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बढ़ेगी बीसीसीआई की मुश्किलें, जानिए कैसे


DEVENDRA SHARMA 18/04/2018 21:21:15
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bcci should come under rti

New Delhi. बीसीसीआई की मुश्किलें बढ़ सकती है। भारतीय विधि आयोग ने कहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को अन्य राष्ट्रीय खेल संगठनों की तरह ही सूचना अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत शामिल किया जाना चाहिए। विधि आयोग का कहना है कि उसे बीसीसीआई को इस प्रकार की छूट दिए जाने का कोई कारण नजर नहीं आता। 
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राष्ट्रीय खेल संघ के रूप में काम करता है बीसीसीआई
कानून आयोग ने अपनी बुधवार को जारी रिपोर्ट ‘लीगल फ्रेमवर्क : बीसीसीआई वाइस-ए-वाइस आरटीआई एक्ट’ में यह जाहिर किया है कि बीसीसीआई को हमेशा एक निजी संगठन की तरह समझा गया है और वह वास्तव में एक राष्ट्रीय खेल संघ के रूप में काम करता है। लोकसभा में एक बयान के अनुसार, केंद्र सरकार पहले से ही बीसीसीआई को राष्ट्रीय खेल संघ के रूप में देख रही है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ऐसे में जब राष्ट्रीय खेल संघ में शामिल सभी अन्य संगठन आरटीआई अधिनियम के तहत आते हैं, तो बीसीसीआई को इस प्रकार की छूट देना सही नहीं।
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क्या होगा असर
अगर सरकार विधि आयोग के सुझाव को मान लेती है और बीसीसीआई को सार्वजनिक संस्था या आरटीआई के दायरे में आने वाली संस्था मान लेती है तो फिर राज्य, जोन या नेशनल टीम में खिलाड़ियों के चयन को लेकर कोई भी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकता है। हालांकि सरकार आयोग के सिफारिश को मानने के लिए बाध्य नहीं है।

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