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स्कूल चलो अभियान में पलीता लगा रहे बीएसए, सीएम की मंशा पर फिर रहा पानी


SHUBHENDU SHUKLA 02/04/2018 19:07:43
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Lucknow. प्रदेश की योगी सरकार बच्चों के शिक्षा स्तर को बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान को और तेजी से प्रसारित करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्षों, महापौर नगर निगम, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, ब्लाक प्रमुखों तथा ग्राम प्रधानों को सहयोग के लिए पत्र भी लिखा है। सीएम योगी ने पत्र लिखकर सभी से पूरा सहयोग प्रदान करने का अनुरोध भी किया है, जिससे शत-प्रतिशत बच्चों का प्रवेश तथा उनकी उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।

Department of education made indifferent How Completed School Will Meet The Campaign Dream 

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स्कूल चलो अभियान

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार 2 अप्रैल से राज्य में स्कूल चलो अभियान शुरु हुआ है। लेकिन सवाल यह भी है कि जब शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल चलो अभियान में लापरवाही करेंगें प्रदेश में शिक्षा का विकास कैसे होगा।
बतातें चले कि बीते दिनों बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के अभिभावक चक्कर लगा रहें है, लेकिन शिक्षा विभाग पर इसका कोई असर नहीं है। विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी गरीब बच्चों की सुनने को तैयार नहीं है। 

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हाथ पर हाथ धरे बैठे बीएसए

सवाल उठता है कि प्रदेश की सरकार गरीब के बच्चों को शिक्षा देने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है, लेकिन बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं। विभाग में बच्चों का एडमिशन कराने की शिकायत करने पहुंच रहे अभिवावकों को खली हाथ लौटा दिया जा रहा है। उदासीनता के कारण प्रदेश के मुख्यमंत्री का सपना प्रदेश का हर बच्चा बने शिक्षित पर पानी फिर सकता है।

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काफी बच्चे हैं ऑउट ऑफ स्कूल 
 

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में इस बात का उल्लेख किया है कि प्रदेश में अभी भी काफी बच्चों का विद्यालय में नामांकन न होने के कारण उन्हें नि:शुल्क शिक्षा-व्यवस्था का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह भी राज्य सरकार के जानकारी में है कि अभी भी काफी बच्चे ऑउट ऑफ स्कूल हैं, जो प्रदेश के शिक्षा की विकास में बाधक हैं। ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उन्हें विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़े जाने की आवश्यकता की बात कही है।

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शत-प्रतिशत नामांकन कराना लक्ष्य 

शैक्षणिक सत्र 2018-19 में 6-14 वर्ष के शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराना हमारा लक्ष्य है।

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घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने,  शिक्षा के महत्व से परिचित कराने, शत-प्रतिशत बालक-बालिकाओं का नामांकन कराने एवं उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा स्कूल चलो अभियान संचालित किया जाएगा। 

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निशुल्क शिक्षा है मौलिक अधिकार
 

मुख्यमंत्री ने पत्र में यह भी लिखा है कि भारत के संविधान में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के मौलिक अधिकार की व्यवस्था है। हम सबका दायित्व है कि इस आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को विद्यालय में प्रवेश दिलाकर उसे नि:शुल्क प्रारम्भिक शिक्षा सुलभ करायी जाए। शिक्षा से बच्चों के बौद्धिक विकास के साथ ही उनका श्रेष्ठ नागरिक बनने का मार्ग प्रशस्त होता है। 

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सरकार की प्राथमिकता

प्रारम्भिक शिक्षा की सुव्यवस्था वर्तमान प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, यूनिफार्म, स्वेटर, जूता-मोजा तथा नियमित गुणवत्तायुक्त दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने और उनके पठन-पाठन की समुचित व्यवस्था करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

Web Title: Department of education made indifferent How Completed School Will Meet The Campaign Dream ( Hindi News From Newstimes)


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