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दिमागी बुखार का सस्ते में होग इलाज , पीजीआई में चल रहा शोध


SANDEEP PANDEY 02/01/2018 15:06:53
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LUCKNOW. दिमागी बुखार और ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिये खुशखबरी है। इन बिमारियों में होने वाले मंहगे इलाज को सस्ता करने का प्रयास करने के लिए पीजीआई का न्यूरोलॉजी विभाग शोध कर रहा है। जिससे यहां समय पर मरीजों को कम दाम में बेहतर इलाज मिल सके। यह जानकारी न्यूरोलॉजी विभाग के 27वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विभाग के एचओडी डॉ. सुनील प्रधान ने दी।

20 हजार रुपये का आता है खर्च

डॉ. प्रधान ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक की समस्या अचानक होती है। एक तो इसका इलाज महंगा होता है, वहीं मरीजों के पास समय भी कम होता है। दिमागी बुखार और ब्रेन स्ट्रोक के इलाज में रोजाना तकरीबन 20 हजार रुपये का खर्च आता है। इसमें कई प्रकार की दवाओं से लेकर वेंटिलेटर और इंजेक्शन थैरेपी होती है। इसी सुविधा को कैसे कम दाम पर मरीज को दिया जाए इसपर शोध चल रहा है। इस मौके पर विभाग के प्रो. संजीव क्षा, प्रो. विनीता के अलावा नर्सेज, टेक्नोलाजिस्ट सहित कई लोग मौजूद रहे।

'मीठी बोली' विषय पर वर्कशाप

न्यूरोलॉजी ओपीडी में मरीज, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ 'मीठी बोली' विषय पर वर्कशॉप हुई। इसमें डॉ. प्रधान ने बताया कि अच्छी भाषा से साइकोलॉजिकल परेशानी 25 से 30 फीसदी तक दूर हो जाती है। बीमार व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बीमार होता है। इसलिए डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ को मरीजों से ठीक से बात करनी चाहिए।

Web Title: Research is going on in PGI for cheaper treatment of brain fever ( Hindi News From Newstimes)


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