#Special: दलित पिता और बेटी के संघर्ष की दास्तान है आसाराम की उम्रकैद


UMENDRA SINGH 26/04/2018 10:55 AM
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Jodhpur. आखिरकार दुष्कर्म के दोषी आसाराम को सजा मिल ही गई। यह एक दलित पिता और उसकी बेटी के संघर्ष की दास्तान भी है जो अत्याचार के खिलाफ खड़े हुए। उनकी हिम्मत ने ही आसाराम को सलाखों के पीछे पहुंचाया।

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aasaram case in jodhpur court

एक समय आसाराम के भक्त शाहजहांपुर के दलित व्यक्ति को उस समय झटका लगा जब उनको पता लगा कि उनकी नाबालिग बेटी से आसाराम ने बलाक्तार किया है। पहले तो उनको भरोसा ही नहीं हुआ लेकिन बाद में जब सच सामने आय़ा तो उन्होंने अपनी बिटिया को इंसाफ दिलाने की ठानी।

   केस लड़ने के चक्कर में बिक गये ट्रक
आपको शायद पता नहीं होगा लेकिन बिटिया को इंसाफ दिलाने की वजह से उनका बिजनेस तक चौपट हो गया। शाहजहांपुर में पीड़िता के पिता के ट्रक चलते थे। लेकिन इतने बड़े रसूखदार बाबा के खिलाफ केस लड़ने की वजह से उनको अपने ट्रक तक बेचने पड़ गये। लेकिन न वो झुके न ही उनकी बेटी झुकी। 

   मिलती रहीं धमकियां, पैसों का भी प्रलोभन

ऐसा नहीं है कि आसाराम ने उनको परेशान नहीं किया। उनको लगातार जान से मारने की धमकियां मिलती रहीं। इतना ही नहीं उनके अपहरण से लेकर उनको पैसों का प्रलोभन भी दिया गया। इसके बाद भी दलित पिता नहीं झुका और अदालत में अपना केस लड़ता रहा।

   पीड़िता बोली, कोर्ट पर बढ़ गया भरोसा
आसाराम को जब उसके कर्मों की सजा मिली तो पीड़िता के चेहरे पर विजयी मुस्कान थी। उसको इंसाफ मिल गया था। पीड़िता ने कहा कि उसका कोर्ट पर भरोसा बढ़ गया है। पीड़िता बोली कि आज पता चला कि न्याय की देवी की आंखों में काली पट्टी क्यों बंधी रहती है। 

Web Title: aasaram case in jodhpur court ( Hindi News From Newstimes)


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