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सेहत के साथ एफआईआर भी दर्ज करेंगे आशा ज्योति केंद्र


SANDEEP PANDEY 16/01/2018 11:50:20
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LUCKNOW. सूबे के आशा ज्याति केंद्र अब महिलाओं के स्वास्थ्य के अलावा उनके साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं में भी मददगार बनेंगे। गृह विभाग अब उन्हें रिपोर्टिंग चौकियों के रूप में विकसित कर रहा है, जहां महिलाएं एफआईआर दर्ज करवा सकेंगी। क्राइम ऐंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सर्विस (सीसीटीएनएस) के सॉफ्टवेयर में इसके लिये बदलाव किया जा रहा है। दो महीने में आशा ज्योति केंद्र रिपोर्टिंग चौकी के रूप में काम करने लगेंगे।

ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा फायदा

ग्रामीण इलाकों की जिला मुख्यालयों से दूरी की वजह से इस अंचल की महिलाए अपने साथ होने वाले अपराधों के खिलाफ चाह कर भी शिकायत नहीं दर्ज करा पाती हैं। उनकी इस समस्या को दूर कर महिला अपराधों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने आशा ज्योति केंद्रों को महिला रिपोर्टिंग चौकियों के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है।

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फोन पर भी दर्ज हो सकेंगी रिपोर्ट

आशा ज्योति केंद्रों पर एक महिला सब इंस्पेक्टर की तैनाती की जाएगी। फिलहाल इसे अब तक चल रहे टोल फ्री नंबर 181 के जरिए ही संचालित किया जाएगा। इस नंबर पर कॉल करने वाली महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और शिकायत दर्ज करवाने का विकल्प दिया जाएगा। पीड़ित महिला की मनोस्थिति के आधार पर जरूरत महसूस होने पर महिला पुलिसकर्मी उसके पास जाकर काउंसलिंग करेंगी। महिला अगर सीधे रिपोर्ट दर्ज करवाना चाहेगी तो एफआईआर दर्ज कर वहीं से उसको सर्टिफाइड कॉपी भी उपलब्ध करवा दी जाएगी। भविष्य में इसे यूपी-100 से सीधे जोड़ने पर भी विचार चल रहा है।

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सीसीटीएनएस के सॉफ्टवेयर में होगा बदलाव

प्रदेश के 17 जिलों में संचालित हो रहे आशा ज्योति केंद्रों को पुलिस चौकी के रूप में विकसित करने के लिए उन्हें सीधे सीसीटीएनएस से जोड़ा जा रहा है। फिलहाल सीसीटीएनएस में ऑन कॉल रिपोर्ट दर्ज करवाने का विकल्प नहीं है। इसके लिए सीसीटीएनएस के मौजूदा साफ्टवेयर में बदलाव भी किया जा रहा है।

सभी जिलों में खोले जायेंगें आशा ज्योति केंद्र

प्रदेश के बाकी जिलों में भी आशा ज्योति केंद्र खोलने की कवायद चल रही है ताकी महिलाओं को एक ही जगह सेहत के बारे में जानकारी और अपने साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं की शिकायत दर्ज करने का विकल्प दिया जा सके।

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महिला हेल्प लाइन में होती है केवल काउंसलिंग

महिला अपराधों की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार की ओर से महिला सम्मान प्रकोष्ठ, विमेन पॉवर लाइन (1090) और आशा ज्योति महिला हेल्पलाइन का संचालन किया जा रहा है, लेकिन यह सभी प्लेटफॉर्म शिकायत मिलने के बाद केवल काउंसलिंग कर पाते हैं। एफआईआर दर्ज करने का अधिकार इनके पास न होने की वजह से यहां तक पहुंचने वाली महिलाओं को भी न्याय नहीं मिल पाता है। शिकायत मिलने के बाद काउंसलिंग करने वाले अफसर गंभीर मामला सामने आने पर पीड़िताओं को थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने की सलाह देते हैं। ऐसे में सीसीटीएनएस से जुड़ने के बाद आशा ज्योति महिलाओं के लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं।

क्या कहते है जिम्मेदार

पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवामहेंद्र मोदी ने बताया कि आशा ज्योति केंद्रों को रिपोर्टिंग चौकियों के रूप में विकसित करने का काम चल रहा है। कुछ संसाधनों की जरूरत है जिसकी डिमांड शासन से की गई है। जल्द ही यह व्यवस्था महिलाओं के लिए लागू कर दी जाएगी।

Web Title: Asha Jyoti Kendra will enter FIR with health ( Hindi News From Newstimes)


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