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उधार पर जिन्दगी जीने को मजबूर हैं कर्मचारी


SMT. HARSHITA PATAIRIYA 29/05/2018 19:49:10
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झांसी। करीब पांच माह से वेतन न मिलने से राजघाट बांध परियोजना के चार सैकड़ा से अधिक कर्मचारी उधार पर जिन्दगी जीने के लिए मजबूर है। इससे परेशान कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। मंगलवार को तमाम कर्मचारी एकत्र होकर मण्डलायुक्त कार्यालय पहुंचे और उन्होंने बताया कि राजघाट बांध परियोजना प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का सांझा आयोजन है। बावजूद इसके मध्य प्रदेश की ओर से फण्ड जारी नहीं किया जा रहा है। हालात ये है कि अर्थ अभाव में कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई छूट चुकी है। 

is forced to live life on borrowed staff

कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनका एक साथी मंगल सिंह पूर्व में इलाज के अभाव में दम तोड़ चुका है। पांच माह से कर्मचारियों को सिर्फ गुमराह किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के एक अधिकारी पर आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सम्बन्धित अधिकारी हठधर्मिता पर उतारु है। जान बूझकर कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। जिसके चलते करोड़ों रूपए का फण्ड मध्य प्रदेश में बेकार पड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश की ओर से बांध सागर रीवा परियोजना का हवाला दिया जा रहा है। जबकि यूपी एमपी और बिहार की तर्ज पर राजघाट बांध परियोजना को प्रभावित करना न्याय संगत नहीं है। कर्मचारियों ने हमलावर होते हुए कहा कि हमारी बात नहीं मानी जाएगी तो बांध से सींचे जाने वाले चार लाख हेक्टेयर भाग को प्रभावित किया जाएगा। जिसमें उन नहरों को रोका जाएगा जिनसे पानी अन्य स्थानों पर दिया जा रहा है। इस दौरान राम नारायण, अशोक कुमार, अशोक राय, नरेंद्र दुबे, भगवानदास, गरीबदास, संतोष, मधु, सुमन, अजीत कुमार, कृपाराम, संतोष दुबे सुरेंद्र राय, अमित कुमार, अभिषेक द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

is forced to live life on borrowed staff

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