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मानसिक बीमारियों से बचना है तो यह जरूर करें वरना.....


SANDEEP PANDEY 17/03/2018 11:52:26
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LUCKNOW.  आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में लोग मानसिक रूप से बीमार पड़ जाते हैं। अगर मानसिक बीमारियों से बचना है तो खान-पान के साथ कसरत जरूर करें। रोजाना आधे घंटे कसरत कर तनाव संबंधी दूसरी मानसिक बीमारियों के खतरों से 80 फीसदी तक बच सकते हैं। चंडीगढ़ स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च में मानसिक चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजीत अवस्थी ने दी। वह शुक्रवार को केजीएमयू इंडियन एसोसिएशन फॉर जीरियाट्रिक मेंटल हेल्थ की ओर से कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

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पौष्टिक खाने के साथ कसरत भी जरूरी

डॉ. अजीत अवस्थी ने कहा कि अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक खाने के साथ कसरत भी जरूरी है। कम से कम 30 मिनट कसरत करनी चाहिए। इसमें तेज गति से चलना, योग, जिम व एरोबिक आदि शामिल हैं। इससे तमाम तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। मानसिक बीमारियां भी पास नहीं फटकती हैं। उन्होंने कहा कि डायबिटीज व ब्लड भी काबू में रहता है। इससे मरीज को भविष्य में भूलने की बीमारी डिमेशिया की चपेट में आने से बचाया जा सकता है।

समय पर कराएं इलाज

पीजीआई चंडीगढ़ के डॉ. संदीप ग्रोवर ने कहा कि डिमेंशिया 60 वर्ष की उम्र पार करने वालों में होने की संभावना अधिक रहती है। इसमें व्यक्ति भूलने लगता है। मरीज रोजमर्रा की बातें व काम भूल जाता है। यह परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। भूलने की बीमारी का समय पर इलाज कराना चाहिए। इलाज में देरी से हालत गंभीर हो सकती है।
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मोबाइल दिमाग को कर रहा सुस्त

डॉ. अजीत अवस्थी ने बताया कि मोबाइल और इंटरनेट हमारे दिमाग को सुस्त कर रहा है। लोग दिन रात मोबाइल में जुटे रहते हैं। इसका प्रभाव सेहत के साथ दिमाग पर पड़ रहा है। याददाश्त कमजोर हो रही है। वहीं ग्रहण करने की ताकत भी कमजोर हो रही है। पहले लोग मुहावरे, श्लोक आदि को याद करते थे। उसका इस्तेमाल आम बोलचाल की भाषा में कर रहे थे। अब माहौल बदल गया है। मोबाइल व इंटरनेट तो लोग खूब देख रहे हैं लेकिन उसकी अच्छाईयों को ग्रहण नहीं कर रहे हैं।

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अपनों से दूरियां मानसिक बीमारी की वजह

केजीएमयू वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. एससी तिवारी ने कहा कि बुजुर्गों में मानसिक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। तनाव व अपनो की दूरियां बुजुर्गों को मानसिक रूप से बीमार बना रही है। लोग बुजुर्गों से बात नहीं करते हैं। मनोरंजन का कोई साधन नहीं होता है। ऐसे में उन्हें लगता है कि वह परिवार से अलग-थलग हो गए हैं। ऐसे में बुजुर्ग मानसिक बीमारियों की जद में आसानी से आ जाते हैं।

Web Title: If you want to avoid mental illness, please do it or else ( Hindi News From Newstimes)


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