डीजीपी से मिलने जा रहे मॉनिटरिंग फोरम, विधान सभा पर जबरन रोका


NAZO ALI SHEIKH 12/07/2018 16:14:04
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Lucknow. ह्यूमन राईट मानिटरिंग फोरम के कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश में बढ़ते “पुलिस टार्चर के विरोध में डीजीपी से मिलने जा रहे थे। जिनको भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने विधानसभा मार्ग पर रोक लिया। फोरम के सदस्य सुरेश भारती ने कहा पुलिस टार्चर शिकार पीड़ितों ने ‘स्टाप पुलिस टार्चर’, ‘से नो टू टार्चर’, ‘पुलिस टार्चर इज ए क्राइम’, ‘वी वांट स्टाप टार्चर एंड एकाउंटबिलीटी नाऊ’, ‘पुलिस प्रताड़ना पर रोक लगाओ और मानव गरिमा की सुरक्षा करो’ की तख्तियों को हाथो में लिए थे। साथ ही मुंह पर काली पट्टी बांधकर केकेसी लखनऊ से मार्च निकाला। डीजीपी से मिलने जाने नहीं देने पर फोरम के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और सभा बनाकर बैठ गए।  

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Forcibly stopped the Monitoring Forum going to meet DGP

सभा का संचालन करते हुए ह्यूमन राईट्स मोनिटरिंग फोरम के सदस्य एड. वीरेन्द्र त्रिपाठी ने कहा, उत्तर प्रदेश की पुलिस अमानवीय होती जा रही हैं] जो की घोर चिंता का विषय हैं। मानव अधिकारों की रक्षा और पुलिस टार्चर की घटनाओं को रोकने के सम्बन्ध में डीजीपी से मिलने जा रहे पीड़ित परिवार और फोरम के सदस्यों रोकना निंदनीय हैं। 

  घटनाएं बढ़ती ता रही

सभा में ह्यूमन राईट्स मोनिटरिंग फोरम के सचिव अमित ने कहा की उत्तर प्रदेश में लगातार पुलिस प्रताड़ना की घटनाएं बढ़ती ता रही हैं और सरकार टार्चर के निवारण के लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर रही हैं।  जबकि भारत सरकार ने 1997 में यूएन के कन्वेंशन अगेंस्ट टार्चर पर हस्ताक्षर कर टार्चर को ख़त्म करने की बात कही है। यदि टार्चर और दुर्व्यवहार के निवारण के लिए नियम-कानून लागू कर पुलिस की जवाबदेही तय की जाए तो पुलिस प्रताड़ना को रोका जा सकता है। 

  पुलिसिया कार्यवाही जारी

सभा को संबोधित करते हुए विडियो वालंटियर्स के राज्य समन्वयक अंशुमान ने कहा, हमारे संविधान में मानव गरिमा की सुरक्षा की बात कही गयी है। पुलिस टार्चर की घटनाओं को रोकने के लिए उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देश होने के बावजूद आम नागरिकों पर बर्बरतापूर्ण पुलिसिया कार्यवाही जारी है।सरकार पुलिस टार्चर को रोकने और पीड़ितों की मदद के बजाय आरोपी पुलिस वालों को बचाने में लगी रहती है। 

Forcibly stopped the Monitoring Forum going to meet DGP
सामाजिक कार्यकर्ता एव फोरम के सदस्य मुन्ना ने कहा सरकार मानवाधिकारों के हित की बात तो करती हैं लेकिन उसे लागू करने की बात नहीं करती।  यही असल वजह है की पुलिस उत्पीड़न की घटनाए रुकने की बजाय बढती ही जा रही हैं। 

सामाजिक कार्यकर्ता एव फोरम के सदस्य सुरेश भारती ने कहा की सुरक्षा के नाम पर पुलिस आम नागरिको का लगातार उत्पीडन कर रही हैं। उन्होंने कहा की अब तो घर से बाहर निकलने में डर लगता हैं की कही उत्तर प्रदेश की पुलिस फर्जी मुकदमें न फसा दे।  पुलिस और अपराधियों की साठगाठ की वजह से पीड़ित और आम नागरिक थाने के अन्दर जाने में डरते हैं। 

आज के मार्च में पुलिस प्रताड़ना के सभी रूपों का पुरजोर विरोध और निंदा करते हुए पुलिस प्रताड़ना के खिलाफ आम जनता में जागरूकता और प्रताड़ना के शिकार पीड़ितों की मदद के लिए पर्चा का वितरण किया गया। मार्च व सभा में माधुरी, रविन्द्र, जीतेन्द्र थारु, सुरेश, सरला, सोनी,सिमरन, अमृतलाल, इन्द्रजीत, आदि ने भी संबोधित किया विरोध मार्च में पीड़ितों सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। 

Web Title: Forcibly stopped the Monitoring Forum going to meet DGP ( Hindi News From Newstimes)


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