चुनावी महासंग्राम: MP-छत्तीसगढ़ में BSP से गठबंधन पर कांग्रेस का फैसला, विरोधी पार्टी में भूचाल


SHUBHENDU SHUKLA 15/07/2018 00:55:06
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New delhi. लोकसभा से पहले एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर महासंग्राम शुरू हो गया है। वहीं, बीजेपी को घूल चटाने के लिए गठबंध की रणनीति को लेकर कांग्रेस ने पार्टी के नेताओं से फीडबैक मांगा है। जिस पर बसपा से गठजोड़ के लिए नेताओ ने हरी झंडी दे दी है। लेकिन राजस्थान में कांग्रेस के नेता गठबंधन के पक्ष में नह होकर अकेले चुनाव लड़ने पर जोर दे रहे हैं। कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने बसपा से गठबंधन और सीटों के बंटवारे मामले में 10 से भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। कांग्रेस की इस रणनीति से विरोधी पार्टी में भूचाल है। चूंकि बसपा से गठबंधन के बाद मायावती के चक्रव्यूह को तोड़ना आसन नहीं होगा। कर्नाटक में मायावती का जादू देखने को मिला था।

Congress decision on alliance with BSP in MP and Chhattisgarh

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  हर हाल में गठबंधन

खबरों के मुताबिक शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीनों राज्यों के नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया। जिसमें बसपा से गठबंधन को लेकर जमीनी समीकरणों की बारे में जानकारी ली। हालांकि, नेताओं की राय जानने के बाद हाईकमान ने कोई फैसला अभी नहीं सुनाया है। लेकिन कांग्रेस हर हाल में गठबंधन करने को तैयार है। 

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  गंवानी पड़ी थी सीटें

पार्टी के अनुभवी और जानकार नेताओं का कहना है कि सहयोगी पार्टी के लिए वह झुकना नहीं चाहेंगे। चूंकि यूपी में इसका नुकसान देखने को मिल सकता है। फिलहाल देखा जाए तो कर्नाटक में भी कुछ इसी तरह हुआ था। पहले तो कांग्रेस जद-एस से गठ​बंध करने के विचार में थी। लेकिन पार्टी के नेताओं का रुख देखने के बाद कांग्रेस अकेले ही मैदान में उतरी थी। परिणाम यह हुआ कि कई सीटें गंवानी पड़ी। गठबंधन के समीकरणों को लेकर जो बैठक हुए उसमें एमपी के देश के प्रभारी दीपक बाबरिया, राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे व छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया के साथ ही तीनों राज्यों के अध्यक्ष और अनुभवी नेता शामिल थे।

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  एमपी और छत्तीसगढ़ समीकरण

इन दो राज्यों के नेताओं का कहना है कि कुछ क्षेत्र ही ऐसे हैं, जहां बसपा का वोट है। यहां बसपा के खेमे में भारी मत होने के कारण जीतती है। इन्हें  छोड़कर कांग्रेस अन्य सीटों पर बसपा के परंपरागत मतदाताओं को अपने साथ जोड़ सकती है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस गठबंधन को लेकर जल्द निर्णय लेना चाहती है, क्योंकि अजीत जोगी से मायावती की मुलाकात भी राजनीति की दिशा को मोड़ सकती है। इससे कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। 

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  राजस्थान का समीकरण

एमपी और छत्तीसगढ़ के बाद राजस्थान के अनुभवी नेता गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं। हाल में ही युवा और अनुभवी प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने बयान ​दिया है कि राजस्थान में बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस अकेले ही पार्याप्त है। राजस्थान में कांग्रेस के वर्चस्व के आगे बीजेपी नहीं टिक पाएगी। फिलहाल अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान जो करेगी वह नेताओं को मान्य है।

Congress decision on alliance with BSP in MP and Chhattisgarh

Web Title: Congress decision on alliance with BSP in MP and Chhattisgarh ( Hindi News From Newstimes)


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