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जापानी इंसेफलाइटिस का इलाज हुआ आसान


SANDEEP PANDEY 18/02/2018 11:58:51
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LUCKNOW.  गोरखपुर समेत पूरे पूर्वांचल में बच्चों की मौत का पर्याय बना जपानी इंसेफलाइटिस (जेई) का खात्मा अब आसान हो गया है। जिसको आसान बनाया है होम्योपैथ ने। शोध के तहत पूर्वान्चल में जेई प्रभावित क्षेत्र में बच्चों को होम्योपैथिक दवाएं खिलाई जा रही हैं। होम्योपैथिक दवा खाने वाले बच्चों में जेई का प्रभाव कम देखने को मिल रहा है। बच्चों की मौत के आंकड़ों में भी कमी आई है। शनिवार को गोमतीनगर स्थित राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज का केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद के सहयोग से एचडीआरआई की ओर से कार्यक्रम हुआ।

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सप्ताह में एक दिन खानी है दवा

 विभाग के निदेशक डॉ. वीके विमल ने कहा कि जेई में होम्योपैथिक दवाएं कारगर हैं। हफ्ते में एक दिन दवा खानी होती है। एक महीने तक दवाएं खानी होती हैं। डॉ. एसडी सिंह ने कहा कि होम्योपैथिक दवा को खिलाने में अड़चन आ रही है। इसके लिए सरकारी तौर पर मदद मिलनी चाहिए। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मदद से सभी बच्चों को दवाएं खिलाने का अभियान चलाया जाना चाहिए।

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मृत्युदर में और कमी लाई जा सकती है

 उपनिदेशक डॉ. अनिल विचित्रा ने कहा कि जेई घातक है। होम्योपैथिक दवा को खिलाकर मृत्युदर में और कमी लाई जा सकती है। डॉ. शैलेंद्र सक्सेना ने कहा कि केजीएमयू जेई पर शोध कर रहा है। यहां की टीम श्रीलंका व मलेशिया आदि देशों में जाकर भी जेई की स्थिति का पता लगा चुकी है। डॉ. विजय पुष्कार ने कहा कि गोरखपुर, आजमगढ़, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज समेत दूसरे जिलों में जेई का प्रकोप है। यहां जागरुकता कार्यक्रम के साथ होम्योपैथ दवाओं के प्रभाव के प्रति लोगों में चेतना जगाएं।

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Web Title: Japanese encephalitis treatment was easy ( Hindi News From Newstimes)


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