNOW. स्वच्छता कार्यक्रम को जन-आन्दोलन बनाने की दिशा में सराहनीय प्रयास के चलते विज्ञान भवन, नयी दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा सिया दुलारी ग्राम प्रधान जोनरा, विकास खंड एवं जनपद औरैया को महिला वर्ग में राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। 

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यह जानकारी निदेशक पंचायतीराज डा. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर से एक मात्र महिला ग्राम प्रधान को महिला वर्ग हेतु राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश से नामित किया गया था। सिया दुलारी द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बच्चों एवं उनके अभिभावकों के माध्यम से जन समुदाय तक स्वच्छता सन्देश को पहुँचाने एवं व्यवहार परिवर्तन के लिए विशेष प्रयास किये गए। गाँव के विद्यालयों में रैली निकाली गयी। स्वच्छता संबंधी नारों से सभी को आकर्षित किया गया।

मम्मी पापा बीमारी से हमें बचाओ, हमारे घर शौचालय बनवाओ।।
बहू बेटियों का सम्मान करो, घर में शौचालयों का निर्माण करो इत्यादि।।

विद्यालय में ‘‘बाल निगरानी समिति’’ का गठन किया गया। बाल निगरानी समिति के पदाधिकारियों की नियमित बैठक आयोजित की गयी। बाल निगरानी समिति के पदाधिकारियों द्वारा बच्चों के नाखून की जांच, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराना, शौचालय की सफाई एवं उसमें पानी की व्यवस्था, हैण्ड वाशिंग हेतु साबुन की नियमित उपलब्धता, विद्यालय प्रांगण की साफ-सफाई की नियमित रूप से माॅनिटरिंग कर प्रभारी शिक्षक को अवगत कराया गया। बाल निगरानी समिति में श्रेष्ठ कार्य करने वाले बच्चों को समय-समय पर प्रोत्साहित भी किया गया। समिति के सदस्य अपने कार्यों के बारे में समय-समय पर प्रभारी शिक्षक को भी अवगत कराया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी औरैया अभिषेक सिंह स्वयं विज्ञान भवन में मौजूद थे। 

प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सियादुलारी को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान सम्पूर्ण प्रदेश के लिए गर्व की बात है। मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) डॉ० ब्रहम देव राम तिवारी द्वारा प्रदेश की महिला ग्राम प्रधान को यह सम्मान मिलने पर हर्ष व्यक्त किया।

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अगर घूमने जा रहे हैं भगवान के देश, ये जगहों पर जाना न भूलेंhttps://www.newstimes.co.in/news/81242/भारत/अन्य-राज्यों-से/Visit-the-most-beautiful-places-in-Kerala901658Fri, 06 Sep 2019 00:00:00 GMTABHIMANYU VERMA <img src='http://newstimes.co.in/Images/06-09-2019163339Visitthemost1.jpg' alt='Images/06-09-2019163339Visitthemost1.jpg' />प्रकृति को नजदीक से देखने के शौकीन लोगों के लिए केरल एक बेस्ट जगह है। जिसे भगवान का देश भी कहा जाता है। यहां पर हर साल दस मिलियन से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करती है। इसके साथ नारियल और हाथियों से भरा यह प्रदेश एक समृद्ध जैव विविधता के लिए भी जाना जाता है।

अगर घूमने जा रहे हैं भगवान के देश, ये जगहों पर जाना न भूलें

New Delhi. प्रकृति को नजदीक से देखने के शौकीन लोगों के लिए केरल एक बेस्ट जगह है, जिसे भगवान का देश भी कहा जाता है। यहां पर हर साल दस मिलियन से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करती है। इसके साथ नारियल और हाथियों से भरा यह प्रदेश एक समृद्ध जैव विविधता के लिए भी जाना जाता है। केरल को भारत का सबसे अच्छा शहर माना जाता है और खासतौर से छुट्टियों में घूमने के लिए ये किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

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अलेप्पी

पूर्व के वेनिस के रूप में मशहूर अलेप्पी हमेशा से ही केरल के समुद्री इतिहास को जानने का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। आज यह खूबसूरत गंतव्य अपने नौका दौड़, बैकवॉटर, समुद्री तटों, समुद्री उत्पादों और कॉयर उद्योग के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। यह शहर कोट्टायम से 46 किमी, कोच्चि से 53 और त्रिवेन्द्रम के 155 किमी दूरी पर स्थित है।

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मुन्नार

मुन्नार केरल का सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशन है। जिंदगी की भागदौड़ और प्रदूषण से दूर यह जगह लोगों को अपनी ओर खींचता है। यहां पर हर साल हजारों पर्यटक आते हैं।   80,000 मील की दूरी तक फैली चाय की खेती के बगान आपको दूर-दूर तक फैले दिखाए पड़ेंगे। दक्षिण भारत की अधिकतर जायकेदार चाय इन्हीं बागानों से आती हैं। 

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थेक्कडी

थेक्कडी केरल की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है और यहां हर साल काफी ज्यादा संख्या में टूरिस्ट आते हैं। अगर आप नेचर और वाइल्ड लाइफ लवर हैं तो थेक्कडी आपके लिए परफेक्ट हॉलिडे ऑप्शन हो सकता है जहां पर आपको थेककडी में आपको बेहद खूबसूरत पहाड़, बड़े-बड़े पेड, एक से एक मनोरम दृश्य वाले झरने और हाथी, बाघ, हिरण जैसे जानवर देखने को मिलेंगे।

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न​रसिंह देव के पौराणिक तीन दिवसीय मेले का हुआ शुभारम्भhttps://www.newstimes.co.in/news/81238/भारत/उत्तर-प्रदेश-/उन्नाव/The-inauguration-of-the-legendary-three-day-fair-of-Narsingh-Deva901654Fri, 06 Sep 2019 00:00:00 GMTDEEP KRISHAN SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/06-09-2019142831Theinaugurati1.jpg' alt='Images/06-09-2019142831Theinaugurati1.jpg' />​​​​​​​​​​​​उन्नाव के हसनगंज तहसील क्षेत्र में स्थित नरसिंह देव मंदिर के तीन दिवसीय पौराणिक मेले का शुभारम्भ शुक्रवार से हो गया। पहले ही क्षेत्र के दर्जनों गांवों सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान नरसिंह की विधिविधान से पूजा अर्चना कर उनका आर्शीवाद लिया।

न​रसिंह देव के पौराणिक तीन दिवसीय मेले का हुआ शुभारम्भ

Unnao. जिले की हसनगंज तहसील क्षेत्र में स्थित नरसिंह देव मंदिर के तीन दिवसीय पौराणिक मेले का शुभारम्भ शुक्रवार से हो गया। पहले ही क्षेत्र के दर्जनों गांवों सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान नरसिंह की विधिविधान से पूजा अर्चना कर उनका आर्शीवाद लिया।

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भाद्रपद की शुक्ल पक्ष कजरी तीज के बाद पढ़ने वाले पहले शुक्रवार से इस मेले का शुभारम्भ होता है। इस वर्ष भी यह पौराणिम मेला शुक्रवार से शुरू हो गया।

पौराणिक मान्यताओं के चलते यहां आज भी स्थानीय निवासियों के अलावा उनके दूर दराज से आए नाते रिश्तेदारों द्वारा बच्चों के मुंडन संस्कार कर कर्ण छेदन व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन होते हैं।

मंदिर के आस पास तकरीबन तीन किलोमीटर लंबे इलाके में यह मेला लगता है। मेले में आसपास के कई जनपदों से दुकनदार आकर अपनी दुकानें लगाते हैं।

मेले में क्षेत्रीय लोगों की जरुरतों के संबंधित गृहस्थी का सारा सामान बिकता है। मेले के चलते यहां के स्थानीय निवासियो के रिश्तेदार व सगे संबंधी उनके यहां एक दो दिन पहले ही आ जाते हैं।
  इलाके हर घर में रखा जाता है व्रत
मंदिर के पुजारी मन्नालाल अवस्थी ने बताया कि कजरी तीज के बाद पहले शुक्रवार को हसेवा गांव में हर परिवार में एक महिला व पुरुष व्रत रखता है। साथ ही गांव के देवी देवताओं के स्थल पर जाकर हवन पूजन करते हैं उसके बाद प्रत्येक पुरुष शाम को मंदिर पर एक सवइया घी के चार पुए का भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करके व्रत का पारण करते हैं। वही घर की महिलाएं देवी मंदिर में एक साथ सामूहिक तौर पर भोग लगाती हैं।
  सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा चौकन्ना
हसेवा गांव में लगने वाले इस तीन दिवसीय मेले में प्रतिदिन हजारों की संख्या में नरसिंह भगवान के दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं व भक्तों की भीड़ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यहां का प्रशासन मुस्तैद रहता है। भीड़ के साथ साथ रोड के दोनों तरफ दुकानें लगने से यातायात बाधित ना हो इसके लिए प्रशासन को जबरदस्त मशक्कत करनी पड़ती है। कोतवाली प्रभारी हर प्रसाद अहिरवार ने बताया कि आयोजित मेले में भीड़ को देखते हुए एक दर्जन महिला व पुरुष आधा दर्जन दरोगा की ड्यूटी लगाई है। 

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जर्मन प्रतिनिधि मण्डल ने व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री से की मुलाकातhttps://www.newstimes.co.in/news/81226/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/German-delegation-met-Minister-of-State-for-Vocational-Education-and-Skill-Development901642Fri, 06 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/06-09-2019112157Germandelegat.jpg' alt='Images/06-09-2019112157Germandelegat.jpg' />प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार)कपिल देव अग्रवाल से विधान सभा नवीन भवन स्थित उनके कार्यालय कक्ष में जर्मन प्रतिनिधि मण्डल ने मुलाकात की।

जर्मन प्रतिनिधि मण्डल ने व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री से की मुलाकात

LUCKNOW. प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल से  विधान सभा नवीन भवन स्थित उनके कार्यालय कक्ष में जर्मन प्रतिनिधि मण्डल ने मुलाकात की। मुलाकात के दौरान जर्मन प्रतिनिधिमण्डल के प्रतिनिधियों जेंस काईजर व जोरेगन मनिके ने जर्मनी के वाकेशनल सिस्टम से मंत्री को अवगत कराया तथा कहा कि प्रदेश की युवा आबादी को उद्योगों की मांग के अनुरुप तैयार किये जाने हेतु यह आवश्यक है कि आई0टी0आई0 द्वारा संचालित किये जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की मंशा के अनुरुप संचालित किये जाने की आवश्यकता है तथा इस हेतु जर्मन सरकार प्रदेश सरकार को तकनीकी व वित्तीय सहयोग प्रदान करना चाहती है। 

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मुलाकात में विभिन्न विषयों जैसे उद्योगों की वास्तविक मांग के अनुरुप प्रशिक्षण कार्यक्रमों के पाठ्यक्रमों का उच्चीकरण, आई0टी0आई0 से इण्डस्ट्री रेडी छात्र तैयार करना, काॅमन फैसीलीटेशन व फैक्लटी सेन्टर व प्रशिक्षण हेतु औद्योगिक क्लस्टरों की स्थापना करने पर विस्तृत चर्चा की गई। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री ने जर्मन प्रतिनिधिमण्डल से कहा कि हमारी सरकार का एक ही लक्ष्य है कि युवाओं को आधुनिक तकनीकी का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण प्रदान किया जाय। इस लक्ष्य की पूर्ति में जो भी अवरोध है, उन्हे शीर्ष प्राथमिकता पर लेकर दूर किया जायेगा।

स्वतंत्र प्रभार मंत्री ने यह भी कहा कि हमारी सरकार यह प्रयास कर रही है कि प्रदेश के युवाओं को अन्र्तराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरुप प्रशिक्षित कर उन्हे रोजगार के लिये विदेशों में भेजा जाय, जिससे देश को अधिक से अधिक विदेशी मुद्रा प्राप्त हो सके और आर्थिक विकास में कौशल विकास का बड़ा हिस्सा हो। श्री देव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जर्मन सरकार से जैसे ही प्रस्ताव प्राप्त हो उस पर 15 दिनों में अध्ययन कर आख्या सहित अपनी संस्तुतियां उनके सम्मुख प्रस्तुत की जायें, जिससे कि प्रस्ताव को अंतिम रुप देकर कर उसे क्रियान्वित किया जाये। 

इस मौके पर एस. राधा चौहान, प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग,  कुणाल सिल्कू, मिशन निदेशक, उ0प्र0 कौशल विकास मिशन/निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, उप्र. तथा मनमोहन चौधरी, विशेष सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग व अन्य अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
 

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आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बाल सुपोषण उत्सव के साथ मनाया गया बचपन दिवसhttps://www.newstimes.co.in/news/81221/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/--गिरवान-----पहाड़ी----BABERU---BADASSA--अचनेरा--अजनेर---अतर्रा--अमीनाबाद--अलीगंज--आता-----आलमबाग--आशियाना--इंटौजा--इंडस्ट्रीयल-एरिया--इंदिरा-नगर--इरादतनगर--ईटन--उल्दन---ऋ-जलन--एट----एत्मादपुर--एत्मादुल्ला--एम-एम-गेट--एरछ----ऐशबाग--ककरवाई---कंझारी----कटरा----कुठौन्द----कदौरा----कैन्ट--कबरई----कमासिन---कुरारा----कुलपहाड़---केलिए--कृष्णा-नगर--कैसरबाग--काकोरी--कागारौल--कार्वी---काल्पी----कालिंजर----कीडगंज--कोंच----कोटरा----कोतवाली--कोतवाली--कोतवाली---कोतवाली---कोतवाली---कोतवाली---कोतवाली--कोतवाली--कोतवाली-देहात--खन्डोली--खनना----खरेला----ख़ैरागढ़--खैराथोर--खीरो--गुडम्बा--गदागंज--गुरूबख्शगंज--गुरसराई---गरौठा----गाजीपुर--गिरार----गोमती-नगर--गोसाईंगंज--गोहन----गौतमपल्ली--चरखारी--चरखी----चिकासी---चिनहट--चिरगांव----चिल्ला----चौक--छाता-बाजार--जखौरा----जगतपुर--जगदीशपुरा--जगनेर--जैतपुर--ज़रिए---जलन----जलालपुर----जसपुरा-----जाखलौन----जानकीपुरम--जायस--जालौन----टहरौली----टोडी-फतेहपुर--ठाकुरगंज--डकोर----डलमऊ--डीह--डौकी--ताजगंज--तालकोटरा--तालबेहट----तिंदवारी---नगराम--नदीगांव----न्यू-आगरा--नरैनी---नरहट----नवाबाद----नसीराबाद--नाई-की-मंडी--नाका-हिन्डोला--नादौन----निगोहां--निबोहरा--नियामतपुर----पुँछ----पनवारी---पुरकलां-----प्रेमनगर----पैलानी--पारा--पाली---पिनहट--पिनहट--पीजीआई--फतेहगंज---फतेहपुर-सीकरी--फतेहाबाद--फुर्सतगंज--बेकन-गंज---बख्शी-का-तालाब--बड़गाओं----बड़सर----बबीना---बरगढ़----बेरहन--बेवर---बसई-अरेला--बसई-जगनेर--बसोनी--बसोनी--बहिलपुरवा--बाजारखाला--बानपुर----बार---बारायसागर----बालाबेहट----बाह--भोरंज---मऊ---मऊरानीपुर----मझगवां-----मटौंध-----मठ----मड़ावरा----मड़ियांव--मदनपुर---मन्टोला--मनसुखपुरा--मनसुखपुरा--मरका----मलपुरा--मलिहाबाद--मुंशीगंज--मुस्करा--महरौनी----महानगर--महाराजगंज--महोबकंठ--महोबा----माधोगढ़----मानक-नगर--मानिकपुर--मारकुण्डी----माल--मोहनगंज--मोहनलालगंज--मौदहा---रक्षा---रकाबगंज--रकाबगंज--रेढर----रैपुरा--राजपुर--राठ---रामपुरा----रिठोरा--लहचौड़ा----लालगंज--लालपुरा---लोहा-मंड़ी--वज़ीरगंज--विकास-नगर--विभूति-खण्ड--शम्साबाद--श्रीनगर------शाहगंज--शाहजहांपुर----शिवगढ़--शिवरतनगंज--सआदतगंज--सकरर----सुजानपुर----सदर----सदर--सदर-बाजार--सदरबाजार----सैन्या--समथर----सुमेरपुर---सरोजनी-नगर--सरौनी--सलवन--सिकन्दरा--सिपरी-बाजार--सिरसकालर----सिसोलर---सौजना----हजरतगंज--हरचंदपुर--हरिपर्वत--हसनगंज--हुसैनगंज--Childhood-Day-celebrated-with-Child-Sufficiency-Festival-at-Anganwadi-centers901637Fri, 06 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/06-09-2019104720ChildhoodDay.jpg' alt='Images/06-09-2019104720ChildhoodDay.jpg' />अभी तक केन्द्रों पर सिर्फ बचपन दिवस ही मनाया जाता था। जिसमें केंद्र पर उपलब्ध सामग्री वितरित की जाती थी,लेकिन अब यह उत्सव एक साथ मनाया जाएगा।

आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बाल सुपोषण उत्सव के साथ मनाया गया बचपन दिवस

LUCKNOW.  प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बृहस्पतिवार को पहली बार बाल सुपोषण उत्सव के साथ बचपन दिवस मनाया गया। इस आयोजन में शामिल होने आईं माताएं घर से भोजन पकाकर लाईं और सभी बच्चों ने अपने आंगनबाड़ी केन्द्र पर एक साथ बैठकर खाया। अभी तक केन्द्रों पर सिर्फ बचपन दिवस ही मनाया जाता था। जिसमें केंद्र पर उपलब्ध सामग्री वितरित की जाती थी,लेकिन अब यह उत्सव एक साथ मनाया जाएगा।

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निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार शत्रुघ्न सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हर महीने की 5 तारीख को बचपन दिवस मनाया जाता है लेकिन इस वर्ष पोषण माह के पहले ही तय किया गया था कि बचपन दिवस को बाल सुपोषण उत्सव के साथ मनाया जाए। उन्होने बताया कि बाल सुपोषण उत्सव के दौरान अभिभावक जो खाना पकाकर लाएंगे वही बच्चों को खिलाया जाएगा। इसमें वह केंद्र से मिलने वाले पोषाहार का भी उपयोग कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन का उद्देश्य यह भी है कि माताओं/अभिभावकों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाए जहां वह बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन बनाने, बच्चों को उसे खिलाने व भोजन की पौष्टिकता पर जानकारी ले सके। केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के जरिये माताओं व अभिभावकों को ऊपरी आहार के महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया जाता है। इस दिन सभी केन्द्रों पर बच्चों को समूह में बैठाकर भोजन कराया गया। साथ ही 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों की माताओं को ऊपरी आहार के बारे में जागरूक किया गया।

श्री सिंह ने बताया कि जन्म से 6 माह तक बच्चे के लिए मां का दूध ही बच्चे के लिए सम्पूर्ण आहार माना जाता है तथा 6 माह के बाद बच्चे को मां के दूध के साथ ऊपरी आहार की जरूरत होती है क्योंकि बच्चे की लंबाई, वजन, मांस के साथ उसके अंगों में वृद्धि होती है। साथ ही बच्चे का मानसिक विकास भी होता है। जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता है उसकी गतिविधियां बढ़ने लगती हैं जैसे-पलटना, रेंगना, खड़ा होना चलना इत्यादि। इन सभी गतिविधियों के लिए बहुत सारी कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, विटामिन और खनिज की जरूरत होती है और बच्चे की यह जरूरत पूरक आहार से पूरी होती है।

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स्कूल का एक महीने का बिजली का बिल 6 अरब से ज्यादा, जानें कैसेhttps://www.newstimes.co.in/news/81210/भारत/One-month-electricity-bill-in-school-exceeded-6-billion-know-how901626Thu, 05 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKHएक महीने का बिजली का बिल 6,18,5150,163 रुपये यह सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे कि इतना बिजली का बिल कैसे आ गया। लेकिन यह सच है वाराणसी के एक स्कूल को बिजली विभाग ने जो बिल भेजा है, उसमें इतना ही बिल जमा करने को कहा गया है। 

स्कूल का एक महीने का बिजली का बिल 6 अरब से ज्यादा, जानें कैसे

एक महीने का बिजली का बिल 6,18,5150,163 रुपये यह सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे कि इतना बिजली का बिल कैसे आ गया। लेकिन यह सच है वाराणसी के एक स्कूल को बिजली विभाग ने जो बिल भेजा है, उसमें इतना ही बिल जमा करने को कहा गया है। 

बिल जमा ना करने पर कनेक्शन काटने की तारीख भी बता दी गई है। अब उपभोक्ता बिल लेकर विभाग का चक्कर लगा रहा है। लेकिन अब तक कोर्रवाई नहीं हो सकी है। 

शहर के विनायका स्थित ओ ग्रेव पब्लिक स्कूल में विभाग की ओर से बिल भेजा गया है। स्कूल प्रबंधन ने जब बिल पर दर्ज राशि को देखा तो होश उड़ गए। प्रबंधक बिल को लेकर विभाग पहुंचे तो वहां पहले तो कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था लेकिन जब अधिकारियों तक बात पहुंची तो पता चला कि इस तरह की गड़बड़ी साफ्टवेयर से हो गई है। अब वह गड़बड़ बिल को सुधरवाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।

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लिव-इन रिलेशनशिप की प्रथा रोकना जरूरी: मानवाधिकार आयोगhttps://www.newstimes.co.in/news/81207/भारत/It-is-necessary-to-stop-the-practice-of-live-in-relationship:-Human-Rights-Commission901623Thu, 05 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/05-09-2019155736Itisnecessar1.jpg' alt='Images/05-09-2019155736Itisnecessar1.jpg' />लिव इन रिलेशनशिप में रहना आज आम बात हो चुकी है। लड़के और लड़कियों के बीच इसका क्रेज भी तेजी से बढ़ रहा है। लिव इन रिलेशन को लेकर राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने इस पर रोक लगाने को कहा है। आयोग ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि इस पर रोक लगाएं। 

लिव-इन रिलेशनशिप की प्रथा रोकना जरूरी: मानवाधिकार आयोग

New Delhi. लिव इन रिलेशनशिप में रहना आज आम बात हो चुकी है। लड़के और लड़कियों के बीच इसका क्रेज भी तेजी से बढ़ रहा है। लिव इन रिलेशन को लेकर राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने इस पर रोक लगाने को कहा है। आयोग ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि इस पर रोक लगाएं। 

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आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश प्रकाश टाटिया और न्यायाधीश महेश चंद्र शर्मा की एक खंडपीठ ने राज्य के मुख्य सचिव और गृह विभाग के अलावा मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में लिव इन रिलेशन को प्रतिबंधित करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है। इस पर केन्द्र सरकार कानून बनाए। 

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बताते चलें कि आयोग के समक्ष 'लिविंग रिलेशनशिप' में रह रही महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में कानून बनाने के लिए सुझाव मांगे गए थे। जिस पर सुझाव और कानूनी सलाह के बाद अयोग ने यह पाया कि सभी को सम्मान से जीने का हक है। यह संविधान में मूल अधिकारों में शामिल है। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी महिला का 'रखैल' जीवन किसी भी दृष्टि से सम्मानपूर्वक नहीं कहा जा सकता। यह स्वयं में ही चरित्र हनन करने वाला संबोधन है। 

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बीमारी फैलने के बावजूद नहीं हो रही कसमंडी कला में सफाई https://www.newstimes.co.in/news/81199/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Cleanliness-is-not-being-done-in-Kasamandi-art-despite-spreading-disease901615Thu, 05 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/05-09-2019142907Cleanlinessis2.jpg' alt='Images/05-09-2019142907Cleanlinessis2.jpg' />एक सप्ताह पूर्व मलिहाबाद विकास खण्ड के ग्राम कसमंडी कला में गंदगी के कारण फैली बीमारी से अभी निजात भी नहीं मिल पाई है। बावजूद इसके गांव में सफाई की जगह सड़कों पर नालियों का गंदा पानी बह रहा है।

बीमारी फैलने के बावजूद नहीं हो रही कसमंडी कला में सफाई

LUCKNOW. एक सप्ताह पूर्व मलिहाबाद विकास खण्ड के ग्राम कसमंडी कला में गंदगी के कारण फैली बीमारी से अभी निजात भी नहीं मिल पाई है। बावजूद इसके गांव में सफाई की जगह सड़कों पर नालियों का गंदा पानी बह रहा है। गांव में कई जगह इतना कूड़ा लगा है कि उसका असर आधे गांव तक पहुंच जाएगा।

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गांव के पूरब में फतेहनगर रोड के किनारे पड़ा कूड़ा और गंदा पानी ​क्षेत्र में बीमारियों को जन्म दे रहा है। इसके अलावा यहां राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय के सामने भी हैण्डपाइप के आसपास गंदा पानी भरा हुआ है और नाली सड़क पर बह रही है। जिसका अभी तक निदान नहीं हो सका है। एक ओर जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत रोज सफाई के लिए तरह-तरह के आदेश-निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं इस गांव में सफाई की नियमित ​व्यवस्था नहीं है।

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गांव के अहसान अली कहते हैं कि उनके गांव में सफाई न होने से पिछले सप्ताह सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए थे। अधिकारियों से शिकायत के बाद दो दिन के लिए सफाई हुई उसके बाद बाकी मोहल्ले छोड़ दिए गए। 

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हांगकांग: प्रदर्शन के आगे झुका प्रशासन, प्रत्यर्पण विधेयक वापस लेने का ऐलानhttps://www.newstimes.co.in/news/81193/अन्तर्राष्ट्रीय/एशिया/Hong-Kong:-Administration-bowed-to-protest-announces-withdrawal-of-extradition-bill901609Thu, 05 Sep 2019 00:00:00 GMTDEEP KRISHAN SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/05-09-2019121108HongKongAdm2.jpg' alt='Images/05-09-2019121108HongKongAdm2.jpg' />जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार चीन प्रशासित शहर हांगकांग में विवादित प्रत्यर्पण विधेयक को वापस ले लिया जाएगा। सीईओ कैरी लैम ने इस बात की घोषणा करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मालूम हो कि बीते 3 माह से लोकतंत्र के समर्थन में यहां प्रदर्शन चल रहा था। विधेयक को वापस लेने की घोषणा के साथ ही वहां के स्थानीय शेयर बाजार में भी उछाल देखने को मिला है। 

हांगकांग: प्रदर्शन के आगे झुका प्रशासन, प्रत्यर्पण विधेयक वापस लेने का ऐलान

New Delhi. जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार चीन प्रशासित शहर हांगकांग में विवादित प्रत्यर्पण विधेयक को वापस ले लिया जाएगा। सीईओ कैरी लैम ने इस बात की घोषणा करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मालूम हो कि बीते 3 माह से लोकतंत्र के समर्थन में यहां प्रदर्शन चल रहा था। विधेयक को वापस लेने की घोषणा के साथ ही वहां के स्थानीय शेयर बाजार में भी उछाल देखने को मिला है। 

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राज्यमंत्री ने रजिस्ट्री कार्यालय वाराणसी का औचक निरीक्षण कियाhttps://www.newstimes.co.in/news/81192/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Surprise-inspection-of-registry-office-varanasi-by-state-minister901608Thu, 05 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/05-09-2019120206Surpriseinspe.jpg' alt='Images/05-09-2019120206Surpriseinspe.jpg' />LUCKNOW.&nbsp; स्टाम्प न्यायालय शुल्क व पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने वाराणसी में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रजिस्ट्री विभाग का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जनसुविध

राज्यमंत्री ने रजिस्ट्री कार्यालय वाराणसी का औचक निरीक्षण किया

LUCKNOW.  स्टाम्प न्यायालय शुल्क व पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने वाराणसी में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रजिस्ट्री विभाग का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जनसुविधाओं के संबंध में जिलाधिकारी व पंजीयन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां का रजिस्ट्री कार्यालय भवन चार तल का है, द्वितीय तथा तृतीय तल पर वृद्ध विकलांगजनों महिलाओं व वरिष्ठ अधिवक्ताओं को चढ़ने उतरने में काफी दिक्कत होती है। लिहाजा द्वितीय व तृतीय तल का कार्यालय एक सप्ताह में नीचे उपमहानिबन्धक व सहायक महानिबन्धक कार्यालय में शिफ्ट किया जाए। इस तल के अधिकारी द्वय ऊपर बैठेंगे।

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राज्यमंत्री ने प्रत्येक सब रजिस्ट्रार कार्यालय व उपमहानिबन्धक कार्यालय की उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया साथ ही अभिलेखागार  का निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित अधिवक्ताओं ने रजिस्टर के पुराने जिल्द फट जाने व गायब हो जाने की शिकायत भी की और कहा कि इसके कारण फर्जी नकले बनाकर राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी की जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।

 श्री जायसवाल ने इस प्रकरण पर नाराजगी जताते हुए हिदायत दी कि रिकार्ड का डिजिटिलाइजेशन हो तथा कार्यालय भ्रष्टाचार मुक्त किया जाए वर्ना आगे शिकायत लेकर कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही के लिए तैयार रहें। मंत्री ने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय में बड़ी संख्या में महिलायें व वृद्ध भी आते हैं टैक्स के द्वारा इनसे आय भी होती है। अतः इन लोगों को कोई असुविधा न हो इसका ख्याल रखा जाना चाहिए। साथ ही अनधिकृत व्यक्तियों का कार्यालय में प्रवेश वर्जित किया जाए।

औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, बनारस बार एसोशिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार मिश्र, मुरलीधर सिंह, अरविन्द सिंह, जगदीश त्रिपाठी, अजय कृष्ण त्रिपाठी, जे0पी0 सिंह एडवोकेट, सूर्यभान सिंह, अशोक सिंह आदि मौजूद थे।                                                  

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विमाानन क्षेत्र के लिए कौशल संस्थान खोलने पर केन्द्र सरकार सहमत https://www.newstimes.co.in/news/81191/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Central-government-agrees-to-open-skill-institute-for-Vimanan-area901607Thu, 05 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/05-09-2019115218Toopenskill1.jpg' alt='Images/05-09-2019115218Toopenskill1.jpg' />राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों तथा उ0प्र0 कौशल विकास मिशन द्वारा प्रदेश में संचालित की जा रही विभिन्न प्रशिक्षण योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की।

विमाानन क्षेत्र के लिए कौशल संस्थान खोलने पर केन्द्र सरकार सहमत

Lucknnow. केन्द्रीय मंत्री, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता डाॅ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के साथ संयुक्त रुप से यहां अति विशिष्टि अतिथि गृह में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों तथा उ0प्र0 कौशल विकास मिशन द्वारा प्रदेश में संचालित की जा रही विभिन्न प्रशिक्षण योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। 

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केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्लंबिंग के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना के लिये नोएडा, ग्रेटर नोयडा में भूमि आवंटित होने की प्रक्रिया से अवगत कराया जाये तथा भूमि आवंटित न होने की स्थिति में निर्देशित किया कि अन्य जनपदों जैसे मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर व वाराणसी में इस संस्थान की स्थापना किए जा सकने के सम्बन्ध में विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट प्रेषित की जाये।

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि विमानन क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए प्रदेश में एक संस्थान खोला जाना आवश्यक है। इस क्षेत्र में रोजागर की अपार सम्भावनाओं को देखते हुये युवाओं को कौशल प्रदान किया जाना चाहिये। उन्होंंने  केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि विमाानन क्षेत्र के कौशल संस्थान को खोलने के लिये केन्द्र सरकार से वित्तीय सहयोग वांछित है, जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने पूर्ण सहयोग देने पर हामी भरी।

गौशालाओं के संरक्षण व संचालन हेतु पाठ्यक्रम विकसित किये जाने की आवश्यकता 

प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित की गईंं गौशालाओं के संरक्षण व संचालन हेतु पाठ्यक्रम विकसित किये जाने की आवश्यकता पर बल देते हुये प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री, श्री अग्रवाल ने  केन्द्रीय मंत्री जी को बताया कि गौ सेवा के क्षेत्र में उद्यमिता की अपार सम्भावनायें हैं, जिनका लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल सकता है। केन्द्रीय मंत्री ने गौसेवा के क्षेत्र में कौशल विकास एवं उद्यमिता के प्रस्ताव पर कहा कि इस प्रकार का कार्य सम्पूर्ण देश में अनूठा होगा व इसकी स्थापना में केन्द्र सरकार पूर्ण सहयोग करेगी।

केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री,कपिल देव अग्रवाल के अन्य सुझावों का स्वागत किया तथा कहा कि युवा मंत्री की ऊर्जा का प्रदेश के युवाओं को अत्याधिक लाभ प्राप्त होगा। गत अगस्त माह में कजान-रुस में सम्पन्न हुई विश्व कौशल प्रतियोगिता, 2019 में प्रदेश के 02 छात्रों को प्राप्त हुये मेडल के लिये केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश के विभागीय मंत्री व अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान कराने के लिये धन्यवाद दिया तथा दोनोंं छात्रों को केन्द्र सरकार की ओर से पुरुस्कृत किये जाने से अवगत कराया।

उन्होंंने कहा कि विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में भारत के छात्रों के जीतने के लिये यह आवश्यक है कि राज्य में उच्च स्तरीय संस्थान स्थापित किये जायें, जिस पर व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने आश्वासन दिया कि केन्द्र सरकार द्वारा सहयोग किये जाने की स्थिति में प्रदेश में इस प्रकार का संस्थान जल्दी ही संचालित करा दिया जायेगा। अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा में केन्द्रीय मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा किये गये कार्यों पर संतोष व्यक्त किया तथा प्रदेश सरकार को पूर्ण सहयोग दिये जाने आश्वासन दिया।
 

 

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गणेशोत्सव: इस मंदिर में बप्पा के करें दर्शन, हर मनोकामना होगी पूरीhttps://www.newstimes.co.in/news/81169/भारत/Siddhi-Vinayak-Temple-located-in-Mayur-Vihar-Delhi901584Wed, 04 Sep 2019 00:00:00 GMTABHIMANYU VERMA <img src='http://newstimes.co.in/Images/04-09-2019163920SiddhiVinayak1.jpg' alt='Images/04-09-2019163920SiddhiVinayak1.jpg' />देश भर में हर साल मनाया जाने वाला भगवान गणेश का महापर्व गणेशोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। इस साल गणेशोत्सव 2 सितंबर से 12 सितंबर तक मनाया जाएगा।

गणेशोत्सव: इस मंदिर में बप्पा के करें दर्शन, हर मनोकामना होगी पूरी

New Delhi. देश भर में हर साल मनाया जाने वाला भगवान गणेश का महापर्व गणेशोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। इस साल गणेशोत्सव 2 सितंबर से 12 सितंबर तक मनाया जाएगा। इस पर्व को बप्पा यानि भगवान गणेश के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है और लोग अपने घरों में गणेश प्रतिमा की स्थापना करते हैं। वहीं, इस शुभ मौके पर हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर भगवान गणेश की कृपा बरसती है। 

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देश की राजधानी दिल्ली में वैसे तो भगवान गणेश के कई मंदिर हैं लेकिन मयूर विहार स्थित सिद्धि विनायक मंदिर सबसे पुरातन गणेश मंदिरों में से एक है। गणेशोत्सव के दौरान पूरे 10 से 12 दिन तक इस मंदिर में बप्पा की विशेष आरती उतारी जाती है। मान्यता है कि श्रद्धा भाव से जो लोग इस आरती में शामिल होते हैं, बप्पा उनके मन की हर मुराद पूरी करते हैं।

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बता दें कि भव्य मंदिर में भगवान गणेश के लिए रोजाना विशेष रुप में लड्डू और मोदक से बप्पा को भोग लगाया जाता है। बप्पा के बहुत से भक्त खुद अपने हाथों से भी बप्पा के लिए लड्डू और मोदक बनाकर लाते हैं। गणेशोत्सव के दौरान इस मंदिर की रौनक देखने लायक होती है। 

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सरकारी नलकूपों की नालियां ध्वस्त होने से धान की फसल सूखने के कगार परhttps://www.newstimes.co.in/news/81161/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Paddy-crop-on-the-verge-of-drying-up-due-to-collapse-of-drains-of-government-tube-wells901576Wed, 04 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/04-09-2019142801Paddycropon2.jpg' alt='Images/04-09-2019142801Paddycropon2.jpg' />सरकारी नलकूपों की नालियां ध्वस्त होने से किसान इस समय धान की फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।

सरकारी नलकूपों की नालियां ध्वस्त होने से धान की फसल सूखने के कगार पर

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LUCKNOW.  सरकारी नलकूपों की नालियां ध्वस्त होने से किसान इस समय धान की फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। कोलवा निवासी सोनू दीक्षित ने तहसील दिवस में दी गयी शिकायत में कहा है कि उनके गांव के नलकूप संख्या 4 की नालियां पूरी तरह से ध्वस्त हैं जिससे दूर तक पानी नहीं जाता है। सोनू के अनुसार उन्होने 2014 में भी नलकूप की नाली बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होने कहा कि रोड के किनारे नलकूप होने के कारण पानी भरने से सड़क टूट गयी है। यहां के किसान लोहे के पाइप में प्लास्टिक के पाइप बांध कर सिंचाई करते हैं। यदि नालियां बना दी जायं तो दूर दराज के किसान भी आसानी से सिंचाई कर सकेंगे। ईशापुर निवासी राजेन्द्र ने कहा कि उनके गांव का नलकूप काफी समय से खराब पड़ा है। उसे रीबोर कराने की आवश्यकता है। इस साल बरसात कम होेने के कारण सिंचाई की अधिक आवश्यकता पड़ रही है।

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विकास खण्ड माल केे ग्राम गांगन बरौली के नलकूप संख्या 12 की नालियां बेकार हो चुकी हैं जिनकी मरम्मत करने की जरूरत है। इस नलकूप में दो नालियां हैं दोनों की मरम्मत के लिए करीब तीन साल पहले गांव वालों ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर अधिकारियों ने आश्वासन देकर फर्जी रिपोर्ट लगा दी थी। उस पर आज तक अमल नहीं हुआ। 

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दस सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों ने दिया एक दिवसीय धरना https://www.newstimes.co.in/news/81139/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Accountants-gave-one-day-sit-in-protest-over-ten-point-demands901554Tue, 03 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/03-09-2019215138Accountantsga.jpg' alt='Images/03-09-2019215138Accountantsga.jpg' />दस सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपालों ने दिया एक दिवसीय धरना

दस सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों ने दिया एक दिवसीय धरना

Lucknow. दस सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल संघ ने मंगलवार को एक दिवसीय धरना दिया गया। लेखपाल संघ ने चेतवानी देते हुए कहा कि यदि मांगों को शीघ्र नहीं पूरा किया तो आगामी होने वाले आंदोलन के लिए राजस्व परिषद एवं शासन के अधिकारी उत्तरदाई होंगे।  

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लेखपालों की मुख्य मांगे

एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, प्रोन्नति, काडर रिव्यू, पेंशन विसंगति, भत्ते, ई डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत प्रति आवेदन 5 रूपए उपलब्ध कराना। राजस्व लेखपाल का पदनाम परिवर्तन राजस्व निरीक्षक सेवा नियमावली 2018 को प्रख्यापित करने, आधारभूत सुविधाएं एवं संसाधन लैपटॉप एवं स्मार्ट फोन का डाटा दिया जाना। 

धरने का नेतृत्व तहसील लेखपाल संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पारस राम वर्मा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेश कुमार, इंद्रेश कुमार रावत, राजेश कुमार, गिरीश सिंह बिष्ट, तहसील मंत्री विजय कुमार सिंह कर रहे थे।

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स्पेन की इस पहाड़ी में बसा है मंगल ग्रह, जरूर घूमने जाएंhttps://www.newstimes.co.in/news/81128/अन्तर्राष्ट्रीय/यूरोप/Artificial-Mars-is-in-northern-Spain901541Tue, 03 Sep 2019 00:00:00 GMTABHIMANYU VERMA <img src='http://newstimes.co.in/Images/03-09-2019160730ArtificialMar5.JPG' alt='Images/03-09-2019160730ArtificialMar5.JPG' />अगर आपने फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार की हाल ही में आयी फिल्म मिशन मंगल देखी है और आपका भी मंगल ग्रह जाने का मन का रहा है। तो आप एक मात्र एक ऐसे व्यक्ति नहीं जिसका मन मंगल ग्रह पर जाने का कर रहा हो। हर कोई वहां जाना चाहता है लेकिन हर किसी ये इच्छा पूरी नहीं हो सकती।

स्पेन की इस पहाड़ी में बसा है मंगल ग्रह, जरूर घूमने जाएं

New Delhi. अगर आपने फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार की हाल ही में आयी फिल्म मिशन मंगल देखी है और आपका भी मंगल ग्रह जाने का मन का रहा है। तो आप एक मात्र एक ऐसे व्यक्ति नहीं जिसका मन मंगल ग्रह पर जाने का कर रहा हो। हर कोई वहां जाना चाहता है लेकिन हर किसी ये इच्छा पूरी नहीं हो सकती। वहां पर जाने के लिए आपको धरती के वायुमंडल से बाहर जाना पड़ेगा। वहीं, अगर आपको धरती पर ही मंगल ग्रह के सैर का मौका मिले तो कैसा रहेगा?

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दरअसल, हॉलीडे वेबसाइट ट्रिप एडवाइजर व एस्ट्रोलैंड कंपनी ने धरती पर ही कृत्रिम मंगल ग्रह जैसा आर्टिफिशियल प्लेनेट तैयार किया है। जहां पर आप को लगेगा कि आप सचमुच मंगल ग्रह पर पहुंच गए हैं और वहां के वातावरण के बारे में अनुभव कर पाएंगे। 

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इस ट्रिप से पहले आपको 30 दिन के प्रोग्राम करना पड़ेगा। जिसमें आपको तीन हफ्ते की ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद शारीरिक व मानसिक तौर पर मजबूत करने के लिए 3 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसमें उन्हें स्पेसवॉक व प्राकृतिक उछाल परीक्षण दिया जाएगा।

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वहीं, कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकें इसके लिए आपको खास उपकरण पहने के लिए दिए जाएंगें। यहां पर वह विभिन्न तरह की एक्टिविटी कर सकते हैं। इन ट्रिप के दौरान तीन दिन तक वह दुनिया से पूरी तरह से कटी रहेगें।

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अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में हिन्दी की पढ़ाईhttps://www.newstimes.co.in/news/81117/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Studying-Hindi-in-English-medium-school901530Tue, 03 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/03-09-2019114323StudyingHindi1.jpg' alt='Images/03-09-2019114323StudyingHindi1.jpg' />विकास खण्ड माल का प्राथमिक विद्यालय पतौना दो साल पहले अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के लिए चयनित किया गया था। यहां इस समय चार अध्यापक दो शिक्षामित्र नियुक्त हैं। जिनमें से मात्र दो अध्यापक ही अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के लिए हैं।

अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में हिन्दी की पढ़ाई

Lucknow. विकास खण्ड माल का प्राथमिक विद्यालय पतौना दो साल पहले अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के लिए चयनित किया गया था। यहां इस समय चार अध्यापक दो शिक्षामित्र नियुक्त हैं। जिनमें से मात्र दो अध्यापक ही अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के लिए हैं।

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अंग्रेजी के अध्यापक का कहना है कि इन बच्चों को हम अंग्रेजी माध्यम से नहीं पढ़ा सकते हैं क्योंकि इनकी नींव अंग्रेजी माध्यम की नहीं है। इसलिए अंग्रेजी पढ़ाते हैं, लेकिन प्राइ​वेट स्कूल की तरह इंग्लिस टू इंग्लिस पढ़ाने पर बच्चों की समझ में कुछ भी नहीं आता है। इसके अलावा अन्य अध्यापकों एवं शिक्षामित्रों द्वारा हिन्दी माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में दो साल बाद भी केवल नाम के लिए अंग्रेजी माध्यम का स्कूल है। उस अध्यापक ने कहा कि एक दो को छोड़कर सभी विद्यालयों का यही हाल है।

विद्यालय के इंचार्ज अध्यापक मो. फैसल ने बताया कि अभी तक कक्षा 5 की कलरव नहीं आई है। ड्रेस का पैसा खाते में आ गया है। लेकिन अभी ड्रेस का वितरण नहीं किया गया है। विद्यालय में फर्नीचर की व्यवस्था है। यहां कक्षा 4 के 5 बच्चों को बाहर अलग टाटपट्टी पर बैठाया गया था।

यह पूछने पर कि इन बच्चों को यहां अलग क्यों बैठाया गया है। मो. फैसल ने बताया कि यह कमजोर बच्चे हैं इनको याद करने के लिए अलग  बैठाया गया है। 

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समय के बाद नहीं सुनी गयी फरियाद, मायूस होकर लौट गए चार दर्जन से अधिक फरियादी https://www.newstimes.co.in/news/81137/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-माल-samaya-ke-bad-nahi-suni-gai-fariyad901551Tue, 03 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/03-09-2019230131rEJuchNUcX.jpeg' alt='Images/03-09-2019230131rEJuchNUcX.jpeg' />मलिहाबाद। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लाख नसीहत दें, लेकिन अधिकारी हैं कि सुधरने का नाम नहीं ले रहे है, क्योंकि जिनके लिए तहसील दिवस का आयोजन किया जाता है, वही आज बिना अपनी फरियाद सुनाए बिना

समय के बाद नहीं सुनी गयी फरियाद, मायूस होकर लौट गए चार दर्जन से अधिक फरियादी

मलिहाबाद। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लाख नसीहत दें, लेकिन अधिकारी हैं कि सुधरने का नाम नहीं ले रहे है, क्योंकि जिनके लिए तहसील दिवस का आयोजन किया जाता है, वही आज बिना अपनी फरियाद सुनाए बिना बैरंग घर लौट गए, क्योंकि दो बजते ही अधिकारी समापन का बिगुल बजाकर चले गए। उन अधिकारियों ने हाल से निकलते समय यह देखने की जहमत नहीं की आखिर अब तक बाहर भीड़ क्यों लगी है? 

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जिले के सभी अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुके फरियादियों की आशाओं पर उस समय पानी फिर गया, जब डीएम और सी​डीओ के जाते ही दो बजे सम्पूर्ण समाधान दिवस का समापन कर दिया गया जबकि कई दर्जन फरियादी अपने प्रार्थना पत्रों के पंजीकरण का इंतजार कर रहे थे। उन फरियादियों को आज ​एक बार फिर निराश होकर बैंरग घर लौटना पड़ा।

जिलाधिकारी के आने की सूचना पाकर क्षेत्र के सैकड़ों पीड़ित अपनी फरियाद लेकर तहसील तो पहुंच गए, लेकिन जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा से उनकी भेंट न हो सकी, क्योंकि तहसील में पंजीकरण के लिए बनाए गए काउन्टर पर गरीबों और कमजोरों के हाथ फिर मायूसी ही हाथ लगी। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 161 मामले दर्ज किए गए। जिनमें से मात्र 4 का ही मौके पर निस्तारण हो सका। 

जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि समस्याओं का समय पर गुणवत्तापरक तरीके से निस्तारण करें अन्यथा कार्रवाई के ​लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा ​कि अभी तक इस मामले में काफी शिकायतें आ रही हैं। इसके साथ ही आपूर्ति विभाग के सभी प्रार्थना पत्र पंजीकृत नहीं किए जाते हैं, क्योंकि आज कल सबसे अधिक मामले राशन कार्डों में नाम गलत होने या गरीबों के राशन कार्ड काटकर अपात्रों के बनाने की शिकायतें अधिक आने के कारण ही उसका काउन्टर अलग से लगाकर सभी के प्रार्थना पत्र एकत्र कर लिए जाते हैं।

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लतीफपुर निवासी शेषकुमार सिंह ने चकरोड की नाप कराने, शान्ती पत्नी स्व. मथुरी निवासी रघुनाथपुर मजरा मड़वाना अपना नाम सही कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। राजेन्द्र निवासी ईशापुर ने सरकारी नलकूप को रीबोर कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इसके अलावा जशोदा पत्नी शिवनरायन व राजकुमार पुत्र सत्यनरायन ने खेत की पैमाइस कराने तथा प्रताप सिंह निवासी काकराबाद पेंशन के लिए प्रार्थना पत्र लेकर आए थे। रूदान खेड़ा निवासी विनोद कुमार व भोला अपनी पत्नी के साथ राशन कार्ड में नाम सही करवाने के लिए प्रार्थना पत्र देने आए थे लेकिन मायूस होकर लौट गए। 

एक ओर जहां अधिकारी एयर कंडीशन हाल में बैठे थे, वहीं दूसरी ओर फरियादियों के लिए लगाए गए काउन्टर के पास एक पंखा भी नहीं था, जिससे फरियादी और कर्मचारी दोनों इस भीषण गर्मी से बेहाल थे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मनीष बंसल, एसएसपी कलानिधि नैथानी, डीएफओ रविकुमार सिंह, एडीएम भूमि अध्याप्ति, उपजिलाधिकारी विकास कुमार सिंह सहित जिला और तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं तो घूमना न भूलें ये जगहेंhttps://www.newstimes.co.in/news/81099/अन्तर्राष्ट्रीय/पड़ोसी-देश/World-famous-sights-of-australia901512Mon, 02 Sep 2019 00:00:00 GMTABHIMANYU VERMA <img src='http://newstimes.co.in/Images/02-09-2019155540Worldfamouss3.jpg' alt='Images/02-09-2019155540Worldfamouss3.jpg' />अगर आप छुट्टियों में विदेशी यात्रा में जाने की सोच रहे हैं तो आपके लिए ऑस्ट्रेलिया सबसे बेस्ट होगा। यहां की चमकीली रेत, दूर-दूर तक फैला नीला समंदर, और शानदार मौसम दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करता है जो आपके दिल और दिमाग को एक दम फ्रेश करके रख देगा। 

ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं तो घूमना न भूलें ये जगहें

New Delhi. अगर आप छुट्टियों में विदेशी यात्रा में जाने की सोच रहे हैं तो आपके लिए ऑस्ट्रेलिया सबसे बेस्ट होगा। यहां की चमकीली रेत, दूर-दूर तक फैला नीला समंदर और शानदार मौसम दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करता है, जो आपके दिल और दिमाग को एक दम फ्रेश करके रख देगा।

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ऑस्ट्रेलिया की सबसे मशहूर जगहें

सिडनी ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा और लोकप्रिय शहर है। यहां पर आपको मशहूर ओपेरा हाउस जरुर देखना चाहिए। इसके अलावा यह अपने फास्ट फूड के लिए भी जाना जाता है। आपको सिडनी में जगह-जगह फूड वैन देखने को मिलेंगी, जिनका स्वाद चखने के बाद ताउम्र उस स्वाद को भूल नहीं पाएंगे।

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सिडनी के के अलावा पर्थ शहर भी अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है। यहां आपको कई मनोहारी प्राकृतिक दृश्य, वाइल्ड लाइफ के साथ-साथ कई अन्य चीजों का मजा ले सकते हैं। यहां का पर्थ-ज़ू, द-पर्थ मिंट, स्टिर्लिंग गार्डन्स, लेक मोंगर और हिज़ मेजेस्टी थियेटर काफ़ी मशहूर हैं।

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ऑस्ट्रेलिया की सबसे मशहूर जगहों में एक नाम कंगारू आइलैंड का भी आता है। इस आईलैंड का नाम यहां के राष्ट्रीय पशु यानि कंगारु के नाम पर रखा गया है। इस आइलैंड पर आपको कंगारू के अलावा डॉल्फिन, समुद्री शेर, पेंगुइन, ईगल और अलग-अलग तरह की व्हेलस देखने को मिलेंगी। 

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यूपीएसआरटीसी ने उठाए कई बड़े कदम, अब ड्राइवर्स को मिलेंगे अच्छी कंपनी के जूते https://www.newstimes.co.in/news/81079/भारत/उत्तर-प्रदेश-/UPSRTC-Ne-Uthaye-kai-bade-kadam901492Sun, 01 Sep 2019 00:00:00 GMTRAJNISH KUMAR<img src='http://newstimes.co.in/Images/01-09-2019221443UPSRTCNeUtha1.jpg' alt='Images/01-09-2019221443UPSRTCNeUtha1.jpg' />उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम प्रदेश का सरकारी निगम है। यह अन्तर्राज्यीय एवं उप्र के गांवों से लेकर शहरों के बीच लाखों लोगों को प्रतिदिन आवागमन के लिए बस सेवा संचालित करता है।

यूपीएसआरटीसी ने उठाए कई बड़े कदम, अब ड्राइवर्स को मिलेंगे अच्छी कंपनी के जूते 

Lucknow. उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम प्रदेश का सरकारी निगम है। यह अन्तर्राज्यीय एवं उप्र के गांवों से लेकर शहरों के बीच लाखों लोगों को प्रतिदिन आवागमन के लिए बस सेवा संचालित करता है। स्थानीय लोग इस सेवा को रोडवेज कहते हैं। परिवहन निगम की स्थापना 1947 में हुई थी। अपने स्थापना से लेकर आज तक परिवहन निगम ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। वर्तमान परिदृश्य में यात्रियों को त्वरित व कम किराये में अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराते हुए यात्रियों को परिवहन सेवा प्रदान किया जा रहा है। 

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परिवहन निगम कुम्भ मेला 2019 में प्रदेश में श्रद्धालुओं को सुविधा हेतु प्रयाग, जीरोरोड, सिविल लाइन्स, जारीबाजार एवं विन्ध्याचल बस स्टेशनों के सुदृढ़ीकरण करते हुए प्रदेश के हर कोने से बस संचालन कर लाखों स्नानार्थियों को प्रतिदिन पवित्र संगम में स्नान कराया है। कुम्भ मेले में शटल सेवा के रूप में 503 बसों का संचालन कर विश्व की सबसे बड़ी बस परेड बनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड स्थापित किया गया। प्रदेश के 38200 असेवित गांवों में से वर्ष 2018-19 तक 19,494 असेवित गांवों को परिवहन सुविधा से सेवित किया गया है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ‘‘संकल्प बस सेवा’’ का संचालन किया जा रहा है। 

सभी बसों में होगा सीसीटीवी कैमरा

उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसे निर्भया फण्ड योजना के तहत धनराशि उपलब्ध कराये जाने के लिए चयनित किया गया है। निर्भया योजना के अन्तर्गत महिलाओं के लिए पिंक सेवाओं के संचालन सहित महिला यात्रियों की सुरक्षा हेतु निगम की सभी बसों में सीसीटीवी कैमरा तथा पैनिक बटन लगाये जाने एवं इण्टरसेप्टर वाहनों का संचालन प्रारम्भ किया गया है। पीपीपी पद्धति पर नवनिर्मित अंतर्राष्ट्रीय स्तर का अत्याधुनिक आलमबाग बस टर्मिनल का लोकार्पण 12 जून, 2018 को मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण के दृष्टिगत प्रदेश के 24 प्रमुख बस स्टेशनों को पीपीपी पद्धति पर विकास किये जाने की कार्यवाही की जा रही है।

महिला यात्रियों को रक्षाबंधन पर निशुल्क यात्रा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भाई-बहन के पवित्र रक्षाबंधन पर्व पर वर्ष 2017 में लगभग 11.16 लाख एवं वर्ष 2018 में 11.69 लाख तथा वर्ष 2019 में 12.03 लाख महिला यात्रियों को निःशुल्क यात्रा प्रदान की गयी। परिवहन निगम यात्रियों को सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध कराते हुए गत 02 वर्षों से लगातार लाभ में है। वर्ष 2017-18 में 122.69 करोड़ रूपये व वर्ष 2018-19 में 30.63 करोड़ रूपये (अनन्तिम) लाभ में रहा। निगम द्वारा पड़ोसी राज्य नेपाल हेतु अयोध्या से जनकपुर (नेपाल), लखनऊ-रूपैडिहा- नेपालगंज, दिल्ली से महेन्द्र नगर, पोखरा व नेपालगंज के लिए अन्तर्राष्ट्रीय बस सेवा का संचालन प्रारम्भ किया है।

13 वातानुकूलित बसें बेड़े में शामिल

स्लीपर बस योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 13 वातानुकूलित शयनयान सेवाओं को बस बेड़े में सम्मिलित कर संचालन प्रारम्भ किया गया। परिवहन निगम द्वारा यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाओं से युक्त वर्तमान में 75 वॉल्वो/स्कैनिया एवं 383 जनरथ बसों का संचालन किया जा रहा है। परिवहन निगम के 14 बस स्टेशनों में वाटर एटीएम की सुविधा की गयी है। परिवहन निगम के 73 डिपो में ऑटोमेटेड फ्यूल मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। एएसआरटीयू नई दिल्ली द्वारा 26 मार्च, 2019 को वर्ष 2017-18 में निगम को 122.69 करोड़ रूपये का लाभ होने पर सर्वश्रेष्ठ ‘‘प्रफिट मेकिंग एसटीयू’’ का राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार प्रदान किया गया। माह जुलाई, 2018 में निगम को इंडिया बस अवार्ड का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा निगम को विशेष पुरस्कार, प्लैटिनम अवार्ड, गोल्ड अवार्ड, ऑर्डर ऑफ मेरिट आदि पुरस्कार भी मिले हैं।

दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाये

दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेस-वे व रात्रिकालीन सेवाओं की लम्बी दूरी की बसों में दो चालकों की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी। दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम एवं सुरक्षित संचालन के दृष्टिगत डिपो स्तर पर शिविर लगाकर चालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाना सुनिश्चित किया गया। यात्रियों और बस कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दृष्टिगत सभी चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण का रिकार्ड ‘‘चालक स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड’’ रखने की व्यवस्था की गयी, जो 05 वर्षों के लिए वैध होगा। 

चालकों व परिचालकों की सुविधा के लिए स्मार्ट कार्ड

चालकों व परिचालकों की सुविधा हेतु ‘‘स्मार्ट कार्ड’’ बनाये जाने की व्यवस्था की जा रही है। बसों के सुरक्षित संचालन हेतु चालक नशे का प्रयोग न करें, इस हेतु समस्त डिपों एवं मार्ग निरीक्षक दल के पास ब्रेथ एनेलाइजर उपकरण की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। तकनीकी एवं भौतिक रूप से स्वस्थ बसों के संचालन के दृष्टिगत 300 किमी0 से अधिक दूरी के मार्गों पर बस को संचालित किये जाने के पूर्व तकनीकी निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी। यह व्यवस्था निगम एवं अनुबंधित बसों पर समान रूप से लागू होगी। चालकों व परिचालकों की ड्यूटी के निर्धारण हेतु ‘‘ड्यूटी साफ्टवेयर’’ विकसित किया जा रहा है।

यूनिफार्म और मोजे देने का बड़ा फैसला

प्रदेश सरकार ने परिवहन निगम के सभी ड्राइवरों को हर साल 2 जोड़ी मोजे और एक जोड़ी यूनिफार्म के साथ एक जोड़ी जूते देने का बड़ा फैसला लिया है। पहली बार ड्राइवरों को जूते दिये जाएंगे। जूतों से चालकों को बेहतर एवं आरामदायक ड्राइविंग सुनिश्चित करने के साथ ही सुरक्षित और नियंत्रित ड्राइविंग सुनिश्चित करने में चालकों की मदद होगी। इस फैसले से कुल 20255 ड्राइवर्स को फायदा होगा। प्रदेश सरकार ने क्षेत्रीय प्रबंधकों को इसके लिए अधिकृत करते हुए उन्हें 15 सितम्बर 2019 तक अच्छी गुणवत्ता और अच्छी कंपनी के जूते की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए यूपीएसआरटीसी मुख्यालय को 20 सितम्बर तक रिपोर्ट करने के निर्देश दिये हैं।

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देश के इन नेशनल पार्क में जंगल सफारी, एडवेंचर्स के लिए बेस्टhttps://www.newstimes.co.in/news/81071/भारत/अन्य-राज्यों-से/Best-National-Parks-in-India-for-Jungle-Safari901484Sun, 01 Sep 2019 00:00:00 GMTABHIMANYU VERMA <img src='http://newstimes.co.in/Images/01-09-2019154453BestNational3.JPG' alt='Images/01-09-2019154453BestNational3.JPG' />अगर आप जंगल सफारी पर जाने की सोच रहे हैं और आप ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि कहां जाना आपके लिए सबसे ज्यादा बेहतर विकल्प होगा? तो आज हम आपको देश के कुछ मशहूर नेशनल पार्क के बारे में बतायेंगे जो जंगल सफारी के लिए सबसे ज्यादा मशहूर हैं। 

देश के इन नेशनल पार्क में जंगल सफारी, एडवेंचर्स के लिए बेस्ट

New Delhi. अगर आप जंगल सफारी पर जाने की सोच रहे हैं और आप ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि कहां जाना आपके लिए सबसे ज्यादा बेहतर विकल्प होगा? तो आज हम आपको देश के कुछ मशहूर नेशनल पार्क के बारे में बतायेंगे जो जंगल सफारी के लिए सबसे ज्यादा मशहूर हैं। 

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बांधवगढ़ नेशनल पार्क

मध्यप्रदेश में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क में कार-सफारी का आनंद उठाने के साथ-साथ एलीफेंट सफारी का मजा लेना मत भूलें। इस उद्यान में एक मुख्य पहाड़ है जो 'बांधवगढ़' कहलाता है। 811 मीटर ऊंचे इस पहाड़ के पास छोटी-छोटी पहाड़ियां हैं। बांधवगढ़ का वन क्षेत्र विभिन्न प्रकार के वनस्पतियों और जन्तुओं से भरा हुआ है। जंगल में नीलगाय और चिंकारा सहित हर तरह के वन्यप्राणी और पेड़ हैं।

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कान्हा नेशनल पार्क

कान्हा जीव जन्तुओं के संरक्षण के लिए विख्यात है। यह अलग-अलग प्रजातियों के पशुओं का घर है। जीव जन्तुओं का यह पार्क 940वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। कान्हा नेशनल पार्क हाथियों के लिए काफी मशहूर है। हाथियों के अलावा यहां आपको कई दुर्लभ प्रजातियों जैसे भेड़िया, चिंकारा और इंडियन पेंगोलिन देखने को मिलेंगी।

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कार्बेट नेशनल पार्क

जिम कार्बेट नेशनल पार्क उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले के रामनगर नगर के पास स्थित है। इसे 1937 में लुप्तप्राय बंगाल बाघ की रक्षा के लिए हैंली नेशनल पार्क के रूप में स्थापित किया गया था। यह जगह दुनियाभर में सफेद हाथी और बाघों के लिए मशहूर है।

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कौन होगा सबसे स्वच्छ गांव, यह तय करेगा स्वच्छ सर्वेक्षण अभियानhttps://www.newstimes.co.in/news/81060/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Clean-survey-campaign-will-decide-who-will-be-the-cleanest-village901473Sun, 01 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/01-09-2019123858AACRWSxrF7.jpg' alt='Images/01-09-2019123858AACRWSxrF7.jpg' />स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण का कार्य 30 सितम्बर,2019 तक किया जायेगा। सर्वेक्षण के पश्चात जनपदों की रैंकिंग निर्धारित की जायेगी

कौन होगा सबसे स्वच्छ गांव, यह तय करेगा स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान

LUCKNOW.  स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत स्वच्छता की दिशा में किये गये कार्यों का जमीनी आंकलन करने हेतु पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार नयी दिल्ली द्वारा एक स्वतंंत्र एजेन्सी इपसोस के माध्यम से स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण का कार्य 14 अगस्त, 2019 से प्रारम्भ किया गया है। पंचायतीराज निदेशक डा. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने यह जानकारी पंचायतीराज निदेशालय अलीगंज में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।  

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प्रेसवार्ता के दौरान डा. ब्रह्मदेव ने बताया कि इस सर्वेक्षण के माध्यम से एक राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता का आयोजन करते हुए ग्रामों एवं जनपदों की रैंकिंग निर्धारित मापदंडों पर की जाती है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण का कार्य 30 सितम्बर,2019 तक किया जायेगा। सर्वेक्षण के पश्चात जनपदों की रैंकिंग निर्धारित की जायेगी तथा श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ग्रामों जनपदों एवं राज्यों को विभिन्न कटेगरी में सम्मानित भी किया जायेगा। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण के क्रियान्वयन हेतु प्रदेश के सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं।

डा. ब्रह्मदेव ने ग्रामों में सर्वेक्षण किये जाने वाले प्रमुख बिन्दुओं की जानकारी देते हुए बताया कि गांव के सर्वजनिक स्थनों पर प्लास्टिक कूड़ा करकट की स्थिति पर 10 अंक दिये जाने हैं। टीम द्वारा उस स्थान पर डस्टबीन देखते ही पूरे 10 अंक मिल जायेंगे, इसलिए पुराने ड्रम अथवा किसी भी तरह का डस्टबीन इन सार्वजनिक स्थानों पर रखवाया जाना चाहिए। जो जनपद सबसे अधिक एसएसजी 2019 ऐप डाउनलोड करवाकर फीडबैक दिलवा सकेगा उसे उतने ही अधिक अंक प्राप्त होंगे और उत्तर प्रदेश जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य होने के कारण इसका फायदा तो हमारे प्रदेश को मिलना ही चाहिए।

डा. ब्रह्मदेव ने बताया कि विभिन्न राजनैतिक संगठनों की बैठक में यह सन्देश जरूर दिलवा दिया जाय कि स्वच्छ सर्वेक्षण में सहयोग करने से उनका मान बढ़ेगा। गाॅव के सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता का विशेष महत्व है। विकास खण्ड वार एवं ग्राम वार प्रतियोगिता बढ़ाने हेतु आईईसी मद से सर्वाधिक सहयोग करने वाले को पुरस्‍कार की घोषणा का एलान कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस सम्बन्ध में वाल पेंटिंग करवा सकते हैं।

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बिना वीजा के इन खूबसूरत देशों के सैर का लें मजा https://www.newstimes.co.in/news/81045/भारत/अन्य-राज्यों-से/Enjoy-tours-of-these-beautiful-countries-without-a-visa901458Sat, 31 Aug 2019 00:00:00 GMTABHIMANYU VERMA <img src='http://newstimes.co.in/Images/31-08-2019162402Enjoytoursof5.jpg' alt='Images/31-08-2019162402Enjoytoursof5.jpg' />दुनिया के कुछ ऐसे देशों के बारे में बताने वाले हैं जो अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर हैं और वहां जाने के लिए आपको वीजा की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

बिना वीजा के इन खूबसूरत देशों के सैर का लें मजा

New Delhi. अगर आप देश की लगभग सभी मशहूर जगहों पर घूम चुके हैं और आप इस बार विदेश घूमने जाने की सोच रहे हैं, लेकिन वीजा न होने की वजह से आप जा नहीं पा रहे हैं। तो हम आज आपको दुनिया के कुछ ऐसे देशों के बारे में बताने वाले हैं जो अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर हैं और वहां जाने के लिए आपको वीजा की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

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नेपाल

भारत के पड़ोसी देश नेपाल में ढेर सारे प्राचीन मंदिर और खूबसूरत नजारों को देखने लोग दूर-दूर से आते हैं। नेपाल जाकर आपको यहां की काठमांडू वैली जरुर देखनी चाहिए। सबसे खास बात यह है कि यहां घूमने जाने के लिए वीजा नहीं लगता है।

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थाईलैंड 

थाईलैंड उन देशों में से एक है जहां जाने के लिए आपको वीजा की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां पर भारतीयों को बिना वीजा के 15 दिन ठहरने की अनुमति है। यह नियम थाइलैंड में 1 नवंबर, 2019 से लागू होगा। बीच और नाइट लाइफ के लिए फेमस इस जगह पर बहुत से खूबसूरत द्वीप, गुफाएं और साफ नीले रंग के समुद्र वाले तट भी हैं। 

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फिजी

मलेशिया के द्वीप शहर फिजी में आपको स्वदेशी, भारतीय, यूरोपीय और चीनी परंपरा का मिश्रण देखने को मिलेगा। यहां पर भी आप बिना वीजा घूमने जा सकते हैं। हरे और साफ नीले पानी से घिरे इस द्वीप पर आप शांति से अपना समय बिता सकते हैं। 

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इंडोनेशिया

इंडोनेशिया महाद्वीप के पास स्थित बाली दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में से एक है। बाली खूबसूरत बीच, नाइटलाइफ और अपने बेस्ट फूड के लिए दुनिया भर में फेमस है।

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दुनिया की ये सबसे ज्यादा सुकून भरी जगहें, यहां आप तनाव से रहेंगे दूरhttps://www.newstimes.co.in/news/81018/भारत/अन्य-राज्यों-से/The-most-relaxed-places-in-the-world901431Fri, 30 Aug 2019 00:00:00 GMTABHIMANYU VERMA <img src='http://newstimes.co.in/Images/30-08-2019154544Themostrelax4.JPG' alt='Images/30-08-2019154544Themostrelax4.JPG' />आज के आधुनिक युग में बढ़ती जनसंख्या के कारण एकांत मिलना बेहद मुश्किल है। जहां पर हम बिना किसी शोर-शराबे के कुछ पल सुकून जी सकें।

दुनिया की ये सबसे ज्यादा सुकून भरी जगहें, यहां आप तनाव से रहेंगे दूर

New Delhi. आज के आधुनिक युग में बढ़ती जनसंख्या के कारण एकांत मिलना बेहद मुश्किल है। जहां पर हम बिना किसी शोर-शराबे के कुछ पल सुकून जी सकें। लेकिन आज हम आपको दुनिया की कुछ ऐसी जगहों के बारे में बतायेंगे, जिन जगहों से ज्यादा शांति और एकांत आपको कहीं और नहीं मिलेगा। आइए दुनिया की उन जगहों के बारे में जानते हैं-

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सिवा नखलिस्तान

यह जगह मिस्र के पश्चिम रेगिस्तान में स्थित है जो लीबिया की सीमा से 50 किलोमीटर और काहिरा से करीब 560 किलोमीटर समुद्र तल के नीचे है। यहां जाने के लिए आपको बस से जाना पड़ेगा या कार लेनी होगी। यह जगह शोर-शराबे भरी आधुनिक दुनिया से इतनी दूर है कि यहां पर फोन का सिगनल बिल्कुल नहीं आता है। 

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सुपाय विलेज

अमेरिका के ऐरिजोना राज्य में स्थित सुपाय विलेज एक तरह का गांव है। जिसकी आबादी महज 208 है। यहां पर सिर्फ हेलीकॉप्टर से ही जा सकते हैं। यहां के लोगों का जीवन खेती, शिकार और प्राकृतिक झरनों पर आश्रित है। 

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पिटकेर्न आइलैंड

पिटकेर्न आइलैंड दुनिया की सबसे कम आबादी वाली जगहों में से एक है। यहां सिर्फ 50 लोग रहते हैं। ये 50 लोग अपने जीवन निर्वाह के लिए यहां आऩे वाले पर्यटक, कृषि और शहद के उत्पादन पर आधारित हैं।

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चार साल से दर-दर भटक रहे इस गरीब को आखिर कब और कहां मिलेगा न्याय https://www.newstimes.co.in/news/81016/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/When-and-where-will-this-poor-man-wandering-from-rate-to-rate-for-four-years-get-justice901429Fri, 30 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/30-08-2019162156Whenandwhere.jpg' alt='Images/30-08-2019162156Whenandwhere.jpg' />कस्बा काकोरी के मोहल्ला हाता हजरत साहब के रहने वाला एक व्यक्ति चार साल से सरकार के हर दरवाजे पर जा चुका है लेकिन ​कहीं से न्याय नहीं मिला।

चार साल से दर-दर भटक रहे इस गरीब को आखिर कब और कहां मिलेगा न्याय

LUCKNOW. कस्बा काकोरी के मोहल्ला हाता हजरत साहब का रहने वाला एक व्यक्ति चार साल से सरकार के हर दरवाजे पर जा चुका है, लेकिन ​कहीं से न्याय नहीं मिला। पुलिस उसकी सही मदद करने के बजाय उससे अपनी जगह में रास्ता देने का सुझाव दे रही है। क्योंकि विरोधी  इतने दबंग और पैसे वाले हैं कि किसी गरीब को उनके सामने पुलिस से न्याय मिलना मुश्किल ही नहींं, अब तो नामुमकिन लगने लगा है। दबंगों ने रास्ते की जमीन में मकान बना लिया और अब राम कृपाल प्रजापति के घर की जगह में रास्ता मांग रहे हैं। यह दरवाजा उनके मकान के पिछले हिस्से में जबरन लगाया गया है उनका मुख्य दरवाजा दूसरे रास्ते पर है। फिर भी एक गरीब को परेशान कर उसकी जगह में कब्जा करना चाह रहे हैं।

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राम कृपाल पुत्र रामचन्द्र निवासी हाता हजरत साहब, कस्बा काकोरी ने बताया कि उनके पड़ोसी कृष्ण कुमार उर्फ पप्पू यादव चार भाई हैं, जो सरकारी नौकरी करने के अलावा दबंगई भी करते हैं। राम कृपाल ने पिछले चार साल में थाना, तहसील, कचहरी, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के शिकायत नं. पर भी फोन से शिकायत दर्ज कराने के बाद भी पुलिस और प्रशासन पंगु साबित हुए हैं।

इस संबन्ध में उपजिलाधिकारी सदर ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। प्रकरण तहसील दिवस का बताने के बाद कहा कि उसे प्रार्थना पत्र के साथ भेज दीजिए। जिस तहसील दिवस का यह प्रकरण है उस दिन सदर में मात्र 12 प्रकरण आए थे। फिर भी अधिकारियों को याद नहीं। इससे अधिक जनता की समस्याओं के लिए लापरवाही क्या हो सकती है।

प्रभारी निरीक्षक काकोरी प्रमोद मिश्रा ने कहा कि उन्हें भी नहीं पता कि प्रकरण क्या है। जबकि हकीकत यह है कि जो प्रकरण मुख्यमंत्री, विधानसभाध्यक्ष के पत्र पर अधिकारियों के सामने आया हो उसकी किसी अधिकारी को जानकारी न हो यह कैसे हो सकता है।                                               

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सब्जियां तैयार करने के लिए कितने उपाय करता है किसान?https://www.newstimes.co.in/news/81013/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/How-many-ways-does-the-farmer-take-to-prepare-vegetables901426Fri, 30 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/30-08-2019120328Howmanyways3.jpg' alt='Images/30-08-2019120328Howmanyways3.jpg' />LUCKNOW. कितनी मेहनत से किसान सब्जियां तैयार करता है यह वही जानता है। ए​क पतौना का एक किसान तरोई की फसल तैयार करने और फलों को कीड़ों से बचाने के लिए क्या&mdash;क्या उपाय करता है। किसान प्रेमचन्द्

सब्जियां तैयार करने के लिए कितने उपाय करता है किसान?

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LUCKNOW. कितनी मेहनत से किसान सब्जियां तैयार करता है, यह वही जानता है। पतौना का एक किसान तरोई की फसल तैयार करने और फलों को कीड़ों से बचाने के लिए क्या-क्या उपाय करता है। किसान प्रेमचन्द्र बताते हैं कि उनके खेत में खड़ी तरोई की फसल में कीड़ा लगने से  फल टेढे-मेढे होने लगे और अब पत्तों में मुर्रारोग लग गया है। जिससे पौधे खराब हो रहे हैं।

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पौधों और फलों को बचाने के लिए कीट नाशक का छिड़काव कर रहे हैं। पहले 10-12 दिन में दवा छिड़कनी पड़ती थी, लेकिन कभी-कभी बीमारियां बढ़ जाने से सप्ताह भर के अन्दर ही दवा का छिड़काव करना पड़ता है। इसके साथ ही किसान घास, खरपतवार के लिए भी अब दवा का प्रयोग करने लगा है, जिससे घास सूख जाती है। इसके अलावा निराई गुड़ाई भी करनी पड़ती है। 

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5 साल की गारण्टी लेने वाली कम्पनी को ही मिलेगा पेयजल परियोजना का काम: डा0 महेन्द्र सिंहhttps://www.newstimes.co.in/news/81010/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Only-the-company-which-takes-5-years-guarantee-will-get-the-work-of-drinking-water-project---Dr.-Mahendra-Singh901423Fri, 30 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/30-08-2019111959Onlythecompa.jpg' alt='Images/30-08-2019111959Onlythecompa.jpg' /> कम से कम 5 साल की गारण्टी लेने वाली कम्पनियों को ही काम दिया जाय।

5 साल की गारण्टी लेने वाली कम्पनी को ही मिलेगा पेयजल परियोजना का काम: डा0 महेन्द्र सिंह

LUCKNOW.  उ0प्र0 के जल शक्ति मंत्री डा. महेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्य क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भविष्य को ध्यान में रखकर परियोजनाएं बनाई जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में लम्बे समय तक चलने वाली परियोजनाओं की विस्तृत कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करें। डा. सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्य क्षेत्र में पेयजल परियोजनाओं पर काम करने वाली कार्यदायी संस्थाओं की जिम्मेदारी तय करें। उन्होंने कहा कि कम से कम 5 साल की गारण्टी लेने वाली कम्पनियों को ही काम दिया जाय।

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जलशक्ति मंत्री माॅलऐवेन्यू स्थिति जल निगम कार्यालय के सभाकक्ष में बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्य क्षेत्रों में आपूर्ति हेतु ग्रामीण पेयजल योजना की समीक्षा कर रहे थे। डा0 सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्य क्षेत्र के ग्रामीण पेयजल परियोजना को चलाने एवं मेंटीनेंस की जिम्मेदारी संबंधित कम्पनियों की होगी। उन्होंने कहा कि वाटर पाइप लाइन एवं ट्यूबवेल के देख-भाल एवं मेंटीनेंस की जिम्मेदारी भी 5 साल तक के लिए संबंधित कम्पनी को ही करना होगा।

डा0 सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पेयजल से संबंधित परियोजना पर काम करने वाली कम्पनियों की माॅनीटरिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर निरीक्षण करना भी अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। बैठक में राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, मुख्य मंत्री के सलाहकार श्री के.बी. राजू, प्रबन्ध निदेशक तथा संबंधित मुख्य अभियन्ता उपस्थित थे।

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प्राइमरी स्कूल में दलितों के साथ भेदभाव, सामान्य वर्ग के बच्चे नहीं खाते हैं उनके साथ खानाhttps://www.newstimes.co.in/news/80992/भारत/उत्तर-प्रदेश-/primary-school-me-dalit-ke-sath-bhedbhaaw901405Thu, 29 Aug 2019 00:00:00 GMTRAJNISH KUMAR<img src='http://newstimes.co.in/Images/29-08-2019135903primaryschool2.JPG' alt='Images/29-08-2019135903primaryschool2.JPG' />उत्तर प्रदेश के बलिया में जातिगत भेदभाव का नया मामला सामने आया है। दरअसल, बलिया के रामपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में दलित समुदाय के बच्चों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, यहां सामान्य जाति के बच्चे अलग थालियों में खाना खा रहे है।

प्राइमरी स्कूल में दलितों के साथ भेदभाव, सामान्य वर्ग के बच्चे नहीं खाते हैं उनके साथ खाना

Lucknow. उत्तर प्रदेश के बलिया में जातिगत भेदभाव का नया मामला सामने आया है। दरअसल, बलिया के रामपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में दलित समुदाय के बच्चों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, यहां सामान्य जाति के बच्चे अलग थालियों में खाना खा रहे है। इस मामले के बसपा सुप्रीमो मायावती सहित अन्य लोगों ने इसकी निंदा की।

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प्रदेश के बलिया जिले के रामपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में एससी, एसटी और दलित समुदाय के बच्चों के साथ सामान्य वर्ग के बच्चे खाना नहीं खाते हैं। जब छात्रों से इस बारे में पूछा गया तो एक छात्र ने बताया कि स्कूल में जिन प्लेटों में खाना दिया जाता है, उनमें कोई भी खाना खा सकता है। इसलिए हम लोग इन प्लेटों में खाना नहीं खाते हैं, हम अपनी प्लेट लेकर आते हैं।

इस मामले को लेकर जब स्कूल के प्रिंसिपल पी. गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बच्चों से एक साथ बैठने और खाने के लिए कहा जाता है, लेकिन हमारे जाने के बाद बच्चे फिर अलग-अलग हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि बच्चों ने यह सब घर से सीखा। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के बच्चे निचली जाति के बच्चों से दूर रहने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्हें कई बार समझाने की कोशिश की गई है कि सब समान है।

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वहीं, इस मामले में मीडिया में आने के बसपा सुप्रीमो मायावती ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने ट्वीट किया, यूपी के बलिया जिले के सरकारी स्कूल में दलित छात्रों को अलग बैठाकर भोजन कराने की खबर अति-दुःखद व अति-निन्दनीय। बीएसपी की माँग है कि ऐसे घिनौने जातिवादी भेदभाव के दोषियों के खिलाफ राज्य सरकार तुरन्त सख्त कानूनी कार्रवाई करे ताकि दूसरों को इससे सबक मिले व इसकी पुनरावृति न हो।

 

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बुजुर्ग महिला को एक साल से टरका रहा प्रशासन,दबंगों ने जमीन पर कर लिया कब्जाhttps://www.newstimes.co.in/news/81002/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Administration-has-been-shoving-an-elderly-woman-for-one-year-the-domineering-occupied-the-land901415Thu, 29 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/29-08-2019184551Administration.jpg' alt='Images/29-08-2019184551Administration.jpg' /> बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र के ग्राम कठवारा के मजरे चनवातारा की रहने वाली जगदेई के मकान के सामने सहन से पड़ोसी लाला, रजऊ व कैलाश,कल्लू तथा लाला के लड़कों ने जबरदस्ती रास्ता निकालकर खड़ंजा लगवा दिया है।

बुजुर्ग महिला को एक साल से टरका रहा प्रशासन,दबंगों ने जमीन पर कर लिया कब्जा

LUCKNOW. बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र के ग्राम कठवारा के मजरे चनवातारा की रहने वाली जगदेई के मकान के सामने सहन से पड़ोसी लाला, रजऊ व कैलाश,कल्लू तथा लाला के लड़कों ने जबरदस्ती रास्ता निकालकर खड़ंजा लगवा दिया है।

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जगदेई के मुताविक यह कोई मुख्य मार्ग नहीं है। वह उनके मकान का सहन है। इस महिला की तहसील और थाना कोई मदद नहीं कर रहा है, जबकि इन्होंंने उपजिलाधिकारी से एक साल में कई बार मिल चुकी हैं। अब उन दबंगों द्वारा इस गरीब बुजुर्ग महिला को भद्दी-भद्दी गालियां  और जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

बीते तहसील दिवस में प्रर्थना पत्र लेने के बजाय एसडीएम ने उन्हे थाना दिवस में आने के लिए कहा। उपजिलाधिकारी ने दरोगा से कहा कि इन दोनो को थाने में बुलाकर बातचीत कर  हल निकाला जाएग। जबकि अभी तक पुलिस उन अवैध कब्जेदारों का पक्ष लेती चली आ रही है।

यह महिला अनकों बार एसडीएम से मिल चुकी है फिर भी आज तक इसकी जमीन से अवैध कबजा नहीं हटा है। और बेचारी मायूस महिला न्याय के लिए तहसील और थाने के चक्कर लगा रही है। 

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बालू/मौरंग की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देशhttps://www.newstimes.co.in/news/80988/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Instructions-to-ensure-uninterrupted-supply-of-sand-/-maurang901401Thu, 29 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/29-08-2019120104Instructionst1.jpg' alt='Images/29-08-2019120104Instructionst1.jpg' /> जन सामान्य को बालू/मौरंग की निर्बाध रूप से आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने हेतु प्रदेश में बालू के 96 तथा मौरम के 106 भण्डारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत भण्डारों में बालू की मात्रा 11,47,661 घन मी0 तथा मौरंग की मात्रा 13,52,088 घन मी0 भण्डारित है, जो प्रदेश में मानसून सत्र में उपयोग किये जाने हेतु पर्याप्त है।

बालू/मौरंग की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

LUCKNOW. जन सामान्य को बालू/मौरंग की निर्बाध रूप से आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने हेतु प्रदेश में बालू के 96 तथा मौरम के 106 भण्डारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत भण्डारों में बालू की मात्रा 11,47,661 घन मी0 तथा मौरंग की मात्रा 13,52,088 घन मी. भण्डारित है, जो प्रदेश में मानसून सत्र में उपयोग किये जाने हेतु पर्याप्त है। अभी तक बालू की भण्डारित मात्रा के सापेक्ष केवल 201,682 घन मी0 तथा मौरंग की भण्डारित मात्रा के सापेक्ष 2,62,318 घन मी0 का निस्तारण हुआ है, जो भण्डारित मात्रा के सापेक्ष क्रमशः 17.57 प्रतिशत एवं 19.40 प्रतिशत है।

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यह जानकारी भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निदेशक, डा0 रोशन जैकब ने दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भण्डारण नियमावली-2018 में 30 सितम्बर तक अनुज्ञप्तिधारी को अपने 90 प्रतिशत स्टाक को समाप्त कर लिए जाने का प्राविधान किया गया है। स्टाक परिसमाप्त न होने पर जिलाधिकारी द्वारा अनुज्ञप्ति रद्द कर जमानत राशि को जब्त करने की कार्यवाही की जाएगी।

डा0 जैकब ने बताया कि जनसामान्य को मानसून अवधि में उपखनिज बालू/मौरंग निर्बाध रूप से उपलब्ध हो इस हेतु जनपद में स्वीकृत समस्त खनिजों के भण्डारण अनुज्ञाधारकों को भण्डारित बालू/मौरंग का नियमित निस्तारण कराने तथा इस कार्यवाही का नियमित अनुश्रवण भी करने हेतु समस्त जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है, जिससे उपखनिज बालू/मौरंग की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे तथा मूल्य में वृद्धि न हो।
निदेशक के अनुसार आमजन को बालू/मौरंग के भण्डारण की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त हो सके जिससे वह उचित मूल्य पर उपखनिज बालू/मौरंग प्राप्त कर सकें। 

 

 

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परिवहन निगम के वाहनों से दुर्घटना होने पर चालक/परिचालक होंगे जिम्मेदारhttps://www.newstimes.co.in/news/80986/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Driver-/-Operator-will-be-responsible-for-accidents-due-to-Transport-Corporation-vehicles901399Thu, 29 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/29-08-2019111750DriverOpera.jpg' alt='Images/29-08-2019111750DriverOpera.jpg' />उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के वाहनों से दुर्घटना होने पर अब चालक अ और परिचालक की पूर्ण जिम्मेदारी होगी।

परिवहन निगम के वाहनों से दुर्घटना होने पर चालक/परिचालक होंगे जिम्मेदार

LUCKNOW. उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के वाहनों से दुर्घटना होने पर अब चालक और परिचालक की पूर्ण जिम्मेदारी होगी। दुर्घटना होने के उपरान्त घटना अटेण्ड किए जाने के बाद सूचना मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। उक्त आदेशोंं का शत प्रतिशत पालन करने के निर्देश दिए गए थे। दुर्घटना घटित होने पर स्तरीय परिचालन कार्य प्रणाली का शत प्रतिशत अनुपालन किया जाय। दुर्घटना घटित होने पर चालक /परिचालक की पूर्ण जिम्मेदारी होगी कि वह तत्काल उसी समय अपने क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबन्धक एवं डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक को सूचना देंगे। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो इसके लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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प्रत्येक दुर्घटना पर सूचना प्राप्त होते ही इन्टरसेप्टर वाहन तत्काल दुर्घटना स्थल पर भेज दिया जाय और यह निर्देश दिये जायें कि वह दुर्घटना स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध करायें। स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर समुचित सहायता उपलब्ध कराने हेतु समन्वय स्थापित करें।

इसके अतिरिक्त चालक/परिचालक के स्तर पर घटित दुर्घटना की सूचना प्राप्त होने के उपरान्त नजदीकी डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक तत्काल दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर दुर्घटना स्थल की स्थिति का जायजा लेकर मुख्यालय को सूचना प्रेषित करें।

दुर्घटना की सूचना प्रधान प्रबन्धक (सड़क सुरक्षा) को तत्काल देंगे। घायल व मृतक यात्रियों को मुआवजा भी जिलाधिकारी के माध्यम से घायलों को तथा मृतक के आश्रितों को उपलब्ध करायें। उक्त निर्देश प्रबन्ध निदेशक उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम राजशेखर ने सम्बंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को दिये हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना दुर्घटना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

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दुर्घटना को दावत देता सेमरी कस्बे का राजमार्ग, नाले का रूप ले चुकी सड़कhttps://www.newstimes.co.in/news/80985/भारत/उत्तर-प्रदेश-/The-highway-in-Semri-town-claiming-the-accident-has-taken-the-form-of-a-drain901398Thu, 29 Aug 2019 00:00:00 GMTDEEPAK MISHRA<img src='http://newstimes.co.in/Images/29-08-2019111348Thehighwayin1.jpg' alt='Images/29-08-2019111348Thehighwayin1.jpg' />उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के सेमरी बाजार में रामाशंकर सेठ के आवास के सामने हलियापुर से बेलवाई राज्य मार्ग पर सड़क धसने के करण गड्ढा हो गया है। बरसात के चलते राजमार्ग के गड्ढे में जलभरव हो जाता है।

दुर्घटना को दावत देता सेमरी कस्बे का राजमार्ग, नाले का रूप ले चुकी सड़क

SULTANPUR : प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के सेमरी बाजार में रमाशंकर सेठ के आवास के सामने हलियापुर से बेलवाई राज्य मार्ग पर सड़क धसने के करण गड्ढा हो गया है। बरसात के चलते राजमार्ग के गड्ढे में जलभराव हो जाता है, जिससे सड़क पर चलने रहगीरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और आए दिन सड़क हादशा होता है।

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बाजारवासियों से पड़ताल करने पर पता चला कि राजमार्ग पर ऊंचाईकरण का काम चल रहा है, लेकिन किसी कारण से विरसिंहपुर से आते समय सेमरी बाजार की तरफ लगभग 300 मीटर सड़क का निर्माण कार्य नहीं हुआ है। बारिश से सड़क धंस कर बैठ जाने के कारण नाले का रूप ले चुकी है। जिसके सड़क पर पैदल चलना मुश्किल हो गया है।

दो पहिया व चार पहिया वाहन काफी मसक्कत के बाद निकल पाते है, और कुछ तो दो पहिया वाहन वाले फिसल कर गिर जाते है। सड़क पर गन्दा पानी भरा होने के कारण बाजार आने जाने वाले राहगीरों के कपड़े भी खराब हो जाते हैं। जिससे राहगीरों मे बाद विवाद भी हो जाता है। सेमरी बाजार से बिरसिंहपुर को जाने वाले इस राजमार्ग के अलावा इसी से निकलने दूसरे क्षेत्रीय सम्पर्क मार्ग सेमरी बाजार से महमूदपुर जाने वाली सड़क का हाल भी बहुत खराब है।

इस मार्ग पर पर भी पैदल चलना मुश्किल है। दोनों सड़कें बाजार की आबादी वाले क्षेत्र से जुड़ी हैं। जलभर के कारण संक्रामक रोग फैलने की पूरी संभावना है। क्षेत्रवासी लोग क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा कर थक चुके हैं। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई है। यहां तक की क्षेत्रीय विधायक व सांसद भी इस तरफ नही देख रहे हैं। जबकि सांसद के घोषित A, B, C, D के फार्मूले मे यह विधान सभा व बूथ A मे आता है, परंतु सेमरी बाजार की सड़क की दुर्दशा पर शासन, प्रशासन किसी की निगाहें नही पड़ रही हैं।

क्षेत्र के लोग प्रधान ,बीडीसी सहित रमाशंकर सेठ,  संजय सेठ, मोनू,  राहुल सिंह, भूपेन्द्र मिश्र (मंत्री)  सदानन्द दूबे सहित तमाम लोगों ने सडक के शेष बचे लगभग 300मीटर राजमार्ग और सेमरी-महमूदपुर सड़क को बनवाने की मांग कर रहे हैं।

 

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"कश्मीर आवर" के समर्थन में उतरे शाहिद अफरीदी, 6 सितंबर को करेंगे एलओसी का दौराhttps://www.newstimes.co.in/news/80970/अन्तर्राष्ट्रीय/Shahid-Afridi-to-visit-LoC-on-Sept-6-in-favour-of-"Kashmir-Hour-Call"901383Wed, 28 Aug 2019 00:00:00 GMTSUKIRTI MISHRA<img src='http://newstimes.co.in/Images/28-08-2019164848ShahidAfridi2.PNG' alt='Images/28-08-2019164848ShahidAfridi2.PNG' />पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान के कश्मीरियों के समर्थन के आह्वान पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने बड़ा ऐलान किया है।

"कश्मीर आवर" के समर्थन में उतरे शाहिद अफरीदी, 6 सितंबर को करेंगे एलओसी का दौरा

Islamabad. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा कश्मीरियों को समर्थन के आह्वान पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर आवर में अपनी सहभागिता दर्ज कराने के लिए वह 6 सितंबर को एलओसी का दौरा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, इमरान खान ने पाकिस्तान को संबोधित करते हुए कहा था कि शुक्रवार से कश्मीरियों को अपना समर्थन देने के लिए सांकेतिक तौर पर कश्मीर आवर की शुरुआत करेंगे। साथ ही पाकिस्तानी जनता से शुक्रवार दोपहर घर से बाहर निकलकर इस मामले पर समर्थन देने के लिए कहा गया है। 

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जानिए, किसे मिला देश की पहली महिला फ्लाइट कमांडर बनने का गौरव... https://www.newstimes.co.in/news/80965/भारत/The-first-Woman-Flight-Commander-of-India...901378Wed, 28 Aug 2019 00:00:00 GMTSUKIRTI MISHRA<img src='http://newstimes.co.in/Images/28-08-2019143632ThefirstWoma2.PNG' alt='Images/28-08-2019143632ThefirstWoma2.PNG' />इंडियन एयर फोर्स (Indian Air Force) की विंग कमांडर शालिजा धामी ने भारतीय फ्लाइंग यूनिट की पहली फ्लाइट कमांडर बनने का गौरव हासिल किया है

जानिए, किसे मिला देश की पहली महिला फ्लाइट कमांडर बनने का गौरव...

Ludhiana. इंडियन एयर फोर्स (Indian Air Force) की विंग कमांडर शालिजा धामी ने भारतीय फ्लाइंग यूनिट की पहली फ्लाइट कमांडर बनने का गौरव हासिल किया है। लुधियाना की बेटी शालिजा धामी ने मंगलवार को हिंडन एयरबेस में चेतक हेलीकॉप्टर यूनिट की फ्लाइट कमांडर के पद को ग्रहण किया। 15 साल के कार्यकाल में, धामी चेतक और चीता जैसे हेलीकॉप्टर उड़ा चुकी हैं। इस वजह से विंग कमांडर धामी इंडियन एयरफ़ोर्स की पहली योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी मानी जा रही हैं। 

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अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल उच्चशिक्षा मंत्री से मिलाhttps://www.newstimes.co.in/news/80973/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Delegation-of-teachers-of-subsidized-colleges-met-with-the-Higher-Education-Minister901386Wed, 28 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/28-08-2019183017Delegationof1.jpg' alt='Images/28-08-2019183017Delegationof1.jpg' />प्रदेश के अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों का एक प्रतिनिधि मंडल अपनी विभिन्न मांगों के संबन्ध में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षामंत्री दिनेश शर्मा से मिला।

अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल उच्चशिक्षा मंत्री से मिला

LUCKNOW.  प्रदेश के अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों का एक प्रतिनिधि मंडल अपनी विभिन्न मांगों के संबन्ध में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षामंत्री डॉ दिनेश शर्मा से मिला।

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इस संबन्ध में जानकारी देते हुए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय प्रभारी शैक्षिक प्रकोष्ठ प्रो.शैलेश कुमार मिश्र ने बताया कि बुधवार को पिछले माह शिक्षामंत्री के साथ हुए बैठक में जिन बिन्दुओं पर सहमति बनी थी, उनको लागू कराने और शिक्षकों की नियुक्ति प्रोन्नति एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की विश्वविद्यालय स्तर पर नियुक्ति तथा कर्मचारियो की सेवा नियमावली बनाने के​ लिए शासन स्तर से स्वीकृति प्रदान किए जाने का निर्देश देने की मांग की गई है। अनुदानित महाविद्यालय के मानदेय शिक्षकों को पूर्व में शासन द्वारा ​विनियमित किया गया है। परन्तु इसमें कतिपय शिक्षक अभी भी इस लाभ से वंचित हैं। शिक्षामंत्री ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पड़े तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति हेतु कुलपतियों को अधिकृत करने का दिशा निर्देश अपर मुख्य सचिव को दिया। विश्वविद्यालय में रिक्त प्राध्यापकों हेतु शीघ्र रोस्टर का दिशा निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया। प्र​तिनिधि मंडल का नेतृत्व डा. उदयन मिश्र कर रहे थे। उनके साथ डा.हदयकान्त, डा.टी.के.शर्मा, डा.जितेन्द्र तिवारी एवं महेन्द्र कुमार शामिल थे। 

 

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नर्सरी वाले किसानों के सामने रोजी—रोटी का संकटhttps://www.newstimes.co.in/news/80957/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Nursery-farmers-in-front-of-livelihood-crisis901370Wed, 28 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/28-08-2019121818Nurseryfarmer3.jpg' alt='Images/28-08-2019121818Nurseryfarmer3.jpg' />निजी नर्सरीमैन किसान इस बार सरकारी आपूर्ति न होने से परेशान हैं। क्योंकि इस बार सभी जिलों में सरकारी वृक्षारोपण अभियान की कमान वन विभाग के पास थी। इसीलिए अब निजी नर्सरी मालिक फुटकर या थोक में पौधों की बिक्री के सहारे अपनी रोजी रोटी चला रहे हैं।

नर्सरी वाले किसानों के सामने रोजी—रोटी का संकट

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LUCKNOW.  निजी नर्सरीमैन किसान इस बार सरकारी आपूर्ति न होने से परेशान हैं। इस बार सभी जिलों में सरकारी वृक्षारोपण अभियान की कमान वन विभाग के पास थी इसीलिए अब निजी नर्सरी मालिक फुटकर या थोक में पौधों की बिक्री के सहारे अपनी रोजी रोटी चला रहे हैं। जिनकी साख अच्छी है या नर्सरी का धन्धा पुराना है वही इस बार अच्छा मुनाफा कमा पाएंगे, बाकी छोटे किसान अपनी नर्सरी के सभी पौधे बेंच पाएंगे या नहीं इस पर भी संदेह बना हुआ है।

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किसानों का कहना है कि जब सरकारी अभियान नहीं चलता था तब भी वह पर्यावरण के प्रहरी के रूप में काम करते हुए देश के कोने—कोने में करोड़ों पौधे भेजते थे। परन्तु आज सरकार रिकार्ड बनाने में लगी है न कि पौधों को बचाने का काम कर रही है। किसानों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रूपये खर्च करके कितने पौधे अब तक बच पाएं हैं इसका किसी भी अधिकारी के पास जवाब नहीं है। किसान अयोध्या प्रसाद ने कहा कि कुछ लोग कलकत्ता से वीनियर पौधे लाकर यहां सस्ते में बेंच रहे हैं उनके पौधों की कीमत 30—45 रू0 और हमारे ग्राफ्टिंग के पौधों की कीमत 60 से 100 रूपये प्रति पौधा है। इसलिए उनके पौधे कम बिक रहे हैं।

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मलिहाबाद नर्सरी के मालिक इमरान खान ने कहा कि इस बार मलिहाबाद की नर्सरी मंडी में सन्नाटा छाया हुआ है। जबकि इस समय सीजन पीक पर है। दूसरी ओर दूसरे प्रदेशों में बाढ़ आने के कारण वहां भी पौधे नहीं जा पा रहे हैं इसलिए यहां संकट और गहराता जा रहा है। 

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देश की पहली महिला डीजीपी का निधन https://www.newstimes.co.in/news/80919/भारत/Country-s-first-woman-DGP-dies901331Tue, 27 Aug 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/27-08-2019120456Countrysfirs1.jpg' alt='Images/27-08-2019120456Countrysfirs1.jpg' />देश की दूसरी महिला आईपीएस व उत्तराखंड की पहली डीजीपी रहीं कंचन चौधरी भट्टाचार्य का गत सोमवार देर रात निधन हो गया। बताया जा रहा कि पूर्व डीजीपी लंबे समय से बीमारी से जूझ रही थीं। मुंबई स्थित अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने पूर्व महिला डीजीपी के निधन की पुष्टि की है। वह 72 वर्ष की थीं।

देश की पहली महिला डीजीपी का निधन

New Delhi. देश की दूसरी महिला आईपीएस व उत्तराखंड की पहली डीजीपी रहीं कंचन चौधरी भट्टाचार्य का गत सोमवार देर रात निधन हो गया। बताया जा रहा कि पूर्व डीजीपी लंबे समय से बीमारी से जूझ रही थीं। मुंबई स्थित अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने पूर्व महिला डीजीपी के निधन की पुष्टि की है। वह 72 वर्ष की थीं।

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बताते चलें कि कंचन चौधरी 1973 बैच की महिला आईपीएस अधिकारी थीं। 2004 में उत्तराखंड की पहली महिला डीजीपी बनकर इतिहास रच दिया था। 31 अक्टूबर को वह सेा निवृत्त हुई थीं।

उन्होंने राजनीतिक करियर में आगे जोर आजमाइश करते हुए 2014 के आम चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर हरिद्वार लोकसभा सीट से चुनावी समर में उतरीं। 

यह भी पढ़ें... बकाया होने पर रोक दिया ईंधन सप्लाई, फिर भी उड़ानें प्रभावित नहीं

बताते चलें कि कंचन चौधरी किरण बेदी के बाद दूसरी महिला थीं, जिन्होंने आईपीएस की सेवा पाई। वह हिमाचल प्रदेश की निवासी थीं। 2004 में उनको मेक्सिको में आयोजित इंटरपोल की बैठक में भारत की तरफ से  प्रतिनिधित्व करने को लेकर चयनित किया गया था। 1997 में अच्छे कार्यों के लिए ‘राष्ट्रपति पदक’ से सम्मानित किया गया था। उत्तराखंड पुलिस ने अपने फेसबुक पेज पर शोक जताते हुए तस्वीरें भी शेयर की है। 

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फैजुल्लागंज में बढ़ें बुखार के मरीज https://www.newstimes.co.in/news/80915/भारत/उत्तर-प्रदेश-/faizullaganj-me-badhe-bukhar-ke-mareej901327Tue, 27 Aug 2019 00:00:00 GMTGAURAV SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/27-08-2019111244faizullaganjm1.jpeg' alt='Images/27-08-2019111244faizullaganjm1.jpeg' />फैजुल्लागंज में बुखार डायरिया थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को इसके कई मरीज सामने आएं। यह मरीज उल्टी और दस्त से पीड़ित थे।  हालांकि मामले पर सीएमओ का कहना है कि फिलहाल अब स्थिति सामान्य है। जबकि स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में फैली गंदगी जलभराव के चलते बीमारियां जोरों से फैल रही है। अभी तक स्वास्थ्य शिविर में 132 मरीजों को देख दवा वितरित की गयी है। 

फैजुल्लागंज में बढ़ें बुखार के मरीज 

Lucknow. राजधानी के फैजुल्लागंज में बुखार डायरिया थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को इसके कई मरीज सामने आएं। यह मरीज उल्टी और दस्त से पीड़ित थे। 

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आखिर क्यों 2 मिनट भी नहीं टिक पायी नवदंपति की शादी?https://www.newstimes.co.in/news/80857/अन्तर्राष्ट्रीय/Newly-married-couple-dies-in-car-accident-minutes-after-marriage..901268Sun, 25 Aug 2019 00:00:00 GMTSUKIRTI MISHRA<img src='http://newstimes.co.in/Images/25-08-2019152317Newlymarried2.PNG' alt='Images/25-08-2019152317Newlymarried2.PNG' />शादी एक ऐसा समारोह है जिसे 7 जन्म का बंधन माना जाता है। सिर्फ दूल्हा दुल्हन के लिए, बल्कि दोनों के परिवार के लिए भी खुशी का क्षण होता है

आखिर क्यों 2 मिनट भी नहीं टिक पायी नवदंपति की शादी?

Washington. शादी एक ऐसा समारोह है जिसे 7 जन्म का बंधन माना जाता है। सिर्फ दूल्हा दुल्हन के लिए, बल्कि दोनों के परिवार के लिए भी खुशी का क्षण होता है। आखिर अमेरिका के रहने वाले इस कपल के साथ ऐसा क्या हादसा हुआ जिसकी वजह से उनकी शादी 7 दिन भी नहीं टिक पायी?

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यह दुर्घटना अमेरिका के टेक्सास निवासी एक कपल के साथ घटी। अपनी शादी की खुशियों को अभी पूरी तरह से एंजॉय भी नहीं कर पाये थे कि दोनों एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। शादी सपन्न होने के बाद कोर्ट हाउस से निकल ही रहे थे कि रास्ते में हुए एक्सिडेंट में दोनों की मौत हो गयी और घर में कोहराम मच गया। 

19 वर्षीय हार्ले मोर्गन और 20 वर्षीय रिहाना बूड्राक्स स्कूल के दिनो से एक दूसरे से प्रेम करते थे। ज़िंदगी भर एक दूसरे का साथ निभाने का वादा करके, शादी के बंधन में बंधने के बाद, जैसे ही यह दंपति बाहर आया, नियति के क्रूर मज़ाक का शिकार बन गया। ऑरेंज टाउन की सड़क दुर्घटना का शिकार हुई नवदंपति की मौत से दोनों परिवार सदमे में हैं।

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हार्ले मोर्गन की मां केनिया मोर्गन ने बताया कि दोनों अपनी शादीशुदा जिंदगी की शुरुआत करने के लिए बहुत ही उत्साहित थे। उनकी शादी कोर्ट हाउस में हुई लेकिन 20 दिसंबर को परिवार और दोस्तों के लिए क्रिसमस वेडिंग का आयोजन करने का प्लान कर रहे थे। 

मां केनिया ने भयावह क्षण याद करते हुए कहा, "मैंने अपने बच्चे को मरते हुए देखा। मेरे हाथों पर अभी भी मेरे बेटे का खून लगा हुआ है, मैं उसे कार से बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी। यह भयावह मंजर मुझे जिंदगी भर बेचैन करता रहेगा। मैं इसे कभी नहीं भूलूंगी। यह मेरे दिमाग से कभी नहीं जाएगा।"     

 

 

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यहां पहले आवास और शौचालय दिया जाता है, बाद में माडल प्रस्तुत किया जाता हैhttps://www.newstimes.co.in/news/80855/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-माल--Here-first-housing-and-toilets-are-provided-later-model-is-presented.901266Sun, 25 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/25-08-2019150015Herefirsthou1.jpg' alt='Images/25-08-2019150015Herefirsthou1.jpg' />उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जहां आवास दो साल पहले दे दिया जाता है और माडल दो साल बाद प्रस्तुत किया जाता है। जिससे जनता असमंजस में रहती है और आवासों का निर्माण अपने मनमुताविकि बना लिया जाता है।

यहां पहले आवास और शौचालय दिया जाता है, बाद में माडल प्रस्तुत किया जाता है

LUCKNOW.  उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जहां आवास दो साल पहले दे दिया जाता है और माडल दो साल बाद प्रस्तुत किया जाता है, जिससे जनता असमंजस में रहती है और आवासों का निर्माण अपने मनमुताबिक बना लिया जाता है।

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राजधानी के विकास खण्ड माल के परिसर में बने प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) के माडल का निर्माण वित्तीय वर्ष 2018-19 में ​किया गया जबकि उसे वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रदर्शित किया गया है। यह योजना अप्रैल 2016 से इस नाम से लागू है। पहले इस योजना में 300 वर्ग फिट एरिया में निर्माण करने की शर्त थी जिसका कोई माडल नहीं था बाद में इसका यह माडल प्रस्तुत किया गया।

याद रहे कि इससे पहले हजारों आवास बन चुके थे। वहीं दूसरी ओर जिस तरह यह आवास बनाया गया है उस तरह का एक भी आवास नहीं बना है, क्योंकि जिस समय यह योजना लागू हुई थी उस समय बिल्डिंग मैटेरियल महंगाई की चरम सीमा पर था। जिससे कोई भी लाभार्थी उतनी धनराशि से माडल आवास की तरह नहीं बना सकता था। 

विकास खण्ड परिसर में बने माडल आवास में इस समय सहायक विकास अधिकारी पंचायत डी.पी. सिंह का कार्यालय खुल गया। यही हाल शौचालयों का भी है, लाखों शौचालयों का निर्माण हो जाने के बाद विकास खण्डों में शौचालय के माडल प्रस्तुत किए गये। यही नहीं, शौचालयों के कई माडल पेश किए गए। ऐसे में जनता कौन सा माडल बनाए ,क्योंकि प्रधानों और अधिकारियों ने भी ठेकेदारों के माध्यम से कई तरह के शौचालयों का निर्माण गांवों में कराया है।

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डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में प्लेसमेंट ड्राइव का हुआ आयोजन https://www.newstimes.co.in/news/80828/भारत/उत्तर-प्रदेश-/AKTU-ME-PLACEMENT-DRIVE-KA-HUA-AYOJAN-901239Sat, 24 Aug 2019 00:00:00 GMTGAURAV SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/24-08-2019190726AKTUMEPLACEM2.jpeg' alt='Images/24-08-2019190726AKTUMEPLACEM2.jpeg' />डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में शनिवार को विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जॉब प्लेसमेंट के लिए टीसीएस विवि में परिसर में पधारी। प्लेसमेंट ड्राइव में लगभग 650 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। टीसीएस ने प्लेसमेंट ड्राइव में लिए शुरूआती पैकेज 3.5 लाख का ऑफर किया। प्लेसमेंट ड्राइव में 120 सदस्यीय टीम टीसीएस से पधारी, जिसने 45 पैनलों  के माध्यम से साक्षात्कार सम्पन्न करवाएं। 

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में प्लेसमेंट ड्राइव का हुआ आयोजन

LUCKNOW. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में शनिवार को विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जॉब प्लेसमेंट के लिए टीसीएस विवि में परिसर में पधारी। प्लेसमेंट ड्राइव में लगभग 650 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। टीसीएस ने प्लेसमेंट ड्राइव में लिए शुरूआती पैकेज 3.5 लाख का ऑफर किया। प्लेसमेंट ड्राइव में 120 सदस्यीय टीम टीसीएस से पधारी, जिसने 45 पैनलों  के माध्यम से साक्षात्कार सम्पन्न करवाएं। 

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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर 400 बेसहारा गौ माताओ को कराया गया भोजनhttps://www.newstimes.co.in/news/80827/भारत/उत्तर-प्रदेश-/400-GAYO-KO-KARAYA-GAYA-BHOJAN-901238Sat, 24 Aug 2019 00:00:00 GMTGAURAV SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/24-08-2019185820400GAYOKOKA2.jpeg' alt='Images/24-08-2019185820400GAYOKOKA2.jpeg' />ग्रामीण इलाके उतरावां गांव में गौ के गोबर व मिट्टी से निर्मित  300वर्ष प्राचीन मंदिर के समीप श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर 400 बेसहारा गौ माताओ को भोजन श्रद्धा भक्तिभाव से अर्पण किया गया। लोक परणार्थ सेवा समिति के उपसचिव जितेंद्र सिंह ने बताया कि गौ माताओ को 15 कुन्तल हरा चारा 4 बोरी चोकर 1 पेटी गुड़ आदि श्रद्धा भक्ति भाव से अर्पण किया गया। गौ भोज के पहले सामूहिक हरिनाम कीर्तन भी किया गया। इस धार्मिक आयोजन में चित्रकूट के कथा व्यास ज्ञानेश त्रिपाठी के अलावा शेलेन्द्र सिंह चौहान  गायत्री मिष्ठान भांडेर के प्रोपराइटर सुनील कुमार वैश्य संतोष कुमार लालू भाई रामू शुक्ला पप्पू सिंह आदि लोगो ने भाग लिया कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र सिंह ने किया

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर 400 बेसहारा गौ माताओ को कराया गया भोजन

LUCKNOW. राजधानी के ग्रामीण इलाके उतरावां गांव में गौ के गोबर व मिट्टी से निर्मित 300 वर्ष प्राचीन मंदिर के समीप श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर 400 बेसहारा गौ माताओ को भोजन श्रद्धा भक्तिभाव से अर्पण किया गया।

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गावों में बज-बजा रहीं नालियां, घरों में भर रहा पानीhttps://www.newstimes.co.in/news/80819/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Drains-buzzing-in-the-villages-water-filling-the-houses901230Sat, 24 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/24-08-2019135218Drainsbuzzing2.jpg' alt='Images/24-08-2019135218Drainsbuzzing2.jpg' />तेज बरसात हो तो कीचड़ बह जाता है। और यदि कम बरसात हो तो गांव की नालियां चोक हो जाती हैं।

गावों में बज-बजा रहीं नालियां, घरों में भर रहा पानी

LUCKNOW.  तेज बरसात हो तो कीचड़ बह जाता है और यदि कम बरसात हो तो गांव की नालियां चोक हो जाती हैं, जिससे गांव में कीचड़ से सड़कें भी नालियों जैसी हो गयी हैं।

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विकास खण्ड मलिहाबाद की ग्राम पंचायत फतेहनगर के मजरे शिवदासपुर में आजकल सड़क पर नालियां बह रही हैं ग्रामीणों का कहना है कि यहां काफी समय से सफाईकर्मी नहीं आया, जिससे नालियां पट गयी हैं और सड़क पर कीचड़ भरा है। यह हाल मलहा, कसमंडीकला, भदवाना, कसमंडी खुर्द सहित दर्जनों गावों में नालियों में कीचड़ बजबजा रहा था। 

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विकास खण्ड माल के हसनापुर में बरसात का पानी घरों में भर जाने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने ग्रामीणों की मदद से पानी निकालने का प्रयास किया जिसके बाद ग्रामीणों को राहत मिल सकी। 

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शुक्रवार को घर-घर जन्में नन्दलालhttps://www.newstimes.co.in/news/80816/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Born-on-Friday-in-the-house-Nandlal901227Sat, 24 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/24-08-2019131202BornonFriday4.jpg' alt='Images/24-08-2019131202BornonFriday4.jpg' />तहसील क्षेत्र में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गांव—गांव में इसके लिए अलग—अलग झांकियां सजाई गईं। कई जगह लोगों ने इसके वृहद आयोजन किए।

शुक्रवार को घर-घर जन्में नन्दलाल

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LUCKNOW.  तहसील क्षेत्र में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गांव-गांव में इसके लिए अलग-अलग झांकियां सजाई गईं। कई जगह लोगों ने वृहद आयोजन किए। माल थाना क्षेत्र के पीर नगर गांव में बाबूलाल के दरवाजे पर एक सुन्दर झांकी का आयोजन किया गया।

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जो क्षेत्र में चर्चा का विषय रही। यहां कंस दरबार और देवकी विवाह का मंचन किया गया। यहां गांव वालों के अलावा आसपास के गांवोंं के लोग भी देखने के लिए आते हैं।

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गायक अनिल तिवारी ने साथियों के साथ कृष्णजन्म के भजनों के साथ लोगों का मन जीत लिया। अजीत मास्टर ने दैत्य के रूप में बच्चों, महिलाओं एवं दर्शकों को खूब हंसाया।

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माल में थानाध्यक्ष विनोद कुमार गोस्वामी ने भी अपने सहयोगियों के साथ भजनों का आनन्द ​लिया। वहीं पड़ोसी गांव गांगन में भी ग्रामीणों ने झांकी सजाई और भजनों से भक्तों ने आनन्द लिया।

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हिमाचल प्रदेश: मणिमहेश यात्रा, भादौ माह में लगता है शिवभक्तों का मेला https://www.newstimes.co.in/news/80787/भारत/हिमाचल-प्रदेश/Himachal-Pradesh:-Manimahesh-Yatra-fair-of-Shiva-devotees-in-Bhado-month 901198Fri, 23 Aug 2019 00:00:00 GMTDEEP KRISHAN SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/23-08-2019145123HimachalPrade5.jpg' alt='Images/23-08-2019145123HimachalPrade5.jpg' />देवाधिदेव भगवान शिव की उपासना के लिए यूं तो सावन का महीना खास होता है लेकिन हिमाचल प्रदेश में एक स्थान ऐसा जहां भादौ माह में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ती है। दरअसल हम बात कर रहे है चंबा जिले में प्रतिवर्ष होने वाली मणिमहेश की पवित्र तीर्थयात्रा की। यह ​तीर्थयात्रा प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के दिन से शुरू होती है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिवर्ष इस यात्रा में शामिल होकर पुण्य के भागी बनते है। 

हिमाचल प्रदेश: मणिमहेश यात्रा, भादौ माह में लगता है शिवभक्तों का मेला 

New Delhi. देवाधिदेव भगवान शिव की उपासना के लिए यूं तो सावन का महीना खास होता है लेकिन हिमाचल प्रदेश में एक स्थान ऐसा जहां भादौ माह में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ती है। दरअसल हम बात कर रहे है चंबा जिले में प्रतिवर्ष होने वाली मणिमहेश की पवित्र तीर्थयात्रा की। यह ​तीर्थयात्रा प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के दिन से शुरू होती है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिवर्ष इस यात्रा में शामिल होकर पुण्य के भागी बनते है। 

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इस बार ही शाही स्नान का मुहूर्त 23 अगस्त को सुबह 08:09 बजे से शुरू होकर 24 अगस्त की सुबह 08:32 बजे तक होगा। शुभ मुहूर्त के दौरान श्रद्धालु मणिमहेश झील में डुबकी लगाकर पूजा करते हैं।  
इस बात यह यात्रा 6 सितम्बर तक चलेगी। 5 सितंबर को सप्तमी तिथि पर गुरडर झील को पार करने की रस्म अदा होगी।

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जिसके बाद शाम 08:49 बजे से बड़ा शाही स्नान शुरू होगा जो 6 सितंबर को 08:43 बजे तक चलेगा। इसी के साथ यात्रा का समापन हो जाएगा।  
  इस बार मौसम बना तीर्थयात्रियों और प्रशासन के लिए चुनौती
हिमाचल प्रदेश में जारी बारिश के कहर के दौरान यह यात्रा इस बार शिव भक्तों के साथ साथ प्रशासन के लिए भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। बारिश ने यहां रौद्र रूप धारण कर रखा है। बीती 17 व 18 अगस्त को हुई भारी बारिश के चलते यहां के नदी नाले पहले से ही उफान पर है। मौसम विभाग ने 24 और 25 अगस्त को बारिश की संभावना जताई है। हलांकि प्रशासन द्वारा मौसम को ध्यान में रखते हुए खास इंतजाम किए गए है फिर भी इस बार की यह पवित्र यात्रा शिवभक्तों साथ साथ प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। 

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22 करोड़ पौधों का कागजों में बन गया रिकार्डhttps://www.newstimes.co.in/news/80788/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Record-of-22-crore-plants-in-paper901199Fri, 23 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/23-08-2019150450Recordof22c2.jpg' alt='Images/23-08-2019150450Recordof22c2.jpg' /> 22 करोड़ वृक्षारोपण के अ​भियान का सच यह है कि वन विभाग ने पौधे बांटने के बाद यह मान लिया कि सभी पौधे जमीन में लगा दिए गए,

22 करोड़ पौधों का कागजों में बन गया रिकार्ड

LUCKNOW. प्रदेश के वन विभाग ने शहर से गांव तक विभिन्न विभागों को नि:शुल्क पौधे बांट कर सरकार को बता दिया कि उसने सरकार के निर्धारित लक्ष्य 22 करोड़ पौधों के लगाने का रिकार्ड एक दिन में कायम कर दिया, जबकि असलियत कुछ और ही है।

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पहले इस वृक्षारोपण अभियान के लिए 15 अगस्त की तारीख तय की गयी थी, लेकिन उस दिन रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस उससे दो दिन पहले बकरीद के त्यौहार के कारण यह तारीख घटाकर 9 अगस्त कर दी गयी। जबकि दूसरी ओर इस अभियान के पौधे लगाने का काम करीब बीस दिन पहले ही शुरू किया जा चुका था। 

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अभियान के पूरे पौधे अभी भी लगने बाकी 

बता दें कि इस 22 करोड़ वृक्षारोपण के अ​भियान का सच यह है कि वन विभाग ने पौधे बांटने के बाद यह मान लिया कि सभी पौधे जमीन में लगा दिए गए, लेकिन उनमें से हजारों लाखों पौधे अभी भी इधर उधर स्कूलों, पंचायत घरों, पशु आश्रय स्थलों, प्रधानों के घरों में पड़े सूख रहे हैं या उनको लगाने वालों का इंतजार हो रहा है। जबकि वृक्षारोपण अभियान समाप्त हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है और वन विभाग अपने अवशेष पौधों का रिकार्ड इकट्ठा कर रहा है। 

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यहां दिन में जलती हैं स्ट्रीट लाइटें, रात में रहता है अंधेराhttps://www.newstimes.co.in/news/80782/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/यहां-दिन-में-जलती-हैं-स्ट्रीट-लाइटेंरात-में-रहता-है-अंधेरा901193Fri, 23 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/23-08-2019134726यहांदिनमेंज2.jpg' alt='Images/23-08-2019134726यहांदिनमेंज2.jpg' />भिठौली मार्ग पर पिछले कई दिनों से दिन में स्ट्रीट लाइट जलती रहती हैं। लेकिन कोई ध्यान नहीं देता है। दूसरी ओर इस मार्ग पर रात के समय कई जगह स्ट्रीट लाइटें खराब रहने से अंधेरा छाया रहता है।

यहां दिन में जलती हैं स्ट्रीट लाइटें, रात में रहता है अंधेरा

LUCKNOW.  दुबग्गा-भिठौली मार्ग पर पिछले कई दिनों से दिन में स्ट्रीट लाइट जलती रहती हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं देता है। दूसरी ओर इस मार्ग पर रात के समय कई जगह स्ट्रीट लाइटें खराब रहने से अंधेरा छाया रहता है।

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इसके साथ ही कई दिनों से इस मार्ग पर लाइटों को ठीक करने का भी काम चल रहा है, लेकिन शुक्रवार को दोपहर में कहीं पर काम नहीं चल रहा था। इसके बावजूद लाइटें जल रही थी। इससे पहले भी कई दिनों से यह लापरवाही बरती जा रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मार्ग का कुछ हिस्सा नगर निगम में आता है। आईआईएम से आगे का हिस्सा दुबग्गा तक नगर निगम सीमा से बाहर है।

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इस मार्ग पर कई जगह रात के अंधेरे में बीचोबीच रोड पर खड़े रहने वाले आवारा जानवर लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं।

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आपसी सहमति से संबंध बनाना दुष्कर्म नहीं: सुप्रीम कोर्टhttps://www.newstimes.co.in/news/80755/भारत/Relationship-with-mutual-consent-is-not-misdeed:-Supreme-Court901166Thu, 22 Aug 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/22-08-2019144359Relationshipw1.jpg' alt='Images/22-08-2019144359Relationshipw1.jpg' />महिला और पुरुषों के बीच यदि आपसी सहमति से शारीरिक संबध बनते हैं और पुरुष शादी नहीं करे तो यह रेप नहीं माना जाएगा। कोई भी महिला शादी का झूठा वादा करके रेप किया गया ऐसा कहके आरोप नहीं लगा सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। 

आपसी सहमति से संबंध बनाना दुष्कर्म नहीं: सुप्रीम कोर्ट

New Delhi. महिला और पुरुषों के बीच यदि आपसी सहमति से शारीरिक संबध बनते हैं और पुरुष शादी नहीं करे तो यह रेप नहीं माना जाएगा। कोई भी महिला शादी का झूठा वादा करके रेप किया गया ऐसा कह कर आरोप नहीं लगा सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। 

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बताते चलें कि सेल्स टैक्स की सहायक आयुक्त द्वारा सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट के खिलाफ यह कहकर केस दर्ज कराया था कि दोनों ही एक दूसरे के साथ संबंध में थे। दानों का एक दूसरे के घर पर भी आना जाना रहता था। कई बार तो एक साथ रात में रुके भी थे। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि इससे पता चलता है, शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे। 

शिकायतकर्ता का यह आरोप था कि वह सीआरपीएफ अफसर को 1998 से ही जानती हैं। अफसर ने शादी करने का झांसा दिया और 2008 में शारीरिक संबंध बनाया था। इसके बाद आठ सालों तक वह संबंध बनाता रहा। जब शादी की बात की तो अफसर ने जाति को लेकर शादी नहीं करने को कहा, लेकिन इसके बाद भी संबंध बनाता रहा। 

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सीआरपीएफ अफसर ने जब अन्य महिला से शादी करने की बात बताई तो रेप का एफआईआर दर्ज करा दिया गया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि झूठी शादी का वादा तत्काल प्रासंगिकता का होना चाहिए या यौन क्रिया में संलग्न होना महिला का निर्णय है। कोर्ट ने यह भी कहा कि महिला से जो वादा किया गया उसे यह जानकारी थी कि उसे तोड़ा भी जा सकता है। 

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यात्रीगण कृपया धैर्य धरें! अभी और निरस्त रहेंगी ये ट्रेनेंhttps://www.newstimes.co.in/news/80730/भारत/उत्तर-प्रदेश-/कानपुर/-BADASSA--चिल्ला----जगदीशपुरा--जगनेर--फतेहगंज---बेकन-गंज---बसई-जगनेर--सदर-बाजार-Passengers-please-be-patient-These-trains-will-remain-canceled-for-now901141Wed, 21 Aug 2019 00:00:00 GMTDEEP KRISHAN SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/21-08-2019150249Passengersple3.jpg' alt='Images/21-08-2019150249Passengersple3.jpg' />राजधानी लखनऊ से कानपुर के बीच सफर करने वाले दैनिक यात्रियों की समस्याएं में रेलवे टकरकाऊ नीति के चलते लगातार बढ़ती जा रही है। एक बार फिर से रेलवे इन दोनों स्टेशनों के बीच चलने वाली 9 ट्रेने निरस्त कर दी है। जिससे हजारों यात्रियों के चेहरों पर मायूसी छाई है। हलांकि ये ट्रेने लम्बे समय से निरस्त चल रही है लेकिन जैसे ही इनके बहाल होने का समय नजदीक आता है रेलवे इनकी तिथि आगे बढ़ा देता है। 

यात्रीगण कृपया धैर्य धरें! अभी और निरस्त रहेंगी ये ट्रेनें

Kanpur. राजधानी लखनऊ से कानपुर के बीच सफर करने वाले दैनिक यात्रियों की समस्याएं में रेलवे टकरकाऊ नीति के चलते लगातार बढ़ती जा रही है। एक बार फिर से रेलवे इन दोनों स्टेशनों के बीच चलने वाली 9 ट्रेने निरस्त कर दी है। जिससे हजारों यात्रियों के चेहरों पर मायूसी छाई है। हलांकि ये ट्रेने लम्बे समय से निरस्त चल रही है लेकिन जैसे ही इनके बहाल होने का समय नजदीक आता है रेलवे इनकी तिथि आगे बढ़ा देता है। 

Images/21-08-2019150205Passengersple1.jpgImages/21-08-2019150225Passengersple2.jpgImages/21-08-2019150249Passengersple3.jpg

वहीं कई नौकरीपेशा लोग मजबूरी तकरीबन अपनी ड्यूटी के बराबर का समय चल रही गिनी चुनी पैसेजर गाड़ियों से यात्रा करने में जाया कर रहे है। 
कहने को तो कानपुर से लखनऊ के बीच तमाम एक्सप्रेस ट्रेने में भी चलती हैं लेकिन बीच एक कुछ ट्रेनों का उन्नाव स्टेशन को छोड़ कर बीच में कहीं ठहराव नहीं है। 
ऐसे में बीच में पड़ने वाले 9 से 10 छोटे स्टेशनों से संपर्कित सैकड़ों गांवों और कस्बो के कामगीरों और छात्र छात्राओं को इस परेशानी से जूझना पड़ रहा है। 

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वायुसेना प्रमुख का दर्द आया बाहर, कहा- जितना पुराना मिग-21 उड़ा रहे, उतनी पुरानी कोई कार नहीं चलाताhttps://www.newstimes.co.in/news/80724/भारत/Air-Force-chief-s-pain-came-out-said--no-old-car-runs-as-old-as-MiG-21901135Wed, 21 Aug 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/21-08-2019124551AirForcechie1.jpg' alt='Images/21-08-2019124551AirForcechie1.jpg' />इंडियन आर्मी का पूरा विश्व लोहा मानती है। भारतीय सैनिकों की वीरता के आगे हर देश नतमस्तक है। किसी भी मामले में चाहे हथियार हों या शौर्य भारतीय सैनिक कम नहीं हैं। अगले ही महीने सेना के पास लड़ाकू विमान 'राफेल' की पहली खेप भी आ जाएगी। वहीं, माना जा रहा कि 2022 तक 36 राफेल विमान सेना के बेड़े में शामिल हो जाएगा।

वायुसेना प्रमुख का दर्द आया बाहर, कहा- जितना पुराना मिग-21 उड़ा रहे, उतनी पुरानी कोई कार नहीं चलाता

New Delhi. इंडियन आर्मी का पूरा विश्व लोहा मानती है। भारतीय सैनिकों की वीरता के आगे हर देश नतमस्तक है। किसी भी मामले में चाहे हथियार हों या शौर्य भारतीय सैनिक कम नहीं हैं। अगले ही महीने सेना के पास लड़ाकू विमान 'राफेल' की पहली खेप भी आ जाएगी। वहीं, माना जा रहा कि 2022 तक 36 राफेल विमान सेना के बेड़े में शामिल हो जाएगा। लेकिन इसके बाद भी भारतीय वीर सैनिकों को आज के दौर में 44 साल पुराना मिग-21 विमान उड़ाकर दुश्मनों का सामना करना पड़ रहा है। इस बात को लेकर वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने भी चिंता जताई है।

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वायु सेना प्रमुख ने दिल्ली स्थित एयरफोर्स ऑडिटोरियम में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि सैकड़ों दुर्घटनाओं का शिकार मिग-21 लड़ाकू विमान हो चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी इतनी पुरानी विमान उड़ाना पड़ रहा है। जितना पुराना यह विमान है, उतना पुराना तो कोई अपनी कार तक नहीं चलाता। जो भी संभव हो पा रहा वह  इंजीनियरों के रख-रखाव और मेहनत के कारण।

बताते चलें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में एयरचीफ मार्शल ने यह बात कही कि वायुसेना का मिग 21 विमान चार दशक से भी अधिक पुराना हो चुका है। शायद ही कोई ये विमान आज उड़ा रहा हो। भारतीय सैनिक इस विमान से भी अपनी सरहदों की हिफाजत वीरता के साथ कर रहे। यही नहीं दुश्मन देशों की चुनौतियों का करारा जवाब भी दिया जा रहा।  वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना एक पेशेवर वायुसेना है, बालाकोट हमले के बाद दुनिया ने हमारा लोहा माना है। 

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जल संरक्षण एवं उसके सदुपयोग के लिए ग्राम सभा की बैठकें 24 अगस्त को https://www.newstimes.co.in/news/80726/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/जल-संरक्षण-एवं-उसके-सद्पयोग-हेतु-ग्राम-सभा-की-बैठकें-24-अगस्त-को-901137Thu, 22 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA भारत सरकार के निर्णय के अनुसार ‘‘जल शक्ति अभियान‘‘ को उ0प्र0 में ग्राम पंचायत स्तर पर सफल क्रियान्वयन हेतु प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों एवं जिला पंचायत राज अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं।

जल संरक्षण एवं उसके सदुपयोग के लिए ग्राम सभा की बैठकें 24 अगस्त को

LUCKNOW.  आगामी 24 अगस्त को प्रदेश भर की सभी ग्राम पंचायतों में एक साथ बैठकों का आयोजन किया जाएगा। बैठकों के माध्यम से जनता को जल संचयन एवं जल श्रोतों को पुनर्जीवित करके उनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। भारत सरकार के निर्देशानुसार इन बैठकों का आयोजन​ किया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के पंचायतीराज निदेशक डा. ब्रम्हदेव राम तिवारी ने दी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में गिरते जलस्तर को बचाने के लिए हम सबको प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संतुलन ठीक करने के लिए पेड़ लगाना आवश्यक है। पानी की कमी को पूरा करने के लिए हमें जल श्रोतों को बचाना होगा।

इसके लिए उन्होंने प्रदेश के जिलाधिकारियों के माध्यम से सभी पंचायतों को निर्देश भेज दिए हैं। इस दिन आयोजित होने वाली बैठकों की फोटोग्राफी और जियोटैगिंग भी की जाएगी। 

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माल क्षेत्र में अटल विश्वविद्यालय के लिए किसान मंच ने चलाया हस्ताक्षर अभियानhttps://www.newstimes.co.in/news/80738/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Kisan-Manch-launched-signature-campaign-for-Atal-University-in-Mall-Kshetra901149Thu, 22 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/21-08-2019163021KisanManchla1.jpg' alt='Images/21-08-2019163021KisanManchla1.jpg' /> हिन्दुस्तान किसान मंच के कार्यकर्ताओं ने इसके शीघ्र निर्माण के लिए क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान शुरू कर रखा है।

माल क्षेत्र में अटल विश्वविद्यालय के लिए किसान मंच ने चलाया हस्ताक्षर अभियान

LUCKNOW. राजधानी के विकास खण्ड माल क्षेत्र में स्थित अटारी गांव के सैनिक पुनर्वास निधि फार्म की 250 एकड़ जमीन स्व. अटल बिहारी बाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय के नाम प्रस्तावित है। यहां विश्वविद्यालय बनाने के लिए जमीन की पैमाइस हो चुकी है। लेकिन सरकार इस ओर कोई खास ध्यान नहीं दे रही है।

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इसलिए हिंदुस्तान किसान मंच के कार्यकर्ताओं ने इसके शीघ्र निर्माण के लिए क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान शुरू कर रखा है। इस संबन्ध में जानकारी देते हुए कपिल द्विवेदी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के बन जाने से क्षेत्र का बिकास होने लगेगा और आसपास के लोगों को रोजगार मिलेगा।

लोगों को उम्मीद है कि इस विश्वविद्यालय के बन जाने से आस पास के क्षेत्रवासियों को इलाज की सुविधा मिलेगी। जबकि दूसरी ओर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डी.के.बाजपेई ने कहा कि यह विश्वविद्यालय आयुष का होगा इसलिए इससे आम जनता को कोई खास लाभ मिलने की आशा कम है। 

 

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179 में मात्र 14 मामले ही मौके पर निस्तारित हो सकेhttps://www.newstimes.co.in/news/80706/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-In-179-only-14-cases-were-disposed-of-on-the-spot.901117Wed, 21 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/20-08-2019183310In179,only1.JPG' alt='Images/20-08-2019183310In179,only1.JPG' /> मंगलवार को यहां आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में 179 मामले पंजीकृत किए गए,जिनमें से 14 मामलों का मौके पर ही निस्तारित कर दिया गया।

179 में मात्र 14 मामले ही मौके पर निस्तारित हो सके

LUCKNOW. मंगलवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में 179 मामले पंजीकृत किए गए,जिनमें से 14 मामलों का मौके पर  ही निस्तारित कर दिया गया।

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अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी विकास कुमार सिंह ने कहा कि सभी अधिकारियों को अपने -अपने क्षेत्र से संबन्धित आईजीआरएस की शिकायतों का त्वरित गति से गुणवत्तापरक तरीके से निस्तारण करना चाहिए। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दास्त नहीं की जाएगी। समाधान दिवस में आई शिकायतों में सबसे अधिक राजस्व विभाग दूसरे स्थान पर पुलिस और उसके बाद विकास विभाग की आती हैं।

इसके अलावा आपूर्ति विभाग में भी काफी श्किायतें राशन कार्डों में नाम फीड करने में गड़बड़ी किए जाने की आ रही हैं। बरसात के मौसम में फैल रही गावों की गन्दगी को लेकर भी कई गावों से शिकायतें आई थीं। इस पर बीडीओं को निर्देशित करते हुए एसडीएम ने कहा कि सफाई कर्मियों को नियमित गांव की सफाई के लिए कहा जाय।

उसकी निगरानी में अधिकारियों को गांव वालों से जानकारी हासिल की जाय। जिससे गावों की गंदगी की शिकायतें कम हो सकें। इस मौके पर सीओ शेषमणि पाठक,तहसीलदार निखिल शुक्ला सहित ब्लाक एवं तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। 

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जिले की दूसरी तहसील बीकेटी को मिला आईएसओ प्रमाण पत्रhttps://www.newstimes.co.in/news/80704/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-बख्शी-का-तालाब-Second-Tehsil-BKT-of-the-district-got-ISO-certificate901115Tue, 20 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/20-08-2019175308SecondTehsil.jpg' alt='Images/20-08-2019175308SecondTehsil.jpg' />जिले की पांचों तहसीलों में से पहला आईएसओ प्रमाण पत्र तहसील मलिहाबाद को प्रदान किेया गया था। उसके बाद दूसरा प्रमाण पत्र तहसील बीकेटी को प्रदान किया गया है।

जिले की दूसरी तहसील बीकेटी को मिला आईएसओ प्रमाण पत्र

बख्शी का तालाब। जिले की पांचों तहसीलों में से पहला आईएसओ प्रमाण पत्र तहसील मलिहाबाद को प्रदान किया गया था। उसके बाद दूसरा प्रमाण पत्र तहसील बीकेटी को प्रदान किया गया है। इसी के साथ तहसील के अधिकारियों द्वारा जनता के कार्यों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने और राजस्व के मामलों को नियमित निस्तारित करने के लिए आज आईएसओ 9001:2015 प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

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यह प्रमाण पत्र तहसील के कार्यों की गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। इसमें तहसील के राजस्व वाद, लगान वसूली, आय,जाति, निवास प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन पारिवारिक लाभ के मामलों का समय से निस्तारण करने सहित गैर विवादित वरासत दर्ज करने के लिए भी कार्यों की गुणवत्ता प्रमाणित करता है। यह प्रमाण पत्र आज उपजिलाधिकारी प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने मीडिया के सामने प्रस्तुत किया।

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मिशन चंद्रयान-2: भारत को मिली बड़ी उपलब्धिhttps://www.newstimes.co.in/news/80681/भारत/दिल्ली/India-sets-a-news-milestone-in-Mission-Chandrayaan-2...901092Tue, 20 Aug 2019 00:00:00 GMTSUKIRTI MISHRA<img src='http://newstimes.co.in/Images/20-08-2019123115Indiasetsan2.PNG' alt='Images/20-08-2019123115Indiasetsan2.PNG' />मंगलवार सुबह भारत ने मिशन चंद्रयान 2 में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सुबह 9 बजे चंद्रयान 2 चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया है। 29 दिन पहले श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान 2 का प्रक्षेपण हुआ था

मिशन चंद्रयान-2: भारत को मिली बड़ी उपलब्धि

New Delhi. मंगलवार सुबह भारत ने मिशन चंद्रयान 2 में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सुबह 9 बजे चंद्रयान 2 चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया है। 29 दिन पहले श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान 2 का प्रक्षेपण हुआ था। चांद की कक्षा में प्रवेश करने में इसे 1738 सेकेंड का समय लगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) अध्यक्ष के सिवन ने बताया कि चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा में प्रवेश कराना वैज्ञानिकों के लिए कड़ी चुनौती थी। 

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जानकारी के अनुसार 7 सितंबर को चांद की सतह पर पहले से निर्धारित जगह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। चांद की सतह पर हर जगह गुरुत्वाकर्षण बल अलग होता है, साथ ही हवा न चलने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से यह सॉफ्ट लैंडिंग इसरो के लिए इस मिशन की सबसे बड़ी चुनौती होगी। 

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IPS साजी मोहन और उनका बॉडीगार्ड ड्रग्स मामले में दोषी करारhttps://www.newstimes.co.in/news/80660/भारत/IPS-officer-Saji-Mohan-and-his-bodyguard-convicted-in-drugs-case901071Mon, 19 Aug 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/19-08-2019163433IPSofficerSa1.JPG' alt='Images/19-08-2019163433IPSofficerSa1.JPG' />मुंबई की एक विशेष नॉरकॉटिक्स ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज अदालत ने निलंबित आईपीएस ऑफिसर साजी मोहन को  ड्रग्स मामले में दोषी ठहराया है।

IPS साजी मोहन और उनका बॉडीगार्ड ड्रग्स मामले में दोषी करार

Mumbai. मुंबई की एक विशेष नॉरकॉटिक्स ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज अदालत ने निलंबित आईपीएस ऑफिसर साजी मोहन को ड्रग्स मामले में दोषी ठहराया है।

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साजी मोहन को एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एडीएस) ने 2009 में अरेस्ट किया था। साजी मोहने के साथ उनके बॉडगार्ड को भी कोर्ट ने दोषी करार दिया है। वहीं एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया गया है। 

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मिट्टी डालकर गड्ढामुक्त की जा रही डामर रोडhttps://www.newstimes.co.in/news/80636/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-माल-Putting-mud-being-pitched-asphalt901047Mon, 19 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/19-08-2019093226Puttingmud,b1.jpg' alt='Images/19-08-2019093226Puttingmud,b1.jpg' />लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी किस कदर जनता और सरकार की आंखों में धूल झोंक रहे हैं

मिट्टी डालकर गड्ढामुक्त की जा रही डामर रोड

LUCKNOW. लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी किस कदर जनता और सरकार की आंखों में धूल झोंक रहे हैं, यह तो माल-इटौंजा मार्ग से चन्द्रिका देवी रोड से निकलने वाला हर व्यक्ति देख सकता है। इस रोड पर कई बार विभागीय कर्मचारी सड़क को गड्ढा मुक्त करने के लिए गड्ढों में डामर डालने के बजाय आस पास के खेतों की मिट्टी डाल रहे हैं।

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इस समय भी गड्ढों में मिट्टी डाली जा रही है। जिसको देखकर हर व्यक्ति लोक निर्माण विभाग की खिल्ली उड़ाते हुए कह रहा है कि अब लगता है ​कि इस विभाग के पास पैसों का टोटा आ गया है। इसीलिए डामर की जगह मिट्टी डाली जा रही है। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि शायद अधिकारियों की कमीशनखोरी के चलते ऐसा किया जा रहा है। क्योंकि इसी सड़क पर ऐसा किया जा रहा है। बाकी किसी डामर रोड पर मिट्टी डालते हुए नहीं देखा है। विभागीय अधिकारियों से पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। 

 

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समोसे में छिपकली मिलने से काकोरी के होटल में मचा हड़कम्पhttps://www.newstimes.co.in/news/80618/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Chaos-in-Kakori-hotel-caused-by-lizards-in-samosa901029Sun, 18 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/18-08-2019140614ChaosinKakor.jpg' alt='Images/18-08-2019140614ChaosinKakor.jpg' /> थाना काकोरी से चन्द कदमों की दूरी पर स्थित दुर्गागंज चौराहे के एक मशहूर होटल के समोसे में छिपकली का सिर निकलने से हड़कम्प मच गया।

समोसे में छिपकली मिलने से काकोरी के होटल में मचा हड़कम्प

LUCKNOW. थाना काकोरी से चन्द कदमों की दूरी पर स्थित दुर्गागंज चौराहे के एक मशहूर होटल के समोसे में छिपकली का सिर निकलने से हड़कम्प मच गया। राठौर होटल के नाम से मशहूर इस होटल में एक व्यक्ति अपनी बच्ची को लेकर समोसा खाने पहुंच गया।

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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को मलिहाबाद से आए परिजन ने अपनी बच्ची को खिलाने के लिए समोसा खरीदा, जैसे ही बच्ची ने समोसे को तोड़ा और खाने लगी एक बार ही मुंह में डाला होगा। फिर उसे छिपकली का सिर दिखा। तो वह डर गई  तथा जोर से चिल्लायी, इतने में छिपकली का सिर देखते ही उसने अपने पिता से बोला कि पापा इसमें छिपकली का सिर है। उसके पिता होटल वाले को समोसे में छिपकली का सिर दिखाने लगे तो वह वहीं पर अकड़ गया और कहा कि कहीं से आ गई होगी।

वही समोसे खा रहे लोगों ने समोसा फेंकना शुरू कर दिया। सूत्रों ने बताया कि होटल के मालिक ने लोगों को काफी समझा बुझा कर शांत करने का प्रयास किया पर शांत ना हो सके। मामला बढ़ता गया । मामले को बढ़ता देख आस पास के लोग इकट्ठा हो गए। वहीं सूत्रों ने यह भी बताया कि बच्ची को समोसा खाने के थोड़ी देर बाद ही उसे चक्कर आना शुरू हो गया। मामला और बड़ा हो गया और दिलचस्प होता गया। वहीं होटल के मालिक राठौर ने नजदीकी के निजी हॉस्पिटल में उसको भर्ती कराकर उसका चेकअप कराया । व उस बच्ची के एक इंजेक्शन लगावा कर बच्ची को सही सलामत उसके पिता को सौंप दिया।
 

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जानिए, कैसे बढ़ाएंं पलकों और होठों की खूबसूरती बिना सर्जरी ? https://www.newstimes.co.in/news/80607/भारत/उत्तर-प्रदेश-/PGI-oculofacial-aesthetic-course-rsets-news-beauty-trends-for-women901018Sun, 18 Aug 2019 00:00:00 GMTSUKIRTI MISHRA<img src='http://newstimes.co.in/Images/18-08-2019114922PGIoculofacia1.jpg' alt='Images/18-08-2019114922PGIoculofacia1.jpg' />महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए एक खुशखबरी है।

जानिए, कैसे बढ़ाएंं पलकों और होठों की खूबसूरती बिना सर्जरी ?

Lucknow. महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए एक खुशखबरी है। संजय गांधी पीजीआई लखनऊ में आयोजित आक्युलो फेशियल एस्थेडटिक कोर्स के दौरान जानकारी देते हुए प्लास्टिक सर्जन प्रो. अंकुर भटनागर ने कहा कि होंठ और पलकों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए अब सर्जरी की जरूरत नहीं है, बल्कि यह काम मात्र एक इंजेक्शन से भी हो सकता है।

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प्रो. भटनागर के मुताबिक] चेहरे की झुर्रियों को दूर करने के लिए बोटोक्स, डर्मल फिलर, लाइपोफिलिंग बायोजेल के इंजेक्शन का प्रयोग होता है। चेहरे का लटका हुआ हिस्सा चुस्त करने के लिए भी इंजेक्शन का उपयोग होता है। प्रो। भटनागर ने जानकारी देते हुए कहा कि महिलाओं में फिल्मी अदाकाराओं जैसे दिखने का क्रेज़ बढ़ा है, जिसके चलते होठों को आकार दिलवाती हैं।

अंकुर ने बताया कि होठों को चेहरे के हिसाब से आकार दिया जाता है, जिसके लिए फिलर इंजेक्शन का प्रयोग होता है। इन्दिरा वही डॉ. रचना अग्रवाल ने बताया कि कुछ लोग लगातार पलकें झपकने की दिक्कत से परेशान रहते हैं वहीं कुछ लोग पलकों के आस पास पड़ने वाली झुर्रियों से। इंजेक्शन के जरिये मांसपेशियों को टाइट करने से और फिलर के उपयोग से इससे छुटकारा मिल सकता है। सीएमएस प्रो. अमित अग्रवाल, प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव अग्रवाल, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत इस दौरान मौजूद रहे। 

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शुद्ध जीवन जीने के लिए पेड़ लगाना जरूरीhttps://www.newstimes.co.in/news/80608/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Planting-of-trees-is-necessary-to-live-a-pure-life901019Sun, 18 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/18-08-2019115901Plantingoftr1.jpg' alt='Images/18-08-2019115901Plantingoftr1.jpg' />पर्यावरण को हर सम्भव शुद्ध बनाना हम सब का नैतिक कर्तव्य है। इसलिए हम सभी को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए।

शुद्ध जीवन जीने के लिए पेड़ लगाना जरूरी

LUCKNOW.  पर्यावरण को हर सम्भव शुद्ध बनाना हम सब का नैतिक कर्तव्य है। इसलिए हम सभी को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए। यह विचार प्रमुख सचिव न्याय दिनेश कुमार सिंह ने गोमतीनगर विस्तार स्थित निर्माणाधीन नवीन भवन उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में मौलश्री,अशोक एवं अन्य कई प्रजातियों के वृक्ष लगाने के बाद व्यक्त किए। उन्होने कहा कि वृक्षारोेपण का उद्देश्य पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखना है। इस अवसर पर उन्होने कहा कि चूंकि मानव जीवन के लिए हवा पानी आवश्यक है। शुद्ध हवा पानी के लिए मानव जीवन पूरी तरह से पेड़ पौधो पर निर्भर है। उन्होेने सभी से वृक्षारोपण करने की अपील की तथा उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार उ0प्र0 के सभी जनपद न्यायालयों में वृक्षारोपण किया जा रहा है।  

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प्रमुख सचिव न्याय ने कहा कि लगाए गए वृक्षों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सबकी है। उन्होंने कहा कि वृक्षों के कटान को रोकना चाहिए। वर्तमान समय में जिस स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है, उसके सुखद परिणाम होंगे तथा आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने इतिहास के महान कवि रविन्द्र नाथ टैगोर के शब्दों में बताते हुए कहा कि अगर धरती को स्वर्ग बनाना है तो अधिक से अधिक वृक्ष लगाना चाहिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव विधायी  जे0पी0 सिंह, राज्य सुबोध भारती, विशेष सचिव न्याय  राकेश शुक्ला, विशेष सचिव न्याय रणवीर सिंह, विशेष सचिव न्याय  अरविन्द कुमार मिश्रा, विशेष सचिव न्याय, राजेशपति त्रिपाठी, विशेष सचिव न्याय राजेशपति उपाध्याय, विशेष सचिव न्याय,ण् श्री राम मिलन सिंह एवं अन्य अधिकारियों ने भी वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर विधिक अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

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प्लास्टिक के खिलाफ पीएम ने छेड़ी जंग, 10 लाख लोगों को करेंगे...https://www.newstimes.co.in/news/80603/भारत/PM-waged-war-against-plastic-will-do-10-lakh-people-901013Sun, 18 Aug 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/18-08-2019111153PMwagedwara1.jpg' alt='Images/18-08-2019111153PMwagedwara1.jpg' />केंद्र सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने की मुहिम की 2 ऑक्टूबर से शुरु करने वाली है। यही नहीं, पीएम नरेंद्र मोदी 10 लाख लोगों को ईमेल कर उनका आभार जताएंगे। पीएम ने स्वतंत्रता दिवस पर सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद करने के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया था। 

प्लास्टिक के खिलाफ पीएम ने छेड़ी जंग, 10 लाख लोगों को करेंगे...

New Delhi. केंद्र सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने की मुहिम 2 अक्टूबर से शुरु करने वाली है। यही नहीं, पीएम नरेंद्र मोदी 10 लाख लोगों को ईमेल कर उनका आभार जताएंगे। पीएम ने स्वतंत्रता दिवस पर सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद करने के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया था। 

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इसके तहत केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय देशभर में जागरूकता अभियान चलाएगा। इसकी शुरुआत दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से होगी। राज्यों के अतिरिक्त केंद्र भी सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने के लिए नीति तैयार करेगा। प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने और इस पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए दंड के प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है। 

स्वच्छ भारत मिशन के पांच साल पूरा होने के मौके पर पीएम मोदी 10 लाख नागरिकों का ईमेल द्वारा आभार जताएंगे। ये ईमेल 12 अलग-अलग भाषाओं में होगी। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली गणमान्य हस्तियों और समाज के प्रबुद्ध लोगों को यह ईमेल भेजी जाएगी। 

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मुख्यमंत्री से नहीं मिल सका दुनिया का सबसे लम्बा आदमीhttps://www.newstimes.co.in/news/80602/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/The-worlds-tallest-man-could-not-meet-the-chief-minister901012Sun, 18 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/18-08-2019110842Theworldsta.JPG' alt='Images/18-08-2019110842Theworldsta.JPG' /> दुनिया के सबसे लम्बे आदमी की समस्याएं हल करने में नाकाम स्थानीय नेताओं और प्रशासन से परेशान होकर वह मुख्यमंत्री से मिलने आ गया, परन्तु मुख्यमंत्री से उसकी मुलाकात न हो सकी।

मुख्यमंत्री से नहीं मिल सका दुनिया का सबसे लम्बा आदमी

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LUCKNOW. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद मांगने एवं अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश भर से लोग आते हैं। लेकिन दुनिया के सबसे लम्बे आदमी की समस्याएं हल करने में नाकाम स्थानीय नेताओं और प्रशासन से परेशान होकर वह मुख्यमंत्री से मिलने आ गया, परन्तु मुख्यमंत्री से उसकी मुलाकात न हो सकी।

धर्मेन्द्र इस समय दुनिया के सबसे लम्बे आदमी हैं उनकी लम्बाई 8​ फुट 1 इंच है। उनको हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की आवश्यकता है। इसी के खर्च की मदद एवं अन्य समस्याओं के​ लिए मुख्यमंत्री से मिलने आए थे। लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात न हो सकी। उन्होंने कहा कि उनके आवास के अधिकारियों ने खर्च का व्यौरा मांगा है। और मदद का भरोसा दिलाया है।

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एरा विश्वविद्यालय लाइब्रेरी साइंस में बी.लिब, एम.लिब, एम.फिल, पीएच.डी. पाठ्यक्रम शुरू करेगा https://www.newstimes.co.in/news/80594/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/--Eira-University-Library-Science-B.Lib-M.Lib-M.Phil-Ph.D.-Will-start-the-course901004Sun, 18 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/17-08-2019205042EiraUniversit.jpg' alt='Images/17-08-2019205042EiraUniversit.jpg' />एरा विश्वविद्यालय की सेन्ट्रल लाइब्रेरी ने आज अपनी तीसरी वर्षगांठ और डॉ0 एस.आर. रंगनाथन की 127 वीं जयंती मनाई।

एरा विश्वविद्यालय लाइब्रेरी साइंस में बी.लिब, एम.लिब, एम.फिल, पीएच.डी. पाठ्यक्रम शुरू करेगा

LUCKNOW.  एरा विश्वविद्यालय की सेन्ट्रल लाइब्रेरी ने आज अपनी तीसरी वर्षगांठ और डॉ0 एस.आर. रंगनाथन की 127 वीं जयंती मनाई। डॉ0 एस. आर. रंगनाथन को भारत में पुस्तकालय विज्ञान के पिता के रूप में जाना जाता है। डॉ0 मोहम्मद काशिफ खान, विश्वविद्यालय लाइब्रेरियन ने मेहमानों का स्वागत किया और आधुनिक परिदृश्य के संदर्भ में पुस्तकालय की स्थिति और महत्व पर ध्यान केंद्रित किया।

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एरा विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो0 अब्बास अली मेंहदी ने समारोह का उद्घाटन करने के पश्चात सभा को भी संबोधित किया और डॉ0 एस. आर. रंगनाथन  के योगदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी एवं उन्होंने यह जानकारी दी कि अगले वर्ष से एरा विश्वविद्यालय लाइब्रेरी साइंस में बी.लिब, एम.लिब, एम.फिल, पीएच.डी. आदि नये पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ0 एम.यू. राजा, लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व-पुस्तकालय अध्यक्ष ने डॉ0 एस.आर. रंगनाथन द्वारा प्रगणित पुस्तकालय विज्ञान के पांच कानूनों के विषय पर वार्ता की। डॉ0 मोहम्मद काशिफ खान द्वारा ष्लाइब्रेरी ऑटोमेशनष् प्रस्तुति पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

सेठ जी.एस. मेडिकल कॉलेज, मुंबई से डॉ0 सुचेता पी0 दांडेकर, विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित थीं। इस कार्यक्रम में सुश्री सूफिया सुल्तान, कर्नल डी.के. वासुंकर, प्रो0 एम0 शकील सिद्दीकी, प्रो0 अली अहमद, प्रो0 रीना भोवाल, प्रो0 तसलीम रजा सहित छात्रों के साथ कई चिकित्सक उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर ए.एन.श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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अगले साल 25 करोड़ पौधे लगाएगा वन विभागhttps://www.newstimes.co.in/news/80588/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Forest-Department-will-plant-25-crore-saplings-next-year900998Sat, 17 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/17-08-2019170044ForestDepartm2.jpg' alt='Images/17-08-2019170044ForestDepartm2.jpg' />प्रदेश सरकार का वन विभाग अभी इस साल के पौध रोपण का रिकार्ड भी नहीं संभाल पाया उसे अगले साल का लक्ष्य दे दिया गया। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020—21 के लिए 25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया।

अगले साल 25 करोड़ पौधे लगाएगा वन विभाग

LUCKNOW.  प्रदेश सरकार का वन विभाग अभी इस साल के पौध रोपण का रिकार्ड भी नहीं संभाल पाया, उसे अगले साल का लक्ष्य दे दिया गया। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020-21 के  लिए 25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया। इसके लिए अभी से वन विभाग को पौधे लगाने के लिए स्थान चिन्हित करने का आदेश मिल चुका है।

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वन विभाग जल्द ही अन्य विभागों के साथ बैठक कर उन्हे भी अगले साल के लिए स्थान तलाशने के लिए कहेगा। वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस साल वितरित किए गये पौधों की जियो टैगिंग करने और उनकी देखरेख करने के लिए चौकीदारों को नियुक्त किया जाएगा।

वन विभाग जहां स्वयं वृक्षारोपण कराता है, वहां उनकी देखरेख तीन साल तक करता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जहां जंगल लगाते हैं वहां किनारे गहरी खाईं खोद देते हैं तथा सड़कों के किनारे या हाईवे के बीच में ट्रीगार्ड लगाते हैं। दूसरी ओर अन्य विभाग नये लगाए गए पौधों की सुरक्षा कैसे   करेंगे। इसकी कोई रूप रेखा अभी जमीन पर नहीं दिखाई दे रही है क्योंकि किसी भी गांव में अभी कहीं भी  ट्रीगार्ड नहीं लगाए गए हैं। 

 

 

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डीएम का आदेश न मानने से गोशालाओं में मर रहे दर्जनों गोवंशhttps://www.newstimes.co.in/news/80585/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Dozens-of-cows-dying-in-cow-sheds-due-to-disobedience-of-DM900995Sat, 17 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/17-08-2019155759Dozensofcows1.jpg' alt='Images/17-08-2019155759Dozensofcows1.jpg' />सात माह पहले शासन के आदेश पर ग्राम पंचायतों में बनाए जाने वाले पशु आश्रय केन्द्रों में बंद किए गए आवारा गोवंश को जैसे मरने के लिए ही बंद किया जा रहा है।

डीएम का आदेश न मानने से गोशालाओं में मर रहे दर्जनों गोवंश

LUCKNOW. सात माह पहले शासन के आदेश पर ग्राम पंचायतों में बनाए जाने वाले पशु आश्रय केन्द्रों में बंद किए गए आवारा गोवंश को जैसे मरने के लिए ही बंद किया जा रहा है, क्यों​कि कमिश्नर और डीएम के आदेशों का कहीं पालन नहीं हो रहा है।

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आयुक्त ने मई में सभी अधिकारियों की बैठक कर कहा था कि 30 जून तक सभी पशु आश्रय स्थल बन जाने चाहिए और जो बने हुए हैं उनमें भी अब गाय और सांड़ अलग-अलग रखे जाएंगे। लेकिन समय सीमा समाप्त होने के डेढ़ माह बाद भी अधिकतर गोशालाओं में सांड़ और गाय एक में ही बंद है जिससे साड़ छोटे बछड़ों और गायों को मार दे रहे हैं।

इसके लिए अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं किए जा सके हैं। इसके साथ ही सभी साड़ों का बधियाकरण भी नहीं हो पाया है, जिससे साड़ अभी तक गोशालाओं में अन्य जानवरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। दूसरी ओर पशु आश्रय स्थलों का हाल यह है कि जानवरों की संख्या के अनुपात में उनकी देखभाल करने वाले  न होने और पर्याप्त चारा न मिलने के कारण पशु आश्रय स्थलों के गोवंशों के मरने का सिलसिला जारी है।

कई जगह मृत पशुओं को गांव के किनारे फेंक दिया जाता है। जिससे गांवों में बीमारियां फैल रही हैं। ग्राम पंचायत चन्दवारा और पाराभदराही के पशु आश्रय स्थलों में मरने वाले पशुओं को पास के बबूल में फेंक दिया जाता है या फिर मनुष्यों के श्मशान में जानवरों को फेंका जा रहा है। जिससे गांव के आस-पास दुर्गन्ध के साथ बीमारियों को बढ़ावा मिल रहा है, क्योंकि मृत जानवरों को उठाने वाले ठेकेदार के आदमी दूसरे तीसरे दिन आते हैं। 

एक ओर जहां कुछ लोग इन पशु आश्रय स्थलों में आवारा गोवंश को बंद करवा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नबीपनाह और मड़वाना के पशु आश्रय स्थलों में गांव के लोग पालतू पशुओं को छोड़ जाते हैं  और उनसे किसी प्रकार की पूछतांछ नहीं होती। उनका ब्यौरा भी कहीं दर्ज नहीं किया जाता है। 

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एनवाईके ने किया तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजनhttps://www.newstimes.co.in/news/80573/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-NYK-organized-a-three-day-workshop900983Sat, 17 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/17-08-2019111607NYKorganized1.jpg' alt='Images/17-08-2019111607NYKorganized1.jpg' /> नेहरू युवा केन्द्र लखन के पचास नेशनल यूथ वायलेंटियर द्वारा गोपेश्वर गौशाला में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

एनवाईके ने किया तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

LUCKNOW. नेहरू युवा केन्द्र लखनऊ के पचास नेशनल यूथ वायलेंटियर द्वारा गोपेश्वर गौशाला में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें महात्मा गांधी की 150 वीं जयन्ती के अवसर स्वैच्छिक कार्य शिविर का आयोजन किया गया। युवाओं द्वारा गोपेश्वर गौशाला की साफ सफाई की गई।

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कार्यक्रम का नेतृत्व कर रही जिला समन्वयक पुष्पा सिंह ने राष्ट्रीय  स्वयंसेवकों एवं यूथ क्लब के सदस्यों को साफ-सफाई के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान गोेपेश्वर गौशाला के तालाब की भी सफाई की गयी। कार्यक्रम की प्रथम कड़ी में जल स्रोत तथा जल संरक्षण के विषय में विस्तार से जानकारी दी गयी।

इसके बाद युवाओं द्वारा राधे केसर गोष्ठ में स्वच्छता कार्यक्रम चलाया गया। जिसमें गोपेश्वर गौशाला के प्रबन्धक उमाकान्त गुप्ता,योग गुरू मुनीद्र, शाश्वत शुक्ल, प्रकाश नारायण, सुमित पाण्डेय,अंकिता भारती,राधिका सिंह,शेर बहादुर,रवि रावत,सोनी पाल आदि लोग उपस्थित थे।

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कर्नाटक: कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले यह विधायक सुर्खियों में, जानिए क्या है वजहhttps://www.newstimes.co.in/news/80568/भारत/अन्य-राज्यों-से/Karnataka:-This-MLA-who-resigned-from-Congress-is-in-the-headlines-know-what-is-the-reason900978Sat, 17 Aug 2019 00:00:00 GMTDEEP KRISHAN SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/17-08-2019102402KarnatakaThi2.jpg' alt='Images/17-08-2019102402KarnatakaThi2.jpg' />कांग्रेस से बगावत करने वाले कर्नाटक के एक विधायक इन दिनों चर्चा में हैं। इस चर्चा की वजह बनी है उनकी महंगी कार जिसे हाल ही में उन्होंने खरीदा है। अयोग्य ठहराए जा चुके विधायक एमटीबी नागराज ने रॉल्स रॉयस फैंटम VIII कार 11 करोड़ रुपए में खरीदी है। इसके टैक्स आदि मिला दिए जाए तो कार की कीमत और बढ़ जाएगी। 

कर्नाटक: कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले यह विधायक सुर्खियों में, जानिए क्या है वजह

New Delhi. कांग्रेस से बगावत करने वाले कर्नाटक के एक विधायक इन दिनों चर्चा में हैं। इस चर्चा की वजह बनी है उनकी महंगी कार जिसे हाल ही में उन्होंने खरीदा है। अयोग्य ठहराए जा चुके विधायक एमटीबी नागराज ने रॉल्स रॉयस फैंटम VIII कार 11 करोड़ रुपए में खरीदी है। इसके टैक्स आदि मिला दिए जाए तो कार की कीमत और बढ़ जाएगी। 

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गरीब पशुपालकों को जुर्माने के नाम पर लूट रहा नगर निगमhttps://www.newstimes.co.in/news/80545/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Municipal-corporation-looting-poor-cattlemen-in-the-name-of-fine900955Fri, 16 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/16-08-2019142140Municipalcorp1.jpg' alt='Images/16-08-2019142140Municipalcorp1.jpg' />एक ओर सरकार निराश्रित गोवंश को कृषकों,पशुपालकों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा निराश्रित गोवंश को पालने के लिए लेने पर उन्हें भरण पोषण भत्ता दे रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के अधिकारी गरीब पशुपालकों एवं पशु प्रेमियों को परेशान कर रहे हैं।

गरीब पशुपालकों को जुर्माने के नाम पर लूट रहा नगर निगम

LUCKNOW. एक ओर सरकार निराश्रित गोवंश को कृषकों, पशुपालकों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा निराश्रित गोवंश को पालने के लिए लेने पर उन्हें भरण पोषण भत्ता दे रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के अधिकारी गरीब पशुपालकों एवं पशु प्रेमियों को परेशान कर रहे हैं।

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नगर निगम का दस्ता डेरी बंद करने के नाम पर गरीबों द्वारा एक गाय पालने पर भी उनके घरों से उठाकर उनसे मनमाना शुल्क वसूल रहा है। जबकि अभी भी सैकड़ों निराश्रित पशु कहीं भी सड़क पर कब्जा जमाए मिल जाएंगे। सड़क पर घूमने वाले इन आवारा जानवरों को देखकर नगर निगम के अधिकारियों की आंख पर पट्टी बंधी जाती है। जबकि उच्च  न्यायालय ने नगर निगम की सीमा में छुट्टा घूमने वाले जानवरों को पकड़ने के लिए 20 जुलाई तक का समय दिया था, लेकिन अभी तक नगर​ निगम इन आवारा जानवरों को तो शहर से बाहर गोशालाओं में नहीं पहुंचा पाया। उल्टे गरीबों के घरों की पालतू एक या दो गायों को पकड़कर बंद करके उनसे मोटी रकम वसूल रहा है। नगर निगम के अधिकारी पशुपालकों को पशु गृह पंजीयन कराने के बजाय उनके पशुओं को पकड़कर जुर्माना वसूल रहे हैं।

सरकार दे रही 30 रू0, पशुपालकों से वसूल रहे सौ रूपये

गत 5 अगस्त को जियामऊ से दो लोगों की एक-एक गाय बछड़ों के साथ पकड़कर कान्हा उपवन में बंद कर दिया। जिनमें से ऊदल और राकेश की गाय पकड़ने के दूसरे ही दिन छोड़ दी जबकि परसुराम यादव की गाय को छोड़ने के लिए उसे 9 दिन तक दौड़ाने के बाद 22 हजार रू0 जुर्माना लगाया। इस पर उसकी लड़की नगर निगम के संयुक्त निदेशक के सामने रोने गिड़गिड़ाने लगी और जुर्माना देने में असमर्थता जताई तब जाकर अधिकारी पसीजे और जुर्माने की राशि घटाकर 10 हजार और दो हजार रू0 गौशाला का खर्च लिया गया, जो 100 रू0 प्रति दिन प्रति पशु लिया गया। जिसमें एक दूध पीती बछिया भी थी। सरकार भरण पोषण भत्ता 30 रू0 दे रही जबकि पशुपालकों से 100 रू0 वसूले जा रहे हैं।

 

 

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रक्षा बंधन के त्यौहार में सबसे अधिक बिकने वाली मिठाईhttps://www.newstimes.co.in/news/80534/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Best-selling-sweets-in-Raksha-Bandhan-festival900944Fri, 16 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/16-08-2019111101Bestsellings.jpg' alt='Images/16-08-2019111101Bestsellings.jpg' />रक्षा बंधन के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में एक मिठाई सबसे अधिक बिकती है। जो खाने में अधिक स्वादिष्ट तो नहीं होती लेकिन उसका महत्व काफी अधिक है।

रक्षा बंधन के त्यौहार में सबसे अधिक बिकने वाली मिठाई

LUCKNOW.  रक्षाबंधन के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में एक मिठाई सबसे अधिक बिकती है, जो खाने में अधिक स्वादिष्ट तो नहीं होती लेकिन उसका महत्व काफी अधिक है। लोग जब ससुराल जाते हैं तो अन्य मिठाइयों के साथ इसे अवश्य ले जाते हैं। यह करीब चार दशक पुरानी मिठाई है।

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अंदर्शा नाम की इस मिठाई को काफी पहले राजधानी के माल कस्बे में कुछ दुकानदार बनाते थे। रोटी की तरह ​दिखने वाली इस मिठाई को चावल और चीनी मिलाकर बनाया जाता है। इसकी दो वैराइटी होती हैं। एक चावल और चीनी दूसरी चावल और गुण को मिलाकर बनाई जाती है।

ग्रामीण इलाकों के साथ अब शहर में भी इसका महत्व बढ़ता जा रहा है। करीब दो दशक पहले माल कस्बे से आसपास के जिलों के व्यापारी ट्रकों से भरकर दूसरे स्थानों पर बेचने के लिए ले जाते थे। लेकिन आज इसके कारीगर हर जगह मिल जाएंगे। इसलिए अब इनको स्थानीय स्तर पर बनाया जाने लगा है। 

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वन विभाग ने किया राष्ट्रीय ध्वज का अपमानhttps://www.newstimes.co.in/news/80524/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-मलिहाबाद--Forest-department-insulted-the-national-flag900934Fri, 16 Aug 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/15-08-2019230228Forestdepartm2.jpg' alt='Images/15-08-2019230228Forestdepartm2.jpg' /> जहां एक ओर पूरे क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा था वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय वनाधिकारी कार्यालय मलिहाबाद में रा​ष्ट्रीय ध्वज आधा झुका हुआ था।

वन विभाग ने किया राष्ट्रीय ध्वज का अपमान

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LUCKNOW.  जहां एक ओर पूरे क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय वनाधिकारी कार्यालय मलिहाबाद में रा​ष्ट्रीय ध्वज आधा झुका हुआ था, जो नहीं होना चाहिए। क्योंकि ऐसा शोक घोषित होने पर किया जाता है।

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तहसील में उपजिलाधिकारी विकास कुमार सिंह, विकास खण्ड मलिहाबाद में ब्लाक प्रमुख निशा सिंह चौहान,  औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण संस्थान में मुख्य उद्यान विशेषज्ञ बी.पी.राम, केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा में निदेशक डा.शैलेन्द्र राजन, विकास खण्ड माल में ब्लाक प्रमुख पति दिलदार, सीएचसी माल में अधीक्षक के.डी.मिश्रा, थाना मलिहाबाद में सीओ शेषमणि पाठक, सहित महेश सिंह सरस्वती इंटर कालेज लतीफपुर में प्रबन्धक गीता सिंह के अलावा सभी  पंचायतों में में प्रधानों ने पंचायत भवनों के साथ-साथ स्कूलों में भी ध्वजारोहण कर मिठाइयों का वितरण कराया।

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इसी के साथ सरकारी और अद्र्ध् सरकारी संस्थाओं में स्वतंत्रता दिवस का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्कूलों एवं कालेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन  किया गया लेकिन रक्षाबंधन का त्यौहार होने के कारण जल्दी छुट्टी कर दी गयी थी। 

 

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समाज में प्रेम और भाईचारा बढ़ाता है रक्षाबंधन का त्यौहार : मुख्यमंत्रीhttps://www.newstimes.co.in/news/80513/भारत/उत्तर-प्रदेश-/samaj-me-prem-badhata-hai-parv900923Thu, 15 Aug 2019 00:00:00 GMTRAJNISH KUMAR<img src='http://newstimes.co.in/Images/15-08-2019105611samajmeprem1.jpg' alt='Images/15-08-2019105611samajmeprem1.jpg' />उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। आज यहाँ जारी एक बधाई सन्देश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पारस्परिक प्रेम, स्नेह व विश्वास का त्यौहार है।

समाज में प्रेम और भाईचारा बढ़ाता है रक्षाबंधन का त्यौहार : मुख्यमंत्री

Lucknow. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। आज यहाँ जारी एक बधाई सन्देश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पारस्परिक प्रेम, स्नेह व विश्वास का त्यौहार है। यह पर्व कर्तव्य, आत्मीयता, त्याग, सामाजिक एकता व सद्भाव की भावना का प्रतीक है। ज्ञातव्य है कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व तो है ही, यह भारत की गुरु-शिष्य परम्परा का त्यौहार भी है। यह दान के महत्व को प्रतिष्ठित करने वाला पावन त्यौहार है। 

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रक्षाबंधन का त्यौहार श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण मास में ऋषिगण आश्रम में रहकर अध्ययन और यज्ञ करते थे। श्रावण पूर्णिमा को मासिक यज्ञ की पूर्णाहुति होती थी। यज्ञ की समाप्ति पर यजमानों और शिष्यों को रक्षासूत्र बांधने की प्रथा थी, जिसका पालन रक्षाबंधन के रूप में भी किया जाता है। रक्षाबंधन का त्यौहार समाज में प्रेम और भाईचारा बढ़ाने का कार्य भी करता है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में विगत 02 वर्षों की भांति इस वर्ष भी रक्षाबन्धन के पर्व पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा समस्त श्रेणी की बसों में महिलाओं को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

इसके तहत 14 अगस्त की मध्य रात्रि 12 बजे से 15 अगस्त की मध्य रात्रि 12 बजे के बीच (24 घण्टे के लिए) निगम की सभी श्रेणी की बसों में महिला यात्रियों को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा, रक्षाबन्धन पर परिवहन निगम द्वारा प्रदेश के समस्त मार्गों पर यात्रियों की सुविधा के लिए  13 से 18 अगस्त, 2019 तक अतिरिक्त बसों के संचालन की भी व्यवस्था की गयी है। 

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