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World Press Freedom Day, जानें विश्व रैंकिंग में भारत की स्थिति, 6 सालों में इतने पत्रकारों ने गंवाई जान


SAMEER NIGAM 03/05/2018 16:18:06
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International. आज वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे है जो पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। वैश्विक संगठन यूनेस्को ने ट्वीट कर लिखा- पत्रकारिता कोई अपराध नहीं है। बिना सुरक्षित पत्रकारिता के सुरक्षित सूचना हो ही नहीं सकती। बिना सूचना के कोई आजादी नहीं होती। आज और रोजाना प्रेस की आजादी के लिए खड़े होना चाहिए।

भारत में भी पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। मगर देश में पत्रकारों की स्थिति पिछले कुछ सालों के दौरान काफी बदतर हुई है। वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स की 180 मजबूत देशों की सूची में भारत तीन पायदान से नीचे आ गया है अब भारत 136वें नंबर पर है। इससे पहले भारत 133वें स्थान पर था। इस सूची में पहले नंबर पर नॉर्वे है, तो वहीं दक्षिण कोरिया सबसे नीचे पायदान पर है। पूरी दुनिया में इस समय 193 पत्रकार जेल में हैं।

World Press Freedom Day, Learn India

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  पिछले 6 सालों में इतने पत्रकारों ने गवाई जान

भारत के पिछले 6 सालों के आंकड़ों को देखें तो परिस्थितियां काफी चिंताजनक हो गई हैं। साल 2013 में 73, साल 2014 में 61, साल 2015 में 73, साल 2016 में 48, साल 2017 में 46 और साल 2018 में अब तक 14 पत्रकार अपनी जान गंवा चुके हैं। दुनिया पत्रकारों के लिए नर्क वाली जगह बन चुकी है। वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में 21 देशों को काले रंग में दिखाया गया है। जिसका मतलब है कि इन देशों में प्रेस की आजादी की स्थिति बहुत दयनीय है। वही 51 देशों को खराब स्थिति वाले वर्ग में रखा गया है।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने पत्रकारों को प्रेस फ्रीडम की बधाई देते हुए लिखा है- आज भारतीय पत्रकारों के लिए कठिन समय है। ईमानदार और संतुलित आवाजों को झूठ से दबा दिया जाता है। यह बहुत जरूरी है कि हमारे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत बनाया जाए और इसे और निडर बनाने के लिए योगदान दिया जाए। तो वहीं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी पत्रकारों को सूचना का महत्वपूर्ण जरिया बताया है। उन्होंने लिखा- मुक्त और ईमानदार प्रेस लोकतंत्र की रीढ़ है।

Web Title: World Press Freedom Day, Learn India's position in world ranking, so many journalists lose in 6 years ( Hindi News From Newstimes)


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