मुख्य समाचार
किसी दुर्घटना के इंतजार में चार दिन से पड़ा आंधी में गिरा यह पेड़ पहले निर्माण, अब चारे के नाम पर गोशालाओं में प्रधान कर रहे फर्जीवाड़ा इसरो की तैयारियां पूरी, सोमवार को होगा चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण  कम नहीं हो रहीं आज़म खान की मुसीबतें, 3 और एफआईआर दर्ज छोटी सी गलती एक्टर को पड़ी भारी, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सोनभद्र: सीएम के दौरे को लेकर पुलिस ने कसा शिकंजा, पूर्व विधायक समेत कई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी  सोशल मीडिया पर कहर ढा रहीं हॉट एक्ट्रेस ईशा गुप्ता, देखें सिजलिंग तस्वीरें लखनऊ: मुठभेड़ में टिंकू नेपाली गैंग के सरगना समेत तीन गिरफ्तार, दो सिपाही जख्मी मलाइका की सिजलिंग फोटो देख खुद पर काबू नहीं रख पाए आर्जुन कपूर, कर दिया ऐसा कमेंट... यूपी में बदमाशों के हौसले बुलंद, भाजपा नेता को गोलियों से भूना दो पुलिस कर्मियों की हत्या कर भागे कैदियों में एक को मुठभेड़ में पुलिस ने किया ढेर बाढ़ और बारिश से बेस्वाद हुई दाल, टमाटर हुआ लाल, इन सब्जियों के बढ़े 50 फीसदी दाम मॉब लिंचिंग पर सपा सांसद का बड़ा बयान, कहा- पाकिस्तान न जाने की सजा भुगत रहे हैं मुसलमान अब इस दिग्गज ने की प्रियंका के नाम की वकालत बाढ़ से बेहाल असम-बिहार, ताजा तस्वीरों में देखें तबाही का मंजर पीड़ितों ने कौन सा अपराध किया जो उन्हें मुझसे मिलने से रोका जा रहा : प्रियंका AKTU : यूपीएसईई – 2019 की काउंसलिंग का तीसरा चरण आज से शुरु ICC के फैसले से सदमे में जिम्बाब्वे की टीम प्लेसमेंट ड्राइव में 5 से 7 लाख के पैकेज के साथ आई कंपनी, 120 छात्र-छात्राओं ने किया प्रतिभाग मंचीय कविता के आखिरी स्तम्भ थे नीरज : लक्ष्मी नारायण चौधरी एजाज खान के अरेस्ट होने के बाद ट्वीटर पर छाए मीम्स- यूजर्स बोले... ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जाना चाहिए मैंगो फूड फेस्टिवल का आयोजन : डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा तेजबहादुर की याचिका पर पीएम मोदी को नोटिस
 

सण्डीला: पेप्सी संयंत्र जल संकट को दे रहा बढ़ावा, शासन-प्रशासन मौन


SHUBHENDU SHUKLA 11/07/2018 10:59:49
405 Views

Lucknow. देश में पर्यावरण प्रदूषण के कारण लगातार जल संकट गहराता जा रहा है। लेकिन सरकार के पास इस विषय पर गंभीरता से सोचने का समय नहीं है। जिसका कारण है कि कुछ कंपनियां नियम और कानूनों को ताक में रखकर कारखाने चला रही है। इसका दुष्प्रभाव यह हो रहा है कि जल संकट की स्थिति और भी भयानक होती जा रही है। सोशलिस्ट पार्टी इंडिया के संदीप पांडेय बताते हैं कि देश के 6,607 इलाकों के भू-गर्भ जल का सर्वेक्षण किया गया। जिसमें पाया गया कि 1,071 इलाके अति-दोहित हैं। तमिल नाडू व केरल के दुकानदार अब पेप्सी व कोका कोला के उत्पादों का बहिष्कार कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि अमरीका की ये दो कम्पनियां भारत में भू-गर्भ जल के दोहन के लिए जिम्मेदार हैं। अनुमानित है कि पेप्सी संयंत्र 5 से 15 लाख लीटर पानी रोजाना जमीन के नीचे से निकाल रहा है।

 Pepsi plant encourages the water crisis  in Sandila

यह भी पढ़ें...अब साल में दो बार दे सकेंगे जेईई मेन और नीट के एग्जाम, दोबारा कर सकते हैं आवेदन

  क्या है मानक

उन्होंने बताया कि केन्द्रीय भू-गर्भ जल प्राधिकरण के नियमों के अनुसार यदि भू-गर्भ जल स्तर सुरक्षित सेमी क्रिटिकल या क्रिटिकल श्रेणी में है, तो जल सघन उद्योग, यानी जिन उद्योगों में मुख्य रूप से जल का प्रयोग हो रहा है, वर्षा जल के संचयन से भू-गर्भ जल स्तर को बनाए रखने का क्रमशः 200, 100 व 50 प्रतिशत जल ही उपयोग कर सकते हैं। यदि भू-गर्भ जल स्तर अति दोहित श्रेणी में है, तो भू-गर्भ जल के उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती है। केन्द्रीय भू-गर्भ जल प्राधिकरण की परिभाषा के अनुसार पेप्सी के उत्पाद, यानी बोतलबंद पानी व शीतल पेय जल सघन उद्योग की श्रेणी में आते हैं।

यह भी पढ़ें...बड़ी खबर : बसपा से बाहर किये जाएंगे कई बड़े नेता, कई पूर्व नेता फिर किये गये पार्टी में शामिल

  खर्च होता है पानी

उन्होंने बताया कि एक लीटर शीतल पेय बनाने में 2.5 से 3 लीटर पानी खर्च होता है। पेप्सी व कोका कोला कम्पनियों के 1,200 बोतलबंद पानी के व 100 के करीब शीतल पेय बनाने के कारखाने हैं। ये पानी के 50 प्रतिशत बाजार पर काबिज हैं। हरदोई जिला प्रशासन जनता को बताए कि सण्डीला क्षेत्र कर भू-गर्भ जल स्तर के चार श्रेणियों में किन नियमों का पालन कर रहा है। क्या भू-गर्भ जल उपयोग के लिए जल प्राधिकरण के नियमों को पालन किया जा रहा है? यदि भू-गर्भ जल प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो यह संयंत्र तुरंत बंद किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें...केजीएमयू पर फिर लगा लापरवाही का आरोप,मृतक युवक के प्रमाण पत्र पर गलत नाम

  बड़े बाजारों में एक

यह कितने शर्म की बात है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सण्डीला क्षेत्र में पेप्सी के संयंत्र को स्थापित करने की अनुमति दी है। भारत पेप्सी के 5 बड़े बाजारों में से एक है। यह कम्पनी इन वायदों के साथ भारत में आई थी कि 50,000 लोगों को रोजगार देगी। 74 प्रतिशत निवेश खाद्य व कृषि प्रसंस्करण उद्योग में करेगी। 50 प्रतिशत उत्पादन निर्यात करेगी व कृषि अनुसंधान केन्द्र खोलेगी जिनको इसने पूरा नहीं किया।

यह भी पढ़ें... चिनहट थाने पर सुनवाई नहीं, विधानसभा के बाहर महिला ने किया आत्मदाह का प्रयास

  आरएसएस करती थी विरोध

जब तक बीजेपी की केन्द्र में सरकार नहीं बना थी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक ईकाइ स्वदेशी जागरण मंच विदेशी कम्पनियों का विरोध करती थी। लेकिन जब से प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने विदेशी पूंजी निवेश आकर्षित करने का तेज अभियान छेड़ा है और यहां तक कि रक्षा क्षेत्र को भी विदेशी पूंजी निवेश के लिए खोल दिया है, स्वदेशी जागरण मंच ऐसे गायब हो गया जैसे गधे के सिर से सींग।

यह भी पढ़ें...आज भी नौजवानों पर भारी पड़ते हैं 52 के सलमान, अंकल कहने पर देते हैं ये रिएक्शन...

  शर्म की बात

उन्होंने कहा कि गौ रक्षा के नाम पर लोगों को पीट पीट कर मार डालने वालों व उनको सम्मानित करने वाले महानुभावों से हम पूछना चाहेंगे, क्या यह राष्ट्रीय शर्म की बात नहीं कि देश के पानी को लूट कर मनमाना मुनाफा कमाने वाली अमरीकी कम्पनियों पेप्सी व कोका कोला को हमने खुली छूट दे रखी है?

Web Title: Pepsi plant encourages the water crisis in Sandila ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया