एक अगस्त को 'मुस्लिम महिला अधिकार दिवस' (Muslim Women's Rights Day) के रूप में मनाया जाएगा, क्योंकि एक अगस्त को ही तीन तलाक के खिलाफ कानून लागू किया गया था।
1 अगस्त को मनाया जाएगा 'मुस्लिम महिला अधिकार दिवस'

New Delhi. जम्मू- कश्मीर (Jammu Kashmir) से 370 हटाने और तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने के फैसले को एक साल पूरे होने जा रहे हैं। ये दोनों ही फैसले अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुके हैं। वहीं, इस साल एक अगस्त को 'मुस्लिम महिला अधिकार दिवस' (Muslim Women's Rights Day) के रूप में मनाया जाएगा, क्योंकि एक अगस्त को ही तीन तलाक के खिलाफ कानून लागू किया गया था। 

वहीं, मोदी सरकार 'मुस्लिम महिला अधिकार दिवस' के जरिये कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी है। सरकार की ओर से तीन तलाक को कांग्रेस (Congress) की लापरवाही और उसकी सियासत के बारे में बताया जाएगा। कांग्रेस पर निशाना साधते अल्पसंख्यक कार्यमंत्री (Minority Affairs Minister) मुख्तार अब्बास नकवी Mukhtar Abbas Naqvi) ने कहा कि, कुछ लोगों का कुतर्क होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार को सिर्फ मुस्लिम महिलाओं (Muslim women) की ही चिंता क्यों है? महिलाओं के आर्थिक (Economic), सामाजिक सशक्तिकरण (Social empowerment) के लिए कभी कुछ क्यों नहीं करती है? तो ऐसे लोगों को मै जवाब देना चाहता हूं कि, पिछले 6 सालों में 3 करोड़ 87 लाख अल्पसंख्यक छात्रों (Minority students) को स्कॉलरशिप (Scholarship) दी गई है, जिनमें 60% लड़कियां शामिल हैं। वहीं, "हुनर हाट" के माध्यम से कई लोगों को रोजगार (Employment) के मौके मिले।

केंद्रीय मंत्री नकवी (Union Minister Naqvi) ने कहा कि, तीन तलाक के खिलाफ कानून तो 1986 में भी बन सकता था, जब शाहबानो केस (Shahbano case) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने तीन तालक पर बड़ा फैसला लिया था। उस समय में लोकसभा (Lok Sabha)  में अकेले कांग्रेस सदस्यों की संख्या 545 में से 400 से ज्यादा थी और राज्यसभा (Rajya Sabha) में 245 में से 159 सीटें थीं। लेकिन कांग्रेस की राजीव गांधी सरकार (Rajiv Gandhi government of Congress)  ने 5 मई 1986 को इस संख्या बल का इस्तेमाल कर मुस्लिम महिलाओं के अधिकार को कुचलने के लिए किया था।

आंकड़े पेश करते हुए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (Ministry of Minority Affairs) ने कहा है कि 2 करोड़ गरीबों को घर दिए तो उसमें 31% अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय (Minority Muslim Community) को भी दिए गए हैं। 22 करोड़ किसानों को किसान सम्मान निधि के तहत लाभ दिया गया, तो उसमें भी 33% से ज्यादा अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के लोग हैं। वहीं 8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को उज्जवला योजना (Ujjwala scheme) के तहत गैस कनेक्शन (Gas Connection) दिया गया।

बता दें कि दुनिया के कई प्रमुख इस्लामिक देशों (Islamic countries) में बहुत पहले ही तीन तलाक को गैर- कानूनी (Illegal) और गैर- इस्लामिक (Non-islamic) घोषित कर खत्म कर दिया गया था। मिस्र (Egypt) दुनिया का पहला इस्लामिक देश (Islamic country) है, जिसने 1929 में हो तीन तलाक को खत्म कर दिया था। वहीं, साल 1929 में ही सूडान (Sudan) ने भी तीन तलाक पर प्रतिबंध लगा दिया था। 

1956 में पाकिस्तान (Pakistan), 1953 में सीरिया (Syria), 1969 में मलेशिया (Malaysia) में भी इस पर रोक लगाया गया था। इसके अलावा जॉर्डन (Jordan), ईरान (Iran), कतर (Queue) जैसे इस्लामी देशों में भी तीन तलाक को खत्म करके कई बड़े कानून प्रावधानों (Major law provisions) को बनाया गया।

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