नीति आयोग उपाध्यक्ष व मुख्य सचिव होंगे सम्मानित, लखनऊ विवि में एलुमनाई 28 को


SHUBHENDU SHUKLA 21/04/2018 19:51:41
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LUCKNOW. लखनऊ विश्वविद्यालय एलुमनाई फाउंडेशन विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवायें दे रहे पूर्व छात्र-छात्राओं का सम्मान करेगा। विश्वविद्यालय ने बैठक कर निर्णय लिया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस खेमकरन, प्रोफेसर डीपी सिंह मेंबर यूजीसी व शिक्षाविद जगदीश गांधी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया जायेगा।

अन्य एलुमनाइ विजेताओं में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, मुख्य सचिव उप्र शासन राजीव कुमार, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ, आईआईटी खरगपुर निदेशक प्रो. एसके दुबे, पूर्व डीजीपी यूपी सुलखान सिंह, प्रख्यात कलाकार सुरेंद्र पाल जोशी, चिकित्सक डॉ. सलिल टंडन, वल्र्ड ट्रांसप्लांट गेम्स में गोल्ड विजेता धर्मेंद्र सोती, गौरी मुलेखी व अप्रवासी भारतीय रवि शर्मा शामिल हैं। लविवि प्रवक्ता ने बताया कि समारोह आगामी 28 अप्रैल को मालवीय सभागार में आयोजित किया जायेगा जिसमें बतौर मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा शामिल होंगे।

Organizing a respected function at Lucknow University on 28th April

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छात्रों में खुशी की लहर

वहीं दूसरी ओर आईटीआई में सेमेस्टर प्रणाली नये सत्र में समाप्त होने से छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गयी है। सेमेस्टर प्रणाली खत्म करने से छात्रों को अब ट्रेनिंग के लिए ज्यादा समय मिलेगा। नये सत्र से प्रवेश लेने वाले छात्र दो वार्षिक परीक्षाओं से गुजरेंगे। वहीं, पूरक परीक्षाएं जनवरी से फरवरी के बीच होंगी। मालूम हो कि डीजीटी प्रशिक्षण निदेशालय ने नये सत्र से पांच साल पुरानी सेमेस्टर प्रणाली को आईटीआई से हटा दिया है। अब छात्रों को वर्ष में एक ही बार परीक्षा में बैठना होगा। इसके साथ ही डीजीटी ने अंकों को लेकर भी बदलाव कर दिये हैं। 

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4 सौ अंकों का प्रैक्टिकल

नये सत्र से छात्रों के सेशनल और प्रैक्टिकल 400 अंक एवं लिखित परीक्षा 300 अंक ही होगी। डीजीटी के फैसले का अधिकांश छात्रों ने स्वागत कियाए लेकिन कुछ छात्रों ने इसको लेकर नाराजगी भी जाहिर की। छात्रों की माने तो यह बहुत अच्छा कदम है। इससे आने वाले छात्रों को इंडस्ट्री ट्रेनिंग के लिए समय मिलेगा। सेमेस्टर और परीक्षाओं के चलते ट्रेनिंग प्रभावित होती है। लेकिन अब 9 महीने की पूरी ट्रेनिंग में छात्र शामिल हो सकेंगे। इसका फायदा मिलेगा।

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ट्रेनिंग के लिए पर्याप्त समय

डीजीटी ने यह फैसला सार्टिफिकेट पाने वाले छात्रों को ट्रेनिंग प्रशिक्षण में और कुशल कारीगर बनाने को लेकर लिया है। दरअसल अभी तक सेमेस्टर प्रणाली के चलते छात्र परीक्षाओं में ही जुझे रहते थे और उद्योगों में कम समय बिता पा रहे थे। लेकिन अब दो वर्षीय पाठ्यक्रम से जुड़े छात्रों को 9 महीने और एक वर्षीय पाठ्यक्रम से जुड़े छात्रों को पांच महीने की ट्रेनिंग कराया जाना अनिवार्य होगा।

Web Title: Organizing a respected function at Lucknow University on 28th April ( Hindi News From Newstimes)


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