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बायोप्सी की जांच में नही लगेगा समय


SANDEEP PANDEY 19/02/2018 15:10:53
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LUCKNOW.  ट्यूमर पीड़ित मरीजों के लिये राहत की खबर है। उन्हे जांच के लिये कई दिनों का इंतजार नही करना पड़ेगा बल्कि 15 मिनट में बायोप्सी की जांच संभव हो गई। लोहिया संस्थान समेत दूसरे मेडिकल संस्थानों में जांच की सुविधा है। ट्यूमर की बायोप्सी रिपोर्ट तुरंत मिलने से मरीजों को खासी सुविधा हो गई है। डॉक्टरों को इलाज की दिशा तय करने में भी आसानी हो रही है। यह जानकारी लोहिया संस्थान में पैथोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. नजुहत हुसैन ने दी। वह रविवार को न्यूरो पैथोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया नैपसीकॉन 2018 को संबोधित कर रहे थे।

ऑपरेशन के बाद बायोप्सी की जरूरत

डॉ. नुजहत हुसैन ने कहा कि दिमाग के ट्यूमर का ऑपरेशन के बाद बायोप्सी की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि तमाम ट्यूमर की बायोप्सी जांच 15 मिनट में संभव है। इसके लिए खास तकनीक व मशीन का इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे के इलाज की दिशा तय करने में डॉक्टरों को आसानी होती है। वहीं तीमारदारों को रिपोर्ट लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता है।

सिगरेट से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा ज्यादा

पीजीआई चंडीगढ़ के डॉ. बीडी राडोत्रा ने बताया कि सिगरेट अधिक पीने वालों को ब्रेन स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। इसमें मौजूद निकोटिन तत्व खून को गाढ़ा करते हैं। इससे खून जमने का खतरा इसके अलावा हाइपरटेंशन, डायबिटीज, एंथ्रोसाइक्लोसिस (नसों में वसा जमने की बीमारी) व शराब का सेवन करने वाले लोगों में भी ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

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ब्रेन बैंक की है जरूरत

डॉ. एसके शंकर ने कहा कि दिमाग की सभी बीमारियों के लक्षण लगभग एक समान होते हैं। इनमें फर्क कर पाना बेहद मुश्किल होता है। इनमें से कुछ ऐसी बीमारियां भी है जिनका कारण नहीं पता चल पाता। इस पर शोध की जरूरत है। शोध के लिए ब्रेन बैंक बनाने की आवश्यकता है। मरीज के निधन के बाद ब्रेन को एकत्र करने की सुविधा होनी चाहिए। ताकि इस पर शोध किया जा सके। बंगलूरू स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (निमहैंस)Óमें देश का पहला ब्रेन बैंक बनाया गया है।

Web Title: Biopsy will not take time to check ( Hindi News From Newstimes)


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