हार्ट अटैक होने पर ऐसे बचाई जा सकती है जान


SANDEEP PANDEY 03/02/2018 13:15:19
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LUCKNOW.  किसी मरीज को हार्ट अटैक होने पर बिना देर किए ही उसके सीने को जोर-जोर से करीब पंद्रह मिनट तक दबाएं। इसके बाद जितनी जल्दी हो सके उसे अस्पताल पहुंचाएं। इस तरह मरीज की जान बच सकती है। समाज के हर व्यक्ति को बीमारियों के लक्षण और प्रारंभिक उपचार की जानकारी होनी जरुरी है। यह बातें शुक्रवार को बलरामपुर अस्पताल में आयोजित सेमिनार में पीजीआई सीवीटीएस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. निर्मल गुप्ता ने डॉ. एससी राय मेमोरियल ओरेशन के दौरान गोल्डेन आवर्स विषय पर व्याख्यान देते हुए कही।

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शुरू का एक घंटे मरीज के लिये बहुमूल्य

उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक व पैरालाइसिस अटैक पड़ने पर मरीज के लिए एक घंटे का समय बेहद बहुमूल्य होता है। ऐसे में यदि मरीज को फौरी इलाज के साथ ही अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। बताया कि शरीर के किसी अंग में कमजोरी, ताकत की कमी महसूस हो, आवाज में बदलाव हो या चेहरा टेढ़ा होने लगे तो एक घंटे के भीतर अस्पताल जरुर पहुंच जाएं।

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नियमित दवा खाने से ठीक होगी टीबी

केजीएमयू पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि टीबी की बीमारी जड़ से खत्म हो सकती है। अब इसका शत प्रतिशत इलाज पूरी तरह से संभव हो चुका है, लेकिन इसके लिए मरीज को समय पर जांच कराने के साथ ही नियमित तौर पर दवा खानी होगी। जांच व दवाईयां सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह से मुफ्त में दी जाती हैं। फिर भी जागरुकता व इलाज के अभाव में पिछले वर्ष विश्व में 17 लाख लोगों की मौत हो गई।

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खांसी-बुखार को हल्के में न लें

उन्होंने कहा कि खांसी-बुखार को हल्के में कतई न लें। ऐसा होने पर तुरंत जांच कराएं। अस्पतालों में उपलब्ध एलपीए, एलपीए सेकेंड से दो से तीन दिन व जीन स्पर्ट जांच से महज 90 मिनट में ही टीबी का पता लगने के साथ डायग्नोसिस शुरु हो जाती है। उन्होंने बताया कि लोग अक्सर टीबी की दवाएं आधी-अधूरी खा कर छोड़ देते हैं। कोर्स पूरा न करने से उन्हें मल्टी ड्रग रजिसटेंस हो जाता है, जिससे आगे जाकर टीबी की दवाएं मर्ज पर काम करना बंद कर देती हैं और हालत गंभीर होती जाती है। मरीज की मौत भी हो जाती है। अगर दो सप्ताह से अधिक खांसी व बुखार रहे तो तुरंत टीबी की जांच करानी चाहिए। पूरा कोर्स किए बिना नहीं छोड़नी चाहिए।

Web Title: Such life can be saved when heart attacks ( Hindi News From Newstimes)


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