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मृतक आश्रित कोटे से नियुक्ति पाए सहायक अध्यापकों को हाईकोर्ट से राहत


SHUBHENDU SHUKLA 01/03/2018 14:26:13
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Laucknow.  हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मृतक आश्रित कोटे से नियुक्ति पाने वाले सैकड़ों सहायक अध्यापकों को बड़ी राहत देते हुए, उन्हें पुरानी पेशन योजना का लाभ दिए जाने के आदेश दिए हैं। इन सभी अध्यापकों को वर्ष 2005 के पहले ही नियुक्ति मिल गई थी लेकिन सहायक अध्यापक पद के लिए बीटीसी ट्रेनिंग की अनिवार्यता होने के कारण, इन्हें ट्रेनिंग पूरी कर उक्त पद पर नियुक्ति वर्ष 2005 के बाद ही मिल सकी। 

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राज्य सरकार ने ऐसे सहायक अध्यापकों की नियुक्ति वर्ष 2005 के बाद की मानते हुए, पुरानी पेशन योजना के लाभ से वंचित कर दिया था व इन सभी को नवीन पेंशन योजना से आच्छादित कर दिया था। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की एकल सदस्यीय पीठ ने सैकड़ों सहायक अध्यापकों की ओर से दाखिल कुल 127 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए पारित किया। 

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नियुक्ति के लिए आवेदन 

याचियों का कहना था कि वे सभी बेसिक शिक्षा परिषद के कर्मचारियों के आश्रित थे। 4 सितम्बर 2000 के एक शासनादेश के तहत उन्होंने मृतक आश्रित कोटे से नियुक्ति के लिए आवेदन दिया। वर्ष 2005 के पूर्व उन सभी को 2750 रुपये के फिक्स्ड पे के साथ नियुक्ति दे दी गई। लेकिन सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए उन सभी का बीटीसी करना जरूरी था लिहाजा उन्हें बीटीसी पूरा करने के लिए भेज दिया गया। वर्ष 2005 के बाद जब उन्होंने बीटीसी पूरा कर लिया तो उन्हें सहायक अध्यापक के पदों पर नियुक्तियां मिलीं। इसी दौरान अप्रैल 2005 में राज्य सरकार ने नई अंशदान पेंशन योजना लागू कर दी व अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त होने वाले सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना समाप्त कर दी। 

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याचियों की दलील थी कि चुंकि उन्हें वर्ष 2005 से पूर्व नियुक्ति मिल चुकी थी लिहाजा पुरानी योजना से उन्हें वंचित नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध किया गया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपने फैसले में कहा कि सरकार ने वर्ष 2000 के शासनादेश की गलत व्याख्या की है। 

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2005 के पूर्व की नियुक्ति

उक्त शासनादेश के अनुसार याची स्थाई तौर से अप्रशिक्षित अध्यापक के रूप में वर्ष 2005 से पूर्व ही नियुक्त किए जा चुके थे। यदि वे बीटीसी में असफल भी हो जाते तो उन्हें चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति दी जाती। लिहाजा उनकी नियुक्ति वर्ष 2005 के पूर्व की ही मानी जाएगी व याची पेंशन, पीएफ व अन्य सभी सुविधाएं उसी प्रकार से पाने के हकदार होंगे जैसे 1 अप्रैल 2005 के पूर्व नियुक्त हुए अन्य कर्मचारियों को मिलती हैं।

Web Title: Assistant teachers appointed from deceased dependent quota relief from High Court Allahabad ( Hindi News From Newstimes)


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