चीन ने डिसएंगेजमेंट प्रॉसेस के दौरान पैंगोंग झील के पास स्थित ग्रीन टॉप से अपनी सेना को वहां से हटाने से मना कर दिया है।
भारत चीन सीमा विवाद : पैंगोंग झील से पीछे हटने को तैयार नहीं चीनी सेना

New Delhi. पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रह है। अब इस मामले में एक नई बात निकलकर सामने आयी है। चीन ने डिसएंगेजमेंट प्रॉसेस के दौरान पैंगोंग झील के पास स्थित ग्रीन टॉप से अपनी सेना को वहां से हटाने से मना कर दिया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की ओर से मोल्दो स्थित चीनी बेस पर हुई वार्ता के दौरान यह बात कही गयी। वहीं, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल दोनों के राजनयिक की मदद से ग्रीन टॉप, गोगरा के पास पेट्रोल प्वाइंट 17ए और डिपोंग मैदान के पास पेट्रोल प्वाइंट 13 पर विवादों को सुलझाने कोशिश में हैं। 

बता दें कि पीएलए और भारतीय सेना की उच्च-स्तरीय वार्ता के पांच दौर के बावजूद यहां गतिरोध हल नहीं हो पाया है। इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा था कि मोर्चे पर तैनात अधिकांश स्थानों से डिसएंगेजमेंट प्रॉसेस पूरी कर ली गई है और जमीनी हालात ठीक हो रहे हैं। वहीं, अफसरों का कहना है कि पीएलए द्वारा अप्रैल माह में किये गये कब्जे वाले जगहों से चीन के पीछे जाने की इच्छा को लेकर सरकार के अदंर संशय बढ़ रहा है। सूत्रों की माने तो बातचीत के दौरान तात्कालिक सफलता हासिल कर ली गई है कि कम-से-कम हिंसा न हो। लेकिन चीन अभी भी उसी क्षेत्र पर कब्जा जमाये हुए है जहां पर उसने अप्रैल माह में कब्जा किया था।  

सूत्रों के मुताबिक पीएलए के कमांडर्स ग्रीन टॉप पर कब्जा करना चाहते हैं क्योंकि इससे धन सिंह पोस्ट पर साफ-साफ देखा जा सकता है जो पैंगोंग झील के आसपास भारतीय सेना की टुकड़ी के मूवमेंट्स के लिए विशेष स्थान है। ग्रीन टॉप से पीएलए भारतीय सेना की पेट्रोलिंग पर नजर रख सकती है। बातचीत में पीएलए ने दावा किया कि भारत द्वारा इलाके में किये गये निर्माण के बदले ग्रीन टॉप पर उसका दावा सही है।   

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