मुख्य समाचार
 

कहीं आपको बीमार न करें सरकारी मकानों की ये ईंटें, भाभा सेंटर दे चुका है चेतावनी


HARSHIT MISHRA 22/03/2018 23:48:09
6918 Views

-मिट्टी से रायल्टी समाप्त किये जाने का ईट निर्माता समिति ने किया स्वागत

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ के घोषणा मिट्टी से रायल्टी की वसूली समाप्त किये जाने का उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति ने स्वागत किया। साथ ही ईंट पर रायल्टी मूल्य 54 रुपये प्रति हजार का तीन गुना 162 रुपये प्रति हजार ईंट कम कर आम नागरिकों को 875 करोड़ का लाभ देने का एलान किया। 

यह भी पढ़ें:होटल में आग की सूचना पर मचा हड़कंप
यह जानकारी ईंट निर्माता समिति के महामंत्री अतुल कुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी। वार्ता में मौजूद समिति के अध्यक्ष विजय गोयल ने कहा कि सरकार का यह फैसला किसानों व आम जनों के लिए वरदान साबित होगा। रायल्टी समाप्त किये जाने से ईट भठ्ठा उद्योग जहां एक ओर प्रशासन व पुलिस के उत्पीड़न से मुक्त होगा। वहीं दूसरी ओर ईंटों के बिक्री रेट में कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण निर्णय से श्रमिकों के पलायन को रोकने में मदद मिलेगी। 

यह भी पढ़ें:हाई स्कूल के लापता छात्र का लटकता मिला शव

ये ईटें जानलेवा
गोयल ने बताया कि एलडीए के मुख्य अभियंता इन्दु शेखर ने लाल ईंटों के बजाये लाई ऐश ईटों के प्रयोग पर जोर दिया है। जबकि भाभा रिसर्च इंस्टीट्यूट सेंटर रिसर्च ने यह प्रमाणित किया है कि लाई ऐश ईटों से निर्मित आवासों में रहने वाले लोगों को दमा व चर्म रोगों से ग्रसित होने की संभावना है। लेकिन इसके बावजूद भी भाभा रिसर्च के प्रमाणों को नजर अंदाज कर अधिकारी सरकारी मकानों के निर्माण में लाई ऐश ईटों का प्रयोग किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें:#big breking : सिरफिरे ने राड से पीटकर पत्नी को उतारा मौत के घाट

उन्होंने कहा कि एलडीए व अन्य एजेंसियों के इस फैसले से हजारों श्रमिकों को भी नुकसान होगा। इस दौरान समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष गोपी श्रीवास्तव, जयप्रकाश नागपाल, लखनऊ ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, मुकेश मोदी व प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रताप बहादुर व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

Web Title: Rebate of Triplets per 1000 bets ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया