असम में बाढ़ (flood) ने हर साल की तरह इस बार भी जमकर अपना कहर बरपाया है। इससे 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 34 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
असम में बाढ़ से अब तक 16 लाख से अधिक लोग हुए प्रभावित, 34 की हुई मौत

Assam. असम में बाढ़ (flood) ने हर साल की तरह इस बार भी जमकर अपना कहर बरपाया है। इससे 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 34 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बाढ़ से असम (assam) के 33 में से 23 जिले प्रभावित हुए हैं। पूरे के पूरे गांव (village) को खाली करा दिया गया है। लाखों लोगों ने हाइवे (highway) को ही अपना ठिकाना बना लिया है। 

गर्मी के मौसम के बाद मॉनसून (monsoon) ने आधे देश में अपनी एंट्री कर ली है। बारिश की वजह से कई नदियां (river) उफान पर हैं। असम में ब्रह्मपुत्र (Brahmaputra) और उसकी सहायक नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। असम में 23 जिलों में 2200 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य सरकार की ओर से 12 से ज्यादा जिलों में राहत कैंप बनाए गए हैं। इन कैंप में 30 हज़ार से अधिक लोगों को रखा गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने कहा कि अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है।

वहीं, असम (Assam) के बारपेटा जिले में रहने वाले अब्दुल कैजुद्दीन के लिए बाढ़ कोई नई बात नहीं है। उनका यह भी कहना है कि इस साल कोरोना संकट के साथ आना बाढ़ का ज्यादा जटिल है। गुवाहाटी से 130 किमी पश्चिम में बागबेर क्षेत्र के कंचनपुर गांव में सब्जी विक्रेता और 8 लोगों  के परिवार पर बाढ़ का कहर जमकर बरपा है। कोरोना वायरस (Corona Virus) प्रकोप की चेतावनी के चलते उन्होंने अपने गांव से बाहर कोई काम धंधा भी नहीं किया है और अब उनकी आखिरी उम्मीद उनकी खड़ी फसलें हैं, जो जो अब बाढ़ के पानी में डूब चुकी हैं। 

बाढ़ से सबसे अधिक प्रभाव बारपेटा जिले में पड़ा है, जहां लगभग 8.60 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद दक्षिण सलामार में 1.95 लाख, गोवालपारा में 94 हज़ार से अधिक और मोरीगांव में 62 हज़ार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम के 22 जिलों के लगभग 2,053 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। 72,000 से अधिक हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि बाढ़ के पानी के चपेट में है। बाढ़ से मरने वालों की संख्या 34 हो गई। 

मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्णा ने बताया कि राज्य सरकार असम में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नज़रें बनाए हुए है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि "राज्य भर में बचाव, राहत और समय पर निवारण उपाय शुरू हुए हैं। संकट के समय में सरकार हर आवश्यक कदम उठा रही है।