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सरस्वती बालिका विद्या मंदिर का उद्घाटन, पढ़ाई के साथ संस्कार भी सीखेंगी बेटियां: राज्यपाल


SHUBHENDU SHUKLA 09/03/2018 11:22:41
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Lucknow. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दूसरे दिन शुक्रवार को बेटियों को पढ़-लिखकर तरक्की करने का एक अवसर मिला है। लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में उनको सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की सौगात मिली है। विद्यालय का उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक ने किया।

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उद्घाटन समारोह का शुभारम्भ राष्ट्रगीत वंदे मातरम से किया गया। इसके बाद नन्हे मुन्ने बच्चों ने बेजोड़ नृत्य प्रस्तुत कर वहां मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया। समारोह में लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति सुरेन्द्र प्रताप सिंह, केजीएमयू के कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट, विद्या परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री राम कृष्ण चतुर्वेदी, प्रदेश मंत्री हरेंद्र श्रीवास्तव, प्रदेश निरीक्षक राजेन्द्र बाबू ने शिरकत की। 

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सरस्वती बालिका विद्या मंदिर का उद्घाटन करना महान अवसर

राज्यपाल राम नाईक ने उद्घाटन समारोह में कहा कि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। यह बहुत ही सुखद संयोग है कि इसी के दूसरे दिन ही जानकीपुरम में सरस्वती बालिका विद्या मंदिर का उद्घाटन जैसा महान कार्य करने का अवसर उनको मिला। राज्यपाल ने कहा कि यह भी एक संयोग है कि उद्घाटन कार्य उनके हाथों से संपन्न हुआ।

बाल विद्या मंदिर का कार्य सराहनीय

श्री नाईक ने कहा कि किसी भी भवन का शिलान्यास होता है तो उसमें समय और लागत का महत्व होता है। कभी-कभी तो न समय से कार्य पूरा हो पाता है और न ही मन मुताबिक लागत में कार्य हो पाता है। लेकिन बाल विद्या मंदिर ने जो कार्य करवाया है, वह अत्यंत ही सराहनीय है।

कार्य होने के बाद कमी न हो

राज्यपाल ने कहा कि उनको इस बात की भी खुशी है कि इस स्कूल का शिलान्यास पहले ही गृहमंत्री ने​ किया था। डेढ़ साल में इस विद्यालय को बनाकर तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन कुछ विलंब हुआ। उन्होंने कहा कि विलंब होना स्वाभाविक है, लेकिन कार्य होने के बाद उसमें कोई भी कमी नहीं होनी चाहिए। यह कार्य बाल विद्या मंदिर ने कर दिखाया है। 

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राज्यपाल ने दिए सफलता के चार मंत्र 

राज्यपाल ने जीवन में सफलता पाने के लिए चार मंत्र भी दिए। उन्होंने कहा कि जब वह पढ़ाई करते थे तो उनको शिक्षक से ये मंत्र मिले थे। इसे आज आप लोगों को दे रहा हूं। श्री नाईक बोले कि छात्राएं आज हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। ऐसे में ये मंत्र उनको और भी ऊंचाई पर ले जाएंगे। 

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स्माइल(मुस्कराहट)-राज्यपाल ने छात्रों को पहला मंत्र मुस्कराने का दिया। उन्होंने कहा कि इससे हर मुश्किल काम आसान हो जाता है। इसे कभी भी अपने जीवन से अलग नहीं होने दें। 

एप्रीसिएट(तारीफ)-  एप्रीसिएट को उन्होंने दूसरे मंत्र के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने अच्छा काम किया है तो उसकी तारीफ करना जरूर सीखें। 

डोंट बिलिटिल अदर्स(दूसरों को छोटा मत समझें) तीसरे मंत्र के रूप में उन्होंने बताया कि किसी की अवमानना नहीं करें, न ही किसी को छोटा समझें। यदि आप आधा प्रतिशत नंबर अधिक पाते हैं, तो यह मन में नहीं आना चाहिए कि आप ही सर्वश्रेष्ठ हैं। अहंकार की भावना ऐसे ही बलवती होती है।

कार्यों को और बेहतर करने के रास्ते खोजें- चौथे मंत्र के रूप में उन्होंने कहा कि कभी किसी की कमी नहीं निकालनी चाहिए। सबको अवसर मिलना चाहिए। जो भी काम आप करें उसे और भी बेहतर करने का रास्ता हमेशा खोजते रहें।

व्यवसाय का जरिया

राज्यपाल ने कहा कि आज के परिवेश में स्कूलों को लोग व्यवसायिक भी बना रहे हैं। मुनाफा कमाने के लिए स्कूल खोल रहे हैं। मोटी फीस शिक्षा के नाम पर वसूल रहे हैं। यह शिक्षा जैसे मंदिर में नहीं होनी चाहिए। ​इससे अलग रहते हुए विद्या भारती ने अहम फैसला लिया है कि 25 प्रतिशत बेटियों को निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। 

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शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार

राज्यपाल ने कहा कि पहले की अपेक्षा में आज शिक्षा का प्रतिशत और गुणवत्ता दोनों ही बढ़ा है। जब वह 1954 में बीकॉम कर रहे थे तो 150 छात्रों में मात्र 4 छात्राएं कक्षा में थीं। लेकिन आज हर विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में छात्राओं की संख्या 50 प्रतिशत देखने को मिलती है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति रहे डा सर्वपल्ली राधा कृष्णन का उदाहण देते हुए कहा, यदि एक लड़का शिक्षित होता है तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है। लेकिन जब एक लड़की शिक्षित होती है तो न केवल परिवार बल्कि आने वाली पीढ़ियां शिक्षित होती हैं।उन्होंने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेई ने सर्व शिक्षा अभियान अभियान शुरू किया था। इससे शिक्षा के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ।

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 छात्रों के जीवन का महत्वपूण दिन

उन्होंने कहा कि छात्रों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन तब होता है जब उनको ​सारी परीक्षाएं पास करने के बाद दीक्षांत समारोह पर डिग्री दी जाती है। उन्होंने कहा कि 25 विश्वविद्यालय ऐसे हैं जो छात्रों को डिग्रियां शिक्षा पूरी करने के बाद देते हैं। इस क्रम में अब तक करीब 50 लाख 60 हजार 75 छात्रों को डिग्रियां बांटी जा चुकी हैं। वहीं करीब 7 लाख 97 हजार 6 सौ से अधिक छात्रओं को डिग्रियां मिल चुकी हैं। 

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 छात्राओं का शिक्षा प्रतिशत बढ़ा

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का प्रतिशत जिस तेजी से लड़कियों में बढ़ा है, वह सराहनीय है। शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं का कुल 51 प्रतिशत रहा। यह छात्रों से बेहतर है। वहीं, 66 प्रतिशत छात्राओं को पदक मिले हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि बेटियों की शिक्षा का स्तर आगे बढ़ रहा है।

10 लाख का अनुदान 

कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने स्कूल को और बेहतर करने के लिए व बेटियों को आगे बढ़ने के लिए 10 लाख रुपए अनुदान देने का वचन दिया।  

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 शिक्षा सबके लिए जरूरी

इस मौके पर मेयर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल हमारे बीच हैं, यह सौभाग्य की बात है। राज्यपाल से उनको हमेशा प्रेरणा मिलती रहती है। पहली बार राजधानी में स्वतंत्र रूप से बालिकाओं के लिए विद्यालाय खोला गया है। शिक्षा सबके लिए जरूरी है। बेटे शिक्षित होकर एक घर को संभालते हैं, लेकिन बेटियां शिक्षित होकर दो घरों को संभालती हैं। बेटियां आने वाले भविष्य को नई दिशा देती हैं। जिस उद्देश्य से उनको शहर का मेयर चुना गया है। वह उस खरा उतरने के लिए कार्य करने में लगी हुई हैं। नगर निगम से सं​बंधित यदि किसी भी तरह की सहायता स्कूल को चाहिए तो वह हर संभव मदद करेंगी।

 मंगल दिवस का आयोजन

उन्होंने हर मंगल दिवस कार्यक्रम का आयोजन शुरू किया है। इसमें सभी विभागों से संबंधित अधिकारी मौजूद होते हैं। यहां जो भी व्यक्ति समस्याओं को लेकर पहुंचता है, उसका निराकरण हर स्तर पर कराने की कोशिश होती हैं। यदि तत्काल निस्तारण नहीं हो पाता है तो तय समय में पूरा कराने का प्रयास किया जाता है। यदि तय समय में समस्याओं का निकराकरण नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी से सवाल भी पूछती हैं। उनहोंने कहा इस आयोजन का लक्ष्य एक साथ लोगों की समस्याओं का निस्तारण किया जाना है। 

 

 

Web Title: Governor Ram Naik inaugurated Saraswati Balika Vidya Mandir situated in Janakipuram ( Hindi News From Newstimes)


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