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मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम, बैकफुट पर आधार, लिंक कराना जरूरी नहीं


ANKIT RASTOGI 02/05/2018 13:19:01
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 New Delhi. कालाधन और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिहाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते साल बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया। इसके तहत नोटबंदी का ऐलान हुआ। ऐलान के बाद तत्काल प्रभाव से सभी पुराने 500 और 1000 के नोट चलन से बाहर कर दिए गए। इसके बाद डिजिटल की दिशा में केंद्र ने कदम बढ़ाए और आधार को व्यक्ति की विशेष पहचान पत्र के रूप में पेश कर दिया।

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Backbut Modi government, not necessarily aadhar

  आधार की अनिवार्यता पर संशय...

इसके बाद विपक्ष ने आधार की अनिवार्यता को निजता का हनन बताया। इस कारण लोगों में आधार पर संशय पैदा हुआ। बाद में खबरों में भी जिक्र किया गया कि आधार से जनता की निजी जानकारी सार्वजनिक होने का खतरा है। साथ ही लोगों की निजी जानकारी लीक होने का भी खतरा है।

आधार की अनिवार्यता को लेकर मामला अभी कोर्ट में है। फैसला आना बाकी है। ऐसे में उन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जो बिना आधार नया सिम कार्ड ले पाने में असमर्थ हो रहे हैं।

जी हां... कोर्ट का फैसला आने तक टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि आधार की जगह व्यक्ति को उसके अन्य पहचान पत्रों पर सिम कार्ड जारी किया जाए। ताकि उन्हें नया सिम लेने में आ रही असुविधा का सामना न करना पड़े।

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  यहां जरूरी नहीं आधार...

खबरों के मुताबिक़ सरकार ने मोबाइल ऑपरेटर्स को निर्देश जारी कर कहा है कि वह सिम खरीदने वाले ग्राहकों की पहचान के लिए जरूरी नहीं कि आधार कार्ड ही लें। पहचान की जांच के लिए वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस भी लिये जा सकते हैं।

वहीं, टेलीकॉम सचिव सुंदराजन ने कहा कि सरकार ने मोबाइल कंपनियों से कहा है कि वह इन निर्देशों का तुरंत पालन करें। ताकि ग्राहकों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े।

इससे पहले ये खबर भी आई थी कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें सिम नहीं दिया जाएगा। लेकिन इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि जब तक कोर्ट आधार मामले में अपना आखिरी फैसला नहीं सुना देता तब तक सिम खरीदने के लिए आधार अनिवार्य नहीं होगा।

बता दें आधार कार्ड मामले से ना केवल स्थानीय लोगों को बल्कि एनआरआई और विदेशियों को भी परेशान होना पड़ा है।

मोबाइल ऑपरेटर्स की सफाई...

मोबाइल ऑपरेटर्स उन्हें इसलिए सिम नहीं देते थे क्योंकि उनके पास आधार कार्ड नहीं था। इसके अलावा इस मामले पर अभी तक मोबाइल ऑपरेटर्स की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। इस मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार रिटेलर्स का बिना किसी कानूनी आधार के आधार कार्ड के बिना सिम कार्ड ना देना गलत हैं। ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं जाएगा।

साथ ही सरकार ने मोबाइल कंपनियों को ये भी कहा है कि वह आधार से ही मोबाइल नंबर के सत्यापन को ज्यादा गंभीरता से ना लें। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।

इससे पहले मोबाइल कंपनियां टेलीकॉम विभाग के पहले के निर्देशों के आधार पर मोबाइल सिम के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता पर जोर देती थीं। इस पर टेलीकॉम विभाग का कहना है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के लोकनीति फाउंडेशन मामले में आए फैसले के बाद ही ये निर्देश जारी किए थे। वहीं शीर्ष न्यायालय ने इस मामले में अभी तक कोई निर्देश नहीं दिए हैं। 

Web Title: Backbut Modi government, not necessarily aadhar ( Hindi News From Newstimes)


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