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मुजफ्फरपुर शेल्टर रेप कांड: कपड़े उतारकर आंटी करती थी घनौना काम, जानकर आपको भी...


SHUBHENDU SHUKLA 31/07/2018 13:58:33
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Muzaffarpur. बालिका गृह में मासूम बच्चियों को लेकर नित नए खुलासे हो रहे हैं। अब खुद लड़कियों ने हिम्मत जुटाते हुए यहां उनके साथ हुए गंदे बर्ताव के दर्द को बयां किया है। यहां हैवानियत और दरिंदगी की सभी हदों को पार कर दिया जाता था। बिना कपड़ों के बच्चियों को सोने के लिए मजबूर करते थे। यदि वह नहीं सोती ​तो हंटर से पीटा जाता था। कोई भी लड़की बिना कपड़ों के सोने और रेप के लिए मना नहीं कर सकती थी। बता दें कि मामले की जांच सीबीआई के पास है। घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। यहां 34 बच्चियों से घिनौनी करतूतों और दरिंदगी को इस तरह अंजाम दिया गया कि सुनकर शर्म से सर झुक जाता है। 

Big disclosures Muzaffarpur Girls house Rape Scandal

प्रतीकात्मक चित्र

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  सरकार देखती रही तमाशा

हैरान करने वाली बात है कि इतना कुछ मासूमों के साथ बालिका गृह में होता रहा और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। यहां मुजफ्फरपुर में बेसहारा बच्चियों को सहारा देने के नाम पर घिनौना खेल खेला जाता रहा। इस घटना ने सरकार की भी नाकामियों को सामने ला दिया है। हैरान करने वाली बात है कि सरकार के कानून धरे के धरे रह गए और सरकारी रेप गृह में ही कांड होता रहा। 

 भेड़ियों का गृह

बालिकाओं को संरक्षण देने के नाम पर बालिका गृह में हुए कुकर्मों को सुनकर रूह कांप उठती है। यह भेड़ियों का गृह बन गया और मासूमों को नोच नोच कर खाने लगे। बिहार के मुज्फ्फरपुर में सरकार जो बेटियों के संरक्षण के नाम पर शिविर बनवाया था। शाम ढलते ही भेड़ियों का आना जाना शुरू होता था। इस शेल्टर होम के काली करतूतों को जितना कहा जाए कम ही है। पाप की नगरी जैसी बनी इस शिविर के दरवाजें अब खुल चुके हैं। दरिंदों को अपने किए कुकर्मों के लिए सजा भुगतने को तैयार रहना होगा।

  34 बच्चियों से हैवानियत 

यहां 7 से लेकर 12 साल तक कि बच्चियों के साथ जो भी कुछ हुआ उसके लिए दरिंदों को जो भी सजा सुनाई जाए कम ही रहेगी। बालिका गृह बच्चियों के लिए कालगृह के समान था। रोज रात को बच्चियां चीखने को मजबूर थीं। मजिस्ट्रेट के सामने मासूम 7 साल की बच्ची ने जिस तरह से दर्द बयां किया लोगों के दिलों को झकझोर कर रख दिया। बच्ची ने बयान दिया कि हंदर वाला आदमी आता था और यातनाएं देता था। उसके आने की खबर से ही रूह कांप उठता था। दरिंदों ने ये घिनौना खेल एक नहीं 34 बच्चियों के साथ खेला और उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी। 

  कराया जाता था गर्भपात

मुजफ्फरपुर के इस बालिका गृह की दरिंदगी यही तक समाप्त नहीं होती है। बता दें कि 34 मासूमों को म​हीनों हवस का शिकर बनाया जाता रहा। रसूखदार से देकर दबंग तक इस घिनौनी हरकत में शामिल रहे। इन ताकतवर लोगों ने लोकतंत्र और कानूनों को अपने पैरों तले कुचल डाला। अब बचा है तो सिर्फ बच्चियों के साथ न्याय है। ऐसे दरिंदों को क्या सजा मिल सके कि कोई भी ऐसी घिनौनी हरकत करने की तो दूर सोचने से भी डर जाए। लड़कियां जब विरोध जतातीं तो मिर्गी की सुई दी जाती थी। इससे वह बेहोश हो जाती और उनकी चीखें दबकर दीवारों के भीतर ही समा जाती। इतना ही नहीं जब बच्चियां गर्भवती हो जाती तो उनका गर्भपात करा दिया जाता था। इस कुकर्म के लिए भी यहां बकायदा 'ऑपरेशन थिएटर' बनाया गया था। इस बालिका गृह में 6 से 18 साल तक कि लड़कियां रहती थी। 

  रिपोर्ट में खुलासा

बताते चलें कि मार्च महीने में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की एक टीम ने सोशल ऑडिट के बहाने बालिका गृह का दौरा किया। लेकिन यहां का सच जानकर होश उड़ गए। जब आॅडिट के बार रिपोर्ट तैयार होकर लोगों के सामने आया तो पैरों तले जमीन खिसक जाती है। दिरंदगी की दुनिया यहां बसाकर तैयार कर दी गई थी। रिपोर्ट के आते ही यह काल कोठरी देश में लोगों के जुबां पर चढ़ जाता है। इतना ही नहीं इस बालिका गृह के अतिरिक्त दो और में भी घिनौना खेल चलने की पोल खुलकर सामने आ गई। लड़कियों को सहारा देने के नाम पर उनकी जिंदगी को बर्बाद कर जुर्म की घिनौनी दास्तां लिख डाली। हैरान करने वाली बात है कि रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार और प्रशासन को तत्काल सख्त एक्शन लेना चाहिए था। लेकिन तीन महीने तक लोकतंत्र को रौंदने वाने इस घिनौने खेल पर चुप्पी साध कर दबाने की कोशिश की गई। लेकिन रिपोर्ट लीक हो गई और ​पूरे बिहार में सरकार की छवि की छीछालेदर होने लगी। 

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  16 पन्नों की चार्जशीट

बिहार सरकार की देखरेख में एनजीओ की तरफ से बालिका गृह चल रहा था। लेकिन सरकार आंख मूंदकर आराम फरमाती रही और इसे यातना शिविर बना दिया गया। यहां सहारा पाने के लिए जो भी बच्चियां पहुंचती वह हैवानों के कुचक्र में फंस जाती। इस घिनौने दलदल से बाहर निकलने का कोई रास्ता भी नहीं था। यहां शिविर में पाप की नगरी को बसाने वाला सफेदपोश पत्रकार था। इसे बच्चियों के लिए यमराज के दूतों की संज्ञा दी जाए तो भी कम है। इसे बच्चियां हंटर वाला अंकल जानती थीं। ये राक्षस बनकर बच्चियों पर यातनाएं बरसाता था। ममाले का भांडा फूटते ही पुलिस भी जांच में जुटी और दरिंदों के कुकर्मों का 16 पन्ने का काला चिठ्ठा तैयार किया। इन पन्नों में रुह कंपाने वाली दरिंदों की दांस्ता कैद है।

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खुलासा जान उड़ जाएंगे होश

34 बच्चियों ने बयान देकर दिरिंदगी की दास्तां सुनाते हुए जो बताया उसे सुनकर आप भी गुस्से से बेकाबू होंगे। फिलहाल मामलों को बच्चियों से बयान लेकर पुलिस ने POCSO कोर्ट में 16 पन्नों की दास्तां तैयार की है। 32 बच्चियों ने तड़प और दर्द की ऐसी बातें बताई हैं, जो किसी को भी सुनाने में रूह कांप जाती है।  

गर्भपात

पुलिस ने जो खुलासा किया है उनमें यहां बच्च्यिों के साथ आए दिन रेप तो होता ही था। लेकिन इस दरिंदगी को अंजाम देने के लिए बालिका गृह ने बकायदा पूरी तैयारी कर रखी थी। बच्च्यिों के गर्भवती होने पर आॅरेशन थियेटर तैयार किए गए थे। ताकि गर्भपात करा दिया जाए और पाप की नगरी बने शिविर में ही मासूमों की चीख दफन हो जाए। 

नशीली दवाएं

बच्चियों को हवस का शिकार बनाने से पहले शिविर में 67 तरह की नशीली दवायां और इंजेक्शन दिए जाते थे। इससे वह बेहोश हो जाती थी। इनमें सबसे खतरनाक और दर्दनाक भरा मिर्गी का इंजेक्शन भी शामिल था। इसके लगते ही कोई भी इंसान तुरंत बेहोश हो जाता है। बेहोशी के हाल में ही बच्चियों के साथ हैवानियत की जाती थी।

तीन दरिंदों का नाम

बच्चियों ने बयान के दौरान दरिंदगी करने वालों की पहचान हंटर वाला अंकल, तोंद वाला और मूंछ वाला बताया है। इनमें एक के घनौने खेल का तो भांडा फूट चुका है। जिनको लड़कियों ने पहचान लिया। लेकिन दो दरिंदों के चेहरे अभी सामने नहीं आ पाए हैं। पुलिस जांच के मुताबिक हंटर वाला अंकर बच्चियों ने शिविर संचालक बृजेश ठाकुर को बताया है। दो अन्य की तलााश में पुलिस जुटी हुई है।

महिला का गंदा काम

पुलिस ने जो चार्जशीट तैयार किया है उनमें चौथा खुलासा महिलाओं को लेकर ही है। शर्म की बात है कि इन महिलाओं की अपनी भी बेटियां रही होंगी और उनके पास भी वही जिस्म है। जिसे नरभक्षी बनकर ये बालिकाओं के साथ गंदा काम करती थीं। लेकिन कई महिला कर्मचारी बच्चियों का जबरजस्ती उत्पीड़न और यौन शोषण करती थीं। रातभर नग्न कर उनको सोने के लिए कहा जाता था। यदि गलती से भी बच्चियों ने इन महिलाओं का विरोध कर दिया तो हंटर वाला अंकर यमराज का दूत बनकर पहुंच जाता था। 

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सीबीआई जांच

इस घिनौने खेल की जांच सीबीआई की 12 सदस्यीय टीम कर रही है। टीम ने रविवार को शिवार का दौरा भी किया था। यहां से कई दस्तावेज भी सीबीआई ने कब्जे में लिए हैं। शक यह भी गहरा रहा है कि बृजेश ठाकुर तो इस खेल में मोहरा मात्र है। जब दरिंदगी की पोल खुलेगी तो कई बड़े दागदार चेहरे सामने आएंगे।

Web Title: Big disclosures Muzaffarpur Girls house Rape Scandal ( Hindi News From Newstimes)


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