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केस हारने से इतना खफा हुआ बेटा, बना डाली सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट, जारी कर दिया आॅर्डर


SHUBHENDU SHUKLA 27/02/2018 13:38:20
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New delhi. पिता पुत्र के प्यार की बात ही अलग है। कोई भी पिता अपने बेटे को निराश होता नहीं देख सकता और न ही बेटा। कुछ इसी तरह की अजीबोगरीब कहानी सामने आई है। पिता को केस हारता देख पिता बर्दाश्त नहीं कर पाया और सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट बनाकर आॅर्डर जारी कर कानून हाथ में ले लिया। 

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क्या है मामला

दिल्ली में नेत्रहीन पिता कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर काम करते थे। उन्हों ने कॉलेज में अनियमितताओं को लेकर प्रिंसिलपल और प्रबंधन के खिलाफ शिकायतें की। लेकिन पुलिस ने काई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंच गया। लेकिन वह मुकदमा हार गए। इसके बाद दुखी रहने लगे। पिता को दुखी नहीं देख पाने पर 14 साल क बेटे ने सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट बना डाली। इतना ही नहीं पिता के पक्ष का आॅर्डर भी जारी कर दिया। जब उसने आॅर्डर दिखाना शुरू किया तो लोग सख्ते में आ गए। पुलिस को जब मामले की जानकारी मली तो होश उड़ गए। पुलिस हाईकोर्ट और सु्प्रीम कोर्ट के फर्जी आदेशों की जांच में जुट गई है। 

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जजो को मेल भेजने की कोशिश

पूछताछ में बेटे ने पुलिस को बताया कि पिता के मुकदमा हार जाने के बाद वह दुखी रहते थे।
 यह उसे पसंद नहीं आया। इसके बाद फर्जी वेबसाइट बनाई और उसमें कुछ फर्जी दस्तावेज अपलोड किया। इतना ही नहीं कोर्ट के कई वरिष्ठ जज और उनके कर्मचारियों को मेल भेजकर कोशिश किया कि यह नकली आदेश लागू भी हो जाए। जिससे उसके पिता का सम्मान बना रहे। 

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सोशल मीडिया पर शेयर

नाबालिग ने बताया कि कोर्ट में केस खारिज हो गया था। इसके बाद नकली आॅर्डर निकालकर सोशल मीडिया व कई जानने वालों के पास मैसेजिंग ऐप्स भी भेजा। जिससे लोगों को शक न हो और यह आधिकारिक ही लगे। इतना ही नहीं पिता पुत्र फर्जी आॅर्डर लेकर चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गए। यहां इसे लागू करने का अनुरोध किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद सीधे हाईकोर्ट पहुंच गए। बच्चे ने खुद को चीफ जस्टिस के रुप में पेश करते हुए आॅर्डर की कॉपी हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज के पास भेज दिया। कहा कि इसका अनुपालन किया जाए। आॅर्डर में फर्जी मुहर भी लगा दी थी ताकि असली लगे।  

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और तो और हाईकोर्ट में सुनवाई की एक तारीख भी आॅर्डर पर तय कर दी गई। लेकिन जब जज ने सुनवाई शुरू की तो यह जानकर हैरान रह गए कि आॅर्डर की कॉपी व सारे दस्तावेज फर्जी हैं। इस तरह का आॅर्डर तो कभी हुआ ही नहीं।


पिता को भेजा तिहाड़ जेल

घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस ने अपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। नाबालिग होने की वजह से बच्चे को जमानत मिल गई। लेकिन पिता को तिहाड़ जेल भेज दिया गया। हैरान कर देने वाली बात यह है कि बच्चे ने फिर से खुद को जज बताते हुए ई-मेल किया कि पिता-पुत्र पर दर्ज एफआईआर हटाई जाए और जमानत दे दी जाए। इतना ही नहीं बच्चे ने प्रिंसिपल को जांच अधिकारी बनकर मेज भेज ​दिया। अब प्रिंसिपल ने पुलिस में शिकायत की है कि बच्चे को बाल सुधार गृह भेजा जाए। 

Web Title: Father sues court son gets burnt Supreme Court issues fake order ( Hindi News From Newstimes)


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