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कुपोषण मुक्त गांव बनाने के लक्ष्य में हुआ बदलाव


SANDEEP PANDEY 09/01/2018 12:18:08
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LUCKNOW. प्रदेश सरकार ने कुपोषण मुक्त गांव बनाने के लिए विभागों के तय लक्ष्य में कुछ रियायत कर दी है। इसके तहत आंगनबाड़ी केन्द्र पर अनुपूरक पोषाहार पाने वाली पंजीकृत महिलाओं और 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों के लक्ष्य को 100 प्रतिशत से घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया गया है। 5 वर्ष से कम आयु के अति कुपोषित बच्चों के परिवारों का आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा हर माह कम से कम एक गृह भ्रमण के लक्ष्य को भी संशोधित कर 90 प्रतिशत कर दिया गया है।

विभाग द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया है कि अति कुपोषित बच्चों के परिवारों के गांवों से बाहर जाने से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा हर माह कम से कम एक गृह भ्रमण संभव नहीं हो पाता। इसको देखते हुए तय लक्ष्य में बदलाव किया गया है।

पोषाहार पाने से वंचित रह जाते महिला व बच्चे

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की सचिव अनीता सी. मेश्राम ने बताया कि व्यावहारिक तौर पर यह पाया गया है कि गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था के दौरान कई बार अपने गांव से अन्यत्र चली जाती है तथा कुछ समय बाद लौटती हैं। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत ऐसी गर्भवती महिलाएं हर माह कम से कम तीन पैकेट पोषाहार प्राप्त करने से वंचित रह जाती हैं। छह माह से 3 वर्ष के बच्चों के परिवार खेती आदि के सीजन में कुछ दिनों के लिए कार्य के लिए अन्यत्र चले जाते है। इस दशा में ऐसे परिवारों के बच्चे पोषाहार से वंचित रह जाते हैं ।

Web Title: The goal of making malnutrition free village changed ( Hindi News From Newstimes)


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