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चर्चा के लिए तैयार न होने पर हमलावर हुईं मायावती, कहा - भगवा हिंदूवादी शक्तियां दलितों को...


GAURAV SHUKLA 07/01/2018 09:33:55
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LUCKNOW. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने महाराष्ट्र के पुणे के भीमा-कोरेगांव क्षेत्र में हिंसा और उन्माद के संसद में चर्चा के लिए तैयार न होने पर सत्ताधारी पार्टी की कड़ी निंदा की। बसपा सुप्रीमों ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीएसपी हिंसा के संबंध में राज्यसभा में चर्चा चाहती थी। लेकिन बीएसपी की इस मांग को सरकार की ओर से नकार दिया गया। बसपा सुप्रीमो का कहना है कि चर्चा के लिए राजी न होना साफ तौर पर प्रदेश और राज्य की सरकार का एक जैसा जातिवादी रवैया प्रदर्शित करता है। 

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मायावती ने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक और राजनीतिक नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी न होना इस बात को दर्शाता है कि महाराष्ट्र सरकार दोषियों को बचाना चाहती है। इसी के चलते वह मामले की लीपापोती में लगी हुई है। वहीं दलितों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने वाले लोगों पर कार्रवाई न होने से नाराज मायावती ने कहा कि आखिर किस दबाव के चलते इन नेताओं पर कोई एक्शन नहीं लिया जाता। जबकि दलितों पर भड़काऊ भाषण देने के गलत आरोपों को लगाकर भी मुकदमें दर्ज कर लिये जाते हैं। 

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पार्टी के अनुसार जातीय हिंसा और उन्माद फैलाने के बाद दलितों पर सरकारी दमनचक्र चलाकर सैकड़ों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी थी। जिसके बाद बसपा सुप्रीमो राज्यसभा में इस मुद्दे को लेकर चर्चा चाहती थीं। लेकिन इसके लिए तैयार न होने पर मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी, भगवा हिंदूवादी शक्तियां अल्पसंख्यक और दलितों को अपनी जातिवादी हिंसा का शिकार बना रही है। 

Web Title: mayawati slams central and state government on violence ( Hindi News From Newstimes)


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