सरकारी जज और वकील न बनाये जानें पर SC-ST वर्ग के अधिवक्ताओं में आक्रोश


HEENA PARVEEN 21/04/2018 17:34:03
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Lucknow. लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में पिछड़ी अनुसूचित जाति, जनजाति व अल्पसंख्यक वर्ग के अधिवक्ताओं द्वारा जज और सरकारी वकील नियुक्त किए जाने की मांग में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया।

sarkaari judge aur wakeel na baanyein jaane par sc at warg ke adhiwaqtaaon me akrosh

SC-ST वर्ग के अधिवक्ताओं में दिखा आक्रोश

इस धरना प्रदर्शन में लखनऊ, इलाहाबाद, बहराइच, प्रतापगढ़, बाराबंकी, उन्नाव प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से सैकड़ों की संख्या में आए अधिवक्ताओं ने जज बनाने मांग की। उन्होनें कहा- पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति का कोई जज नहीं बनाया जाता है।

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भारत देश की जनता द्वारा दिए गए टैक्स से ही जजों एवं सरकारी वकीलों को वेतन दिया जाता है परंतु उस धनराशि का भुगतान वर्ग विशेष को ही किया जा रहा है। पिछड़े वर्ग से 2 सरकारी वकील वाद धारक जैसे महत्त्व हीन पद पर नियुक्ति है। साथ ही मौर्या ने कहा कि फरवरी 2018 के आंकड़ों के अनुसार, देश के सभी उच्च न्यायालय में कुल 676 जज हैं, जिसमें मात्र 13 जज पिछड़े वर्ग एवं अनुसूचित जाति व जनजाति से हैं।

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प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा है कि वर्तमान सरकार ने ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा देकर केंद्र और राज्य में सरकार बनाई, जिसमें समाज के सभी वर्गों ने सहयोग किया किंतु वर्तमान सरकार आम जनता के द्वारा दिए गए टैक्स से समाज के केवल वर्ग विशेष को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है और समाज में अन्य वर्गों को लाभ से वंचित रखा जा रहा है।

 

 

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