सोशल मीडिया से बढ़ीं पशु क्रूरता की घटनाएं : डॉ. पी.के. त्रिपाठी


RAJNISH KUMAR 07/07/2018 16:20 PM
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Lucknow. यूनाइट फाउण्डेशन की ओर से चार दिवसीय प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यशाला के दूसरे दिन पशु कल्याण और उनकी रक्षा से जुड़े कानूनों पर विस्तार से चर्चा की गई है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन यूनाइट फाउण्डेशन के लखनऊ स्थित कार्यालय में किया गया है। कार्यशाला में सह आयोजक एमआरएसपी सेवा समिति और श्री गोपेश्वर गौशाला और लखनऊ कैनाइन प्रैक्टिशनर क्लब ने सहयोग किया है। कार्यशाला के दूसरे दिन करीब 40 से ज्यादा लोगों ने भाग लिया।

Increased animal cruelty incidents of social media: Dr. P.K. Tripathi

यूनाइट फाउण्डेशन के उपाध्यक्ष डॉ. पीके त्रिपाठी ने पशु अधिकारों और उनके कल्याण पर बढ़ती मुकदमेबाजी और फर्जी घटनाओं पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि व्हाटसएप, फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया पर पशु कूरता से सम्बंधित काफी मामले देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में हमें जागरूक होने यानि उन पर शोध की करने की जरूरत है। डॉ. त्रिपाठी ने सीतापुर में कुत्तों को मारे जाने की घटना और प्रतापगढ़ में गौंवश को पीटे जाने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अक्सर सोशल मीडिया पर लोग गलत तरीके से घटनाओं का प्रचार कर देते हैं, जिससे पशुओं के प्रति भी लोग क्रूर होने लगते हैं। हमें इन सभी से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया जूनोसिस बीमारियां जैसे रैबीज आदि न फैलें इसके लिए लोग जम्मू समेत अन्य राज्यों में हजारों कुतों को मार दिया गया। ऐसे ही पक्षियों को भी मार दिया जाता है। उन्होंने कहा क्या बीमरियों के चलते हम सभी जानवरों को मार देंगे। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने पशु कानूनों और पशु कल्याण के मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने इस दौरान प्रसिद्ध नृत्यांगना रुक्मिणी देवी का भी अरुंडेल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनको जानवरों से बहुत प्यातर था। राज्यवसभा सांसद बनकर उन्होंने 1952 और 1956 में पशु क्रूरता निवारण के लिए एक विधेयक का भी प्रस्ताोव रखा था। ये विधेयक 1960 में पास हो गया। रुक्मिणी देवी 1962 से 'एनिमल वेलफेयर बोर्ड' की चेयरमैन भी रही थीं। उन्होंने कहा कि हमें भी जानवरों के प्रति जागरूक होना होगा और उनके साथ क्रूर व्यवहार कभी न करें।

Increased animal cruelty incidents of social media: Dr. P.K. Tripathi

पशु चिकित्सक डॉ. अवधेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य और उनकी बीमारियों से जुड़ी जानकारियां लोगों से साझा की। उन्होंने कहा कि पशुओं को तमाम ऐसी बीमारियां होती हैं, जिसकी चपेट में मानव भी आ सकते हैं। ऐसे में में जागरूक होने की जरूरत है। पशुओं बीमारियों से बचाने के लिए कई घरेलू टिप्स दिए। उन्होंने कह कि जहां पशु या जानवर रहते हैं, वो चाहें कांजी हाउस हो, गौशाला हो या बाड़ा, हमें हर जगह उसकी सफाई और वहां के पर्यावरण को स्वच्छ रखना चाहिए, जिससे जानवरों और पशुओं को बीमरियां न हों। इसके अलावा उन्होंने पशु कल्याण और उनकी देखभाल के साथ स्वच्छ पर्यावरण की बात कही। उन्होंने कहा कि जब पर्यावरण अच्छा रहेगा, सफाई रहेगी तो पशुओं को बीमारियां कम होंगी। इसके साथ हर छह महीने में पशुओं का चेकअप कराना चाहिए। यदि डेयरी या गौशाला है तो पशुओं के साथ उनकी देखभाल करने वाले पशुपालक का भी स्वास्थ्य परीक्षण समय समय पर कराएं, जिससे जूनोसिस बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि तमाम ऐसी बीमारियां है, जानलेवा होती हैं। ऐसे में हमें स्वयं को और पशुओं को भी सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही जागरूकता बहुत जरूरी है। इससे पहले कार्यशाला और प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन सबसे पहले प्रशिक्षणार्थियों से कई प्रश्न पूछे गए और उनका समाधान किया गया। इससे पहले तमाम जानकारियां साझा की गईं।

Increased animal cruelty incidents of social media: Dr. P.K. Tripathi

कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनाइट फाउण्डेशन  के अध्यक्ष पीयूषकांत मिश्र ने की। उन्होंने कार्यक्रम के अंत में सभी का अभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन यूनाइट फाउण्डेशन के उपाध्यक्ष राधेश्याम दीक्षित ने किया। इसके साथ ही यूनाइट के संयोजक संदीप पाण्डेय, एमआरएसपी सेवा समिति से पी.के. पात्रा और शबा खान के अलावा अंकिता भदौरिया, हर्ष श्रीवास्तव, मुकेश कुमार मौर्या, प्रदीप शुक्ला, पेमा, साकेत, कार्तिकेय सक्सेना, वर्षा, राधा समेत करीब 40 लोग मौजूद रहे।

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Web Title: Increased animal cruelty incidents of social media: Dr. P.K. Tripathi ( Hindi News From Newstimes)


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