जाल में फंसी ऐसी मछली, चुटकी बजाते ही लखपति बन गए दो भाई


INDRESH KUMAR YADAV 07/08/2018 16:30:07
702 Views

Mumbai : पैसा कमाने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते हैं। आमतौर पर हर बार लोग मनमुताबिक पैसा कमाने में सफल नहीं हो पाते हैं। लेकिन अगर किस्मत साथ दे, तो कुछ भी संभव है। किस्मत के चमत्कार का ऐसा ही एक मामला बीते शुक्रवार मुंबई के पालघर समुद्रतट पर देखने को मिला। जहां रोज की तरह दो मछुआरे भाई मछली पकड़ने आए थे। इस दिन इन भाइयों के जाल में घोल मछली फंस गई। मार्केट में यह मछली बेहद कीमती मानी जाती है। जिसके चलते यह मछली 5.5 लाख रुपए में हाथों हाथ बिक गई। सूत्रों के मुताबिक, बहुत समय बाद यहां कोई घोल मछली किसी के जाल में फंसी है।

two brothers became lakhpati by ghol fish

" ताजा खबरों को मोबाईल पर पाने के लिए यहां क्लिक करें... " 

जानिए क्या है घोल मछली की खासियत

घोल मछली की स्किन में उच्च गुणवत्ता वाला कोलेजन (मज्जा) पाया जाता है। इस कोलेजन को दवाओं के अलावा क्रियाशील आहार, कॉस्मेटिक उत्पादों को बनाने में प्रयोग किया जाता है। बीते कुछ वर्षों में इन सामग्री की वैश्विक मांग बढ़ रही है। यहां तक कि घोल का महंगा कमर्शल प्रयोग भी होता है। उदाहरण के तौर पर मछली के पंखों को दवा बनाने वाली कंपनियां घुलनशील सिलाई और वाइन शुद्धि के लिए इस्तेमाल करती हैं।

यह मछली सामान्यता सिंगापुर, मलयेशिया, इंडोनेशिया, हॉन्ग-कॉन्ग और जापान में निर्यात की जाती है। यह मछली स्वादिष्ट तो होती ही है, इसके साथ ही मछली के अंगों के औषधीय गुणों के कारण पूर्वी एशिया में इसकी कीमत बहुत ज्यादा है। यहां तक कि घोल (ब्लैकस्पॉटेड क्रॉकर, वैज्ञानिक नाम प्रोटोनिबा डायकांथस) को 'सोने के दिल वाली मछली' के रूप में भी जाना जाता है। बाजार में मछली के हिसाब से अलग-अलग कीमतें होती हैं।

two brothers became lakhpati by ghol fish

यह भी पढ़ें :  योगी सरकार के मुकाबले अखिलेश राज में ज्यादा सुरक्षित थीं महिलाएं, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

मछुआरे महेश मेहर और उसके भाई भरत के हाथ लगी ये मछली

शुक्रवार को यह घोल मछली मछुआरे महेश मेहर व उसके भाई भरत के हाथ लगी। ये दोनों भाई जब अपनी नाव से मुर्बे तट पहुंचे, तो उनके जाल में करीब 30 किलोग्राम वजनी यह घोल मछली फंस गई। मछुआरों के जाल में घोल फिश फंसने की यह खबर मार्केट में बहुत तेजी से फैल गई। इन दोनों भाईयों के समुद्र किनारे पहुंचते ही इस मछली को खऱीदने के लिए व्यापारियों की लंबी लाइन लगी थी। मछली की डिमांड देखते हुए इसकी बोली लगाई गई। करीब बीस मिनट में ही यह मछली 5.5 लाख रुपए में बिक गई।

 

Web Title: two brothers became lakhpati by ghol fish ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)

कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया