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उपचुनाव में विपक्ष के बिखराव से छोटे दल निष्क्रिय, अध्यक्ष के आदेशों का इंतजार


SHUBHENDU SHUKLA 27/02/2018 11:58:27
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Lucknow. प्रदेश की दो वीआईपी संसदीय सीटों पर हो रहे उपचुनाव में प्रमुख विपक्षी दलों के बिखराव के कारण विपक्ष की राजनीति में सक्रिय छोटे दल निष्क्रिय बने हुए हैं। ऐसे दलों के नेता और कार्यकर्ता अपने दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जिस दल के लिए हां कहेंगे, उस दल के प्रत्याशी के साथ ये नेता-कार्यकर्ता लगेंगे। राष्ट्रीय लोकदल तथा अपना दल (कृष्णा पटेल गुट) को उम्मीद थी कि उपचुनाव से पूर्व प्रमुख विपक्षी दल प्रत्याशी उतारने और समर्थन के मुद्दे पर बात करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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कांग्रेस व सपा ने उतारे प्रत्याशी

इसके उलट कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर और फूलपुर संसदीय सीट के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए। बसपा ने प्रत्याशी ही नहीं उतारे हैं। इस उपचुनाव में विपक्ष के तीनों बड़े दल अलग-थलग पड़े हैं। कोई किसी के साथ नहीं है। प्रमुख विपक्षी दलों के इस बिखराव से प्रदेश में विपक्षी दलों की एकता को झटका लगा है। रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद से जब इस बाबत पूछा गया कि उनकी पार्टी किसका समर्थन करेगी तो उन्होंने कहा कि अभी तय नहीं है।

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राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह से जो निर्देश आएगा उसके मुताबिक पार्टी नेता और कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल का कहना है कि एक-दो दिनों में पार्टी यह तय करेगी कि उपचुनाव में किसी पार्टी का समर्थन किया जाए।

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अद (एस) ने प्रचार शुरू किया

दूसरी तरफ केंद्र और प्रदेश सरकार में शामिल भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) ने फूलपुर और गोरखपुर में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार और बैठकें शुरू कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने रविवार को फूलपुर में अद (एस) और भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमत्री अनुप्रिया पटेल भी फूलपुर में पांच जनवरी के बाद चुनाव प्रचार करेंगी। उनके कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं।

Web Title: Chairmen holding small parties for by-election awaiting orders ( Hindi News From Newstimes)


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