भारत और चीन (India and China) के बीच उत्पन्न हुआ सीमा विवाद (Border disputes) अब ट्रेड वॉर (Trade war) का स्वरूप लेता दिख रहा है।
भारत ने दिया चीन एक और झटका, बिजली उपकरणों के आयात पर लगाई रोक

New Delhi. भारत और चीन (India and China) के बीच उत्पन्न हुआ सीमा विवाद (Border disputes) अब ट्रेड वॉर (Trade war) का स्वरूप लेता दिख रहा है। भारत सरकार चीन को सबक सिखाने के लिए उसके ऊपर लगातार आर्थिक प्रतिबंध लगा रही है। भारत ने चीन और पाकिस्तान (China and Pakistan) से होने वाले बिजली के उपकरणों के आयात पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। 

केंद्रीय बिजली मंत्री आर.के. सिंह ( Power minister R.K. Singh) ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत अब चीन और पाकिस्तान (China and Pakistan) जैसे देशों से बिजली के उपकरणों का आयात नहीं करेगा। शुक्रवार को राज्यों के बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के साथ बैठक में आर.के. सिंह ने स्पष्ट कर दिया कि अब इन देशों से बिजली उपकरणों के आयात की इजाजत नहीं होगी। अभी हाल ही में सरकार ने चीन से आने वाले बिजली के उपकरणों की जांच के आदेश दिए थे। सरकार ( Government) को अंदेशा है चीन बिजली उपकरणों में मालवेयर ( malware virus) व ट्रोजन हार्स वायर (Trojan horse virus) के जरिए साइबर हमला कर सकता है। इलेक्ट्रिक उपकरणों में वायरस की मदद से वह इलेक्ट्रिक ग्रिड को फेल कर सकता है, जिससे भारी मात्रा आर्थिक नुकसान हो सकता है। 

केंद्र और राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों के साथ सम्मलेन के उद्घाटन पर उन्होंने कहा कि फायर रेफरेंस कंट्री (पूर्व संदर्भित देशों) से उपकरणों के आयात पर रोक लगेगी। बता दें कि फायर रेफरेंस कंट्री की श्रेणी में ऐसे देशो को रखा जाता है, जिससे भारत को खतरा हो या खतरे का अंदेशा हो। इसमें मुख्य रूप से वह देश हैं, जिनकी सीमाएं भारत से लगी हुई हैं।

आर.के. सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प में 20 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि भारत में पर्याप्त मात्रा में बिजली के सामान बनाए जाते हैं, अब बिजली के सभी उपकरण भारत में ही बनाए जाएंगे। यदि  किसी सामान की जरुरत पड़ती है तो उसका आयात किया जाएगा, लेकिन सीमित समय के लिए ही। बता दें कि 2018 से 2019 के बीच भारत ने 71,000 करोड़ रुपए का बिजली उपकरण आयात किया है, जिसमें चीन की हिस्सेदारी 21,000  करोड़ है। 

उन्होंने कहा कि दूसरे देशों से आयातित होने वाले उपकरणों की प्रयोगशाला में गहन परीक्षण किया जाएगा ताकि कहीं उसमें मालवेयर ( malware) या ट्रोजन हार्स वायरस (Trojan horse virus) का प्रयोग तो नहीं हुआ है। बता दें कि मालवेयर या ट्रोजन हार्स ऐसा साफ्टवेयर या प्रोग्राम है, जो फाइल या संबंधित उपकरणों को नुकसान पंहुचा सकता है। ट्रोजन होर्स और मालवेयर सॉफ्टवेयर देखने में उपयुक्त लगता है, लेकिन यह कंप्यूटर या दूसरे सॉफ्टवेयर को नुकसान पहुंचा सकता है।