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अमेरिका में नौकरी छोड़कर कर रहा यह काम..


SANDEEP PANDEY 11/01/2018 13:57:57
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LUCKNOW. खुले में शौच जाने वाले बच्चों की तकलीफ महसूस की और निजात दिलवाने लिये अमेरिका में इलेक्ट्रिकल इंजिनियर आलोक सिंह ने नौकरी छोड़कर भारत लौटे और स्वच्छता अभियान में जुट कर एक मिसाल पेश की। पिछले छह माह में उन्होने करीब बीस स्कूलों में शौचालय का निर्माण करवाया है।

आलोक के बताया कि वह अमेरिका में नौकरी के दौरान छुट्टी में भारत आने के दौरान स्कूलों में जाकर पेन-पैंसिल और कॉपी-किताबें बांटता था। इस दौरान एक स्कूल पहुंचने पर छोटे-छोटे बच्चों को खुले में शौच जाता देख परेशानी का अहसास हुआ। इसके बाद स्कूल की फोटो फेसबुक पर पोस्ट करने के साथ ही बदहाली और बच्चियों की परेशानी का जिक्र किया। इसके बाद अमेरिका के ही एनजीओ सेवा इंटरनेशनल ने फेसबुक पर रिप्लाई किया और स्कूलों में शौचालय बनवाने में मदद का प्रस्ताव दिया।

नि:शुल्क शौचालय बनवाया

आलोक के अनुसार जनवरी 2008 में अमेरिका गए थे। लेकिन देश के लिए कुछ करने के जज्बे से अगस्त 2012 में लौट आए और एनजीओ से सम्पर्क किया। सेवा इंटरनैशनल ने नि:शुल्क फैब्रीकेटेड शौचालय बनवाने का वादा किया, और लगवाने का जिम्मा उन्हें ही सौंप दिया। अब तक सबसे अधिक शौचालय सरोजनीनगर और चिनहट में लगवाए हैं। इनमें प्रमुख रूप से प्राथमिक विद्यालय गढ़ी चुनौती, आजादनगर, पंडितखेड़ा, भोलाखेड़ा शामिल हैं।

पत्नी भी देती है साथ

आलोक के अनुसार नौकरी छोड़ने और शौचालय लगवाने के फैसले की जानकारी पर पत्नी मोनिका विरोध तो दूर उल्टा साथ देने को तैयार हो गईं। इसके बाद से तमाम इलाकों का निरीक्षण और शौचालय लगवाने के लिए स्कूल मोनिका ही तय करती हैं।

32 हजार रुपये आता है खर्च

एनजीओ से करीब 32 हजार रुपये कीमत के टॉयलेट नि:शुल्क उपलब्ध करवाया जाता है। हालांकिन सिविल वर्क और लगवाने पर आने वाले खर्च का खुद ही इंतजाम करना होता है। एक शौचालय लगवाने पर चार से छह हजार का खर्च आता है। इसमें स्थानीय लोग, परिचित और समाजसेवियों की मदद ली जाती है।

Web Title: Leaving job in the US doing work .. ( Hindi News From Newstimes)


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