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 निजी स्कूलों पर फीस नियंत्रण कानून लागू


SANDEEP PANDEY 10/04/2018 14:55:23
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Fees control laws apply to private schools

LUCKNOW.  सूबे में फीस बढ़ाने के मामले में राज्यपाल राम नाईक ने प्राइवेट स्कूलों और कालेजों पर शिकंजा कसने वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह अध्यादेश कानून बन गया है। प्रदेश सरकार ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। गजट प्रकाशन की तारीख से यह नया कानून लागू माना जाएगा। सरकार के छह माह के अंदर सत्र बुलाकर इसे विधानमंडल के दोनों सदनों से पारित कराना होगा,अन्यथा इसके प्राविधान निष्क्रिय हो जाएंगे।

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राज्य सरकार ने राज्यपाल के पास उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क निर्धारण) अध्यादेश 2018मंजूरी के लिए भेजा था। जिस पर राज्यपाल ने अपनी मंजूरी दे दी है। मौजूदा समय में राज्य विधान मण्डल सत्र में न होने के कारण और विषय की तात्कालिकता को देखते हुए राज्यपाल ने अध्यादेश का कानूनी परीक्षण कराया और उसके बाद अध्यादेश पर अपनी स्वीकृति की मुहर लगा दी।

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अध्यादेश में यह है खास

 उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क निर्धारण) अध्यादेश 2018 के प्राविधान प्रदेश में संचालित हो रहे उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद, भारतीय माध्यमिक शिक्षा परिषद, इण्टरनेशनल बेक्कलारेट और इण्टरनेशनल जनरल सर्टीफिकेट आफ सेकेण्डरी एजूकेशन या सरकार द्वारा समय-समय पर परिभाषित किन्हीं अन्य परिषदों द्वारा मान्यता व सम्बद्धता प्राप्त ऐसे सभी स्ववित्तपोषित पूर्व प्राथमिक, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाई-स्कूल और इण्टरमीडिएट कालेजों पर लागू होंगे जिनमें किसी छात्र के लिए कुल सम्भावित फीस बीस हजार रुपये वार्षिक से अधिक होगी। अध्यादेश के प्राविधान उक्त परिषदों में से किसी परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त/सम्बद्ध अल्पसंख्यक संस्थाओं पर भी लागू होंगे। अध्यादेश के प्राविधान स्वतंत्र पूर्व प्राथमिक विद्यालयों यानी प्ले स्कूलों पर लागू नहीं होंगे।

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