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सीएम कार्यालय में ही RTI नियमों का नहीं हो रहा पालन, न्याय की उम्मीद किससे करे जनता


SHUBHENDU SHUKLA 25/02/2018 15:20:17
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Lucknow. प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद लोगों को न्याय की आस जगी थी लेकिन भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा करने वाली योगी सरकार में ही जनता को हिसाब देने से मना कर दिया जा रहा है। दरअसल आरटीआई के माध्यम से समाज सेवी संजय शर्मा ने सीएम योगी के कार्यालय में उनकी शैक्षिक योग्यताओं व लखनऊ स्थित आवास से जुड़ी जानकारियां मांगी थी। ले​किन आरटीआई नियमों को ठेंगे पर रखते हुए कोई भी सूचना देने से इंकार कर दिया गया। इस घटना से प्रतीत होता है कि जब सरकार खुद ही अपने द्वारा बनाए जाने वाले नियमों का पालन नहीं कर रही है तो आम जनता को अन्य अधिकारियों से क्या न्याय मिलेगा। 

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क्या है मामला 

समाजसेवी संजय ने बताया कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शैक्षिक योग्यताओं समेत लखनऊ स्थित आवास में कराए गए रेनोवेशन वर्क की संस्तुतियों, बिजली खर्चों, नगर निगम के बकाए टैक्स समेत 8 बिन्दुओं पर जानकारी मांगी थी। वहीं, आरटीआई के नियमो को दरकिनार करते हुए सीएम कार्यालय के अनुभाग व जन सूचना अधिकरी बसंत कुमार तिवारी ने किसी भी तरह की जानकारी देने से मना कर दिया है। 

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बताते चलें कि आरटीआई कानून भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए ही व्यवस्थापिका और न्यायपालिका द्वारा बनाई गई मजबूत कड़ी है। लेकिन सरकार खुद ही इस कानून की धज्जियां उड़ा रही है। ऐसे में सूचना आयोग में आरटीआई डालने पर जवाब मिलेगा या नहीं यह कह पाना मुश्किल है। जब उच्च ओहदे पर बैठे अधिकारी ही नियाम कानून को जेब में रखकर चलेंगे तो अन्य अधिकारियों से क्या उम्मीद की जा सकती है। 

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समाजसेवी को मिला ये जवाब

सूचना अधिकारी बसंत कुमार तिवारी ने बीती 13 फरवरी को संजय को एक पत्र भेजा है। जिसमें प्रशासनिक सुधार अनुभाग-2 की अधिसूचना की धारा 4(5) की व्यवस्था का जिक्र करते हुए माँगी गई सूचना दो से अधिक लोक प्राधिकरणों गोपन विभाग,राज्य संपत्ति विभाग,ऊर्जा विभाग और नगर विकास विभाग द्वारा धारित  होने की बात कही है। साथ ही किसी भी तरह की सूचना देने से मना कर दिया है। 

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वहीं, संजय का कहना है कि सूचना का अधिकार कानून की धारा 4(1)(b) के तहत यह सभी सूचनाएं स्वतः मुख्यमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि  चिंतनीय यह है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने पदभार ग्रहण करते समय खुद ही यह बात कही थी कि सभी शासन प्रशासनके अधिकारी अपनी संपत्तियों को सार्वजनिक करेंगे। लेकिन इस तरह का सख्त आदेश सुनाने के बाद भी सीएम कार्यालय में ही आरटीआई नियमों को ठेंगे पर रखते हुए बिजली के बिल, टैक्स जमा करने, शैक्षिक योग्यताओ सं संबंधित जानकारियां देने से इंकार कर दिया गया। 

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आयोग में अपील

समाजसेवी ने बताया कि उन्होंने इस मामले में अपत्ति जताते हुए राज्य सूचना आयोग में अपील की है। 5 मार्च को आयोग के समक्ष अपनी बात रखकर सूचना सार्वजनिक करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि सीएम योगी के संज्ञान में यह बात लाने के लिए उनको पत्र भेजेंगे। साथ ही   RTI  कानून की धारा 4(1)(b) का अनुपालन नहीं करने को लेकर उचित कार्रवाई की मांग करेंगे। 

Web Title: CM Yogi Adityanath's office not only observes RTI rules ( Hindi News From Newstimes)


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