<link>www.newstimes.co.in</link><description> delivers news and information on the latest top stories, Videsh, Desh, Cricket, Entertainment, Business, Life Style, Editors Artical and other related local news</description><copyright>© Copyright न्यूज़ टाइम्स 2016. All rights reserved</copyright><language>hi</language><lastBuildDate>22-09-2019 13:25:46</lastBuildDate><item><title>यूपी पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर परीक्षा परिणाम घोषित, यहां देखें रिजल्टhttps://www.newstimes.co.in/news/81759/भारत/UP-police-computer-operator-exam-result-declared-see-the-result-here902179Sun, 22 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/22-09-2019104800UPpolicecomp1.jpg' alt='Images/22-09-2019104800UPpolicecomp1.jpg' />जिन अभ्यर्थियों ने यूपी पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए (बैकलॉग) भर्ती 2017 की परीक्षा दी थी, उनके लिए खुशी भरी खबर है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी वहयूपीपीआरबी की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं।

यूपी पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर परीक्षा परिणाम घोषित, यहां देखें रिजल्ट

New Delhi. जिन अभ्यर्थियों ने यूपी पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए (बैकलॉग) भर्ती 2017 की परीक्षा दी थी, उनके लिए खुशी भरी खबर है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी वह यूपीपीआरबी की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं।

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बताते चलें कि टाइपिंग टेस्ट और अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन करने के बाद मेरिट लिस्ट शॉर्टलिस्ट कर जारी की गई है। यूपी पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए (बैकलॉग) भर्ती 2017 के लिए आवेदन प्रक्रिया 16 मई, 2017 से 15 जून, 2017 तक हुई थी। उम्मीदवारों की लिखित परीक्षा दिसंबर 2018 के में आयोजित कराई गई थी। वहीं, परिणाम मार्च 2019 में जारी किया गया था।

बता दें कि बोर्ड ने 666 बैकलॉग रिक्तियों का विज्ञापन जारी करते हुए आवेदन मांगे थे। जिनमें 666 अभ्यर्थियों की सूची जारी हुई थी। उनको चयन के लिए चयनित किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों में 533 पुरुष व 133 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं।

इसके लिए सबसे पहले वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं। यहां यूपी (बैकलॉग) सीधी भर्ती 2017 चयन परिणाम का लिंक दिया होगा। इस पर अभ्यर्थी क्लिक करें। इसके बाद परिणाम पीडीएफ में कंप्यूटर स्क्रीन पर सामने आ जाएगा। जरूरी जानकारियों को दर्ज करने के बाद परिणम सामने आ जाएगा। अभ्यर्थी परिणाम को डाउनलोड कर प्रिंट आउट प्राप्त कर लें।

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पढ़ाई के दौरान बच्चों के लिए मोबाइल प्रतिबंधित नहीं: हाईकोर्टhttps://www.newstimes.co.in/news/81743/भारत/Mobile-is-not-banned-for-children-during-studies:-High-Court902163Sat, 21 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/21-09-2019160917Mobileisnot1.jpg' alt='Images/21-09-2019160917Mobileisnot1.jpg' />छात्रों के इंटरनेट इस्तेमाल को लेकर केरल हाईकोर्ट ने निया निर्देश जारी किया है। याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट की उपलब्धता व इसका प्रयोग शिक्षा के अधिकार (RTE) और निजता के अधिकार (Right To Privacy) का भाग है।

पढ़ाई के दौरान बच्चों के लिए मोबाइल प्रतिबंधित नहीं: हाईकोर्ट

New Delhi. छात्रों के इंटरनेट इस्तेमाल को लेकर केरल हाईकोर्ट ने नया निर्देश जारी किया है। याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट की उपलब्धता व इसका प्रयोग शिक्षा के अधिकार (RTE) और निजता के अधिकार (Right To Privacy) का भाग है। कॉलेज या हॉस्टलों में छात्रों के मोबाइल और इंटरनेट प्रयोग को रोका नहीं जा सकता।

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बता दें कि यह अहम फैसला जस्टिस पीवी आशा ने याचिका की सुनवाई करते हुए दिया। सुनवाई करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत इंटरनेट का प्रयोग का अधिकार निजता और शिक्षा के अधिकार का पार्ट है।

दरअसल, कोझिकोड स्थित श्री नारायण कॉलेज में तीसरे सेमेस्टर की छात्रा फहीमा शिरीन ने पढ़ाई के दौरान मोबाइल व इंटरनेट के प्रयोग को लेकर याचिका डाली थी। याचिका में कोर्ट को अवगत कराया गया कि हॉस्टल में पढ़ाई के दौरान (शाम 6 से रात 10 बजे तक) छात्राएं मोबाइल व इंटरनेट का यूज नहीं कर सकतीं।

कॉलेज ने यह तर्क दिया था कि अभिभावकों के कहने पर यह पाबंदी लगाई गई थी। जिससे मोबाइल फोन का छात्र दुरुपयोग नहीं कर सकें। जबकि छात्रों को लैपटॉप का प्रयोग करने की रोक नहीं लगाई गई। कोर्ट ने कहा कि छात्रों को पढ़ाई करने के लिए मोबाइल और लैपटॉप दोनों को यूज करने की जरूरत है। हर छात्र के पास मोबाइल या लैपटॉप दोनों ही हो यह भी जरूरी नहीं।

इंटरनेट का दुरुपयोग मोबाइल हो या लैपटॉप दोनों से ही किया जा सकता है। छात्रों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने या न करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। छात्रों को खुद यह सुनिश्चित करना होगा कि मोबाइल फोन और इंटरनेट का यूज अपनी अच्छी शिक्षा के लिए करें।

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दिल्ली पब्लिक स्कूल जानकीपुरम में संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा कार्यशाला का आयोजनhttps://www.newstimes.co.in/news/81673/भारत/उत्तर-प्रदेश-/delhi-public-school-me-karyasala-ka-hua-ayojan-902093Thu, 19 Sep 2019 00:00:00 GMTGAURAV SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/19-09-2019181045delhipublics2.jpeg' alt='Images/19-09-2019181045delhipublics2.jpeg' /> दिल्ली पब्लिक स्कूल की जानकीपुरम् शाखा में 19 सितम्बर ‘2019‘ को विद्यालय परिसर में कक्षा-10, 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्रसंघ ने विश्वस्तरीय कार्यशाला आयोजित की। यह कार्यशाला दो खंडों मे आयोजित की गयी । प्रथम खंड में ‘‘जीवनशैली में बदलाव संतुलित दृष्टि और एकल कदम के द्वारा शुरू होता है‘‘ शीर्षक पर संयुक्त राष्ट्रसंघ की ओर से आए हुए प्रतिनिधियों एथिना लाओ और कोलिन फेफर ने अपने विचार व्यक्त किए तथा दूसरे खंड मे विदेशों में शिक्षा प्राप्ति के नए आयामों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।

दिल्ली पब्लिक स्कूल जानकीपुरम में संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा कार्यशाला का आयोजन

Lucknow. दिल्ली पब्लिक स्कूल की जानकीपुरम् शाखा में 19 सितम्बर ‘2019‘ को विद्यालय परिसर में कक्षा-10, 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्रसंघ ने विश्वस्तरीय कार्यशाला आयोजित की। यह कार्यशाला दो खंडों मे आयोजित की गयी । प्रथम खंड में ‘‘जीवनशैली में बदलाव संतुलित दृष्टि और एकल कदम के द्वारा शुरू होता है‘‘ शीर्षक पर संयुक्त राष्ट्रसंघ की ओर से आए हुए प्रतिनिधियों एथिना लाओ और कोलिन फेफर ने अपने विचार व्यक्त किए तथा दूसरे खंड मे विदेशों में शिक्षा प्राप्ति के नए आयामों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।

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लड़कियों को स्कॉलरशिप पाने का सुनहरा मौका, यहां करें आवेदनhttps://www.newstimes.co.in/news/81668/भारत/Golden-opportunity-for-girls-to-get-scholarship-apply-here902088Thu, 19 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/19-09-2019170026Goldenopportu1.JPG' alt='Images/19-09-2019170026Goldenopportu1.JPG' />छात्राओं के लिए स्कॉलरशिप का लाभ लेने को लेकर सुनहरा मौका आया था। यह सुविधा 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए दी गई है। जो भी छात्राएं स्कॅलरशिप का लाभ उठाना चाहती हों, वह अंतिम तिथि 30 सितंबर तक आवेदन कर सकती हैं।

लड़कियों को स्कॉलरशिप पाने का सुनहरा मौका, यहां करें आवेदन

New Delhi. छात्राओं के लिए स्कॉलरशिप का लाभ लेने को लेकर सुनहरा मौका आया था। यह सुविधा 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए दी गई है। जो भी छात्राएं स्कॅलरशिप का लाभ उठाना चाहती हों, वह अंतिम तिथि 30 सितंबर तक आवेदन कर सकती हैं।

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बताते चलें कि स्कॉलरशिप का नाम Kind Scholarship for Meritorious Students है। यह योजना उन छात्राओं के लिए है, जो आर्थिक तौर पर कमजोर हैं। जिनके माता पिता बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने में समर्थ नहीं हैं।

स्कॉलरशिप का लाभ उन छात्राओं को दिया जाएगा, जो किसी अच्छे कॉलेज से प्रोफेशनल कोर्स या डिग्री कोर्स कर रही हों। साथ ही छात्राओं का मार्क्स 60 प्रतिशत तक आया हो। छात्राओं के परिवार की आय चार लाख रुपए से कम होनी चाहिए।

आवेदन करने के लिए वेबसाइट https://www.buddy4study.com/scholarship/kind-scholarship-for-meritorious-students पर जाएं। यहां 'Apply Now' पर क्लिक करें। इसके बाद स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने के साथ ही जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। दस्तावेज में परीक्षा की मार्कशीट, फैमिली इनकम सर्टिफिकेट, कोई भी सरकारी पहचान पत्र, स्कूल या कॉलेज का पहचान पत्र बोनाफाइड सर्टिफिकेट लगाना होगा।

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12वीं पास को स्कॉलरशिप पाने का सुनहरा मौका, यहां करें आवेदनhttps://www.newstimes.co.in/news/81634/भारत/Golden-pass-to-get-12th-pass-scholarship-apply-here902053Wed, 18 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/18-09-2019135126Goldenpassto1.jpg' alt='Images/18-09-2019135126Goldenpassto1.jpg' />आर्थिक हालात खराब होने के कारण अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च परिजन उठा नहीं पाते। शिक्षा पूरी करने की मंशा इस वजह से छात्रों की अधूरी रह जाती है। लेकिन छात्रों और उनके परिजनों को अब परेशान होने की जरूरत नहीं है।

12वीं पास को स्कॉलरशिप पाने का सुनहरा मौका, यहां करें आवेदन

New Delhi. आर्थिक हालात खराब होने के कारण अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च परिजन उठा नहीं पाते। शिक्षा पूरी करने की मंशा इस वजह से छात्रों की अधूरी रह जाती है। लेकिन छात्रों और उनके परिजनों को अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। चूंकि एक नई स्कॉलरशिप के तहत 50 हजार रुपए तक छात्रों को दिए जा रहे। इसका लाभ 12वीं पास छात्रों को दिया जाएगा। जो भी छात्र इसका लाभ उठाना चाहते हों वह आवेदन कर सकते हैं।

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आपको बता दें कि इस स्कॉलरशिप का लाभ वही मेधावी छात्र उठा सकेंगे जिनका इंटरमीडिएट की परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक होगा। इसका लाभ सभी देश के छात्र उठा सकेंगे। साथ ही वह छात्र भी इसके लिए आवेदन कर सकेंगे जिनका स्नातक में प्रथम वर्ष और प्रोफेशनल कोर्स या फिर किसी भी यूनिवर्सिटी से टैक्निकल कोर्स कर रहा हो। जिन परिवार की आय 4 लाख से कम होगी वही छात्र इसके पात्र होंगे।

स्कॉलरशिप पाने की योग्यता रखने वाले छात्र कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट https://marubeni.co.in/ पर जाएं। यहां 'Marubeni India Meritorious Scholarship 2019-20' पर क्लिक करें। इस पेज पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होकर आएगा। इसमें सभी तरह की जानकारी दी होगी। छात्र इसे पढ़कर आवेदन कर सकते हैं।


बताते चलें कि छात्रों को स्कॉलरशिप सीधे बैंक में ट्रांसफर की जाएगी। या फिर डिमांड ड्राफ्ट और चेक के जरिए भी स्कॉलरशिप दी जा सकती है। ऐसे में स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के पास अपना बैंक अकाउंट होना जरूरी है। स्कॉलरशिप के लिए जरूरी दस्तावेज जैसे- शैक्षणिक योग्यता, फैमिली, इनकम व अन्य जरूरी जानकारियां जमा करानी होगी।

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हरदोई: अव्यवस्थाओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन, पुलिस ने रोकने के लिए प्रयोग किया बलhttps://www.newstimes.co.in/news/81614/भारत/उत्तर-प्रदेश-/Hardoi:-Students-movement-against-dislocations-police-used-force-to-stop902032Wed, 18 Sep 2019 00:00:00 GMTDEEP KRISHAN SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/18-09-2019094707HardoiStuden4.JPG' alt='Images/18-09-2019094707HardoiStuden4.JPG' />यूपी के हरदोई जिले में एक बार फिर यूपी पुलिस का बदनुमा चेहरा उजागर हुआ है। यहां डीएम से शिकायत करने जा रहे आश्रम पद्धति विद्यालय के छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया। बच्चों पर लाठियां बरसाई गयी। बावजूद इसके बच्चे अपनी जिद पर अड़े रहे और लाठियां खाने के बाद भी कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी से अपनी बात कही। 

हरदोई: अव्यवस्थाओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन, पुलिस ने रोकने के लिए प्रयोग किया बल

- आश्रम पद्धति से संचालित आवासीय विद्यालय का मामला
- विद्यालय से पैदल चल कर कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र, डीएम से की शिकायत
Hardoi. यूपी के हरदोई जिले में एक बार फिर यूपी पुलिस का बदनुमा चेहरा उजागर हुआ है। यहां डीएम से शिकायत करने जा रहे आश्रम पद्धति विद्यालय के छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया। बच्चों पर लाठियां बरसाई गयी। बावजूद इसके बच्चे अपनी जिद पर अड़े रहे और लाठियां खाने के बाद भी कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी से अपनी बात कही। 

Images/18-09-2019094552HardoiStuden1.jpgImages/18-09-2019094609HardoiStuden2.JPGImages/18-09-2019094639HardoiStuden3.JPGImages/18-09-2019094707HardoiStuden4.JPG

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JKBOSE के 12वीं का अर्धवार्षिक प्राइवेट परीक्षा परिणाम जारी, यहां करें चेकhttps://www.newstimes.co.in/news/81565/भारत/JKBOSEs-12th-half-year-private-exam-results-released-check-here901982Mon, 16 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/16-09-2019153201JKBOSEs12th1.jpg' alt='Images/16-09-2019153201JKBOSEs12th1.jpg' />जम्मू-कश्मीर राज्य स्कूली शिक्षा बोर्ड (jkbose) ने इंटरमीडिएट के अर्धवार्षिक परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है।

JKBOSE के 12वीं का अर्धवार्षिक प्राइवेट परीक्षा परिणाम जारी, यहां करें चेक

New Delhi. जम्मू-कश्मीर राज्य स्कूली शिक्षा बोर्ड (jkbose) ने इंटरमीडिएट के अर्धवार्षिक परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। छात्रा अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट jkbose.co.in पर जाकर देख सकते हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है।

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परीक्षार्थी अपना परिणाम चेक करने के लिए सबसे पहले jkbose की आधिकारिक वेबसाइट jkbose.co.in पर जाएं। यहां होमपेज पर परीक्षा परिणाम का लिंक दिया होगा इस पर क्लिक करें। इसके बाद एक और नया पेज ओपन होकर सामने आएगा। परीक्षार्थी यहां अपनी डिटेल रोल नंबर और नाम दर्ज करें।

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बताते चलें कि उक्त प्रक्रिया पूरी करने के बाद परीक्षा का परिणाम कंप्यूटर स्क्रीन पर ओपन होकर सामने आ जाएगा। अभ्यर्थी अपने रिजल्ट का नंबर देखने के साथ ही डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही प्रिंट आउट लेकर सुरक्षित रख लें। इसके बाद परीक्षार्थी अपनी आगे की परीक्षा की तैयारी को लेकर जुट जाएं।

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350 विश्वविद्यालयों की मान्यता खतरे में, यूजीसी ने दिया तीन साल का वक्तhttps://www.newstimes.co.in/news/81530/भारत/Accreditation-of-350-universities-in-danger-UGC-gives-three-years901947Sun, 15 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/15-09-2019155715Accreditation1.jpg' alt='Images/15-09-2019155715Accreditation1.jpg' />350 विश्वविद्यालयों की मान्यता खतरे में है। इसके लिए यूजीसी ने तीन साल का समय दिया है। दरअसल, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के पास 2022 के बाद नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) एक्रिडिटेशन नहीं होने की स्थिति में मान्यता समाप्त हो जाएगी।

350 विश्वविद्यालयों की मान्यता खतरे में, यूजीसी ने दिया तीन साल का वक्त

New Delhi. 350 विश्वविद्यालयों की मान्यता खतरे में है। इसके लिए यूजीसी ने तीन साल का समय दिया है। दरअसल, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के पास 2022 के बाद नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) एक्रिडिटेशन नहीं होने की स्थिति में मान्यता समाप्त हो जाएगी। सरकार ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक एक्रिडिटेशन से जोड़ने को लेकर 167 संस्थानों को मेंटर इंस्टीट्यूशन के लिए चयनित किया है।

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बताते चलें कि केन्द्र सरकार ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विश्व रैंकिंग में सुधार को लेकर विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को नैक एक्रिडिटेशन अनिवार्य कर दिया है। यूजीसी के तमाम प्रयासों के बाद भी उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक एक्रिडिटेशन से नहीं जोड़ सका। 350 से अधिक विश्वविद्यालय व कॉलेज ऐसे हैं, जो नैक एक्रिडिटेशन से नहीं जुड़े सके हैं। जिन विद्यालयों को को नैक क्रिएडिशन में शामिल किया गया उनमें हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के संस्थान भी शामिल हैं।

बता दें कि नैक एक्रिडिटेशन होने की वजह से उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता परखने में भी आसानी होती है। इसकी खास बात ये है कि नैक टीम जांच के समय गुणवत्ता की परख करती ही है। साथ ही छात्र-शिक्षक अनुपात के तहत शिक्षक, योग्य शिक्षक, रिसर्च सहित कई अन्य सुविधाओं का जायजा ले लिया जाता है।

खबरों के मुताबिक, प्रो. डीपी सिंह, चेयरमैन, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का कहना है कि तीन सालों की अवधि में जो भी उच्च शिक्षण संस्थान हों  उनको नैक एक्रिडिटेशन से जोड़ने के लिए 167 मेंटर संस्थान भी चयनित कर लिए गए हैं। इन चयनित संस्थानों का कार्य होगा कि वह संस्थानों को जागरूक करें साथ ही नैक एक्रिडिटेशन में सहयोग दें।

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CBSE शुरू करने जा रहा ये नया कोर्स, इंटेल की मदद से किया गया तैयारhttps://www.newstimes.co.in/news/81494/भारत/This-new-course-going-to-start-CBSE-prepared-with-the-help-of-Intel901911Sat, 14 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/14-09-2019154410Thisnewcours1.jpg' alt='Images/14-09-2019154410Thisnewcours1.jpg' /> CBSE बोर्ड 8वीं कक्षा के लिए 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' का कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रहा है। यही नहीं सीबीएसई ने इसके लिए पाठ्यक्रम भी तैयार करा लिया है। पाठ्यक्रम 'इंटेल' की मदद से तैयार किया गया है।

CBSE शुरू करने जा रहा ये नया कोर्स, इंटेल की मदद से किया गया तैयार

New Delhi. CBSE बोर्ड 8वीं कक्षा के लिए 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' का कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रहा है। यही नहीं सीबीएसई ने इसके लिए पाठ्यक्रम भी तैयार करा लिया है। पाठ्यक्रम 'इंटेल' की मदद से तैयार किया गया है।

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खबरों के मुताबिक, सीबीएसई की अध्यक्ष अनिता करवाल ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2019-20 से 9वीं कक्षा से वैकल्पिक विषय के रूप में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' को शुरू किए जाएंगे।  साथ ही आठवीं कक्षा में भी इस विषय को लागू करने की तैयारी है। बताते चलें कि CBSE  ही एक ऐसा बोर्ड होगा जिसने उक्त पाठ्यक्रम को तैयार किया है।

खास बात ये है कि इस कोर्स में प्रशिक्षण कार्य भी शुरू कराया जाएगा। 9वीं कक्षा में इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम 112 घंटे का होगा। कोर्स को 168 कक्षाओं में बांटा गया है। इसके साथ ही 5-6 स्कूलों को मिलाकर क्लस्टर भी तैयार करने की पहल की गई है। इसके माध्यम से एक दूसरे की अच्छी चीजों को साझा किया जा सकेगा और सीखने में मदद मिलेगी।

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शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण एक माह के अन्दर कर दिया जाएगाhttps://www.newstimes.co.in/news/81477/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Teachers-problems-will-be-resolved-within-a-month901894Sat, 14 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/14-09-2019113443Teachersprob.jpg' alt='Images/14-09-2019113443Teachersprob.jpg' />शिक्षकों द्वारा जो समस्यायें संज्ञान में लायी जाती हैं उनका तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाये।

शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण एक माह के अन्दर कर दिया जाएगा

LUCKNOW. जिला बे​सिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा ब्लाक स्तर पर बैठकों के माध्यम से अध्यापकों को प्रेरणा ऐप से होने वाले लाभ एवं विशिष्टियों के बारे में जानकारी दी जायेे। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डा0 सतीश चन्द्र द्विवेदी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह निर्देश दिया। श्री द्विवेदी ने कहा कि शिक्षकों के अवकाश प्रकरणों का निस्तारण तत्काल केवल आनलाइन व्यवस्था से ही करना सुनिश्चित किया जाये तथा मैनुअल व्यवस्था को तत्काल समाप्त करने के ​निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को देय सभी अवकाश यथा-आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश, मातृत्व अवकाश, बाल देखभाल अवकाश आदि की स्वीकृति में होने वाले विलम्ब को दूर करने एवं पारदर्शितापूर्ण निस्तारण के लिए आनलाइन व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है।

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डा0 द्विवेदी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि आपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालय की अवस्थापना संबंधी सूचनाओं को 15 अक्टूबर, 2019 तक अवश्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिक्षकों के सर्विस बुक अपडेशन का कार्य 30 सितम्बर, 2019 तक पूरा करा लिया जाये अन्यथा संबंधित खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा।

मध्यान्ह भोजन योजना का अनुश्रवण ‘प्रेरणा’ ऐप के माध्यम से सुनिश्चित करते हुए शिक्षकों द्वारा जो समस्यायें संज्ञान में लायी जाती हैं उनका तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। श्री द्विवेदी ने कहा ​कि प्रेरणा ऐप से किसी के फोटो ग्राफ का दुरूपयोग नहीं होगा। 

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ब्रिटेन में पढ़ाई करने का छात्रों को फायदा, दो वर्षों का मिलेगा वर्किंग वीजाhttps://www.newstimes.co.in/news/81413/भारत/Students-benefit-from-studying-in-Britain-will-get-two-years-working-visa901830Thu, 12 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/12-09-2019162925Studentsbenef1.jpg' alt='Images/12-09-2019162925Studentsbenef1.jpg' /> ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में जाकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को बढ़ावा देने के लिए ब्रिटेन सरकार ने बुधवार को विश्व भर के छात्रों को दो वर्ष का वर्किंग वीजा देने का ऐलान किया है। नई स्नातक योजना अगले साल शुरू होने के साथ ही सभी विदेश छत्रों को इसका लाभ मिलेगा।

ब्रिटेन में पढ़ाई करने का छात्रों को फायदा, दो वर्षों का मिलेगा वर्किंग वीजा

New Delhi. ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में जाकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को बढ़ावा देने के लिए ब्रिटेन सरकार ने बुधवार को विश्व भर के छात्रों को दो वर्ष का वर्किंग वीजा देने का ऐलान किया है। नई स्नातक योजना अगले साल शुरू होने के साथ ही सभी विदेश छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।

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हालांकि, इसका लाभ उन्हीं को मिलेगा जिनके पास छात्र के तौर पर ब्रिटेन का वैध आव्रजन दर्जा है। इसके साथ ही जिसने सरकार से मंजूरी लेकर ब्रिटेन के किसी उच्च शिक्षण संस्थान से स्नातक स्तर या इससे अधिक के लिए सफलतापूर्वक पाठ्यक्रम पूरा किया हो।

वीजा योजना के तहत जो भी छात्र पढ़ाई पूरी करेंगे उनको दो वर्षों के लिए काम करने या अपने पसंद का कोई भी जॉब खोजने की अनुमति भी दी जाएगी। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि इस नीति के फिर से प्रभावी होने पर अपना कॅरियर बनाने के लिए अवसर उपलब्ध होगा।

जॉनसन की कैबिनेट में वरिष्ठ सदस्य भारतीय मूल की ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने यह जानकारी दी कि नई स्नातक योजना का तात्पर्य प्रतिभाशाली विदेशी छात्र ब्रिटेन में पढ़ सकेंगे। साथ ही पढ़ाई पूरी कर मन पसंद का करियर भी चुन सकेंगे। इससे उनको बहुमूल्य कार्य अनुभव भी मिलेगा।

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सरकार की नाक के नीचे उड़ रहीं नियम कानून की धज्जियां, कार्रवाई के नाम पर खानापूर्तिhttps://www.newstimes.co.in/news/81366/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Rules-of-the-law-flying-under-the-nose-of-the-government-in-the-name-of-action901783Tue, 10 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/10-09-2019181458Rulesofthel2.jpg' alt='Images/10-09-2019181458Rulesofthel2.jpg' />राजधानी में मकड़जाल की तरह फैले निजी विद्यालय किस तरह नियम कानून ताख पर रखकर जनता का शोषण कर रहे हैं यह किसी से छिपा नहीं है।

सरकार की नाक के नीचे उड़ रहीं नियम कानून की धज्जियां, कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति

LUCKNOW. राजधानी में मकड़जाल की तरह फैले निजी विद्यालय किस तरह नियम कानून ताख पर रखकर जनता का शोषण कर रहे हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। फिर भी ऐसे शोषित अभिभावकों द्वारा स्कूलों के खिलाफ आवाज न उठाना कहीं न कहीं उनकी मजबूरी है, क्योंकि सरकारी स्कूलों की पढ़ाई की स्थिति जग जाहिर है। पिछले सप्ताह जिलाधिकारी लखनऊ ने बिना मान्यता और कक्षा 5 व 8 तक की मान्यता लेकर इंटर तक विद्यालय चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है, परन्तु अभी तक इस अभियान का कहीं पर कोई असर नहीं दिखाई पड़ रहा है।

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ऐसे विद्यालयों की आपस में इतनी साठगांठ है कि कोई किसी की शिकायत नहीं करता। इसके साथ ही बिना मान्यता वाले विद्यालय संचालक दूसरे मान्यता प्राप्त विद्यालयों से अपने बच्चों के फार्म भरवाते हैं। इन विद्यालयों की जालसाजी का आलम यह है कि जिन छात्रों के पंजीकरण और फार्म दूसरे विद्यालयों से भरवाते हैं। उनको बता दिया जाता है कि किसी अधिकारी द्वारा जांच के समय उन ​बच्चों के अलावा अन्य छात्रों को भी बिना यूनीफार्म के बुलाया जाएगा, जिससे यह न पता चल सके कि यह बच्चे किसी अन्य विद्यालय में पढ़ते हैं।

उस दिन या दो-तीन दिन के लिए पढ़ने वाले विद्यालय के बजाय पंजीकरण/ फार्म भरवाने वाले विद्यालय में भेज दिए जाते हैं। उसके बाद फिर अपने विद्यालय आने लगते हैं। देखने में बाहर से चमक दमक वाले इन विद्यालयों में अभिभावकों को विद्यालय से ही पुस्तकें, यूनीफार्म, टाई बेल्ट जूते, मोजे भी दिए जा रहे हैं। जिनका मनमाना मूल्य वसूला जाता है। अनेक स्कूल संचालक बच्चों को लाने  ले जाने के लिए निजी वैनों का प्रयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही जब ​ग​र्मी की छुट्टियों में विद्यालय बंद रहता है तब भी वैन का किराया अभिभावकों से वसूलते हैं। जिसका कई बार अभिभावक विरोध कर चुके हैं। फिर भी स्कूल संचालकों द्वारा इस तरह की वसूली की जा रही है।

इसके बावजूद उनकी अपनी वैन नहीं होती है। कई विद्यालयों में एक दो टैक्सी वैन या मैजिक के अलावा दर्जनों निजी गाड़ियां किराए पर लगा रखी हैं। कई विद्यालय ऐसे भी हैं, जिनकी बसों, मैजिकों, वैनों में नम्बर तक नहीं पड़े हैं। फिर भी किसी अधिकारी ने आज तक इन पर ध्यान नहीं दिया। इस मामले में पुलिस और आरटीओ से शिकायत करने के बाद भी किसी विभाग ने  इसका संज्ञान नहीं लिया।

राजधानी के विकास खण्ड माल के सहयोगी शिक्षण संस्थान मसीढ़ा हमीर की मान्यता हाई स्कूल तक है और कक्षाएं इंटर तक चला रहा है। पहले यह लखनऊ के किसी न किसी विद्यालय से फार्म भराता था लेकिन दो साल से यह हरदोई जनपद के एक विद्यालय से भराता है। खास बात यह है इस विद्यालय के प्रबन्धक ने दो साल पहले कक्षा 9 में पंजीकरण लखनऊ जनपद के एक विद्यालय में कराया और कक्षा 10 के फार्म हरदोई जनपद से भरा दिए।

इसके बाद इसने दूसरे विद्यालयों से सट्टा कर लिया। इस विद्यालय में दो बसें, दो मैजिक हैं इस विद्यालय की दो बसे और दो मैजिक विना नम्बर के डेढ़ साल से चल रही हैं। इसी तरह ब्राइट कान्वेन्ट हाईस्कूल की मान्यता कक्षा 8 तक है और यह हाई स्कूल का बोर्ड लगाकर कक्षाएं भी संचालित कर रहे हैं। यह अपने विद्यालय में किताबें, यूनीफार्म भी बेचते हैं। इसी तरह विवेकानन्द माडर्न एकादमी बख्शी का तालाब में आधा दर्जन से अधिक निजी वैनों से बच्चों को ढोने का काम किया जा रहा है। रहीमाबाद में कुंवर आशिफ अली इंटर कालेज में भी पुस्तकें विद्यालय में बेंची जाती हैं यूनीफार्म भी स्कूल से दी जाती है। यहां भी टीसी, अंकपत्र, चरित्र प्रमाण पत्र को देते समय मनमानी वसूली की जाती है।

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इसके अलावा इस तरह के अधिकांश विद्यालयों ने अपने स्कूलोंं के बोर्डों पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त लिखा रखा है। उसमें इसका उल्लेख कहीं नहीं है कि विद्यालय की मान्यता किस कक्षा तक है। जिससे आम आदमी को यह नहीं पता चल पाता कि विद्यालय कहां तक मान्यता प्राप्त है। जिससे वह इनके झांसे में आ जाता है। और उसके बाद एक बार इन धोखेबाजों के चक्कर में जो फॅंस गया वह आसानी से निकल नहीं सकता, क्योंकि यह उसको कभी समय से टीसी नहीं देते। कई बार स्कूलों में नामांकन का समय निकल जाने के बाद टीसी दी जाती है जिससे उसका साल बर्बाद हो जाता है। ऐसा ही एक मामला कुवंर आशिफ अली इंटर कालेज रहीमाबाद का प्रकाश में आया है जहां टीसी और चरित्र प्रमाण पत्र के नाम पर 1000 रू0 वसूले गए। 

 

 

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दिसंबर में होगी CTET की परीक्षा, ऐसे करें तैयारीhttps://www.newstimes.co.in/news/81331/भारत/CTET-exam-will-be-held-in-December-prepare-in-this-way901748Mon, 09 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/09-09-2019150503CTETexamwill1.jpg' alt='Images/09-09-2019150503CTETexamwill1.jpg' />देश भर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CTET) की परीक्षा 08 दिसंबर को आयोजित कराई जानी है। परीक्षाएं 20 भाषाओं में कराई जाएंगी। इसे पास करने के बाद अभ्यर्थियों के पास केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों समेत अन्य सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने योग्यता होती है। इस परीक्षा की तैयारी के लिए हम आपको कुछ खास जानकारी दे रहे हैं। यह तरीका अपनाकर आप सफलता पा सकते हैं।

दिसंबर में होगी CTET की परीक्षा, ऐसे करें तैयारी

New Delhi. देश भर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CTET) की परीक्षा 08 दिसंबर को आयोजित कराई जानी है। परीक्षाएं 20 भाषाओं में कराई जाएंगी। इसे पास करने के बाद अभ्यर्थियों के पास केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों समेत अन्य सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने योग्यता होती है। इस परीक्षा की तैयारी के लिए हम आपको कुछ खास जानकारी दे रहे हैं। यह तरीका अपनाकर आप सफलता पा सकते हैं।

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आपको बता दें कि (CTET) में सफल होने के लिए अभ्यर्थियों को 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। यदि अंक कम हुए तो आप असफल घोषित कर दिए जाते हैं। परीक्षा आगामी 8 दिसंबर को दो चरणों में आयोजित कराई जाएगी। पहली पाली का पेपर सुबह 9:30 से 12 बजे और दूसरी पाली की परीक्षा का दूसरा पेपर 2 से 4 :30 बजे तक होगा। दोनों ही पेपरों को देने के लिए 2.30 घंटे का समय निर्धारित होगा। यह परीक्षा देशभर के लगभग 104 शहरों में आयोजित होगी।

परीक्षा में काफी उलझे भरे सवाल भी पूछे जाते हैं। ऐसे में इस परीक्षा को क्वालीफाई करना इतना आसान नहीं है। अभ्यर्थी प्रश्नों को हल करते समय ध्यान पूर्वक पढें, इसके बाद ही उत्तर दें। अभ्यर्थी समय का ध्यान भी देते रहें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र का अभ्यास अधिक से अधिक करने की कोशिश करें।  

अभ्यर्थी पिछले वर्षों का पेपर हल करने की कोशिश करें। साथ ही रोजाना कम से कम एक मॉक टेस्ट का अभ्यास जरूर करें। ऐसा करने पर आप समय पेपर हल करने की योग्यता हासिल कर सकेंगे। जब परीक्षा में बैठेंगे तो प्रश्नों को हल करने की स्पीड बनी रहेगी। यदि आप रणनीति बनाकर तैयारी करते हैं, तो परीक्षा में सफल होने की संभावना अधिक होगी।

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यहां हर महीने छात्र पा सकेंगे 12 हजार रुपए स्कॉलरशिप, जल्द करें आवेदनhttps://www.newstimes.co.in/news/81309/भारत/Students-will-be-able-to-get-12-thousand-rupees-scholarship-every-month-apply-soon901726Sun, 08 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/08-09-2019160246Studentswill1.jpg' alt='Images/08-09-2019160246Studentswill1.jpg' /> गरीब छात्रों के लिए हमेशा ही पढ़ाई पूरी करने को लेकर रुपयों की समस्या सामने आती है। लेकिन अब स्कॉलरशिप पाकर पढ़ाई पूरी करने का सुनहरा मौका छात्रों के पास है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) छात्रों को हर महीने 12,400 रुपये स्कॉलरशिप दे रही है।

यहां हर महीने छात्र पा सकेंगे 12 हजार रुपए स्कॉलरशिप, जल्द करें आवेदन

New Delhi. गरीब छात्रों के लिए हमेशा ही पढ़ाई पूरी करने को लेकर रुपयों की समस्या सामने आती है, लेकिन अब स्कॉलरशिप पाकर पढ़ाई पूरी करने का सुनहरा मौका छात्रों के पास है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) छात्रों को हर महीने 12,400 रुपये स्कॉलरशिप दे रही है।

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(AICTE) ने छात्रों को स्कॉलरशिप देने को लेकर आवेदन मांगा है। हालांकि, यह स्कॉलरशिप उन्हीं छात्रों को मिलेगी जिन्होंने GATE/GPAT परीक्षा उत्तीर्ण की हो। इसके अलावा जिन छात्रों ने 2019-20 के लिए एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थान में एम.टेक या एम.ई या एम.फार्मा या फिर मास्टर्स ऑफ आर्किटेक्चर कोर्स में एडमिशन लिया हो उनको भी मौका दिया गया है।

बता दें कि स्कॉलरशिप पाने के लिए अभ्यर्थी अंतिम तिथि 30 सितंबर से पहले आवेदन कर लाभ उठा सकते हैं। अभ्यर्थी इसके लिए सबसे पहले एआईसीटीई की आधिकारिक वेबसाइट https://www.aicte-india.org पर जाएं। यहां SCHEMES पर क्लिक करें। इसके बाद Students Developments Schemes पर क्लिक करें। यहां PG Scholarship पर क्लिक करने के बाद आवेदन करने फॉर्म होगा इसमें जरूरी जानकारी दर्ज कर सब्मिट कर दें।

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खुशखबरी: यूपी के इन शिक्षकों के वेतन में जल्द होगी बढ़ोत्तरीhttps://www.newstimes.co.in/news/81234/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-अमीनाबाद--अलीगंज--आलमबाग--आशियाना--इंटौजा--इंदिरा-नगर--ऐशबाग--कैन्ट--कृष्णा-नगर--कैसरबाग--काकोरी--गुडम्बा--गाजीपुर--गोमती-नगर--गोसाईंगंज--गौतमपल्ली--चिनहट--चौक--जानकीपुरम--ठाकुरगंज--तालकोटरा--नगराम--नाका-हिन्डोला--निगोहां--पारा--पीजीआई--बख्शी-का-तालाब--बाजारखाला--मड़ियांव--मलिहाबाद--महानगर--मानक-नगर--माल--मोहनलालगंज--वज़ीरगंज--विकास-नगर--विभूति-खण्ड--सआदतगंज--सरोजनी-नगर--हजरतगंज--हसनगंज--हुसैनगंज-Good-news:-salary-of-these-teachers-of-UP-will-be-increased-soon901650Fri, 06 Sep 2019 00:00:00 GMTDEEP KRISHAN SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/06-09-2019130620Goodnewssal1.jpg' alt='Images/06-09-2019130620Goodnewssal1.jpg' />यूपी के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक राहत भरी खबर है। जल्द ही इन शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार एचआरए मिलने लगेगा। यह बात प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान कही। 

खुशखबरी: यूपी के इन शिक्षकों के वेतन में जल्द होगी बढ़ोत्तरी

Lucknow. यूपी के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक राहत भरी खबर है। जल्द ही इन शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार एचआरए मिलने लगेगा। यह बात प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान कही। 

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यह भी पढ़ें...अध्‍यापकों को मोहिनी आभा से सबक लेना चाहिए

 

 

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अध्‍यापकों को मोहिनी आभा से सबक लेना चाहिएhttps://www.newstimes.co.in/news/81203/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-Teachers-should-learn-from-Mohini-Abha901619Thu, 05 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/05-09-2019152431Teachersshoul1.jpg' alt='Images/05-09-2019152431Teachersshoul1.jpg' /> राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित की गई मोहिनी आभा से अध्यापकों को सबक लेने की आवश्यकता है।

अध्‍यापकों को मोहिनी आभा से सबक लेना चाहिए

LUCKNOW. राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित की गई मोहिनी आभा से अध्यापकों को सबक लेने की आवश्यकता है, क्योंकि बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शाम को अध्यापकों को सम्मानित किए जाने का कार्यक्रम था।

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खास बात यह थी कि जिस अध्यापिका मोहिनी आभा को सम्मानित किया जाना था वह सुबह स्कूल जा रही थी उसी समय रास्ते में किसी ने उनकी काम में टक्कर मार दी, जिससे उनकी कार का पिछला हिस्सा काफी क्षतिग्रस्त हो गया, फिर भी वह किसी तरह स्कूल पहुंची। स्कूल पहुंचने के बाद उन्होने ​स्कूल के सभी कार्य समय पर पूरे कराए और बच्चों की सत्र परीक्षा भी कराई। वह बिना किसी मानसिक तनाव के स्कूल में मौजूद रहीं, जबकि किसी अन्य अध्यापक के साथ ऐसा होने पर वह विद्यालय नहीं जाता। 

दूसरी ओर जिले के कई विद्यालयों के अध्यापक और अध्यापिकाएं सुबह से ही मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के नाम पर नदारद थे, जिनका समर्थन उनके स्कूलों में मौजूद शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने भी किया। यहां गौर करने वाली बात यह है कि जब कार्यक्रम शाम को था। तो सुबह 8 बजे से अध्यापकों को विद्यालयों से गायब होने की क्या आवश्यकता थी। इसके अलावा जिसे सम्मानित किया जाना था वह अध्यापिका रास्ते में कार के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद पूरे समय अपने विद्यालय में उपस्थित थी। 

 

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जानिए पांच सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवसhttps://www.newstimes.co.in/news/81188/भारत/Know-why-teacher-s-day-is-celebrated-on-September-5901604Thu, 05 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/05-09-2019112512Knowwhyteach1.jpg' alt='Images/05-09-2019112512Knowwhyteach1.jpg' />भारत में गुरू को भगवान के रूप में माना जाता है। गुरू ही नाव पार लगाता है। आश्रम पद्धिति के समय से ही गुरू की महानता का वर्णन मिलता है। यह भी मान्यता है कि गुरू शिक्षक को ज्ञान देकर परिपक्व बनाता है। वहीं, शिष्य शिक्षा पूरी करने के बाद गुरू दक्षिणा देता है। जीवन में सफल होने के लिए गुरु का मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है।

जानिए पांच सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस

Lucknow. भारत में गुरू को भगवान के रूप में माना जाता है। गुरू ही नाव पार लगाता है। आश्रम पद्धति के समय से ही गुरू की महानता का वर्णन मिलता है। यह भी मान्यता है कि गुरू शिक्षक को ज्ञान देकर परिपक्व बनाता है। वहीं, शिष्य शिक्षा पूरी करने के बाद गुरू दक्षिणा देता है। जीवन में सफल होने के लिए गुरु का मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है।

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हम आपको इस बारे में आज बताएंगे कि हर वर्ष पांच सितंबर को ही शिक्षक दिवस (Teacher's Day) क्‍यों मनाया जाता है। वर्तमान दौर में इस दिन कार्यक्रम का आयोजन स्कूलों और कॉलेजों में होता है। यहां सभी छात्र और शिक्षक एकत्रित होते हैं। साथ ही कई कार्यक्रमों का अयोजन कर शिष्य गुरू से आशीर्वाद प्राप्त करता है।

यह भी पढ़ें... PHD के लिए पोस्ट ग्रेजुएट होना जरूरी नहीं, UGC करने जा रहा ये बड़ा बदलाव

पांच सितंबर को ही भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन जन्म हुआ था। इस दिन को उनकी याद में शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाता है। राधा कृष्णन का कहना था कि यदि कहीं से भी कुछ सीखने को मिले तो उसे अपने जीवन में उतार लेना चाहिए। वह शिक्षक के तौर पर जब छात्रों को पढ़ाते थे, तो पढ़ाने से भी अधिक  बौद्धिक विकास पर अधिक ध्यान देते थे।  

राधा कृष्णन को बच्चे भी बहुत प्यार करते थे। एक दिन सभी बच्चे उनके पास पहुंचे और कहा कि वह उनका जन्म दिन मनाना चाहते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि उनका जन्म दिवस शिक्षक दिवस के रूप में मनाएं तो उनको गर्व होगा। तब से ही पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। पहली बार शिक्षक दिवस 1962 में मनाया गया था।

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राजधानी के अध्यापकों के लिए नजीर बनी मोहिनी आभाhttps://www.newstimes.co.in/news/81168/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/-बख्शी-का-तालाब--Mohini-Abha-became-a-Nazir-for-the-teachers-of-the-capital901583Wed, 04 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/04-09-2019161411MohiniAbhabe2.jpg' alt='Images/04-09-2019161411MohiniAbhabe2.jpg' />इस मिथक को तोड़ने में कामयाब मोहिनी आभा को राज्य अध्यापक पुरस्कार के ​लिए चयनित किया गया

राजधानी के अध्यापकों के लिए नजीर बनी मोहिनी आभा

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LUCKNOW.  राजधानी के विकास खण्ड बख्शी का तालाब के प्राथमिक विद्यालय मल्लाहनखेड़ा की एक अध्यापिका ने अपने  विद्यालय को इस तरह तैयार ​कर दिया है कि कोई भी व्यक्ति यह  नहीं कह सकता कि निजी विद्यालयों में ही पढ़ाई होती है और उनकी व्यवस्था सरकारी स्कूलों की अपेक्षा अच्छी होती है। इस मिथक को तोड़ने में कामयाब मोहिनी आभा को राज्य अध्यापक पुरस्कार के ​लिए चयनित किया गया है। इस पुरस्कार के लिए चयनित होने पर जहां वह स्वयं काफी खुश हैं वहीं उनके विद्यालय की अध्यापिका और  बच्चों में भी खुशी का माहौल है। 
मोहिनी ने कहा कि चार साल पहले वह इस विद्यालय में आई थीं उस समय विद्यालय में मात्र 63 छात्र थे उनके प्रयास से आज विद्यालय में 173 छात्र पंजीकृत हैं। और छात्रों की संख्या के हिसाब से उनके पास एक कमरा कम है जिसकी वजह से वह कक्षा 5 के बच्चों को बरामदे में बैठाती हैं।

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उन्होने बताया कि उनके विद्यालय के छात्र लखनऊ महोत्सव, बाल उत्सव, सिलवर जोन ओलम्पियाड में 937 रैंक  में आ चुके हैं। जिन्हे समय —समय पर सम्मानित किया जा चुका है। उनके विद्यालय के रौनक निशाद को उत्कृष्ट  पिरामिड के लिए चयनित किया गया है। जो विद्यालय के कक्षा दो का छात्र है। उन्होने कहा कि उनके विद्यालय के नितीश कश्यप, रामबाबू, सुदीक्षा साहू  दौड़ में मंडल स्तर पर पुरस्कार ला चुके हैं। यह विद्यालय साफ सुथरा एवं पूरी तरह सुशज्जित है। मोहिनी आभा ने विद्यालय में सुधार के​ लिए अधिकारियों को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। 

 

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अऊमऊ में एमडीएम की जगह चाय बनाने में व्यस्त तीन रसोइयाhttps://www.newstimes.co.in/news/81158/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/Three-cooks-busy-making-tea-in-MDM-instead-of-MDM901573Wed, 04 Sep 2019 00:00:00 GMTLEKHRAM MAURYA<img src='http://newstimes.co.in/Images/04-09-2019123933Threecooksbu2.jpg' alt='Images/04-09-2019123933Threecooksbu2.jpg' />प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापक हैं कि सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। बच्चों को खाना बनाने के बजाय तीन रसोइया दो अध्यापकों के लिए चाय बनाने में व्यस्त थीं।

अऊमऊ में एमडीएम की जगह चाय बनाने में व्यस्त तीन रसोइया

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LUCKNOW. प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापक हैं कि सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।  प्राथमिक विद्यालय अऊमऊ में बच्चों को खाना बनाने के बजाय तीन रसोइया दो अध्यापकों के लिए चाय बनाने में व्यस्त थीं। पूंछने पर कहा कि यहां पहले रोज चाय बनती है। बाद में खाना बनता है। इंचार्ज अध्यापिका संगीता श्रीवास्तव ने स्कूल में बच्चों की संख्या और अध्यापकों की संख्या बताने से इंकार कर दिया। यहां एक कमरे में बेंचों पर और एक कमरे में टाट पट्टी पर बच्चे बैठे थे। पढ़ाई के नाम पर यहां स्थिति बहुत खराब है। यहां के दो विद्यालयों में प्रधान के परिवार की ​महिलाएं शिक्षा मित्र हैं जो कभी कभार ​​ही विद्यालय आती हैं। उनकी उपस्थिति इन विद्यालयों की इंचार्ज अध्यापिका ही प्रमाणित कर पूरे माह का वेतन निकाल रही हैं। 

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PHD के लिए पोस्ट ग्रेजुएट होना जरूरी नहीं, UGC करने जा रहा ये बड़ा बदलावhttps://www.newstimes.co.in/news/81154/भारत/It-is-not-necessary-to-be-a-post-graduate-for-PHD-this-major-change-going-to-UGC901569Wed, 04 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/04-09-2019110930Itisnotnece1.jpg' alt='Images/04-09-2019110930Itisnotnece1.jpg' />यूजीसी पीएचडी करने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब तक स्नातक तीन और परास्नातक की पढ़ाई दो वर्षों में पूरी होती थी। लेकिन इसमें बदलाव करने की बात सामने आ रही है। यूजी पाठ्यक्रम की अवधि तीन साल से बढ़ाकर चार साल होने जा रहा है। हालांकि, अभी इस पर विचार किया जा रहा। 

PHD के लिए पोस्ट ग्रेजुएट होना जरूरी नहीं, UGC करने जा रहा ये बड़ा बदलाव

New Delhi. यूजीसी पीएचडी करने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब तक स्नातक तीन और परास्नातक की पढ़ाई दो वर्षों में पूरी होती थी। लेकिन इसमें बदलाव करने की बात सामने आ रही है। यूजी पाठ्यक्रम की अवधि तीन साल से बढ़ाकर चार साल होने जा रहा है। हालांकि, अभी इस पर विचार किया जा रहा। 

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यदि इस योजना को मंजूरी मिलती है, तो छात्र कोर्स पूरा करने के बाद ही पीएचडी के लिए आवेदन कर सकेंगे। पीएचडी करने के लिए पीजी होना जरूरी नहीं होगा। खबरों के मुताबिक इस बात की पुष्टि यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह ने की है। 

यह भी पढ़ें... गौ संरक्षण से जुड़े विभाग बेहतर समन्वय बनाकर करें कार्य: लक्ष्मी नारायण चौधरी

गौरतलब है कि स्नातक तीन और परास्नातक की पढ़ाई दो साल में पूरी होती थी। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम दो साल करने के बाद उम्मीदवार को पोस्ट ग्रेजुएशन करनी थी। देश की शिक्षा नीति में बड़े स्तर पर बदलाव के लिए यूजीसी ने योजना बनाना शुरू कर दिया है। इसके लिए एक विशेष समिति भी गठित की गई है। शिक्षा नीति में बदलाव के लिए कमेटी ने यूजीसी को अपनी रिपोर्ट दे दी है।

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ब्राइटर माइंड बढ़ते बच्चों के लिए किसी नेमत से कम नहीं: डॉ. कमलेशhttps://www.newstimes.co.in/news/81140/भारत/उत्तर-प्रदेश-/Brighter-Mind-is-nothing-less-than-a-pioneer-for-growing-children-Dr.-Kamlesh901555Tue, 03 Sep 2019 00:00:00 GMTRAJNISH KUMAR<img src='http://newstimes.co.in/Images/03-09-2019225040BrighterMind3.jpeg' alt='Images/03-09-2019225040BrighterMind3.jpeg' />Lucknow. आईआईएम रोड स्थित हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट में आध्यात्मिक समागम का आज समापन हो गया है। पिछले तीन दिन से चल रहे इस समागम में पांच हजार से अधिक लोगों ने कई सत्रों में सामूहिक ध्यान किया। आज के क

ब्राइटर माइंड बढ़ते बच्चों के लिए किसी नेमत से कम नहीं: डॉ. कमलेश

Lucknow. आईआईएम रोड स्थित हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट में आध्यात्मिक समागम का आज समापन हो गया है। पिछले तीन दिन से चल रहे इस समागम में पांच हजार से अधिक लोगों ने कई सत्रों में सामूहिक ध्यान किया। आज के कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण डॉ. पोरवाल द्वारा प्रस्तुत हेल्दी डाइट प्रोग्राम रहा। उन्होंने स्वस्थ तन-मन के लिए कई नायाब और कारगर नुस्खे दिए, जो जिन्दगी को नए मायने देते हैं।

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समागम में हार्टफुलनेस मेडिटेशन के ग्लोबल गाइड डॉ. कमलेश पटेल (दाजी) की उपस्थिति में कई नए लोगों ने साधना की शुरुआत की। समागम में ब्राइटर माइंड प्रोग्राम के तहत बच्चों के लिए भी कई कार्यक्रम चले। ब्राइटर माइंड बढ़ते बच्चों के लिए किसी नेमत से कम नहीं है। दाजी ने कहा कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा डिसरप्शन है। इसे लोगों को आजमाना चाहिए।

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उन्होंने बताया कि हार्टफुलनेस ध्यान की सहज और सूक्ष्म पद्धति है, जो हम सबको हमारे हृदय में मौजूद प्रकाश और प्रेम से जोड़ती है। यह पद्धति प्राणाहुति पर आधारित है, जो मानव मात्र के संपूर्ण परिवर्तन में सहायक है। डॉ. कमलेश पटेल 'दाजी' ने हार्टफुलनेस को एक आन्दोलन का रूप दे दिया है।

 

 

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यूपी के छात्र आसानी से सीख सकेंगे इंग्लिश, सरकार ने तैयार किया प्लानhttps://www.newstimes.co.in/news/81124/भारत/UP-students-will-be-able-to-learn-English-easily-the-government-has-prepared-a-plan901537Tue, 03 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/03-09-2019144402UPstudentswi1.jpg' alt='Images/03-09-2019144402UPstudentswi1.jpg' /> वर्तमान दौर में अंग्रेजी बोलने और लिखने को लेकर डिमांड बढ़ती जा रही है। अंग्रेजी के बिना कई काम रुक भी जा रहे हैं। वहीं, अभ्यर्थियों को अंग्रेजी का ज्ञान कम होने के कारण जॉब पाने में भी मुश्किलें झेलनी पड़ती है।

यूपी के छात्र आसानी से सीख सकेंगे इंग्लिश, सरकार ने तैयार किया प्लान

Lucknow. वर्तमान दौर में अंग्रेजी बोलने और लिखने को लेकर डिमांड बढ़ती जा रही है। अंग्रेजी के बिना कई काम रुक भी जा रहे हैं। वहीं, अभ्यर्थियों को अंग्रेजी का ज्ञान कम होने के कारण जॉब पाने में भी मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं, लेकिन अब यूपी के छात्रों को अंग्रेजी सीखने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। उप्र सरकार ने इसके लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 

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बताते चलें कि सरकार ने यूपी के छात्रों की अंग्रेजी को मजबूत बनाने के लिए नया तरीका निकाला है। ऑल इंडिया रेडियो के जरिए सरकार अंग्रेजी का ज्ञान बढ़ाने को लेकर नई मुहिम की शुरुआत करने जा रही है। बच्चे यह  रेडियो सुने, इसको लेकर सर्वशिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को समुचित इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि रेडियो पर प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम का नाम आओ अंग्रेजी सीखें रखा गया है। यह खास शो यूनीसेफ और लर्निंग रीसोर्स, पुणे के सहयोग से तैयार किया गया है। उच्च प्राथमिक स्कूलों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) के कक्षा सात के छात्रों के लिए इसका प्रसारण भी शुरू कर दिया गया है। यह प्रसारण सुबह 11 से 11.15 बजे तक प्रसारित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 120 कड़ियों का होगा।

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एमयूएन में दिल्ली पब्लिक स्कूल की मान्या औऱ वैष्णवी को मिला पुरस्कार https://www.newstimes.co.in/news/81095/भारत/उत्तर-प्रदेश-/लखनऊ/dps-ki-bacchio-ko-mila-puraskar-901508Mon, 02 Sep 2019 00:00:00 GMTGAURAV SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/02-09-2019144933dpskibacchio1.jpeg' alt='Images/02-09-2019144933dpskibacchio1.jpeg' />सेंट फेडलिस में एम.यू.एन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान दिल्ली पब्लिक स्कूल जानकीपुरम के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभागिता दी।  एमयूएन में कक्षा 11 ई की मान्या मिश्रा और वैष्णवी को क्रमशः बेस्ट डेलिगेट का प्रथम पुरस्कार और हाई कमेंडेशन के लिए द्वितीय पुरस्कार मिला। पुरस्कार प्राप्त होने के बाद विद्यालय की प्रधानाचार्या नीरू भास्कर ने बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

एमयूएन में दिल्ली पब्लिक स्कूल की मान्या औऱ वैष्णवी को मिला पुरस्कार 

Lucknow. राजधानी में शनिवार को सेंट फेडलिस में एम.यू.एन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान दिल्ली पब्लिक स्कूल जानकीपुरम के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभागिता दी। 

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CBSE बोर्ड परीक्षा में पूछे जाएंगे छह तरह के वस्तुनिष्ठ प्रश्न, यहां पाएं पूरी जानकारीhttps://www.newstimes.co.in/news/81088/भारत/Six-types-of-objective-questions-will-be-asked-in-CBSE-board-exam-get-full-information-here901501Mon, 02 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/02-09-2019121055Sixtypesofo1.jpg' alt='Images/02-09-2019121055Sixtypesofo1.jpg' />केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 2020 बोर्ड इस परीक्षा पैटर्न में अहम बदलाव करने जा रहा है। बोर्ड ने इस बदलाव को लेकर पुष्टि भी कर दी है। बोर्ड की तरफ से किए गए ट्वीट में बताया गया था कि इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में छह प्रकार के वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। छात्रों को इस बात की चिंता सता रही होगी कि ये प्रश्न किस तरह के होंगे?

CBSE बोर्ड परीक्षा में पूछे जाएंगे छह तरह के वस्तुनिष्ठ प्रश्न, यहां पाएं पूरी जानकारी

New Delhi. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) परीक्षा पैटर्न में अहम बदलाव करने जा रहा है। बोर्ड ने इस बदलाव को लेकर पुष्टि भी कर दी है। बोर्ड की तरफ से किए गए ट्वीट में बताया गया था कि इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में छह प्रकार के वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। छात्रों को इस बात की चिंता सता रही होगी कि ये प्रश्न किस तरह के होंगे?

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एक रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड जिन छह तरीकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछने की योजना बना रहा है, उसमें लगभग 20 फीसदी सवाल मल्टीपल च्वाइस के होंगे। परीक्षा के पैटर्न में बदलाव को लेकर होने वाले इस अहम जानकारी के बारे में सभी संबद्ध स्कूलों को अवगत करा दिया गया है। 

इस तरीके के 6 प्रकार से होंगे वस्तुनिष्ठ प्रश्न

मल्टीपल च्वाइस: बता दें कि इस तरह के प्रश्नों चार तरह के विकल्प दिए होंगे। इनमें से एक ही उत्तर सही होता है। 

मल्टीपल रेस्पॉन्स: इस तरह के प्रश्नों में मल्टीपल च्वाइस की तरह एक सवाल और चार विकल्प दिए होंगे। हालांकि, इमें दिए गए चार विकल्पों में एक से अधिक उत्तर रही हाते हैं। इस तरह के प्रश्न अधिकतर प्रतियोगी परीक्षाअें में पूछे जाते हैं। 

सही-गलत : इस तरह के प्रश्न में कोई वाक्य दिया जाता है। जिसमें सही और गलत के विकल्पों का जवाब देना होता है। 

खाली स्थानों को भरना: इस तरह के प्रश्नों में एक या फिर अधिक रिक्त स्थान दिए होंगे। इनके सही जवाब भरने होते हैं। 

असर्शन-रीजन: इस तरह के प्रश्नों में केवल एक वाक्य दिया जाता है। प्रश्न किसी भी तरह का स्टेटमेंट भी हो सकता है। साथ ही इसके नीचे उस वाक्य के कारण की व्याख्या दी जाती है। परीक्षार्थियों को इसमें भी चार विकल्प दिए जाते हैं। इसमें वाक्यों की व्याख्या सही है या नहीं यह चयन कर उत्तर देना होता है। 

मैच मेकिंग: इस तरह के प्रश्नों में उत्तरों का मिलान एक दूसरे से करना होता है। सवाल में दो कॉलम दिए जाएंगे एक कॉलम को दूसरे सही कॉलम जिसमें सटीक हो मिलान करना होता है। इन प्रश्नों के उत्तरों का क्रम अलग अलग होता है। 

बोर्ड ने परीक्षा के पैटर्न में बदलाव को लेकर कहा है कि इससे रिजल्ट में सुधार आएगा। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में जवाब या तो सही होता है या गलत। इसलिए परीक्षार्थियों के नंबर भी कम ही कटेंगे। परीक्षार्थी खुद भी पेपर देने के बाद इसका मूल्यांकन कर सकते हैं कि वह कितना स्कोर का नंबर कर पाया है। 

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शिक्षा के लिए बेहतर संस्थानों में चुने गए ये शहरhttps://www.newstimes.co.in/news/81075/भारत/These-cities-were-selected-in-better-institutions-for-education901488Sun, 01 Sep 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/01-09-2019175105Thesecitiesw1.jpg' alt='Images/01-09-2019175105Thesecitiesw1.jpg' />ग्लोबल कंसल्टेंसी फर्म क्वाक्वैरेली साइमंड्स ने शिक्षा के लिए बेहतर शहरों का चयन किया है। इनमें पिछले वर्ष (2018) की अपेक्षा इस साल भी लंदन शहर ही टॉप पर चुना गया। वहीं, भारत के चेन्नई, मुंबई, दिल्ली और बेंगलूरु ने टॉप - 120 में अपनी जगह बनाई है।

शिक्षा के लिए बेहतर संस्थानों में चुने गए ये शहर

New Delhi. ग्लोबल कंसल्टेंसी फर्म क्वाक्वैरेली साइमंड्स ने शिक्षा के लिए बेहतर शहरों का चयन किया है। इनमें पिछले वर्ष (2018) की अपेक्षा इस साल भी लंदन शहर ही टॉप पर चुना गया। वहीं, भारत के चेन्नई, मुंबई, दिल्ली और बेंगलूरु ने टॉप - 120 में अपनी जगह बनाई है।

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मीडिया रिपोर्ट के सर्वे के मुताबिक, यह लिस्ट इस बेस पर तैयार की गई है कि जिस भी शहर में विश्वविद्यालयों की संख्या, परफॉरमेंस, रोजगार के बेहतर अवसर, शहर में जीवन की गुणवत्ता के सथ ही उनकी कम्पेटिबिलिटी को लेकर निर्धारित किया गया है। 

बता दें कि टॉप-120 क्यूएस रैंकिंग में यूके और अमेरिका के 14-14 शहरों ने जगह बनाने में सफलता हासिल की है। वहीं, आस्ट्रेलिया के सात शहर भी शामिल हैं। एशिया के टॉप शहरों को लेकर बात करें तो इसमें टोक्यों ने दूसरा और सियोल ने 10वां रैंक हासिल किया है। वहीं, तीसरे पॉयदान पर मेलबर्न और नांवे पर सिडनी रहा है। 

  वर्ल्ड वाइड रैंकों में शामिल शहरों के नाम

बेंगलूरु की वर्ल्डवाइड रैंक 81  
मुंबई की वर्ल्डवाइड रैंक 85
दिल्ली की वर्ल्डवाइड रैंक 113  
चेन्नई की वर्ल्डवाइड रैंक 115 

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एमओयू साइन, अब रोबोटिक्स और ऑटोमेशन प्रोसेस से सम्बन्धी कोर्सेज़ ऑनलाइन कर सकेंगे छात्र-छात्राएंhttps://www.newstimes.co.in/news/81049/भारत/उत्तर-प्रदेश-/mou-sign-at-aktu-saturday-901462Sat, 31 Aug 2019 00:00:00 GMTGAURAV SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/31-08-2019182919mousignatak2.jpeg' alt='Images/31-08-2019182919mousignatak2.jpeg' />डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में एचआर कानक्लेव के अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी की अध्यक्षता में एवं विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक की उपस्थिति में दो कंपनियों के साथ एमओयू किया गया।  पहला एमओयू एकेटीयू एवं ऑटोमेशन एनीवेयर के मध्य हस्ताक्षरित किया गया। एमओयू विवि के कुलसचिव नन्द लाल सिंह एवं ऑटोमेशन एनीवेयर के ग्लोबल वाइस-प्रेसिडेंट, ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन अरविन्द थोथाड्री ने हस्ताक्षरित किया। इस एमओयू के माध्यम से विवि के सम्बद्ध संस्थानों के छात्र-छात्राएं रोबोटिक्स और ऑटोमेशन प्रोसेस से सम्बन्धी कोर्सेज़ ऑनलाइन कर सकेंगे और ऑनलाइन ट्रेनिंग भी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही रोबोटिक्स और ऑटोमेशन प्रोसेस के क्षेत्र में रोजगार के लिए भी अवसर प्राप्त कर सकेंगे। 

एमओयू साइन, अब रोबोटिक्स और ऑटोमेशन प्रोसेस से सम्बन्धी कोर्सेज़ ऑनलाइन कर सकेंगे छात्र-छात्राएं

Lucknow. राजधानी में शनिवार को डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में एचआर कानक्लेव के अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी की अध्यक्षता में एवं विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक की उपस्थिति में दो कंपनियों के साथ एमओयू किया गया। 

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एचआर कानक्लेव में पहुंची प्राविधिक शिक्षा मंत्री, कहा - सही दिशा में काम कर रहा विवि https://www.newstimes.co.in/news/81048/भारत/उत्तर-प्रदेश-/hr-conclave-at-aktu-901461Sat, 31 Aug 2019 00:00:00 GMTGAURAV SHUKLA<img src='http://newstimes.co.in/Images/31-08-2019182453hrconclaveat3.jpeg' alt='Images/31-08-2019182453hrconclaveat3.jpeg' />डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में शनिवार को विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में द्वितीय एक दिवसीय एचआर कानक्लेव का आयोजन किया गया। एचआर कानक्लेव में 20 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर शुभारम्भ सत्र में प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी बतौर मुख्य अतिथि मंचासीन रहीं। विवि के कुलपति प्रो पाठक ने कहा कि विवि ट्रेनिंग और प्लेसमेंट के क्षेत्र में प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। वर्तमान युग कोलैबरेटिव वर्क कल्चर का युग है। यही कारण है कि विवि इंडस्ट्री और एकेडमिया के कोलैबरेशन के लिए विभिन्न सफल प्रयास कर रहा है एचआर कानक्लेव उनमें से एक है। इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी ने कहा विवि प्रो पाठक के नेतृत्व में सही दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विवि को उनके द्वारा हर संभव मदद मुहैया करवाई जाएगी। ट्रेनिंग और प्लेसमेंट एक अहम् विषय है और इस क्षेत्र में प्रतिबद्धता से कार्य किया जायेगा।

एचआर कानक्लेव में पहुंची प्राविधिक शिक्षा मंत्री, कहा - सही दिशा में काम कर रहा विवि 

Lucknow. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में शनिवार को विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में द्वितीय एक दिवसीय एचआर कानक्लेव का आयोजन किया गया। एचआर कानक्लेव में 20 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

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इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी ने कहा विवि प्रो पाठक के नेतृत्व में सही दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विवि को उनके द्वारा हर संभव मदद मुहैया करवाई जाएगी। ट्रेनिंग और प्लेसमेंट एक अहम् विषय है और इस क्षेत्र में प्रतिबद्धता से कार्य किया जायेगा।

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 उन्होंने कहा कि प्राविधिक शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं के कौशल विकास के लिए बीटेक पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष से ही अनिवार्य रूप से 2 सप्ताह की इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग को लागू किया जायेगा। उन्होंने इंडस्ट्री और शैक्षिक संस्थानों के कोलैबरेशन के लिए आयोजित की जा रही एचआर कानक्लेव के लिए प्रो पाठक और उनकी टीम को बधाई दी। साथ ही इंडस्ट्री से पधारे सभी प्रतिनिधियों से प्रदेश की तकनीकी शिक्षा के उन्नयन के लिए साथ मिलकर कार्य करने का आवाहन किया।

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इस अवसर पर विवि के प्रतिकुलपति प्रो विनीत कंसल ने एचआर कानक्लेव में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान ट्रेनिंग और प्लेसमेंट के क्षेत्र उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्बद्ध संस्थानों के 13 ट्रेनिंग और प्लेसमेंट अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विवि के वित्त अधिकारी जीपी सिंह, सीएएस के निदेशक प्रो मनीष गौड़, केएनआईटी, सुल्तानपुर के निदेशक प्रो जेपी पाण्डेय,  समस्त डीन, विभिन्न सम्बद्ध संस्थानों के चेयरमेन और निदेशक एवं पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। शुभारम्भ सत्र के अंत में विवि के कुलसचिव नन्द लाल सिंह ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।  

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सरकारी स्कूलों ने नहीं किया ये काम, तो CBSE छीन सकता है मान्यता https://www.newstimes.co.in/news/81036/भारत/If-government-schools-did-not-do-this-work-then-CBSE-may-snatch-recognition901449Sat, 31 Aug 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/31-08-2019123312Ifgovernment1.jpg' alt='Images/31-08-2019123312Ifgovernment1.jpg' />केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्र-छात्राओं की सुविधाओं को लेकर कई नियम कानून बनाए हैं। इन नियमों का पालन करना सभी सरकारी स्कूलों को पूरा करना जरूरी है। कई ऐसे भी नियम हैं, जो कि अनिवार्य हैं। यदि इन नियमों को स्कूल नहीं मानता है, तो सीबीएसई मान्यता भी छीन सकता है।

सरकारी स्कूलों ने नहीं किया ये काम, तो CBSE छीन सकता है मान्यता

New Delhi. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्र-छात्राओं की सुविधाओं को लेकर कई नियम कानून बनाए हैं। इन नियमों का पालन करना सभी सरकारी स्कूलों को पूरा करना जरूरी है। कई ऐसे भी नियम हैं, जो कि अनिवार्य हैं। यदि इन नियमों को स्कूल नहीं मानता है, तो सीबीएसई मान्यता भी छीन सकता है।

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इसी तरह का एक मामला दिल्ली से सामने आया है। 151 स्कूल ऐसे हैं, जो बोर्ड के जरूरी नियमों को दरकिनार कर काम कर रहे थे। दिल्ली सरकार की तरफ से ऐसे सभी स्कूलों को नोटिस जारी की गई है। सरकार ने कारण बताओ नोटिस जरी करते हुए जवाब मांगा है। 

यह भी पढ़ें... मुख्यमंत्री के निर्देश पर गोरखपुर में दो नये थानों का सृजन

बताते चलें कि बाल अधिकार पर काम कर रही संरक्षण आयोग (DCPCR) ने सरकारी संस्थान ने यह बताया कि 151 स्कूलों में बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर रखा ही नहीं गया है। इस बात से नाराज होगा आयोग ने स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही नोटिस मिलने के छह सप्ताह में जवाब देने को कहा है। यदि स्कूल संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

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स्कूलों में अनुपस्थित रहने पर नहीं चलेगा बहाना, नए तरीके से लगेगा अटेंडेंसhttps://www.newstimes.co.in/news/80998/भारत/Being-absent-in-schools-will-not-be-an-excuse-there-will-be-a-new-way-of-attendance901411Thu, 29 Aug 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/29-08-2019164759Beingabsenti1.jpg' alt='Images/29-08-2019164759Beingabsenti1.jpg' /> यूपी के सरकारी स्कूलों में अनुपस्थित रहने को लेकर छात्रों का अब कोई भी बहाना नहीं चल पाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए नए तरीके से अटेंडेंस लगाने के योजना लागू करने को कहा है। नए तरीके से अटेंडेंस लगाने की व्यवस्था शुरू होने के बाद 1.5 लाख प्राथमिक स्कूलों में यह लागू  होगी। जिसके 1.5 करोड़ बच्चे इस तरीके से अटेंडेंस लगाएंगे।

स्कूलों में अनुपस्थित रहने पर नहीं चलेगा बहाना, नए तरीके से लगेगा अटेंडेंस

Lucknow. यूपी के सरकारी स्कूलों में अनुपस्थित रहने को लेकर छात्रों का अब कोई भी बहाना नहीं चल पाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए नए तरीके से अटेंडेंस लगाने की योजना लागू करने को कहा है। नए तरीके से अटेंडेंस लगाने की व्यवस्था शुरू होने के बाद 1.5 लाख प्राथमिक स्कूलों में यह लागू  होगी। जिसके बाद 1.5 करोड़ बच्चे इस तरीके से अटेंडेंस लगाएंगे।

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योगी सरकार ने फैसला लिया है कि स्कूलों में अटेंडेंस बायोमेट्रिक सिस्टम से लगेगा। बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने इसका ऐलान भी कर दिया है। उन्होंने कहा कि 'छात्र अब सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगा सकते हैं। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अटेंडेंस की सही से जांच हो सकेगी। साथ ही छात्रों के कक्षाओं से ड्रॉप आउट की जानकारी भी होगी।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज विभाग बायोमेट्रिक प्रणाली का प्रभावी रूप से काम करना सुनिश्चित करेगा। स्कूल के सभी कर्मचारी भी अब इसी व्यवस्था के तहत अटेंडेंस लगाएंगे। बता दें कि इस सिस्टम को समझने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने दिल्ली, गुजरात और आंध्र प्रदेश एक टीम भेजी थी।

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प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएगी ये ऐप, पूरा पाठ्यक्रम शामिलhttps://www.newstimes.co.in/news/80968/भारत/This-app-will-teach-children-in-primary-schools-complete-curriculum-included901381Wed, 28 Aug 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/28-08-2019161331Thisappwill1.JPG' alt='Images/28-08-2019161331Thisappwill1.JPG' />यूपी में अब प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों को पढ़ाने के लिए ऐप मददगार होगा। इस ऐप में पूरा पाठ्यक्रम शामिल किया गया है। खास बात ये है कि शिक्षकों को भी अब पढ़ाने के लिए अधिक मेहनत नहीं करनी होगी। 

प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएगी ये ऐप, पूरा पाठ्यक्रम शामिल

Lucknow. यूपी में अब प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों को पढ़ाने के लिए ऐप मददगार होगा। इस ऐप में पूरा पाठ्यक्रम शामिल किया गया है। खास बात ये है कि शिक्षकों को भी अब पढ़ाने के लिए अधिक मेहनत नहीं करनी होगी। 

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बताते चलें कि दीक्षा ऐप के माध्यम से बच्चे पाठ्यक्रम को पढ़ सकेंगे। शिक्षकों से कहा गया है कि इस ऐप को डाउनलोड कर लें। ऐप को क्लिक करते ही सभी पाठ्यक्रम ओपन होना शुरू हो जाएंगे। ऐसे में कठिन विषय  विज्ञान, गणित और अंग्रेजी की पढ़ाई को लेकर भी परेशानी खत्म हो जाएगी।  जिस कक्षा का पाठ पढ़ाना हो, ऐप को खोलते ही यह अपना काम करना शुरू कर देगा। ऐप की खासियत ये है कि गणित को समझाने के लिए सूत्र का भी प्रयोग किया गया है।

इससे बच्चों को यह आसानी से समझ में आ जाएगा। वहीं, एनड्रॉयड मोबाइल पर यह ऐप आवाज के साथ ही चित्र भी प्रदर्शित करेग। हालांकि, चित्र में किसी तरह का चेहरा नहीं होगा। गणित को लगाने के तरीकों और ग्रामर को अच्छी तरह से पढ़ा जा सकेगा। 

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ICSI CS परीक्षा का परिणाम घोषित, जानें कब तक होगा एक्टिवhttps://www.newstimes.co.in/news/80848/भारत/ICSI-CS-exam-results-declared-know-how-long-it-will-be-active901259Sun, 25 Aug 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/25-08-2019135138ICSICSexamr1.jpg' alt='Images/25-08-2019135138ICSICSexamr1.jpg' />ICSI CS प्रोफेशनल, कार्यकारी परिणाम 2019 इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑप इंडिया ने 25 अगस्त, 2019 यानी आज कंपनी सचिव और कार्यकारी कार्यक्रम के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। जो उम्मीदवार  परीक्षाओं में उपस्थित थे, वे ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से icsi.edu आईसीएसआई के परिणाम देख सकते हैं। या लिंक के एक्टिव होने के बाद आप हमारी इस खबर में लिंक को प्राप्त कर सकते हैं। 

ICSI CS परीक्षा का परिणाम घोषित, जानें कब तक होगा एक्टिव

New Delhi. ICSI CS प्रोफेशनल, कार्यकारी परिणाम 2019 इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया ने 25 अगस्त, 2019 यानी आज कंपनी सचिव और कार्यकारी कार्यक्रम के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। जो उम्मीदवार  परीक्षाओं में उपस्थित थे, वे ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से icsi.edu आईसीएसआई के परिणाम देख सकते हैं या लिंक के एक्टिव होने के बाद आप हमारी इस खबर में लिंक को प्राप्त कर सकते हैं। 

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उम्मीदवार जान लें कि ICSI व्यावसायिक कार्यक्रम के लिए परिणाम सुबह 11 बजे प्रकाशित हुए हैं इसलिए लिंक अभी एक्टिव नहीं हैं, संस्थान दोपहर 2 बजे तक कार्यकारी कार्यक्रम के लिंक को एक्टिव कर देगा। 

  ICSI CS जून परिणाम 2019: कैसे जांचें

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। (लिंक अभी सक्रिय नहीं है)
उसके बाद परिणाम से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
मांगी गई आवश्यक जानकारी दर्ज करें।जैसे ही आप क्लिक करेंगे आपके सामने परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएंगे। इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक प्रिंटआउट लें।

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CBSE स्कूलों के बच्चों को अब ये काम करने पर मिलेगा ग्रेडhttps://www.newstimes.co.in/news/80809/भारत/Now-children-of-CBAC-schools-will-get-grades-for-doing-this-work901220Sat, 24 Aug 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/24-08-2019104934Nowchildreno1.jpeg' alt='Images/24-08-2019104934Nowchildreno1.jpeg' />केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरुक करने के लिए अनोखी पहल शुरु की है। बोर्ड ने वन चाइल्ड, वन प्लांट कैंपेन शुरू किया है। इसके तहत सीबीएसीई के सभी स्कूलों के बच्चों को घर या स्कूल में पौधे लगाकर उसकी देखभाल करने पर ग्रेड दिया जाएगा।

CBSE स्कूलों के बच्चों को अब ये काम करने पर मिलेगा ग्रेड

New Delhi. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरुक करने के लिए अनोखी पहल शुरु की है। बोर्ड ने वन चाइल्ड, वन प्लांट कैंपेन शुरू किया है। इसके तहत सीबीएसई के सभी स्कूलों के बच्चों को घर या स्कूल में पौधे लगाकर उसकी देखभाल करने पर ग्रेड दिया जाएगा। इसके साथ ही बोर्ड ने सभी सीबीएसई स्कूलों में ईको-क्लब बनाना अनिवार्य कर दिया है। 

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बोर्ड ने ईको क्लब और जल संरक्षण को लेकर एक प्लान तैयार किया है। इसकी जानकारी स्कूलों को भेज दी गई है। बोर्ड का मानना है कि पर्यावरण के मुद्दे पर विद्यार्थी बदलाव निर्माता हो सकते हैं। इसी सोच को बढ़ावा देने के लिए वन चाइल्ड, वन प्लांट कैंपेन शुरू किया जा जा रहा है। स्कूलों को कहा गया है कि सभी कक्षाओं के बच्चे जहां संभव हो वहां पर कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएं। 

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स्कूलों में अनुपस्थित रहना पड़ेगा महंगा, चेहरे से लगेगी अटेंडेंसhttps://www.newstimes.co.in/news/80754/भारत/Being-absent-in-schools-will-be-costly-face-will-be-attended901165Thu, 22 Aug 2019 00:00:00 GMTNAZO ALI SHEIKH<img src='http://newstimes.co.in/Images/22-08-2019132756Beingabsenti1.png' alt='Images/22-08-2019132756Beingabsenti1.png' />स्कूलों में अनुपस्थित रहना अब शिक्षकों को महंगा साबित होगा। अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक बहाना बनाकर अब किसी भी सूरत में बच नहीं पाएंगे। चूंकि स्कूलों में अब फेशियल रिकॉग्निशन अटेंडेंस सिस्टम पांच सितंबर से लागू होने जा रहा है। शिक्षक दिवस पर ही इसे लांच करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। 

स्कूलों में अनुपस्थित रहना पड़ेगा महंगा, चेहरे से लगेगी अटेंडेंस

New Delhi. स्कूलों में अनुपस्थित रहना अब शिक्षकों को महंगा साबित होगा। अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक बहाना बनाकर अब किसी भी सूरत में बच नहीं पाएंगे। चूंकि स्कूलों में अब फेशियल रिकॉग्निशन अटेंडेंस सिस्टम पांच सितंबर से लागू होने जा रहा है। शिक्षक दिवस पर ही इसे लांच करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। 

बताते चलें कि यह नई व्यवस्था लागू होने के बाद मशीन चेहरा पहचानने के बाद ही अटेंडेंस लगाएगी। इससे किसी भी तरीके का कोई फर्जीवाड़ा नहीं चल पाएगा। यह व्यवस्था गुजरात के सरकारी स्कूलों में लागू होगी। सीएम विजय रुपाणी शिक्षक दिवस पर इसे लांच करेंगे। 

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने पर राज्य के लगभग 2.5 लाख शिक्षकों पर नजर रखा जाा सकेगा। बता दें कि ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम एक एप्लीकेशन की सहायता से काम करेगा। इस सिस्टम में जियो टैगिंग का प्रयोग होता है। बता दें कि गुजरात शिक्षा के प्रधान सचिव विनोद राव ने 10 मिनट का एक वीडियो और ऑडियो मैसेज रिकॉर्ड किया है। इस व्यवस्था की जानकारी के लिए स्कूलों में शिक्षकों के वॉट्सएप ग्रुप पर भेजा जा रहा है। प्रधान सचिव ने यह भी कहा कि शिक्षकों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं किया जाएगा। यदि शिक्षक उपस्थित हैं, इसके बाद भी प्रचार्य अनुपस्थित नहीं कर पाएंगे।

शिक्षक संघ ने इस व्यवस्था का विरोध जताया है। शिक्षकों का कहना है कि यह उनकी निजता का हनन करने के समान है। यही नहीं नई व्यवस्था को लेकर सरकार के पास ढांचागत और आर्थिक संसाधनों की कमी के विषय पर भी सवाल खड़ा किया है। संघ ने कहा है कि सचिव ने इस संबंध में उनसे कोई बात नहीं की है। प्रधान सचिव तक यह बात पहुंचा दी गई है कि कोई शिक्षक एप डाउनलोड नहीं करेगा। वहीं, सचिव का कहना है कि कोई भी व्यवस्था लागू होने पर विरोध तो होता ही है। किसी शिक्षक को दिक्कत है, तो वह उनसे मिल सकता है। 

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