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चहेते अधिकारियों के लिए सरकार के ठेंगे पर कोर्ट का आदेश: उर्वशी शर्मा


SHUBHENDU SHUKLA 04/03/2018 14:05:18
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Lucknow. सुप्रीम कोर्ट ने सेवानिवृत्त अफसरों को 15 दिनों के भीतर सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया है लेकिन आदशों को ठेंगे पर रख अधिकारी अवासों में कब्जा बनाए हुए हैं। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार भी अपने चहेते अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कोर्ट के आदेशों को भी दरकिनार कर दिया है। यह बातें समाज सेविका उर्वशी शर्मा ने न्यूज टाइम संवाददाता से बातचीत के दौरान कही। उर्वशी ने कहा कि कोर्ट का आदेश मिलने के बाद भी पूर्व IAS सदाकांत शुक्ला सरकारी आवास पर कब्जा जमाए हुए हैं। 

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कोर्ट के आदेश दरकिनार 

उर्वशी ने कहा कि भले ही वरिष्ठ अधिकारियों के सेवानिवृत्ति होने के बाद सरकारी अवास छोड़ने आ आदेश दिया है लेकिन न तो सरकार को ही आदेशों से फर्क पड़ता है और न ही प्रशासनिक अधिकारियों को।   अधिकारी खुलेआम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऐसा लगता है कि सरकार को अपने चहेते अधिकारियों को उपकृत करने के उच्चतम न्यायलय के आदेश की अवमानना से भी डर नहीं लगता है।

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सीएम से की मांग 

उर्वशी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के चहेते सेवानिवृत्त IAS सदाकांत महीनों बाद भी गौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास पर कब्जा जमाए बैठे हैं। जो कि कोर्ट के आदशों की अवमानना है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सेवा निवृत्त अधिकारियों को सरकारी आवास छोड़ने के आदेश की प्रतियां सीएम को भेजी है। साथ ही सदाकांत समेत अन्य सेवा निवृत्त उच्च अधिकारियों के आवास खाली कराने की मांग की है। 

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सरकार की छवि धूमिल

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि लखनऊ के विकास नगर में सदाकांत का निजी आवास है। लेकिन गौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास खाली नहीं करने का कारण उनके द्वारा अवैध कार्यों को किया जाना है। उन्होंन इसका एक और कारण राज्य संपत्ति विभाग की मिलीभगत भी बताया है। उन्होंने कहा कि यह स्थित सरकार की छवि भी धूमिल करने वाली है।  

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सेवाकाल में फ्रॉड

उन्होंने सदाकांत पर सेवाकाल में फ्रॉड और कूटरचित अभिलेख बनाकर राज्य संपत्ति विभाग का सरकारी आवास चार सौ बीसी से हथियाने का  आरोप भी लगाया। इस मामले में उनके खिलाफ जालसाजी की धाराओं में FIR लिखाने का मामला एसएसपी के समक्ष लंबित हैै। मामले को लेकर वह न्यायलय जाएंगी।

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गौरफरमाने वाली बात है कि एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने की बात कहकर जनता का भरोसा जीतती है। लेकिन खुलेआम प्रशासनिक अधिकारी कानूनों और नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। इतना सबकुछ होने के बाद भी सराकर हाथ पर हाथ धरे बैठी है। 

Web Title: Not being followed orders of leave of resident officers of Supreme Court ( Hindi News From Newstimes)


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