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डीआरएम कार्यालय में साहित्यक कवि गोष्ठी का हुआ आयोजन


SMT. HARSHITA PATAIRIYA 02/08/2018 21:19:24
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डीआरएम कार्यालय में साहित्यक कवि गोष्ठी का हुआ आयोजन

झांसी। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती की पूर्व संध्या पर गुरूवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में साहित्यक कविगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ डीआरएम अशोक कुमार मिश्र ने मां सरस्वती एवं राष्ट्रकवि गुप्त के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। साथ ही कार्यक्रम में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के बारे में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए ।
गोष्ठी को संम्बोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक अशोक कुमार मिश्र ने कहा कि गुप्त जी की रचनाएं कलकत्ता से निकलने वाले वैश्योपकारक में प्रकाशित होती थी। उनका प्रथम काव्य संग्रह रंग में भंग 1909 में प्रकाशित हुआ था। देश का गौरवमान भारत भारती का प्रकाशन 1912 में हुआ था, इस काव्य संग्रह की रचनाएं गली-गली व कूचे-कूचे गूंजने लगी और जन मानस में अपनी गुलामी के विरुद्ध बिगुल फूंका। उन्होंने बताया कि तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने इस काव्य संग्रह पर प्रतिबंध लगा दिया। देश के प्रति गर्व और गौरव की भावना जगाने के लिए भारत भारती का विशेष योगदान रहा है। गांधीजी श्री गुप्त की देश भक्ति से अत्यंत प्रभावित थे और इसीलिए उन्होंने गुप्त जी को राष्ट्रकवि की उपाधि से नवाजा था। वास्तविकता यह है कि गुप्त जी खड़ी बोली अथवा बोल-चाल की भाषा में रचना कर अत्यंत लोकप्रिय हो गए। अपर मंडल रेल प्रबंधक/अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी संजय नेगी ने कहा कि मैथिली शरण गुप्त ने अपने जीवन में यथार्थ भूमि पर खड़े रहकर अपने नयनों से धरती की यथार्थता को देखा, परखा, समझा और अनुभव कर उसे ज्यों का त्यों खड़िया से काठ पर उतारा। खड़िया से काठ पर उतारे अनमोल मोती व्यर्थ न जायें वे देश के जनमानस का हिस्सा बनें उनका दुख-दर्द बांटे जन-जन ऐसा समझें कि लिखी गई इबारत उसके जीवन का ही हिस्सा भोगा हुआ सच है । गोष्ठी में सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक विजय कुमार खरे, उप मुख्य टिकट निरीक्षक ब्रजेश शर्मा, मुख्य टिकट निरीक्षक सत्यपाल सिंह एवं जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे ।

Event of Sahitayak Poet Seminar in DRM Office

Web Title: Event of Sahitayak Poet Seminar in DRM Office ( Hindi News From Newstimes)


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