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अस्पताल के डॉक्टर बच्चों की जान के साथ कर रहे खिलवाड़


SANDEEP PANDEY 10/04/2018 14:32:46
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The doctor in the hospital is playing with the lives of children

LUCKNOW. जिला अस्पताल के डॉक्टर बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होने पीलिया (लिवर फल्योर) से पीड़ित 50 फीसदी बच्चे बिना प्राथमिक उपचार के पीजीआई रेफर कर दिया हैं।

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स्थिति हुई काफी गंभीर

 पीजीआई के पिडियाट्रिक गैस्ट्रो इंट्रोलाजिस्ट डॉ. मोनिक सेन शर्मा बताते हैं कि पीजीआई पहुंचने वाले 50 फीसदी बच्चों के मामलों में देखा गया कि इन्हें जरूरी प्राथमिक उपचार नही मिलने की वजह से इनकी स्थिति गंभीर हुई। उन्होंने बताया कि लिवर फेल्योर या पीलिया के पीड़ित बच्चों को प्राथमिक उपचार देकर काफी राहत दी जा सकती है। रेफर करने से पहले कोई भी डॉक्टर प्राथमिक उपचार के तौर पर बच्चों को ग्लूकोज देने, सोडियम की कमी को पूरा करने के साथ ही दौरा पड़ने की दवा देकर ही रेफर करें। यह जानकारी डाक्टरी की पढ़ाई के दौरान उन्हें बतायी जाती है। उन्होने बताया कि अमूमन दो सौ या उससे अधिक दूरी से आने वाले बच्चों के पर्चे में बीमारी ग्रेड-एक लिखी होती है लेकिन वो यहां आते-आते ग्रेड-चार हो जाती है। ऐसे में बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बचाना मुश्किल हो जाता है।

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मरीज के प्रति बर्ताव अच्छा हो

नियोनेटल यूनिट के प्रमुख डॉ. गिऱीश गुप्ता ने कहा कि बीमार बच्चे और उसके परिजनों से डॉक्टरों को अच्छे से पेश आना चाहिए। डॉक्टर का मरीज के प्रति बर्ताव अच्छा होना चाहिए।

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