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रिटायर होने से पहले मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा 8 बड़े मुद्दों पर सुनाएंगे फैसला


RAGHVENDRA CHAURASIA 26/09/2018 17:23:03
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New Delhi. सुप्रीमकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा दो अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश के पास मात्र चार दिन का समय शेष बचा है। दीपक मिश्रा अपने कार्यकाल के दौरान सुर्खियों में बने रहे। पिछले दिनों दीपक मिश्रा की पांच सदस्यीय संवैधानिक बेंच ने समलैंगिको को अपराध बताने वाली धारा 377 हटाने का फैसला दिया जिसके बाद पूरे देश में उनकी चर्चा शुरु हो गई। 

Chief Justice Deepak Mishra will answer 8 major issues before retire

  अयोध्या व आधार,एससी-एसटी जैसे अहम फैसलों पर देंगे फैसला

देश की सबसे बड़ी अदालत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के अलावा ऐसा कोई न्यायाधीश दूसरा नहीं जिसने इतनी अधिक संवैधानिक पीठों का नेतृव्य किया हो। दीपक मिश्रा ने ऐसी कई बेंचों को भी नेतृव्य किया है जो देश की राजनीतिक,धार्मिक,और आर्थिक परिस्थिति के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं। दीपक मिश्रा रिटायर होने से पहले देश के 8 मुद्दो पर फैसला सुनाएंगे जिनमें से कुछ मुद्दों पर फैसला सुना चुके हैं। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की बेंच में दस जज शामिल रहेंगे। 

  समलैंगिकता पर सुनाया फैसला

रिटायर होने से पहले दीपक मिश्रा की बेंच ने पिछले दिनों समलैंगिकता जैसे बड़े मामले पर फैसला सुनाया है। पांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया कि समलैंगिकता भारत में अब कोई अपराध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने स्वयं के 2013 के फैसले को खारिज कर दिया और कहा कि धारा 377, विवादास्पद समलैंगिक यौन संबंध पर एक विवादास्पद ब्रिटिश युग प्रतिबंध, तर्कहीन, अनिश्चित और मनमाना है।

  आधार पर सुनाया फैसला

आधार मामले जनहित याचिका पर भी दीपक मिश्रा की बेंच बुधवार को सुनवाई की। दीपक मिश्रा की बेंच ने आधार को अब जरूरी और नहीं जरूरी बताया है। कोर्ट ने कहा कि स्कूलों में ए​डमिशन के दौरान, या बैंको में आधार लगाना जरूरी नहीं है और न ही प्राईवेट कंपनिया आधार मांग सकती है। पेन कार्ड में आधार की जरूरत है।

  एससी-एसटी प्रमोशन पर सुनाया फैसला

सुप्रीमकोर्ट के बुधवार को 12 साल पुराने फैसला बरकरार रखा है। कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने इस मामले पर कहा कि एससी-एसटी समुदाय को सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिलेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस पर फिर से विचार करने की जरुरत नहीं और न ही आंकड़े जुटाने की आवश्यकता है।

 सीधा प्रसारण को दी हरी झंडी

सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को संसद की तरह अब सुप्रीमकोर्ट से लेकर अन्य अदालतों में सुनवाई के दौरान सीधा प्रसारण किया जाएगा। कोर्ट ने आज इसे हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि सुनवाई के सीधे प्रसारण से न्यायिक प्रणाली में पारदर्शिता लाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि अब लोगों को अदालत आने की जरुरत नहीं है सबके लिए खुला है।

 अयोध्या मामले पर होनी है सुनवाई

दीपक मिश्रा अयोध्या मामले पर शुक्रवार को फैसला सुनाएंगे। अयोध्या मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। कोर्ट ने फैसला दिया था कि विवादित 2.77 एकड़ रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की जमीन को रामलला, सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही आखाड़े को बराबर-बराबर बांट दिया जाए। 

 सबरीमाला मंदिर पर होनी है सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा सबरीमाला मंदिर पर भी अपना फैसला सुनाएंगे। भारतीय परंपरा के अनुसार इस मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं का प्रवेश वर्जित बताया गया है क्योंकि इस दौरान महिलाएं माहवारी से गुजरती हैं और ऐसी मान्यता है कि इस दौरान महिलाओं को किसी भी शुभ और पूजन कार्य में सम्मलित नहीं किया जा सकता है।

Chief Justice Deepak Mishra will answer 8 major issues before retire

दागी नेताओं पर आया फैसला

दीपक मिश्रा की पीठ ने दागियों के चुनाव लड़ने पर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्र अपराधियों को राजनीति में आने से रोकने वाले कानून का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। देश में संविधान सम्मत शासन हो। लोकतंत्र में नागरिकों को भ्रष्टाचार के खिलाफ खामोश और गूंगा बहरा बने रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। किसी को धनबल व बाहुबल के दम पर ताकतवर पद पर पहुंचता देखकर देश खुद को ठगा सा महसूस करता है। दागियों के चुनाव लड़ने पर रोक नहीं है राजनीति में अपराधी न आए यह कोर्ट नहीं संसद तय करें।

  अडल्टरी केस होनी है सुनवाई

अडल्टरी मामला भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है इस पर भी दीपक मिश्रा को सुनवाई करनी है। अगर कोई शादीशुदा पुरुष किसी दूसरी शादीशुदा महिला के साथ उसकी सहमति से संबंध बनाता है तो संबंध बनाने वाले पुरुष के खिलाफ उक्त महिला का पति अडल्टरी का केस दर्ज करा सकता है, लेकिन संबंध बनाने वाली महिला के खिलाफ मामला नहीं बनता। यह नियम भेदभाव वाला है या नहीं, इस पर भी दीपक मिश्रा फैसला सुना सकते हैं। इसके अलावा मॉब लीचिंग जैसे अहम मुद्दे पर फैसला सुना सकते हैं।

 

 

Web Title: Chief Justice Deepak Mishra will answer 8 major issues before retire ( Hindi News From Newstimes)


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