जानिए क्यों मनाया जाता है बकरीद, इससे जुड़ी खास बातें...


SHUBHENDU SHUKLA 18/08/2018 17:03:49
478 Views

Lucknow. 22 अगस्त को देशभर में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद मनाया जाएगा। माना जाता है कि त्योहार पर इस्लाम धर्म के लोग खुदा की रजा के लिए कुर्बानी देते हैं। बकरीद आने के कुछ दिनों पहले ही बाजारों में चहल पहल दिखाई देने लगती है। इस दिन बकरों की कुर्बानी दी जाती है। लेकिन इसके लिए इस्लाम में कुछ नियम और कानून भी हैं, जिसका पालन करना बहुत ही जरूरी है। माना जाता है कि हजरत इब्राहिम से खुदा ने कहा था, तुम अपने बेटे की कुर्बानी दो। जब खुदा की यह बात इब्राहिम मान गए तो उनसे खुश होकर बेटे की जगह जानवर को बदल लिया। इसके बाद से यह त्योहार मनाया जाने लगा। 

Know why Bakridi is celebrated

यह भी पढ़ें...अटल बिहारी वाजपेयी इस एक्ट्रेस को करते थे पसंद, 25 बार देखी थी एक ही फिल्म

ये हैं कुछ खास नियम

1- बकरीद में अपनी सबसे कीमती वस्तु चीज की कुर्बानी करनी चाहिए। ये अल्लाह का पैगाम है। बकरी की कुर्बानी मात्र प्रतीकात्मक होती है। जरूरी नहीं कि हर मौकों पर बकरी की कुर्बानी ही दी जाए।  

2- बकरीद पर बीमार बकरी की कुर्बानी नहीं देनी चाहिए। 

3- बहुत छोटी उम्र के जानवर की कुर्बानी नहीं दी जाती। कम कम से कम यह उम्र डेढ़ साल होनी चाहिए। कुरान में कहा गया है कि अल्लाह के पास हड्डियां, मांस और खून नहीं पहुंचता है। पहुंचती है, तो खुशु यानी देने का जज्बा।

4- ईद की नमाज अदा करने के बाद कुर्बानी दी जाती है। इससे पहले किसी भी सूरत में कुर्बानी नहीं दी जा सकती। कुर्बानी देने के बाद मांस के तीन हिस्से किए जाते हैं। पहला स्वयं केे लिए, दूसरा गरीबों और तीसरा रिश्तेदारों के लिए।  

5- कुर्बानी देने वाले पर किसी भी तरह का कर्ज नहीं होना चाहिए। 

6- जो इंसान दूसरे का भला करते हैं, उप पर सबसे अधिक अल्लाह की मेहरबानी होती है। यही कुर्बानी सबसे बड़ी मानी जाती हैै। 

Know why Bakridi is celebrated

Web Title: Know why Bakridi is celebrated ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)

कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया