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दलित को बारात निकालने के लिए लगाने पड़ रहे चक्कर, पुलिस बता रही शांति के लिए खतरा


GAURAV SHUKLA 26/02/2018 09:50:30
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Lucknow. यूपी के कासगंज में एक दलित की बारात को शांति का हवाला देकर निकालने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जिसके बाद युवक जिलाधिकारी से लेकर सीएम ऑफिस तक चक्कर लगा रहा है। वहीं बारात को लेकर किये जा रहे इनकार के संदर्भ में पुलिस लगातार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देकर बारात चढ़ाने की अनुमति देने से इनकार कर रही है। 

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गौरतलब है कि कासगंज के निजामपुर गांव में जाटव परिवार की शीतल की शादी 6 माह पहले संजय जाटव से तय हुई थी। संजय की शादी 20 अप्रैल 2018 को होनी है। संजय अपनी बारात धूम-धाम से अपनी बारात लाना चाह रहे हैं। लेकिन ठाकुर बाहुल्य गांव में दलित बिरादरी को बारात चढ़ाने की अनुमित नहीं दी रही है। वधू शीतल के चाचा हरि सिंह के अनुसार उनके दामाद अपनी बारात धूम-धाम से अपनी बारात उठाना चाहते हैं। संजय का कहना है कि बारात उठाने को लेकर हो रहे विरोध के चलते उन्होंने जिलाधिकारी कासगंज और सीएम के जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। 

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बताते चलें कि निजामपुर गांव में ठाकुरों की संख्या 250 से 300 है। जबकि जाटव सिर्फ 40 से 50 हैं। जिसको लेकर दलित की बारात निकालने को गलत माना जा रहा है। वहीं इस बारे में डीएम आरपी सिंह का कहना है कि अनुमति का मामला संज्ञान में आया है। जबकि किसी को भी बारात निकालने के लिए परमिशन की जरूरत नहीं है। लेकिन आवेदन करने वाला युवक संजय पूरे गांव में अपनी बारात घुमाना चाहता है जिसको लेकर अनुमति मांगी गयी है। पुलिस द्वारा जांच करवाए जाने के बाद सामने आई रिपोर्ट के अनुसार परमिशन दिये जाने से इलाके में तनाव हो सकता है। 

Web Title: police not allowed dalit for barat ( Hindi News From Newstimes)


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