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जहां मायावती को बैठाया था गद्दे पर, योगी के लिए लग रहा सिंहासन, आखिर क्यों


GAURAV SHUKLA 31/01/2018 15:04:29
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yogi on the doorstep of saint ravidas in varanasi

Lucknow. वाराणसी में संत रविदास जयंती पर हो रहे कार्यक्रम के दौरान इतिहास में पहली बार दो सिंहासन लगाए जाएंगे। इससे पूर्व में अभी तक केवल एक ही सिंहासन लगता था। 

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मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था देख रहे ट्रस्टी केएल सरोवा ने बताया कि योगी आदित्यनाथ पहले संत हैं फिर बाद में मुख्यमंत्री। इसी को लेकर इस बार उनके लिए भी कुर्सी लगेगी। इसके पीछे तर्क है कि संत रविदास परंपरा में सभी संतों का समान रूप से आदर किया जाता है। वहीं उन्होंने जानकारी दी कि सत्संग के पंडाल को सजाने के  लिए कोलकाता से कारीगर पहुंच चुके हैं। 

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गौरतलब है कि संत रविदास जयंती हर साल सत्संग पंडाल और मंच बनता रहा है। उस दौरान भी राजनीतिक हस्तियां समारोह में शिरकत करती रहती थी। लेकिन सभी का आसन संत के सिंहासन के नीचे ही लगता था। इससे पूर्व में बसपा सुप्रीमो 2008 में वहां पहुंची थीं लेकिन वह सिंहासन के बगल में लगाए गए गद्दे पर बैठी थीं। 

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