कैबिनेट बैठक : हुआ बदलाव अब प्रयागराज के नाम से जाना जाएगा इलाहाबाद


GAURAV SHUKLA 16/10/2018 12:59 PM
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allahabad changes to prayagraj

Lucknow. राजधानी में सीएम योगी की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गये।  कैबिनेट बैठक में कुम्भ से पहले ही इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने को भी मंजूरी दे दी गयी है। इसी के साथ यह भी कहा गया जो भी संस्थाएं है उसे भी चिट्ठी लिखकर नाम बदलने के लिए भेजा जाएगा। जिसके बाद कई अन्य जगहों के भी नाम बदले जा सकते हैं। 

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1 - जनपद ललितपुर में तहसील पालीपुर में 23 गांव को तहसील सदर में शामिल किया गया है।

2 - दूसरा विषय दुग्ध उत्पादन से है, दुग्ध नीति को  अब ब्लाक स्तर पर ले जाने को सरकार को मंजूरी, 1500 लीटर दुग्ध सप्लाई को इसमें शामिल किया गया है। नंद बाबा पुरस्कार अवार्ड कहा जायेगा, इसमें 52 लाख रुपये का व्यय आएगा।  

3 -  सात मेडिकल कालेजों को बजट दिया जा रहा है। एटा - 216.8 करोड़ , देवरिया - 201.9 , फतेपुर - 212.50 , करोड़ , गाजीपुर- 220.45 , हरदोई - 206.33 , प्रतापगढ़ - 213 , सिद्धार्थनगर - 245.11 करोड़ का बजट दिया गया है।  

4 - खंडसारी लाइसेंस ( गन्ना) - 119 चीनी मिल 1111 टन पेराई हुई, 1082 खंडसारी इकाइयां पहले थी, जिसमे 165 इकाइयां कार्यरत थी, नई खंडसारी नीति बनाई गई है।  50 घण्टे के अंदर आपके लाइसेंस आवेदन को अब एप्रूव कर दिया जाएगा, बंद हो चुकी खंडसारी इकाइयां उनका आवेदन आने पर तुरंत दे दिया जाएगा। प्रत्येक सत्र पर 60 दिन चलाना अनिवार्य होगा और शिरा का रिकार्ड रखना होगा। 

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सुरेश राणा ने बताया एक शुगर मिल से 15 किलोमीटर तक खंडसारी इकाई  नही लगाई जा सकती थी अब उसे साढ़े सात किलोमीटर किया गया है। पूरे देश का 38 प्रतिशत चीनी उत्पादन इस बार हुआ है। 40 लाइसेंस हम निर्गत कर चुके है, जितना चार शुगर मिल में गन्ना खपत होता है उतने में 40 खंडसारी इकाइयों में खपत हो जाएगा। कही दूसरी जगह भी खंडसारी उद्योग स्थापित करने पर कोई दूसरा लाइसेंस नहीं लेना होगा, गुड़ को टैक्स से मुक्त कर दिया गया है, इकाई बंद रहने पर कोई शुल्क नही देना पड़ेगा।  

5 - इथनाल को लेकर सरकार ने धुरियापार ( गोरखपुर) बायोमास आधारित सेकेंड जेनरेशन एथेनाल के लिए तीस वर्ष की लीज पर इंडियन ऑयल करोपेशन को दिया जा रहा है , एक करोड़ तीस लाख का रेंटल प्रतिवर्ष पर दिया जा रहा है। 50 एकड़ जमीन दी गई है।

6 - कुम्भ के पहले इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया गया है। जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दी है। केंद्र के जो भी संस्थाएं है उसे भी चिट्ठी लिखकर नाम बदलने के लिए भेजा जाएगा। जिसमे -  हाई कोर्ट , विश्वविद्यालय, ऐसे जो भी संस्था का नाम बदल जाएंगे।

Web Title: allahabad changes to prayagraj ( Hindi News From Newstimes)


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