मुख्य समाचार
नई नवेली दुल्हन को प्रेमी संग रंगे हाथ पकड़ा तो ससुरालियों ने रख दी ये शर्त एग्जिट पोल वाले ट्वीट को लेकर अनुपम खेर ने की विवेक ओबेरॉय की आलोचना, ईशा गुप्ता बोलीं... COA ने किया ऐलान, 22 अक्टूबर को होंगे बीसीसीआई के चुनाव पिता से लगाई एक शर्त के बाद इस महिला ने 15 वर्षों में किए 600 पोस्टमार्टम यहां निकली बंपर भर्ती, जल्द करें आवेदन KGMU : पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग ने किया भंडारे का आयोजन  ICC World Cup 2019 : टीम इंडिया इंग्लैंड हुई रवाना, धोनी को लेकर बनी यह रणनीति डीएम-एसपी ने लिया मतगणना स्थल पर तैयारियों का जायजा, तैयारियां पूरी मध्य कमान ने केन्द्रीय विद्यालय के छात्रों को कराया सीमा दर्शन नाराज तीन विधायक दे सकते हैं राजभर को झटका  सुप्रीम कोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने दिया विपक्ष को झटका स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा था सेक्स रैकेट, इस तरह पुलिस ने किया पर्दाफाश मायावती का बड़ा एक्शन, इस दिग्गज नेता को पार्टी से किया बाहर मौसी के घर आयी बच्ची का तालाब में उतराता मिला शव साढ़े छह लाख की शराब के साथ एसटीएफ के हत्थे चढे़ दो तस्कर 28वीं पुण्य तिथि पर याद किए गए पूर्व पीएम राजीव गांधी BSP की जगह BJP को वोट देना महिला को पड़ा भारी, पति ने फावड़े से काटकर की हत्या पूर्व मंत्री और बसपा के कद्दावर नेता को पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता पूर्व मंत्री और बसपा के कद्दावर नेता को पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता  लोकसभा चुनाव खत्म होते ही बंद हुआ नमो टीवी, भाजपा ने दिए थे इतने लाख रुपए सीडीओ ने देवलान गौशाला का किया निरीक्षण बड़ा मंगल दे रहा है दस्तक, लखनऊ मेट्रो की सवारी कर बचें धूप और जाम से आजम खान के खिलाफ आचार संहिला उल्लंघन के 13 मामलों में आरोप पत्र दाखिल
 

Health_is_Wealth : काम के बोझ में डूबे कर्मचारी हो रहे बीमार


HARENDRA SINGH 03/03/2018 08:48:14
899 Views

Health is wealth Assocham Workers can sleep less than 6 hours with the workload Newstimes

New Delhi. भारत में करीब 56 फीसदी कॉरपोरेट कर्मचारी दिन में 6 घंटों से भी कम की नींद लेते हैं, क्योंकि उनके नियोक्ता द्वारा दिये गये लक्ष्य के बोझ से उन्हें उच्च स्तर का तनाव रहता है। जिसका असर उनकी नींद पर पड़ता है। Assocham हेल्थकेयर ने यह जानकारी दी है।

यह भी पढ़ें..Health_is_wealth: Towel से होती हैं ये बीमारियां, जानें

Assocham हेल्थकेयर में कहा गया, "नियोक्ता द्वारा अनुचित और अवास्तविक लक्ष्य देने के कारण कर्मचारियों की नींद उड़ रही है, जिससे उन्हें दिन में थकान, शारीरिक परेशानी, मनोवैज्ञानिक तनाव, प्रदर्शन में गिरावट और शरीर में दर्द जैसी परेशानियां होती हैं और इसके कारण वे जरूरत से ज्यादा छुट्टियां लेते हैं।"

यह भी पढ़ें..Health is wealth: 2018 में अब तक Swine Flu से 103 लोगों की मौतें

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नींद में कमी की सालाना लागत 150 अरब डॉलर है, क्योंकि इससे कार्यस्थल पर उत्पादकता घट जाती है। काम का दवाब, सहकर्मियों का दवाब और कठिन बॉस, ये सभी मिलकर लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बिगाड़ रहे हैं।

Health is wealth Assocham Workers can sleep less than 6 hours with the workload Newstimes

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि भारतीय कार्यबल का करीब 46 फीसदी हिस्सा तनाव से जूझ रहा है। यह तनाव निजी कारणों, कार्यालय की राजनीति या काम के बोझ के कारण है। मेटाबोलिक सिंड्रोम के मामले बढ़ रहे हैं, जिसमें मधुमेह, उच्च यूरिक एसिड, उच्च रक्त चाप, मोटापा, और बढ़ता कोलेस्ट्रॉल शामिल है।

यह भी पढ़ें..Health_is_wealth: ये घर के नुस्खे चंद मिनटों में मिटाएंगे थकान

रिपोर्ट की मानें तो सर्वेक्षण में शामिल 16 फीसदी लोग मोटापा से पीड़ित थे और 11 फीसदी लोग डिप्रेशन से पीड़ित थे। बढ़ते रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित लोगों की संख्या क्रमश 9 फीसदी और 8 फीसदी है।

Health is wealth Assocham Workers can sleep less than 6 hours with the workload Newstimes

रिपोर्ट में कहा गया कि स्पोंडिलाइसिस (5 फीसदी), हृदय रोग (4 फीसदी), सर्वाइकल (3 फीसदी), अस्थमा (2.5 फीसदी), स्लिप डिस्क (2 फीसदी) और अर्थराइटिस (1 फीसदी) जैसी बीमारियों कॉरपोरेट कर्मचारियों में आम है।

यह भी पढ़ें..Health_is_Wealth : Holi 2018 पर बनाएं ये हेल्दी और टेस्टी पकवान

रिपोर्ट में बताया गया, "डिप्रेशन, थकान, और नींद विकार ऐसी स्थितियां और जोखिम हैं, जो अक्सर पुरानी बीमारियों से जुड़ी होती है और उत्पादकता पर सबसे बड़ा प्रभाव डालती है।"

Web Title: Health is wealth Assocham Workers can sleep less than 6 hours with the workload Newstimes ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया