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बाथरूम में बने डक्ट में तीसरी मंजिल से गिरा मरीज, मौत


VINEET SINGH 14/01/2018 13:00:09
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Lucknow. राम मनोहर लोहिया संस्थान में शनिवार को तीसरे तल के बाथरूम के डक्ट (सीवर का पाइप निकलने की जगह) में गिरने से मरीज रामप्यारे गुप्ता की मौत हो गई। सीवीटीएस विभाग में भर्ती मरीज रामप्यारे गिरने के करीब एक घंटे तक तड़पता रहा लेकिन कोई भी डॉक्टर, अधिकारी या कर्मचारी मरीज को डक्ट से निकालने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद तीमारदार ने ही किसी तरह डक्ट से मरीज को निकाला। काफी खून बहने कारण उसने दम तोड़ दिया।

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एक घंटे तक तड़पते रहे रामप्यारे

मृतक के बेटे रामकिशुन के मुताबिक सुबह करीब पांच बजे रामप्यारे टॉयलेट गए थे। उनके काफी देर तक वापस न आने पर देखभाल के लिए रुका शैलेंद्र उन्हें देखने पहुंचा और आवाज देने के बावजूद जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर कोई नहीं था, जिसके बाद दूसरी मंजिल पर डक्ट में लगी जाली पर खून से लथपथ रामप्यारे को पड़ा देख सब सन्न रह गए।

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परिवार वालों के अनुसार सूचना देने के एक घंटे बाद तक संस्थान प्रशासन के अधिकारी या कर्मचारियों ने निकलवाने का कोई प्रयास नहीं किया। इसके बाद परिवार के ही लोग आपातकालीन रास्ते से नीचे उतरे और उन्हें निकाला। आननफानन में उन्हें तीसरी मंजिल पर स्थित आईसीयू ले जाया गया जहां खून अधिक बहने के कारण मरीज की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद डॉक्टर काफी देर तक पहुंचे। इसके बाद उन्हें दूसरे विभाग में शिफ्ट कर दिया गया।

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न ही पुलिस को बताया, न ही पोस्टमॉर्टम करवाया

लोहिया संस्थान में तीसरे तल से गिरकर मरीज की मौत के मामले को छुपाने का हर सम्भव प्रयास किया गया। अधिकारियों ने पुलिस को सूचना तक नहीं दी और बिना पोस्टमॉर्टम करवाए शव परिवारीजनों को सौंप दिया। जबकि ऐसे मामलों में पोस्टमॉर्टम बेहद जरूरी होता है। इतना ही नहीं, जिस डक्ट में गिरकर मरीज की मौत हुई, उसे भी आननफानन में लोहे का दरवाजा और लकड़ी के पट्टे लगवाकर बंद कर दिया गया। मामला दबाने में जुटे अधिकारी हादसे से इंकार करते रहे।

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संदेहास्पद है अस्पताल प्रशासन की भूमिका

एसओ विभूति खंड सतेंद्र राय ने बताया कि हादसे में किसी की मौत होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए। ऐसे मामलों में पोस्टमॉर्टम भी जरूरी होता है। इसके बावजूद लोहिया संस्थान में हुई घटना की सूचना थाने पर नहीं दी गई। उधर, सुबह पांच बजे हुई घटना के बारे में देर शाम तक निदेशक प्रो़ दीपक मालवीय को जानकारी तक नहीं थी। रात करीब सात बजे मीडिया के पूछने पर उन्होंने पूछताछ करने की बात कही। इसके बाद डक्ट से गिरकर मरीज की मौत मानते हुए समिति गठित कर जांच के आदेश दे दिए गए। हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि शनिवार को पूरा समय निदेशक संस्थान में ही थे। ऐसे में इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद हादसे का पता न चलने की बात कह रहे हैं जो कि उनकी भूमिका को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है।

Web Title: patients dropped from third floor duct death ( Hindi News From Newstimes)


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