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अब स्टील पाइपलाइन से होगी वाटर सप्लाई, मिलेगी बीमारियों से निजात


NAZO ALI SHEIKH 20/08/2018 12:15:48
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Lucknow. जल जनित रोगों से होने वाली बीमारियां हैजा, टाइफाइड और वायरल हेपेटाइटिस आदि से छुटकारा पाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। दूषित जल से बीमारियो की चपेट में होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या को लगाम लगाने के लिए अब सरकार स्टेनलेस स्टील ( एसएस) की पाइपलाइन बिछाने की योजना बना रही है। इससे जहां पेयजल की बर्बादी और चोरी पर लगाम लगेगी वहीं पानी दूषित  भी नहीं होगा। 

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Now water supply from steel pipeline, get rid of diseases

  नितिन गडकरी ने की स्पेशल बैठक

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले दिनों कई मंत्रालयों के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें इस समस्या को लेकर बात की गई। इस दौरान, अधिकारियों ने बताया कि पहले परंपरागत रूप से गैल्वेनाइज्ड स्टील की पाइपलाइन बिछाई जाती थी, जिसमें 10 से 20 साल में जंग लगने के बाद वह टूट जाती है। इसके बाद सीवर व नाली का पानी पेय जल के साथ मिलकर जाने लगता है। 

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  प्लास्टिक पाइपलाइन है नाजुक

इसके विकल्प के रूप में अब प्लास्टिक की पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिसमें जंग लगने का खतरा नहीं है। लेकिन इसके साथ दिक्कत यह है कि यह बेहद नाजुक होती है। अगर पाइपलाइन के ऊपर से भारी ट्रक गुजर जाए, तो यह क्षतिग्रस्त हो जाती है। साथ ही, पाइपलाइन में ज्यादा प्रेशर से पानी आने पर भी यह क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसके अलावा, झुग्गी-झोपड़ी वाले इसमें जगह-जगह छेद कर पानी निकालते हैं, जिससे पाइप में दूषित जल चला जाता है। अगर स्टेनलेस स्टील की पाइपलाइन बिछाई जाए, तो इसमें कम से कम 50 साल तक जंग लगने का खतरा नहीं है। इसके साथ ही इसमें आसानी से छेद भी नहीं किया जा सकता। इस मुद्दे पर कई मंत्रालयों के अधिकारी अगले सप्ताह फिर विचार-विमर्श करने वाले हैं।

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  स्टेनलेस स्टील पाइपलाइन बढ़िया विकल्प 

जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड के एमडी अभ्युदय जिंदल का कहना है कि पेयजल को दूषित होने से बचाने के लिए स्टेनलेस स्टील की पाइप सबसे बेहतर है, क्योंकि इसमें कोई भी रोगाणु नहीं पनपते। इसके अलावा, इसमें जंग भी नहीं लगता। बेहतर गुणवत्ता वाले पाइप का उपयोग किया जाए तो इसमें 50 साल तक कुछ नहीं होता। 

  पिछले साल 10 हजार से अधिक मौतें 

अधिकारी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से बताया कि वर्ष 2017 में 6.91 करोड़ लोग जल जनित बीमारियों का शिकार हुए, जिनमें 10,738 लोगों की मौत हो गई। ये उन मरीजों के आंकड़े हैं, जो अस्पताल पहुंच सके। देश में वैसे मरीजों की भी काफी संख्या है, जो इस तरह की बीमारियों से ग्रसित होने के बाद अस्पताल तक पहुंच नहीं पाते और जान गंवा देते हैं। विकसित देशों में स्टेनलेस स्टील की ही पाइपलाइन बिछाई जा रही है।

Web Title: Now water supply from steel pipeline, get rid of diseases ( Hindi News From Newstimes)


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